साइबर ठगों पर ओबरा पुलिस का करारा प्रहार, 3 मामलों में ₹3.33 लाख पीड़ितों को लौटाए सोनभद्र/ओबरा। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में थाना ओबरा पुलिस की साइबर टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने तीन अलग-अलग मामलों में साइबर ठगी के शिकार लोगों की कुल ₹3,33,210 की धनराशि उनके मूल बैंक खातों में सुरक्षित रूप से वापस कराई है। इस सराहनीय कार्रवाई से इलाके में पुलिस की सक्रियता की जमकर प्रशंसा हो रही है। पहले मामले में खैरटिया, बिल्ली मारकुण्डी निवासी गोविन्द कृष्ण सिंह को शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर ठगों ने फर्जी निवेश के नाम पर ₹2,44,095 की रकम ट्रांसफर करा ली थी।दूसरे मामले में ओबरा मार्केट निवासी नितिन विश्वकर्मा को क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर एक लिंक भेजा गया, जिससे उनकी कार्ड डिटेल और ओटीपी हासिल कर ₹87,794 की ऑनलाइन खरीदारी कर ली गई।तीसरे मामले में बिल्ली मारकुण्डी निवासी अजय कुमार वर्मा को वर्क फ्रॉम होम का लालच देकर ₹1,321 की ठगी की गई।तीनों पीड़ितों ने समय रहते साइबर हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद सोनभद्र पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार व क्षेत्राधिकारी ओबरा अमित कुमार के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक सदानंद राय के नेतृत्व में साइबर टीम ने त्वरित कार्रवाई की। टीम ने NCRP पोर्टल के माध्यम से संबंधित खातों को होल्ड कराया और बैंक से समन्वय कर पूरी रकम पीड़ितों को वापस दिलाई। धनराशि लौटने पर पीड़ितों ने ओबरा पुलिस की साइबर टीम का आभार जताया और आमजन से अपील की कि किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में देर न करें।
साइबर ठगों पर ओबरा पुलिस का करारा प्रहार, 3 मामलों में ₹3.33 लाख पीड़ितों को लौटाए सोनभद्र/ओबरा। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में थाना ओबरा पुलिस की साइबर टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने तीन अलग-अलग मामलों में साइबर ठगी के शिकार लोगों की कुल ₹3,33,210 की धनराशि उनके मूल बैंक खातों में सुरक्षित रूप से वापस कराई है। इस सराहनीय कार्रवाई से इलाके में पुलिस की सक्रियता की जमकर प्रशंसा हो रही है। पहले मामले में खैरटिया, बिल्ली मारकुण्डी निवासी गोविन्द कृष्ण सिंह को शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर ठगों ने फर्जी निवेश के नाम पर ₹2,44,095 की रकम ट्रांसफर करा ली थी।दूसरे मामले में ओबरा मार्केट निवासी नितिन विश्वकर्मा को क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर एक लिंक भेजा गया, जिससे उनकी कार्ड डिटेल और ओटीपी हासिल कर ₹87,794 की ऑनलाइन खरीदारी कर ली गई।तीसरे मामले में बिल्ली मारकुण्डी निवासी अजय कुमार वर्मा को वर्क फ्रॉम होम का लालच देकर ₹1,321 की ठगी की गई।तीनों पीड़ितों ने समय रहते साइबर हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद सोनभद्र पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार व क्षेत्राधिकारी ओबरा अमित कुमार के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक सदानंद राय के नेतृत्व में साइबर टीम ने त्वरित कार्रवाई की। टीम ने NCRP पोर्टल के माध्यम से संबंधित खातों को होल्ड कराया और बैंक से समन्वय कर पूरी रकम पीड़ितों को वापस दिलाई। धनराशि लौटने पर पीड़ितों ने ओबरा पुलिस की साइबर टीम का आभार जताया और आमजन से अपील की कि किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में देर न करें।
- सोनभद्र, 19 फरवरी 2026: जनपद सोनभद्र के शक्तिनगर थाना क्षेत्र से 16 फरवरी 2026 को लापता हुई नाबालिग युवती का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। युवती की तलाश में जुटी पुलिस के हाथ अभी भी खाली हैं, जिससे परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिजनों के अनुसार, युवती 16 फरवरी को घर से निकली थी, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद जब उसका कोई पता नहीं चला तो मामले की सूचना शक्तिनगर थाना पुलिस को दी गई। परिजनों का आरोप है कि तीन दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लापता युवती के परिजनों ने बताया कि युवती के पास एक मोबाइल फोन था, जो कथित तौर पर क्षेत्र के एक युवक द्वारा दिया गया था। आरोप है कि वह युवक लगातार युवती से फोन पर बात करता था। परिजन इस पूरे मामले में उस युवक की भूमिका की जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच की जाए तो अहम सुराग मिल सकता है। घटना के बाद से परिवार में मातम जैसा माहौल है। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है और वे प्रशासन से जल्द से जल्द बेटी को सकुशल बरामद करने की गुहार लगा रहे हैं। इस संबंध में पुलिस का कहना है कि मामला गंभीर है और हर पहलू से जांच की जा रही है। मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन ट्रैकिंग सहित संभावित स्थानों पर टीम भेजी गई है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही युवती का पता लगा लिया जाएगा।1
- जनपद सोनभद्र के विभिन्न कॉलेजों व स्कूलों में यूपी बोर्ड की परीक्षा आज से शुरू परीक्षा को नकल विहीन करने के लिए प्रशासन प्रयासरत1
- Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief1
- सोनभद्र में परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा है। माध्यमिक भारतीय रसोईया वेलफेयर एसोसिएशन उ०प्र० ने वर्ष 2004 से लंबित न्यूनतम मानदेय के अंतर बकाया, स्थायीकरण और रसोइयों के कल्याण से जुड़ी मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की है। एसोसिएशन ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइये प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत बहुत कम मानदेय पर कार्य कर रहे हैं, जिससे उनका जीविकोपार्जन कठिन हो रहा है। संगठन का कहना है कि इतने कम मानदेय में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल है। ज्ञापन में प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जिनमें रसोइयों से 11 माह के बजाय पूरे 12 माह कार्य लिए जाने और तदनुसार मानदेय देने की बात शामिल है। इसके अतिरिक्त, रसोइयों का नवीनीकरण स्वतः करने, प्रस्तावित प्रतिबंधों को समाप्त करने, मातृत्व अवकाश, मेडिकल सुविधा और 14 आकस्मिक अवकाश प्रदान करने की भी मांग की गई है। मृतक रसोइयों के स्थान पर उनके परिवार के सदस्य को नियुक्ति तथा न्याय पंचायत स्तर पर स्थानांतरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है।1
- Post by @PappuKumar-ky6qb you tube my channel1
- अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी डाला के सीएसआर के तहत कुपोषित और अति कुपोषित बच्चो को बुधवार दोपहर 12 बजे त्रैमासिक पोषण किट का वितरण किया गया। यह वितरण डाला सेक्टर सी क्षेत्र में स्थित आंगनवाड़ी केंद्र पर उड़ान सेवा समिति के सहयोग से किया गया। पोषण किट में मुरमुरा,गुड़,भुना चना अन्य पोषक सामग्री शामिल थी।यह पोषण किट कुपोषित और अति कुपोषित बच्चो को दिया गया। इस मौके पर दर्जनों बच्चे उनकी मातायें, उड़ान सेवा समिति एनजीओ की मीनू चौबे और मुख्य सेविका नेहा भी मौजूद थीं।3
- राबर्ट्सगंज विधानसभा के ग्राम पंचायत नरोखर के ग्रामीणों ने अपना दल एस के अल्पसंख्यक मंच जिलाध्यक्ष आसिफ अहमद और युवा मंच अध्यक्ष राबर्ट्सगंज लवकुश सिंह पटेल को खराब रोड के बारे में अवगत कराया। 1, अइलकर माइनर से नरोखर नहर टेल तक संपर्क मार्ग 2, जुलरहमान के घर से विरधी संपर्क मार्ग वाया बढ़उली संपर्क मार्ग 3, अइलकर माइनर से नरोखर तालाब तक1
- जनपद सोनभद्र में आरटीओ विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा और पहचान चोरी का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि कई व्यक्तियों के नाम और दस्तावेजों का दुरुपयोग कर बिना उनकी जानकारी के ड्राइविंग लाइसेंस जारी कर दिए गए। सूत्रों के मुताबिक, मामला तब प्रकाश में आया जब कुछ लोगों को अपने नाम से जारी लाइसेंस की जानकारी परिवहन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर चेक करने के दौरान मिली। चौंकाने वाली बात यह रही कि संबंधित व्यक्तियों ने कभी लाइसेंस के लिए आवेदन ही नहीं किया था। इसके बावजूद उनके आधार व अन्य पहचान पत्रों का उपयोग कर लाइसेंस जारी कर दिए गए। बताया जा रहा है कि यह पूरा खेल दलालों और विभागीय मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। आरोप है कि लर्निंग लाइसेंस और स्थायी लाइसेंस की प्रक्रिया में नियमों को दरकिनार कर बायोमेट्रिक सत्यापन और फोटो मिलान जैसी अनिवार्य प्रक्रियाओं में गंभीर लापरवाही बरती गई। कई मामलों में परीक्षा दिए बिना ही लाइसेंस जारी कर दिए जाने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई है। जिलाधिकारी ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। संबंधित अभिलेखों की जांच की जा रही है और संदिग्ध लाइसेंसों की सूची तैयार की जा रही है। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी भी व्यक्ति के नाम पर फर्जी लाइसेंस जारी हुआ है तो वह तत्काल विभाग से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराए। मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को चिन्हित किया जाएगा। इस पूरे प्रकरण ने न केवल विभागीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि आम जनता की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदारों पर कब तक कार्रवाई होती है।1