निजी अस्पताल की मनमानी: स्वास्थ्य पूर्व सैनिक को गम्भीर बताकर, आईसीयू और महंगे इंजेक्शन के नाम पर ठगी का प्रयास। अयोध्या, रिपोर्टर, दुर्गा सिंह सेना के सेवानिवृत्त जवान ने दिखाई सूझबूझ, अस्पताल की लिखी स्क्रिप्ट नकार कर सुरक्षित घर लौटे, अब पूर्ण रूप से हैं स्वस्थ बीकापुर, अयोध्या। संवाददाता: दुर्गा सिंह निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों और उनके तीमारदारों को गंभीर बीमारी का डर दिखाकर मोटी रकम वसूलने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामला चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित कलावती हॉस्पिटल का है, जहां सेना से सेवानिवृत्त हुए एक जवान को दिल की गंभीर बीमारी का झांसा देकर भारी-भरकम पैसों की मांग की गई। अस्पताल के डरावने रवैये और हर कदम पर धन उगाही की डिमांड से तंग आकर मरीज ने वहां इलाज कराने से साफ इनकार कर दिया और सुरक्षित अपने घर लौट आया। राहत की बात यह है कि वर्तमान में मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और अपने पैरों पर चलकर सामान्य जीवन जी रहा है। क्या है पूरा मामला? प्राप्त विवरण के अनुसार, क्षेत्र के निवासी इंदर सिंह (पुत्र केसरी सिंह), जो हाल ही में भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होकर बीती 31 जुलाई को अपने घर पहुंचे हैं, उन्हें करीब एक महीने पहले अचानक दिल से संबंधित कुछ असहजता महसूस हुई थी। स्थानीय डॉक्टरों से प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई थी। इसके बावजूद, भविष्य में किसी समस्या से बचने के उद्देश्य से इंदर सिंह ने सोमवार की शाम अपनी निजी गाड़ी से स्वयं चलकर कलावती हॉस्पिटल (84 कोसी परिक्रमा मार्ग, अयोध्या) जाने का निर्णय लिया, ताकि वे तसल्लीबख्श जांच करा सकें। हर कदम पर पैसे की मांग, अस्पताल ने खड़े किए हाथ मरीज के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने जांच के नाम पर औपचारिकताएं शुरू कर दीं और हर कदम पर पैसे की मांग की जाने लगी। हद तो तब हो गई जब अस्पताल प्रशासन ने मरीज को �
निजी अस्पताल की मनमानी: स्वास्थ्य पूर्व सैनिक को गम्भीर बताकर, आईसीयू और महंगे इंजेक्शन के नाम पर ठगी का प्रयास। अयोध्या, रिपोर्टर, दुर्गा सिंह सेना के सेवानिवृत्त जवान ने दिखाई सूझबूझ, अस्पताल की लिखी स्क्रिप्ट नकार कर सुरक्षित घर लौटे, अब पूर्ण रूप से हैं स्वस्थ बीकापुर, अयोध्या। संवाददाता: दुर्गा सिंह निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों और उनके तीमारदारों को गंभीर बीमारी का डर दिखाकर मोटी रकम वसूलने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामला चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित कलावती हॉस्पिटल का है, जहां सेना से सेवानिवृत्त हुए एक जवान को दिल की गंभीर बीमारी का झांसा देकर भारी-भरकम पैसों की मांग की गई। अस्पताल के डरावने रवैये और हर कदम पर धन उगाही की डिमांड से तंग आकर मरीज ने वहां इलाज कराने से साफ इनकार कर दिया और सुरक्षित अपने घर लौट आया। राहत की बात यह है कि वर्तमान में मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और अपने पैरों पर चलकर सामान्य जीवन जी रहा है। क्या है पूरा मामला? प्राप्त विवरण के अनुसार, क्षेत्र के निवासी इंदर सिंह (पुत्र केसरी सिंह), जो हाल ही में भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होकर बीती 31 जुलाई को अपने घर पहुंचे हैं, उन्हें करीब एक महीने पहले अचानक दिल से संबंधित कुछ असहजता महसूस हुई थी। स्थानीय डॉक्टरों से प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई थी। इसके बावजूद, भविष्य में किसी समस्या से बचने के उद्देश्य से इंदर सिंह ने सोमवार की शाम अपनी निजी गाड़ी से स्वयं चलकर कलावती हॉस्पिटल (84 कोसी परिक्रमा मार्ग, अयोध्या) जाने का निर्णय लिया, ताकि वे तसल्लीबख्श जांच करा सकें। हर कदम पर पैसे की मांग, अस्पताल ने खड़े किए हाथ मरीज के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने जांच के नाम पर औपचारिकताएं शुरू कर दीं और हर कदम पर पैसे की मांग की जाने लगी। हद तो तब हो गई जब अस्पताल प्रशासन ने मरीज को �
- अयोध्या मे सावन माह के अवसर पर झूलन उत्सव में शामिल हुए जिला पंचायत प्रतिनिधि आलोक सिंह रोहित अयोध्या के रामकोट स्थित श्री राम आश्रम मंदिर में सावन माह के अवसर पर झूलन उत्सव में शामिल हुए जिला पंचायत प्रतिनिधि आलोक सिंह रोहित.. साधु-संतों ने शामिल होकर आरती, परिक्रमा और प्रसाद वितरण किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या के राम आश्रम मंदिर के साथ साथ दर्जनों मंदिरो के झूला उत्सव में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ है।2
- अयोध्या में शानो-शौकत से निकला कदीमी जुलूस-ए-मोहम्मदी, नन्हे मियां व अन्य लोगो ने जगह-जगह जलूस का हुआ भव्य स्वागत मोनू अयोध्या। ईद-ए-मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन की खुशी में कदीमी जुलूस-ए-मोहम्मदी शानो-शौकत के साथ निकाला गया। जुलूस बक्सरिया टोला स्थित आस्ताने से शुरू होकर बिजली शहीद मजार पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस में अखाड़ों के साथ करीब एक दर्जन नातिया अंजुमनों ने शिरकत की। अंजुमनों ने नात-ए-पाक पेश कर पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब की शान में अपनी अकीदत का इजहार किया। जुलूस के दौरान जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। कई स्थानों पर स्टॉल लगाकर लंगर का भी आयोजन किया गया, जहां लोगों को प्रसाद वितरित किया गया। अशर्फी भवन के पास सर्वधर्म सम्मान सेवा समिति की ओर से नातिया मुकाबले का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न नातिया अंजुमनों ने हिस्सा लिया। बेहतर प्रदर्शन करने वाली अंजुमनों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। वहीं समाजसेवी एवं संरक्षक मोहम्मद इरफान उर्फ नन्हे मियां ने भी जुलूस का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने अंजुमनों के सदस्यों को माला पहनाकर सम्मानित किया और पुरस्कार देकर उनकी हौसला-अफजाई की। इस दौरान उन्होंने सभी लोगों को ईद-ए-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद देते हुए पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के बताए रास्ते पर चलने तथा इंसानियत, आपसी भाईचारे और मोहब्बत के साथ रहने का संदेश दिया। वही दोराही कुआं पर न्यू स्टाइल ट्रेडर्स के अब्दुल वाहिद कुरैशी की ओर से लंगर का आयोजन कर जुलूस का इस्तकबाल किया गया। इस मौके पर अब्दुल वाहिद कुरैशी ने कहा कि अयोध्या की सरजमीं हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की मिसाल रही है। उन्होंने कहा कि अयोध्या को छोटा काबा कहा जाता है और यहां एक दिन पहले जश्न मनाने की परंपरा इसी धार्मिक और सामाजिक जुड़ाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जुलूस-ए-मोहम्मदी के माध्यम से अयोध्या की सरजमीं से पूरी दुनिया को मोहब्बत, अमन और इंसानियत का पैगाम दिया जा रहा है। जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। पूरे रास्ते अकीदतमंदों में उत्साह देखने को मिला और जुलूस धार्मिक सौहार्द एवं भाईचारे के संदेश के साथ संपन्न हुआ।4
- भारत सरकार स्वछता मिशन के साथ चलो आओ देखे लखनऊ चार बाग रेलवे स्टेशन कितना सुंदर साफ़ सफाई लग रहा है आओ मिलकर स्वछता मिशन के साथ चले देश को स्वस्थ जीवन बनाये Reporting Lal chand SONI. । Aaj subah times।। भारत सरकार स्वछता मिशन के साथ चलो आओ देखे लखनऊ चार बाग रेलवे स्टेशन कितना सुंदर साफ़ सफाई लग रहा है आओ मिलकर स्वछता मिशन के साथ चले देश को स्वस्थ जीवन बनाये Reporting Lal chand SONI. । Aaj subah times।।1
- मुकदमा दर्ज, फिर भी कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति का आरोप; पीड़िता बोली- गंभीर धाराएं कौन लगाएगा मुकदमा दर्ज, फिर भी कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति का आरोप; पीड़िता बोली- गंभीर धाराएं कौन लगाएगा? अयोध्या। हरैया,योगी सरकार प्रदेश को अपराध मुक्त एवं भयमुक्त बनाने का दावा करती है, लेकिन बस्ती जिले के हर्रैया तहसील क्षेत्र के ग्राम खमरिया गंगाराम निवासी प्रेमा मौर्या ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रेमा मौर्या का आरोप है कि गांव के कुछ दबंग युवकों ने जिसमें अभिषेक पुत्र सीताराम, कलामुद्दीन पुत्र नवी जान, इंद्रजीत पुत्र राम लोट चौहान, इरफान पुत्र इमाम अली ने पीड़िता केआवास पर चढ़कर धारदार हथियारों एवं लाठी-डंडों से लैस होकर जानलेवा हमला कर दिया जिसमें शरीर पर कई जगह गंभीर छोटे आईपीड़िता के अनुसार घटना की सूचना तत्काल डायल 112 एवं स्थानीय थाना पुलिस को दी गई। मुकदमा दर्ज तो किया गया मेडिकल भी हुआ, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने मामले में ऐसी धाराएं लगाईं, जिन्हें पीड़िता गंभीर घटना के अनुरूप नहीं मानती हैं। उनका कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रेमा मौर्या का आरोप है कि जब वह पुलिस से कार्रवाई की मांग करती हैं तो उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि मामला पुलिस के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि यदि घटना की सूचना पुलिस को दी गई, मुकदमा पुलिस ने दर्ज किया और विवेचना भी पुलिस के स्तर से हो रही है, तो घटना की गंभीरता के अनुरूप धाराओं का निर्धारण और आवश्यक कानूनी कार्रवाई आखिर कौन करेगा? पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने अपनी सुविधा के अनुसार दबाव बनाकर, थाने में तहरीर बदलवा कर मुकदमा दर्ज कर मामले को हल्की धाराओं तक सीमित कर दिया, जिसके चलते आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पा रही है। उनका कहना है कि यदि घटना में गंभीर आरोप लगाए गए हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुरूप धाराओं का निर्धारण किया जाना चाहिए। प्रेमा मौर्या ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष दबंग व सर्कस किस्म के लोग हैं पीड़िता की जमीन पर कब्जा किए हुए हैं और उन्हें जान से मारने की लगातार कोशिश कर रहे हैं यदि उक्त प्रकरण को स्थानीय एवं जिला प्रशासन गंभीरता से नहीं लेता है तो पीड़िता को आशंका है कि कभी भी मेरे व मेरे परिवार के ऊपर अप्रिय घटना घट सकती है जिसमें प्रार्थनी की जान भी जा सकती जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी स्थानीय एवं जिला प्रशासन व विपक्षी गण पर होगी1
- मुकदमा दर्ज, फिर भी कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति का आरोप। मुकदमा दर्ज, फिर भी कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति का आरोप; पीड़िता बोली- गंभीर धाराएं कौन लगाएगा? अयोध्या। खबर जनपद बस्ती हरैया से,योगी सरकार प्रदेश को अपराध मुक्त एवं भयमुक्त बनाने का दावा करती है, लेकिन बस्ती जिले के हर्रैया तहसील क्षेत्र के ग्राम खमरिया गंगाराम निवासी प्रेमा मौर्या ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रेमा मौर्या का आरोप है कि गांव के कुछ दबंग युवकों ने जिसमें अभिषेक पुत्र सीताराम, कलामुद्दीन पुत्र नवी जान, इंद्रजीत पुत्र राम लोट चौहान, इरफान पुत्र इमाम अली ने पीड़िता केआवास पर चढ़कर धारदार हथियारों एवं लाठी-डंडों से लैस होकर जानलेवा हमला कर दिया जिसमें शरीर पर कई जगह गंभीर छोटे आईपीड़िता के अनुसार घटना की सूचना तत्काल डायल 112 एवं स्थानीय थाना पुलिस को दी गई। मुकदमा दर्ज तो किया गया मेडिकल भी हुआ, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने मामले में ऐसी धाराएं लगाईं, जिन्हें पीड़िता गंभीर घटना के अनुरूप नहीं मानती हैं। उनका कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रेमा मौर्या का आरोप है कि जब वह पुलिस से कार्रवाई की मांग करती हैं तो उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि मामला पुलिस के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि यदि घटना की सूचना पुलिस को दी गई, मुकदमा पुलिस ने दर्ज किया और विवेचना भी पुलिस के स्तर से हो रही है, तो घटना की गंभीरता के अनुरूप धाराओं का निर्धारण और आवश्यक कानूनी कार्रवाई आखिर कौन करेगा? पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने अपनी सुविधा के अनुसार दबाव बनाकर, थाने में तहरीर बदलवा कर मुकदमा दर्ज कर मामले को हल्की धाराओं तक सीमित कर दिया, जिसके चलते आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पा रही है। उनका कहना है कि यदि घटना में गंभीर आरोप लगाए गए हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुरूप धाराओं का निर्धारण किया जाना चाहिए। प्रेमा मौर्या ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष दबंग व सर्कस किस्म के लोग हैं पीड़िता की जमीन पर कब्जा किए हुए हैं और उन्हें जान से मारने की लगातार कोशिश कर रहे हैं यदि उक्त प्रकरण को स्थानीय एवं जिला प्रशासन गंभीरता से नहीं लेता है तो पीड़िता को आशंका है कि कभी भी मेरे व मेरे परिवार के ऊपर अप्रिय घटना घट सकती है जिसमें प्रार्थनी की जान भी जा सकती जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी स्थानीय एवं जिला प्रशासन व विपक्षी गण पर होगी1
- आजादी के आठ दशक बाद भी सड़क को तरस रहे ग्रामीण खाट पर ढोए जाते हैं, मरीज! (हैरिग्टनगंज/मिल्कीपुर/अयोध्या) देश आजादी के आठ दशक पूरे कर चुका है और विकास के दावे डिजिटल इंडिया से लेकर स्मार्ट गांव तक पहुंच चुके हैं। लेकिन अयोध्या जिले के हैरिग्टनगंज विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत डीहभरथी तिवारी का पुरवा आज भी बुनियादी सड़क सुविधा के लिए तरस रहा है। ब्लॉक मुख्यालय से महज करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर बसे इस गांव तक पहुंचने के लिए आज तक पक्की सड़क नहीं विकास के दावों के बीच गांव की यह तस्वीर सरकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सड़क के अभाव में ग्रामीणों की जिंदगी मुश्किलों से गुजर रही है, सबसे ज्यादा परेशानी बीमार, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ती है। गांव में किसी व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने पर उसे चारपाई पर लादकर कच्चे और दुर्गम रास्ते से दूसरी पक्की सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। इसके बाद ही एंबुलेंस या अन्य वाहन से अस्पताल जाने का रास्ता खुलता है, बारिश के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव आते ही नेताओं और जनप्रतिनिधियों द्वारा सड़क निर्माण का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही वादे भी गायब हो जाते हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल जिलाधिकारी समेत जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों तक सड़क निर्माण की मांग पहुंचाई,बावजूद इसके समस्या जस की तस बनी हुई है। सड़क न होने का असर केवल आवागमन पर नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा और ग्रामीणों की आजीविका पर भी पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों को कठिन रास्ते से गुजरना पड़ता है। किसान खाद-बीज लाने और अपनी फसल बाजार तक पहुंचाने में बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का सवाल सीधा है—जब गांव ब्लॉक मुख्यालय से महज पांच किलोमीटर दूर है, तो आखिर सड़क निर्माण के लिए आठ दशक का इंतजार क्यों? अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हैं या सड़क का मुद्दा एक बार फिर आश्वासनों की फाइल में दबकर रह जाता है। ब्यूरो रिपोर्ट4
- गौतम अडानी की पहल - अयोध्या के निशुल्क गुरुकुल महाविद्यालय को मिली आधुनिक कंप्यूटर लैब। गौतम अडानी की पहल - अयोध्या के निशुल्क गुरुकुल महाविद्यालय को मिली आधुनिक कंप्यूटर लैब। अयोध्या। उद्योगपति गौतम अडानी द्वारा अयोध्या के श्री निशुल्क गुरुकुल महाविद्यालय में पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए आधुनिक कंप्यूटर लैब उपलब्ध कराई गई है। इस लैब के माध्यम से गुरुकुल में पढ़ रहे छात्र आज की आधुनिक तकनीक से सीधे जुड़ सकेंगे। बताया जा रहा है कि यह छात्रों की एक छोटी सी इच्छा थी, जिसे गौतम अडानी ने पूरा किया है। *अडानी ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी -* गौतम अडानी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी और लिखा - "अयोध्या के श्री निशुल्क गुरुकुल महाविद्यालय में विद्यार्थियों को आधुनिक कंप्यूटर लैब के माध्यम से तकनीक से जुड़ते देखना सुखद है। उनकी एक छोटी-सी इच्छा पूरी करने में हम सहभागी बन सके, यह हमारे लिए प्रसन्नता की बात है। हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा को डिजिटल युग से जोड़ने का यह विनम्र प्रयास नई पीढ़ी को अपनी जड़ों के और करीब लाए और उनके लिए सीखने के नए अवसर खोले, यही कामना है।" गुरुकुल के सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।1
- हजरत पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिन के अवसर पर ईद -ए -मिलाद उन नबी के 1501 मुबारकबाद अयोध्या में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी हजरत पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिन के अवसर पर ईद -ए -मिलाद उन नबी के 1501 मुबारकबाद के मौके पर पैगंबर-ए-इस्लाम मोहम्मद साहब के जन्मदिन पर कदीमी जुलूस-ए-मोहम्मदी बक्सरिया टोला के आस्ताने से शानो-शौकत से निकला, जो बिजली शहीद मजार पर खत्म हुआ। जुलूस में अखाडा व एक दर्जन नातिया अंजुमनों ने शिरकत की और नात मोहम्मद साहब पर पढ़ी। जगह जगह जलूस का स्वागत किया गया और स्टाल लगा कर लंगर का आयोजन हुआ। वह अशर्फी भवन पर सर्वधर्म सम्मान सेवा समिति द्वारा नातिया मुकाबला हुआ और अंजुमनो का इनाम देकर सम्मानित किया गया।और जगह-जगह जलूसे मोहम्मदी का पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया।अयोध्या के दोराही कुआं पर न्यू स्टाइल ट्रेडर्स के अब्दुल वाहिद कुरैशी ने लंगर कर जुलूस का इस्तकबाल किया और कहा कि अयोध्या छोटा काबा है इसलिए यहां एक दिन पहले जश्न मनाया जाता है, ये अयोध्या की सरजमीं से मोहब्बत का पैगाम है।3