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हिमाचल प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है, जिसके चलते राज्य भर में नदी और नाले उफान पर हैं। मौसम विभाग ने वर्तमान स्थिति को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
Ramesh Dhami
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है, जिसके चलते राज्य भर में नदी और नाले उफान पर हैं। मौसम विभाग ने वर्तमान स्थिति को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
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- हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में लापता जवान अजय कुमार को लेकर उनके परिजनों ने प्रदर्शन किया है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, परिवार वालों ने प्रशासन को आठ दिन का अल्टीमेटम दिया है।1
- हिमाचल प्रदेश में एक पूर्व पंचायत प्रधान को अदालत ने 20 साल के कठोर कारावास की सज़ा सुनाई है। पूर्व प्रधान पर 13 वर्षीय छात्रा से तांत्रिक विद्या और मौत का खौफ दिखाकर दरिंदगी करने का आरोप था, जिसके बाद अदालत ने यह फैसला दिया।1
- उत्तराखंड के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियों ने हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना-2 (एचपीसीडीपी-2) का अध्ययन भ्रमण किया। यह पहल ज्ञान, नवाचार और आधुनिक कृषि तकनीकों के आदान-प्रदान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य परियोजना के सफल मॉडलों, नवीनतम तकनीकों और किसानों के हित में संचालित नवाचारों का गहन अध्ययन करना था। परियोजना मुख्यालय में आयोजित एक बैठक में परियोजना निदेशक डॉ. सुनील चौहान ने उत्तराखंड की टीम का स्वागत किया। उन्होंने परियोजना की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों, प्रमुख उपलब्धियों और विभिन्न नवाचारों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। डॉ. चौहान ने बताया कि एचपीसीडीपी-2 जल संसाधन प्रबंधन, फसल विविधीकरण, आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार, गुणवत्तायुक्त पौध उत्पादन, किसानों की आय में वृद्धि और संस्थागत विकास जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। इस भ्रमण के दौरान, उत्तराखंड के उद्यान विभाग झरमोला फार्म, उत्तरकाशी की सहायक निदेशक डॉ. ज्योति बजेली ने विशेष रूप से हमीरपुर में 'गायिका' के माध्यम से चलाए जा रहे उद्यानों का भ्रमण किया और बताया कि उन्हें वहां अच्छी जानकारी प्राप्त हुई है। कुल मिलाकर, उत्तराखंड के अधिकारी हिमाचल प्रदेश के कृषि नवाचारों और आधुनिक तकनीकों से काफी प्रभावित हुए।2
- घनाहट्टी स्थित संस्कृति स्कूल में आयोजित UGC NET परीक्षा के दौरान चार अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिल सका। इन अभ्यर्थियों में से एक, नवीन ने बताया कि वह निर्धारित समय से पहले ही परीक्षा केंद्र पर पहुँच गए थे, इसके बावजूद उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।1
- करपट से प्रीतम ने कड़े शब्दों में फटकार लगाते हुए कहा है कि यहां आने वाले सभी लोग सिर्फ फोटो की राजनीति करने आते हैं।1
- हमीरपुर के इग्नू सेंटर में कांगड़ा के गंदड़ गांव के 75 वर्षीय डॉ. मिल्खी राम आचार्य में अपनी 33वीं डिग्री के लिए परीक्षा देने पहुंचे हैं। डॉ. मिल्खी राम का जन्म 10 फरवरी 1952 को हुआ था और उन्होंने 1970 में धर्मशाला के एक प्राइवेट कॉलेज से 24 वर्ष की आयु में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की थी। वे 1972 में फोरेस्ट विभाग में भर्ती हुए और 2010 में ग्रेड वन पद से सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने नौकरी के दौरान भी अपनी पढ़ाई जारी रखी और रिटायरमेंट तक 26 डिग्रियां हासिल कर ली थीं, जिनकी संख्या अब 32 तक पहुंच गई है। इनमें बीए प्रभाकर, बीएड, एलएलबी, जेएमसी, संस्कृत, एमए हिंदी, एमए पॉलिटिकल साइंस, सोशियोलॉजी, हिस्ट्री, इंग्लिश, इकोनॉमिक्स, एमबीए, एम फिल और हिंदी में पीएचडी सहित कई अन्य डिग्रियां शामिल हैं। डॉ. मिल्खी राम ने बताया कि वे डॉ. बाबा भीमराव अंबेडकर से बहुत प्रेरित हैं। उन्हें अपनी धर्मपत्नी विद्या देवी, जो खुद भी फोरेस्ट विभाग से ग्रेड वन पद से सेवानिवृत्त हुई हैं, का पूरा समर्थन मिला है। इसके अलावा, उनके बेटे राकेश कुमार, जो इंडियन रेलवे में आईआरटीएस ऑफिसर हैं, और बहू का भी उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने में पूरा सहयोग मिल रहा है। पढ़ाई में कोई दिक्कत न आए, इसके लिए उन्होंने हाल ही में अपनी आँखों का उपचार भी करवाया है। इग्नू सेंटर हमीरपुर के इंचार्ज प्रोफेसर संजय कुमार ने डॉ. मिल्खी राम को सबसे उम्रदराज परीक्षार्थी बताते हुए उन्हें एक प्रेरणास्त्रोत कहा। सेंटर में पहुँचने पर डॉ. मिल्खी राम का फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया गया, क्योंकि 75 वर्ष की आयु में भी वे लगातार परीक्षा दे रहे हैं, जब कि आमतौर पर इस उम्र में लोगों को पढ़ने में कठिनाई होती है। उनका पढ़ाई का शौक बचपन से ही रहा है, और इसी शौक के चलते उन्होंने 32 डिग्रियां हासिल की हैं और अब 33वीं के लिए प्रयासरत हैं।2
- कुल्लू-भुंतर-मणिकर्ण रोड पर सारणी के पास रास्ते का हाल पहली ही बारिश में बेहाल हो गया है। इस खराब स्थिति का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सड़क की दुर्दशा साफ देखी जा सकती है।1