छत्तीसगढ़बिलासपुरबिलासपुर आदिवासी विकास विभाग के आश्रम एवं छात्रावासों में प्रवेश प्रारंभ सत्र 2026-27 हेतु 15 जून तक किए जा सकेंगे आवेदन बिलासपुर // कार्यालय कलेक्टर (आदिवासी विकास) बिलासपुर अंतर्गत संचालित आश्रम, प्री-मैट्रिक बालक एवं कन्या आवासीय छात्रावासों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। प्रवेश हेतु इच्छुक विद्यार्थी 15 जून 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित इन छात्रावासों में विद्यार्थियों को आवास, शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। छात्रावासों में स्वच्छ एवं सुरक्षित भवन, नियमित बिजली-पानी व्यवस्था, बिस्तर, गद्दा, चादर, कंबल एवं तकिया जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। इसके साथ ही हवादार एवं प्रकाशयुक्त अध्ययन कक्ष, भोजन कक्ष की व्यवस्था भी उपलब्ध है।विद्यार्थियों को सालभर नि:शुल्क पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है, जिसमें सुबहनाश्ता, दोपहर भोजन तथा रात्रि भोजन शामिल है। भोजन में फल, सलाद, दाल, सब्जी, आचार एवं पापड़ जैसी सामग्री भी दी जाती है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए नियमित अध्ययन, खेलकूद एवं योग जैसी गतिविधियों का संचालन भी किया जाता है। छात्रावासों में दैनिक उपयोग की सामग्री जैसे जूता-मोजा, लोअर, टी-शर्ट एवं बैग आदि भी विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जाते हैं। प्रवेश संबंधी जानकारी के लिए संबंधित छात्रावास, स्कूल, विकासखंड शिक्षा कार्यालय अथवा जिला कार्यालय आदिवासी विकास विभाग से संपर्क किया जा सकता है। सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास बिलासपुर ने जिले के पात्र विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से समय सीमा के भीतर आवेदन कर योजना का लाभ लेने की अपील की है।
छत्तीसगढ़बिलासपुरबिलासपुर आदिवासी विकास विभाग के आश्रम एवं छात्रावासों में प्रवेश प्रारंभ सत्र 2026-27 हेतु 15 जून तक किए जा सकेंगे आवेदन बिलासपुर // कार्यालय कलेक्टर (आदिवासी विकास) बिलासपुर अंतर्गत संचालित आश्रम, प्री-मैट्रिक बालक एवं कन्या आवासीय छात्रावासों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। प्रवेश हेतु इच्छुक विद्यार्थी 15 जून 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित इन छात्रावासों में विद्यार्थियों को आवास, शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। छात्रावासों में स्वच्छ एवं सुरक्षित भवन, नियमित बिजली-पानी व्यवस्था, बिस्तर, गद्दा, चादर, कंबल एवं तकिया जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। इसके साथ ही हवादार एवं प्रकाशयुक्त अध्ययन कक्ष, भोजन कक्ष की व्यवस्था भी उपलब्ध है।विद्यार्थियों को सालभर नि:शुल्क पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है, जिसमें सुबहनाश्ता, दोपहर भोजन तथा रात्रि भोजन शामिल है। भोजन में फल, सलाद, दाल, सब्जी, आचार एवं पापड़ जैसी सामग्री भी दी जाती है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए नियमित अध्ययन, खेलकूद एवं योग जैसी गतिविधियों का संचालन भी किया जाता है। छात्रावासों में दैनिक उपयोग की सामग्री जैसे जूता-मोजा, लोअर, टी-शर्ट एवं बैग आदि भी विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जाते हैं। प्रवेश संबंधी जानकारी के लिए संबंधित छात्रावास, स्कूल, विकासखंड शिक्षा कार्यालय अथवा जिला कार्यालय आदिवासी विकास विभाग से संपर्क किया जा सकता है। सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास बिलासपुर ने जिले के पात्र विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से समय सीमा के भीतर आवेदन कर योजना का लाभ लेने की अपील की है।
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- Post by Shakchhi🎁 Singh1
- Post by Manoj Gupta Driver4
- अनूपपुर के कोतमा नगर में महाराणा प्रताप जयंती धूमधाम से मनाई गई, जिसमें एक भव्य शोभायात्रा निकली। इस दौरान क्षत्रिय समाज की एकता और सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर देते हुए बुजुर्गों व प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित किया गया। यह आयोजन वीरता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक बन गया।1
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- तेंदूपत्ता संग्राहकों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव, बढ़ी आय और सम्मान छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार द्वारा बढ़ाई गई पारिश्रमिक दरों, पारदर्शी भुगतान व्यवस्था और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब वनांचल क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। लाखों तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के जीवन स्तर में सुधार आया है और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूती मिल रही है। सरकार की जनहितकारी नीतियों के चलते मेहनतकश वनवासी भाई-बहनों को समय पर भुगतान, बेहतर सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल रहा है। इससे उनमें नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और सम्मान की भावना विकसित हुई है। वनांचल के परिवार अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।1
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
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