रीवा जिले में राजस्व विभाग और पटवारी पर भूमि रिकॉर्ड में मनमानी छेड़छाड़ और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, पटवारी द्वारा बिना किसी आवेदक के जमीन का नंबर 1023 से बदलकर 1,1023 कर दिया गया है। यह बदलाव गलत तरीके से और अधिकारियों की मर्जी से किया गया है, जिससे भूमि स्वामी नागेंद्र कुमार पटेल और बुद्ध सेन पटेल जैसे भाइयों के बीच झगड़े की स्थिति पैदा हो गई है। नागरिकों से कोई पूछताछ किए बिना यह हेरफेर किया गया है, जबकि शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती; अधिकारी और पटवारी अपनी मर्जी से कलम चला देते हैं। इसी तरह की एक अन्य शिकायत में गोपालपुर स्थित एक आम के बगीचे, जिसमें 50-60 साल पुराने कई आम और एक महुआ का पेड़ है, जिसका नंबर 1231 बता दो है, उसे राजस्व विभाग द्वारा गेहूं बोई जाने वाली जमीन बताया जा रहा है। आरोप है कि राजस्व विभाग ऐसी भूमि को सरकारी घोषित करने की कोशिश कर रहा है। शिकायतकर्ता यह सवाल उठा रहे हैं कि बिना भूमि स्वामी के आवेदन के, उसकी जमीन के नक्शे या उपयोग में छेड़खानी करने का अधिकार किस कानून के तहत है। इन गलतियों को सुधारने के लिए लोगों से पैसे मांगे जाते हैं या उन्हें दर-दर भटकने पर मजबूर किया जाता है, जिससे भाई-भाइयों में लाठी-डंडे चलने तक की नौबत आ जाती है।
रीवा जिले में राजस्व विभाग और पटवारी पर भूमि रिकॉर्ड में मनमानी छेड़छाड़ और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, पटवारी द्वारा बिना किसी आवेदक के जमीन का नंबर 1023 से बदलकर 1,1023 कर दिया गया है। यह बदलाव गलत तरीके से और अधिकारियों की मर्जी से किया गया है, जिससे भूमि स्वामी नागेंद्र कुमार पटेल और बुद्ध सेन पटेल जैसे भाइयों के बीच झगड़े की स्थिति पैदा हो गई है। नागरिकों से कोई पूछताछ किए बिना यह हेरफेर किया गया है, जबकि शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती; अधिकारी और पटवारी अपनी मर्जी से कलम चला देते हैं। इसी तरह की एक अन्य शिकायत में गोपालपुर स्थित एक आम के बगीचे, जिसमें 50-60 साल पुराने कई आम और एक महुआ का पेड़ है, जिसका नंबर 1231 बता दो है, उसे राजस्व विभाग द्वारा गेहूं बोई जाने वाली जमीन बताया जा रहा है। आरोप है कि राजस्व विभाग ऐसी भूमि को सरकारी घोषित करने की कोशिश कर रहा है। शिकायतकर्ता यह सवाल उठा रहे हैं कि बिना भूमि स्वामी के आवेदन के, उसकी जमीन के नक्शे या उपयोग में छेड़खानी करने का अधिकार किस कानून के तहत है। इन गलतियों को सुधारने के लिए लोगों से पैसे मांगे जाते हैं या उन्हें दर-दर भटकने पर मजबूर किया जाता है, जिससे भाई-भाइयों में लाठी-डंडे चलने तक की नौबत आ जाती है।
- Bindu Patelरायपुर - करचुलियां, रीवा, मध्य प्रदेश4 hrs ago
- मध्य प्रदेश के रीवा में आयोजित NEET परीक्षा के दौरान अत्यधिक सख़्ती देखने को मिली। परीक्षा केंद्रों पर जाँच के नाम पर परीक्षार्थियों को अपने पैंट की चेन और बटन तक निकालने पड़े, जिससे छात्रों को असुविधा का सामना करना पड़ा।1
- जवा पुलिस की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पुलिस बल न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने का कार्य करता है, बल्कि जरूरतमंद लोगों की सहायता और सुरक्षा के लिए भी पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करता है। इस सराहनीय पहल के लिए स्थानीय लोगों ने भी जवा पुलिस की खुले दिल से प्रशंसा की है, जो पुलिस की जनसेवा में तत्परता और संवेदनशीलता को उजागर करता है।1
- रीवा जिले के सोहागी से एक मिस्त्री का बयान सामने आया है, जिसने बताया है कि वह लंबे समय से परेशान चल रहा था और इसी कारण उसने पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। मिस्त्री ने यह कदम उठाने की वजह ब्लैकमेलिंग और एक प्रेम प्रसंग को बताया है। मिस्त्री का चाकघाट कॉलेज की एक छात्रा के साथ गहरा प्रेम संबंध था, और इसी संबंध के चलते उसका छात्रा की तीन सहेलियों से भी गहरा रिश्ता बन गया था। वह कथित तौर पर एक साथ तीनों सहेलियों से संबंध रखता था। ये सहेलियां कॉलेज का बहाना बनाकर अक्सर मिस्त्री से मिलने के लिए सहेगी पहाड़ पर आती थीं। एक दिन, कुछ लड़कों ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया और उनका वीडियो भी बना लिया। इसके बाद ब्लैकमेलिंग का सिलसिला शुरू हो गया, जिससे मिस्त्री काफी परेशान था और उसने आत्महत्या का प्रयास किया।1
- राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन जवा मंडल में किया गया। इस अवसर पर कई गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- महामहिम राष्ट्रपति महोदया जी का जबलपुर प्रवास सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस अवसर पर जबलपुर हवाई अड्डे पर उन्हें विदाई दी गई।1
- शनिवार को रीवा के संजय गांधी अस्पताल में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहाँ मेडिको-लीगल मामले में परिजनों ने पोस्टमार्टम से पहले ही शव को मार्चरी से हटा लिया और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी। पुलिस को सूचना मिलने पर तुरंत गाँव पहुँचकर चिता से शव को वापस अस्पताल लाया गया, जिसके बाद नियमानुसार पोस्टमार्टम संपन्न कराया गया। जानकारी के अनुसार, यह मामला कनौजा निवासी मुकेश बंसल की उपचार के दौरान हुई मौत से जुड़ा है। परिजनों ने उनकी मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई थी, जिसके कारण शव को पोस्टमार्टम के लिए मार्चरी में रखा गया था और मामला मेडिको-लीगल दर्ज किया गया था। हालाँकि, शनिवार सुबह पोस्टमार्टम से पहले ही परिजन शव लेकर गाँव पहुँच गए और अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने लगे। मार्चरी से शव गायब होने की खबर से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया, जिसके बाद अमहिया पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। पुलिस ने गाँव पहुँचकर परिजनों को समझाया और शव को चिता से वापस अस्पताल लाकर पोस्टमार्टम कराया। इस घटना पर टिप्पणी करते हुए अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने कहा कि मेडिको-लीगल मामलों में कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम अनिवार्य होता है, जिसका पालन सभी को करना चाहिए।1
- महाराष्ट्र में एक निर्माणाधीन हनुमान मंदिर की छत गिरने से एक दर्दनाक हादसा हो गया है। इस दुर्घटना में अब तक 7 लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है। हादसे के बाद मलबे से लगभग 25 घायल व्यक्तियों को निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। प्रशासन द्वारा घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है।1
- एक परिवार एक साथ बैठकर मौज मस्ती कर रहा था, जब अचानक किसी की हालत बिगड़ गई। इस अप्रत्याशित घटना के बाद परिवार की खुशियां गहरे मातम में बदल गईं और अस्पताल में दुख का माहौल छा गया।1