आइडियल पब्लिक स्कूल के 10वें वार्षिकोत्सव में बच्चों ने मचाया धमाल मांझी। आइडियल पब्लिक स्कूल, दाउदपुर का 10वां वार्षिकोत्सव सोमवार को धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि नंदलाल सिंह कॉलेज जैतपुर के डॉ प्रो. आशीष कुमार व स्कूल के निदेशक धर्मेंद्र प्रसाद, प्राचार्य राजीव कुमार व रमाकांत प्रसाद आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम के शुरुआत में प्रबंध निदेशक ने अंगवस्त्र से अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और विकास यात्रा की जानकारी दी। मुख्य अतिथि डॉ प्रो. आशीष कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि विद्या के बिना विकास सम्भव नही है, मगर गलत उपयोग किया जाय तो यह विनाश का कारण बन जाती है। अतः यह जरूरी है कि बच्चों को शिक्षा देने के साथ-साथ उसके सही मायने में उपयोग का भी मार्गदर्शन दिया जाय। शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति, समाज व राष्ट्र का उत्थान एवं पूरे जगत का कल्याण होना चाहिए। उन्होंने कहा शिक्षकों व अभिभावकों के आपसी समन्यवय से हीं बच्चों का समग्र शैक्षणिक विकास सम्भव है। ओमप्रकाश कुशवाहा, हरिमोहन सिंह गुड्डू, रघुनाथ प्रसाद व दाउदपुर मुखिया अभिषेक कुमार सिंह आदि ने स्कूल व्यवस्था की सराहना की। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों ने जमकर धमाल मचाया। हर्षिता, कृति दिया, मानसी, चुलबुल, बुलबुल, अदिति, रितिका, खुशी, अनन्या, प्रियांशु, अभय, हर्षित, उत्कर्ष, आदि ने अपने नृत्य, गीत व लघु नाटक के माध्यम से अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन का सभी दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। मंच संचालन मो. मुस्तफा, निधि, खुशी व साक्षी ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में उमाशंकर शर्मा, राजेश शर्मा, अंकिता आदि का विशेष सहयोग रहा।
आइडियल पब्लिक स्कूल के 10वें वार्षिकोत्सव में बच्चों ने मचाया धमाल मांझी। आइडियल पब्लिक स्कूल, दाउदपुर का 10वां वार्षिकोत्सव सोमवार को धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि नंदलाल सिंह कॉलेज जैतपुर के डॉ प्रो. आशीष कुमार व स्कूल के निदेशक धर्मेंद्र प्रसाद, प्राचार्य राजीव कुमार व रमाकांत प्रसाद आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम के शुरुआत में प्रबंध निदेशक ने अंगवस्त्र से अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और विकास यात्रा की जानकारी दी। मुख्य अतिथि डॉ प्रो. आशीष कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि विद्या के बिना विकास सम्भव नही है, मगर गलत उपयोग किया जाय तो यह विनाश का कारण बन जाती है। अतः यह जरूरी है कि बच्चों को शिक्षा देने के साथ-साथ उसके सही मायने में उपयोग का भी मार्गदर्शन दिया जाय। शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति, समाज व राष्ट्र का उत्थान एवं पूरे जगत का कल्याण होना चाहिए। उन्होंने कहा शिक्षकों व अभिभावकों के आपसी समन्यवय से हीं बच्चों का समग्र शैक्षणिक विकास सम्भव है। ओमप्रकाश कुशवाहा, हरिमोहन सिंह गुड्डू, रघुनाथ प्रसाद व दाउदपुर मुखिया अभिषेक कुमार सिंह आदि ने स्कूल व्यवस्था की सराहना की। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों ने जमकर धमाल मचाया। हर्षिता, कृति दिया, मानसी, चुलबुल, बुलबुल, अदिति, रितिका, खुशी, अनन्या, प्रियांशु, अभय, हर्षित, उत्कर्ष, आदि ने अपने नृत्य, गीत व लघु नाटक के माध्यम से अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन का सभी दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। मंच संचालन मो. मुस्तफा, निधि, खुशी व साक्षी ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में उमाशंकर शर्मा, राजेश शर्मा, अंकिता आदि का विशेष सहयोग रहा।
- गड़खा थाना द्वारा गुम हुआ मोबाइल बरामद कर उसके वास्तविक धारक को सौंपा गया।1
- जब भी हम ससुराल आते है, ये छोटी सी बच्ची हमारे यहाँ आती है!चंचलता, और ज्ञान देखकर बहुत प्रसन्न रहते है, आज एक वीडियो बनाना उचित समझा1
- आरा भोजपुर जिले के 36 परीक्षा केदो पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैट्रिक की परीक्षा शुरू हो गई है जिस्म की भोजपुर जिले के आरा शहर के 26 परीक्षा केंद्र के अलावे जगदीशपुर अनुमंडल में 6 परीक्षा केंद्र पीरो अनुमंडल में चार परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं जहां की कुल 41410 परीक्षार्थी परीक्षा में भाग ले रहे हैं परीक्षा को लेकर के भोजपुर जिले के आरा शहर के राजकीय कन्या प्लस टू उच्च विद्यालय में लेट से पहुंची छात्रा को प्रवेश करने को लेकर जमकर हंगामा हो गया3
- : आज से मैट्रिक परीक्षा शुरू भोजपुर जिले में आज से मैट्रिक (10वीं) की परीक्षा शुरू हो गई है। सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर छात्रों की भीड़ देखी गई। अभिभावक अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए केंद्रों के बाहर मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की गई है। छात्रों में उत्साह के साथ हल्की घबराहट भी देखी गई, लेकिन सभी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा हॉल में प्रवेश किया। जिले के शिक्षा विभाग ने सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं दी हैं और समय से पहले केंद्र पर पहुंचने की अपील की है।3
- काफी समय से सिवान के भगवान पुर प्रखंड के महम्मद पुर तरह टोली गांव में का प्रॉब्लम है जो15 साल हो रही है कोई भी प्रतिनिधि केवल वोट के लिए आते है कोई कम नहीं करता है हम गांव के लोग सरकार से निवेदन करते जो चक्रवृद्धि से महम्मद तक1
- आरा से संजय श्रीवास्तव स्लग। हरिगांव अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में 24 घंटे डॉक्टर की उपलब्धि सहित कई मांगों को लेकर राजद के पूर्व विधायक भाई दिनेश आने से सिविल सर्जन कार्यालय कक्ष में एक घंटे तक वार्ता की एंकर। भोजपुर जिले के डॉक्टर नवीन चंद्र राम गुलाम अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में 24 घंटे डाक्टर, नर्स, दावा ,एम्बुलेश ,जांच ,डिलेवरी सेवा बहाल कराने के सवाल पर सिविल सर्जन भोजपुर के चेंबर में 16 फरवरी को राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व विधायक भाई दिनेश सिविल सर्जन शिवेंद्र कुमार सिन्हा के साथ लगभग 1 घंटे तक स्वास्थ्य केंद्र की कई समस्याओं पर उनसे बातचीत की । बता दें कि मुखिया सहित कई सदस्यों के साथ सिविल सर्जन के चेंबर में पूर्व विधायक पहुंचे थे। पूर्व विधायक भाई दिनेश ने स्वास्थ्य विभाग पर यह आरोप लगाया था कि अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में डिलीवरी सेवा पहला अभी तक नहीं हुई है डॉक्टर नहीं बैठते हैं। उन्होंने कहा कि प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हरीगांव अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचे थे बहुत सारी बातें कही थी लेकिन धरातल पर कोई बातें नजर नहीं आ रही है। अंत में एक विज्ञापन भी सिविल सर्जन को दिया गया। इस संदर्भ में सिविल सर्जन शिवेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि पूर्व विधायक की जो मांगे हैं उसका ध्यान रखा जा रहा है जो अपने स्तर से होने वाली चीज हैं वह हो जाएगी। उनकी मांगों पर विभाग को चिट्ठी आगे बढ़ाया जाएगा। बाइट। पूर्व विधायक राजद भाई दिनेश बाइट। सिविल सर्जन शिवेंद्र कुमार सिन्हा5
- बलिया फेफना थाना अंतर्गत ग्राम सभा मिठवार बन्धैता मे संत शिरोमणि रविदास जी कि प्रतिमा क्षतिग्रस्त लोगों में आक्रोश सुचना पर पहुंची पुलिस10
- नयागांव थाना द्वारा गुम हुआ मोबाइल बरामद कर उसके वास्तविक धारक को सौंपा गया।1