सतना में श्रेय टीवी के जिला ब्यूरो चीफ राशीश पयासी ने एक लाइव डिबेट के दौरान उस वक्त माहौल बदल दिया, जब कांग्रेस के एक नेता ने सतना की पत्रकारिता पर सवाल उठाए। इसके जवाब में पयासी ने स्पष्ट किया कि पत्रकार का काम पक्ष और विपक्ष दोनों से सवाल करना है, ताकि जनता तक सच पहुंच सके। उन्होंने यह भी कहा कि सामाजिक मुद्दों को पत्रकारिता से जोड़ना कदाचित अनुचित है। बात यहीं खत्म नहीं हुई। राशीश पयासी ने हरिवंश राय बच्चन की कविता की पंक्ति सुनाई, "मिटने वाला ये पत्रकार नाम नहीं, तुम कब तक रोकोगे", यह कहते हुए कि पत्रकारिता का नाम मिटाया नहीं जा सकता क्योंकि इसका आधार जनता का हक और सच जानने का अधिकार है। डिबेट में मौजूद लोगों के अनुसार, कविता की ये पंक्तियां सुनकर स्टूडियो में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया, जिसके बाद बहस फिर सामाजिक मुद्दों पर लौट आई। पत्रकारिता और राजनीति के बीच संतुलन को लेकर हुआ यह वाकया अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
सतना में श्रेय टीवी के जिला ब्यूरो चीफ राशीश पयासी ने एक लाइव डिबेट के दौरान उस वक्त माहौल बदल दिया, जब कांग्रेस के एक नेता ने सतना की पत्रकारिता पर सवाल उठाए। इसके जवाब में पयासी ने स्पष्ट किया कि पत्रकार का काम पक्ष और विपक्ष दोनों से सवाल करना है, ताकि जनता तक सच पहुंच सके। उन्होंने यह भी कहा कि सामाजिक मुद्दों को पत्रकारिता से जोड़ना कदाचित अनुचित है। बात यहीं खत्म नहीं हुई। राशीश पयासी ने हरिवंश राय बच्चन की कविता की पंक्ति सुनाई, "मिटने वाला ये पत्रकार नाम नहीं, तुम कब तक रोकोगे", यह कहते हुए कि पत्रकारिता का नाम मिटाया नहीं जा सकता क्योंकि इसका आधार जनता का हक और सच जानने का अधिकार है। डिबेट में मौजूद लोगों के अनुसार, कविता की ये पंक्तियां सुनकर स्टूडियो में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया, जिसके बाद बहस फिर सामाजिक मुद्दों पर लौट आई। पत्रकारिता और राजनीति के बीच संतुलन को लेकर हुआ यह वाकया अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
- सीधी जिले के मझौली थाना अंतर्गत डेवा गाँव में एक मूर्ति को खंडित कर कचरे में फेंकने की घटना सामने आई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल पहुंचा दिया है।1
- एक विधवा महिला ने अपने देवर पर उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने और उनके साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने दावा किया है कि उनके देवर ने उनकी निजी संपत्ति पर अवैध रूप से अधिकार जमा लिया है और विरोध करने पर उनके साथ शारीरिक हिंसा की है।1
- सतना जिले के अमरपाटन में नारायण मोबाइल शॉप ग्राहकों के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर मोबाइल रिपेयरिंग की सुविधा उपलब्ध करा रही है। यह दुकान सतना रोड पर संजय किराना स्टोर के ठीक सामने स्थित है। ग्राहक अपने मोबाइल की मरम्मत के लिए नारायण त्रिपाठी से 7225812343 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- शनिवार को रीवा के संजय गांधी अस्पताल में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहाँ मेडिको-लीगल मामले में परिजनों ने पोस्टमार्टम से पहले ही शव को मार्चरी से हटा लिया और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी। पुलिस को सूचना मिलने पर तुरंत गाँव पहुँचकर चिता से शव को वापस अस्पताल लाया गया, जिसके बाद नियमानुसार पोस्टमार्टम संपन्न कराया गया। जानकारी के अनुसार, यह मामला कनौजा निवासी मुकेश बंसल की उपचार के दौरान हुई मौत से जुड़ा है। परिजनों ने उनकी मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई थी, जिसके कारण शव को पोस्टमार्टम के लिए मार्चरी में रखा गया था और मामला मेडिको-लीगल दर्ज किया गया था। हालाँकि, शनिवार सुबह पोस्टमार्टम से पहले ही परिजन शव लेकर गाँव पहुँच गए और अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने लगे। मार्चरी से शव गायब होने की खबर से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया, जिसके बाद अमहिया पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। पुलिस ने गाँव पहुँचकर परिजनों को समझाया और शव को चिता से वापस अस्पताल लाकर पोस्टमार्टम कराया। इस घटना पर टिप्पणी करते हुए अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने कहा कि मेडिको-लीगल मामलों में कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम अनिवार्य होता है, जिसका पालन सभी को करना चाहिए।1
- महाराष्ट्र में निर्माणाधीन हनुमान मंदिर की छत गिरने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। इस घटना में लगभग 25 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में पहुँचाया गया है। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ गया है।1
- सतना-चित्रकूट राष्ट्रीय राजमार्ग पर उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित 'नायरा पेट्रोल पंप (माँ संतोषी फ्यूल्स फिलिंग स्टेशन)' इन दिनों अवैध रूप से ईंधन की हेराफेरी और नियमों के घोर उल्लंघन का केंद्र बना हुआ है। आरोप है कि दोनों राज्यों के प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे इस गैरकानूनी खेल से मध्य प्रदेश सरकार को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। पेट्रोलियम नियमों और सुरक्षा मानकों का खुलेआम उल्लंघन करते हुए, यह पेट्रोल पंप ड्रमों, बड़े गैलन और खुले बर्तनों में अत्यधिक ज्वलनशील ईंधन (पेट्रोल/डीजल) बेच रहा है, जबकि ऐसा करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यह न केवल सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक है, बल्कि सीधे तौर पर ईंधन की तस्करी को बढ़ावा दे रहा है, जिससे स्थानीय नियमों की सरेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच ईंधन की दरों में लगभग ₹10 का बड़ा अंतर है, जिसका फायदा उठाकर यह फिलिंग स्टेशन उत्तर प्रदेश के सस्ते ईंधन को अवैध तरीके से मध्य प्रदेश की सीमा में खपा रहा है। इस 'स्मगलिंग' के खेल से मध्य प्रदेश के खजाने को सीधे तौर पर चपत लगाई जा रही है और उसे भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। स्थानीय नागरिकों ने इस पूरे मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। हैरानी की बात यह है कि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और आबकारी जांच के दावों के बावजूद, दोनों ही राज्यों का संबंधित प्रशासन इस अवैध गतिविधि पर मूकदर्शक बना बैठा है। नागरिकों ने इस पर तत्काल कार्रवाई और गहन जांच की मांग की है।1