पाली क्षेत्र में तेज उमस के बाद झमाझम बारिश, किसानों के चेहरे खिले, राहगीरों और ठेला कारोबारियों को हुई परेशानी पाली क्षेत्र में तेज उमस के बाद झमाझम बारिश, किसानों के चेहरे खिले, राहगीरों और ठेला कारोबारियों को हुई परेशानी गोरखपुर। पाली क्षेत्र में मंगलवार को शाम करीब 4:00 बजे अचानक मौसम ने करवट ली। दिनभर की भीषण उमस और गर्मी के बाद आसमान में बादल छाए और देखते ही देखते तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश शुरू होते ही सड़क पर चल रहे राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई। लोग भीगने से बचने के लिए आसपास की दुकानों और छज्जों के नीचे खड़े होकर बारिश रुकने का इंतजार करते नजर आए। अचानक हुई बारिश का सबसे अधिक असर सड़क किनारे ठेला लगाकर रोजी-रोटी कमाने वाले छोटे कारोबारियों पर पड़ा। टिकिया, पकौड़ी और अन्य खाद्य सामग्री बेचने वाले ठेला संचालकों को करीब आधे घंटे तक अपना कारोबार बंद करना पड़ा। बारिश के कारण ग्राहकों की आवाजाही भी थम गई, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि इस बारिश ने किसानों के चेहरे पर खुशी लौटा दी। पिछले कई दिनों से उमस और बारिश की कमी के कारण खेतों में सिंचाई की चिंता बढ़ रही थी। किसानों का कहना है कि यदि बारिश नहीं होती तो उन्हें खेतों में पानी चलाकर सिंचाई करनी पड़ती, जिससे अतिरिक्त खर्च आता। प्राकृतिक वर्षा होने से सिंचाई का खर्च बच गया और फसलों को भी पर्याप्त नमी मिल गई। स्थानीय किसान उमेश, रमेश, मोहन, जगबीर, सुखी और जगमोहन सहित अन्य किसानों ने बताया कि यह बारिश खेती के लिए काफी लाभदायक साबित होगी। उन्होंने कहा कि बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे धान सहित अन्य फसलों को फायदा मिलेगा और किसानों को आर्थिक रूप से भी राहत मिलेगी। किसानों ने उम्मीद जताई कि यदि आने वाले दिनों में भी समय-समय पर ऐसी बारिश होती रही तो फसलों की पैदावार बेहतर होगी।
पाली क्षेत्र में तेज उमस के बाद झमाझम बारिश, किसानों के चेहरे खिले, राहगीरों और ठेला कारोबारियों को हुई परेशानी पाली क्षेत्र में तेज उमस के बाद झमाझम बारिश, किसानों के चेहरे खिले, राहगीरों और ठेला कारोबारियों को हुई परेशानी गोरखपुर। पाली क्षेत्र में मंगलवार को शाम करीब 4:00 बजे अचानक मौसम ने करवट ली। दिनभर की भीषण उमस और गर्मी के बाद आसमान में बादल छाए और देखते ही देखते तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश शुरू
होते ही सड़क पर चल रहे राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई। लोग भीगने से बचने के लिए आसपास की दुकानों और छज्जों के नीचे खड़े होकर बारिश रुकने का इंतजार करते नजर आए। अचानक हुई बारिश का सबसे अधिक असर सड़क किनारे ठेला लगाकर रोजी-रोटी कमाने वाले छोटे कारोबारियों पर पड़ा। टिकिया, पकौड़ी और अन्य खाद्य सामग्री बेचने वाले ठेला संचालकों को करीब आधे घंटे तक अपना कारोबार बंद करना पड़ा। बारिश के कारण ग्राहकों की आवाजाही
भी थम गई, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि इस बारिश ने किसानों के चेहरे पर खुशी लौटा दी। पिछले कई दिनों से उमस और बारिश की कमी के कारण खेतों में सिंचाई की चिंता बढ़ रही थी। किसानों का कहना है कि यदि बारिश नहीं होती तो उन्हें खेतों में पानी चलाकर सिंचाई करनी पड़ती, जिससे अतिरिक्त खर्च आता। प्राकृतिक वर्षा होने से सिंचाई का खर्च बच गया और फसलों को भी पर्याप्त नमी मिल
गई। स्थानीय किसान उमेश, रमेश, मोहन, जगबीर, सुखी और जगमोहन सहित अन्य किसानों ने बताया कि यह बारिश खेती के लिए काफी लाभदायक साबित होगी। उन्होंने कहा कि बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे धान सहित अन्य फसलों को फायदा मिलेगा और किसानों को आर्थिक रूप से भी राहत मिलेगी। किसानों ने उम्मीद जताई कि यदि आने वाले दिनों में भी समय-समय पर ऐसी बारिश होती रही तो फसलों की पैदावार बेहतर होगी।
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- जिला अस्पताल में डीएम का छापा, अव्यवस्थाओं पर कड़ी चेतावनी गोरखपुर जिला चिकित्सालय के औचक निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी दीपक मीणा ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर कई खामियां पकड़ीं। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि “अगले एक महीने बाद जब दोबारा निरीक्षण होगा, तब कोई भी कमी नहीं मिलनी चाहिए।” डीएम ने साफ शब्दों में कहा कि अस्पताल में हर व्यवस्था पारदर्शी, व्यवस्थित और ऑनलाइन होनी चाहिए, लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान डीएम ने ILR सिस्टम सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की। उन्होंने दवा भंडारण व्यवस्था को लेकर विशेष नाराजगी जताई। निर्देश देते हुए कहा कि हर अलमारी के ऊपर स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए कि उसमें कौन-कौन सी दवाएं रखी गई हैं और उनका स्थान क्या है। बिना लेबल और अव्यवस्थित तरीके से रखी दवाओं पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई। डीएम ने कहा कि अस्पताल में कौन कर्मचारी कहां बैठता है, इसकी स्पष्ट जानकारी बोर्ड पर अंकित होनी चाहिए, ताकि मरीजों और तीमारदारों को भटकना न पड़े। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पूरे अस्पताल परिसर में कहीं भी कचरा दिखाई नहीं देना चाहिए। साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि यह सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि नियमित और प्रभावी तरीके से लागू होनी चाहिए। बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम की भी डीएम ने मौके पर जांच की। कई स्थानों पर उपस्थिति को लेकर ढिलाई सामने आने पर उन्होंने सख्त नाराजगी जाहिर की और निर्देश दिया कि सभी कर्मचारी समय से उपस्थित रहें और बायोमीट्रिक प्रणाली का अनिवार्य रूप से पालन करें। उन्होंने कहा कि अनुपस्थित रहने या नियमों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं मिलने पर डीएम ने मौके पर ही जिम्मेदार अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। यहां आने वाला हर व्यक्ति बेहतर इलाज और सम्मान की उम्मीद लेकर आता है, ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है । जिला चिकित्सालय में चल रहे निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण कर आवश्य दिशा निर्देश दिये। निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मुकुल खंडेलवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओ.पी. सिंह सहित अन्य चिकित्सक और अधिकारी मौजूद रहे।1
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- पाली क्षेत्र के बनौली ग्राम सभा में नाली निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने उठाए सवाल, आने-जाने में हो रही परेशानी पाली क्षेत्र के बनौली ग्राम सभा में नाली निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने उठाए सवाल, आने-जाने में हो रही परेशानी गोरखपुर जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत बनौली ग्राम सभा में नाली निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने अनियमितता का आरोप लगाया है। गांव के एक व्यक्ति ने बताया कि उसके घर तक जाने के रास्ते पर जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण लंबे समय से आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण का कहना है कि ग्राम सभा की ओर से नाली का निर्माण नहीं कराया गया, जिसके कारण बरसात के दिनों में रास्ते पर पानी भर जाता है और कीचड़ की समस्या बनी रहती है। मजबूरी में वह स्वयं अपने घर तक पहुंचने के लिए नाली का निर्माण कराने का प्रयास कर रहा है। ग्रामीणों के अनुसार इस समस्या की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से की गई। कई बार अधिकारी मौके पर निरीक्षण करने भी पहुंचे, लेकिन निरीक्षण के बाद भी समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ग्राम सभा प्रशासन और संबंधित विभाग इस मामले का संज्ञान लेते हुए जल्द से जल्द नाली का निर्माण कराए, ताकि जलभराव की समस्या समाप्त हो और ग्रामीणों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नाली निर्माण नहीं कराया गया तो बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करने तथा नाली निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग की है।3