बिहार के गोविंदपुर प्रखंड स्थित प्रसिद्ध ककोलत जलप्रपात में प्रवेश और पार्किंग शुल्क में भारी बढ़ोतरी के कारण सैलानियों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। “बिहार का छोटा कश्मीर” कहे जाने वाले इस पर्यटन स्थल पर वन प्रमंडल पदाधिकारी द्वारा 21 मई 2026 से नई शुल्क व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासन ने यह कदम बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया है, लेकिन अब इसका सीधा असर पर्यटन और स्थानीय व्यवसाय पर दिखाई देने लगा है। नई व्यवस्था के तहत, ककोलत जलप्रपात में प्रवेश शुल्क 10 रुपये से बढ़ाकर सीधा 100 रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही, पार्किंग शुल्क में भी भारी इजाफा हुआ है, जिसमें दोपहिया वाहनों के लिए 100 रुपये, तीनपहिया वाहनों के लिए 150 रुपये और चारपहिया वाहनों के लिए 200 रुपये निर्धारित किए गए हैं। इस अचानक और अत्यधिक वृद्धि से खासकर बाहर से आने वाले पर्यटकों में असंतोष बढ़ गया है। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे स्थानीय दुकानदारों दिलीप कुमार, महेश कुमार, संजय चौधरी और रमेशरी देवी ने बताया कि शुल्क बढ़ने के बाद ककोलत आने वाले सैलानियों की संख्या में काफी गिरावट आई है। पहले जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग घूमने आते थे, वहीं अब पर्यटकों की संख्या घटने से छोटे दुकानदारों, होटल संचालकों और स्थानीय लोगों के रोजगार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। दुकानदारों ने चिंता व्यक्त की कि गर्मी का मौसम उनके लिए मुख्य आय का स्रोत होता है, लेकिन वर्तमान स्थिति से उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पटना से आए घनश्याम सिंह, गया से सुरेश प्रसाद, और अन्य पर्यटक सुधीर कुमार व मुकेश कुमार सहित दर्जनों सैलानियों ने भी सोमवार को बढ़े हुए शुल्क पर अपनी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि शुल्क में दस गुना बढ़ोतरी करने से यह पर्यटन स्थल आम लोगों की पहुँच से दूर हो जाएगा। सैलानियों ने सरकार और प्रशासन से इस शुल्क वृद्धि पर पुनर्विचार करने की मांग की, ताकि शुल्क कम होने पर अधिक पर्यटक ककोलत पहुँच सकें, जिससे स्थानीय व्यवसाय और पर्यटन दोनों को लाभ मिल सके।
बिहार के गोविंदपुर प्रखंड स्थित प्रसिद्ध ककोलत जलप्रपात में प्रवेश और पार्किंग शुल्क में भारी बढ़ोतरी के कारण सैलानियों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। “बिहार का छोटा कश्मीर” कहे जाने वाले इस पर्यटन स्थल पर वन प्रमंडल पदाधिकारी द्वारा 21 मई 2026 से नई शुल्क व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासन ने यह कदम बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया है, लेकिन अब इसका सीधा असर पर्यटन और स्थानीय व्यवसाय पर दिखाई देने लगा है। नई व्यवस्था के तहत, ककोलत जलप्रपात में प्रवेश शुल्क 10 रुपये से बढ़ाकर सीधा 100 रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही, पार्किंग शुल्क में भी भारी इजाफा हुआ है, जिसमें दोपहिया वाहनों के लिए 100 रुपये, तीनपहिया वाहनों के लिए 150 रुपये और चारपहिया वाहनों के लिए 200 रुपये निर्धारित किए गए हैं। इस अचानक और अत्यधिक वृद्धि से खासकर बाहर से आने वाले पर्यटकों में असंतोष बढ़ गया है। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे स्थानीय दुकानदारों दिलीप कुमार, महेश कुमार, संजय चौधरी और रमेशरी देवी ने बताया कि शुल्क बढ़ने के बाद ककोलत आने वाले सैलानियों की संख्या में काफी गिरावट आई है। पहले जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग घूमने आते थे, वहीं अब पर्यटकों की संख्या घटने से छोटे दुकानदारों, होटल संचालकों और स्थानीय लोगों के रोजगार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। दुकानदारों ने चिंता व्यक्त की कि गर्मी का मौसम उनके लिए मुख्य आय का स्रोत होता है, लेकिन वर्तमान स्थिति से उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पटना से आए घनश्याम सिंह, गया से सुरेश प्रसाद, और अन्य पर्यटक सुधीर कुमार व मुकेश कुमार सहित दर्जनों सैलानियों ने भी सोमवार को बढ़े हुए शुल्क पर अपनी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि शुल्क में दस गुना बढ़ोतरी करने से यह पर्यटन स्थल आम लोगों की पहुँच से दूर हो जाएगा। सैलानियों ने सरकार और प्रशासन से इस शुल्क वृद्धि पर पुनर्विचार करने की मांग की, ताकि शुल्क कम होने पर अधिक पर्यटक ककोलत पहुँच सकें, जिससे स्थानीय व्यवसाय और पर्यटन दोनों को लाभ मिल सके।
- खबरों के अनुसार, बिहार विधानसभा चुनाव-2025 के दौरान पक्ष-विपक्ष को लेकर उपजे विवाद ने रंजिश का रूप ले लिया है। इसी रंजिश के चलते नवादा जिले के छोटी पाली गांव में दो युवकों की हत्या कर दी गई है। वहीं, इस घटना में एक अन्य युवक की हालत गंभीर बनी हुई है।1
- नवादा में एक नए नेपाल आँख अस्पताल का उद्घाटन किया गया है। इस अस्पताल का शुभ आरंभ विधायक बिमल राजवंशी ने फीता काटकर किया।1
- नवादा में डायल 112 वाहन के चालक सिपाही शिव कुमार का सड़क हादसे में निधन हो गया। इस दुखद घटना के बाद सोमवार को नवादा पुलिस केंद्र में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान नवादा एसपी अभिनव धीमान सहित कई पुलिसकर्मियों ने दिवंगत सिपाही को अपनी श्रद्धांजलि दी।1
- झारखंड के कोडरमा जिले में जमीनी विवाद के चलते जमकर मारपीट हुई, जिसमें लाठियां भी चलीं। यह घटना कोडरमा के तिलैया डैम थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपराडीह पंचायत के बन्दाचक इलाके में सामने आई है।2
- कोडरमा जिले के चंदवारा थाना क्षेत्र की पिपराडीह पंचायत अंतर्गत बन्दाचक गांव में एक जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। जानकारी के अनुसार, दो पक्षों के बीच हुए इस विवाद में लाठी-डंडे चले, जिसके परिणामस्वरूप एक युवक घायल हो गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त हो गया। घायल युवक का फिलहाल इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में आगे की पूरी खबर और ताजा अपडेट्स के लिए जुड़े रहने को कहा गया है।1
- झारखंड के कोडरमा जिले में डोमचांच थाना प्रभारी अभिमन्यु पर थाने में कथित तौर पर बर्बर पिटाई करने के गंभीर आरोप लगे हैं। रोहित कुमार सोनकर (स्वर्णकार) ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि उन्हें कोर्ट परिसर से गिरफ्तार किया गया, जबकि कागजों में गिरफ्तारी डोमचांच थाना क्षेत्र से दिखाई गई। रोहित के अनुसार, थाने लाने के बाद प्रभारी अभिमन्यु ने तब तक उन पर लाठियां बरसाईं जब तक उनका मन नहीं भरा, जिसके गहरे जख्म उनके शरीर पर मौजूद हैं। रोहित सोनकर ने इस मामले की लिखित शिकायत कोडरमा पुलिस अधीक्षक (SP) से की है। इसी तरह, जेल से रिहा होने के बाद हर्ष कुमार शर्मा और अनिल मेहता ने भी मीडिया और समाज के सामने अपने शरीर पर मौजूद चोट के निशान दिखाते हुए थाना परिसर में हुए जुल्म की दास्तान सुनाई। इन आरोपों पर डोमचांच थाना प्रभारी अभिमन्यु ने सभी दावों से साफ इनकार किया है। उन्होंने कहा कि थाने में किसी के साथ कोई मारपीट नहीं की गई है और यह पुलिस की छवि को खराब करने के साथ-साथ उन्हें व्यक्तिगत रूप से बदनाम करने की एक सोची-समझी कोशिश है। इस पूरे मामले पर जिला पुलिस कप्तान कुमार शिवाशीष ने बयान दिया है कि यदि उन्हें इस घटना के संबंध में लिखित शिकायत मिलती है, तो पूरे मामले की उचित और निष्पक्ष जांच की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- रजौली प्रखंड कार्यालय स्थित बीडीओ कक्ष में सोमवार को प्रखंड स्तरीय बैंकर्स कमिटी की बैठक आयोजित की गई। बीडीओ संजीव कुमार झा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक सहित रजौली में संचालित विभिन्न बैंकों के प्रबंधक, अधिकारी और कर्मी शामिल हुए। इस अवसर पर नवादा के एलडीएम संजय कुमार भी उपस्थित थे। बैठक के दौरान, एलडीएम संजय कुमार ने बैंक अधिकारियों और जीविका से जुड़े लोगों को माइक्रो फाइनेंस से संबंधित लोन के बारे में विस्तार से जानकारी दी और इसे बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने उपस्थित बैंक अधिकारियों से सरकार के कार्यक्रमों को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने का भी आग्रह किया। हालांकि, रजौली के मीडिया कर्मियों ने एलडीएम को बताया कि प्रखंड क्षेत्र में ऐसे दर्जनों मामले हैं जहां लोगों ने 5-6 साल पहले लोन के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्हें आज तक लोन नहीं मिला है। मीडिया कर्मियों ने जरूरतमंदों को बैंक द्वारा लोन न देने और मनमानी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। इस पर एलडीएम ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है, क्योंकि वे हाल ही में आए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर किसी आवेदक को बेवजह लोन नहीं दिया जाता है या परेशान किया जाता है, तो इसकी सूचना उन्हें दी जाए, मामले की जांच कर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। एलडीएम ने यह भी बताया कि बैंक अब डिजिटल माध्यम से लोन दे रहे हैं और डिजिटल माध्यम से आवेदन करने वालों के आवेदन ही स्वीकृत किए जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंक किसी भी आवेदक के आवेदन को बेवजह खारिज नहीं करते हैं। बैठक में प्रखंड कृषि पदाधिकारी रौशन कुमार समेत कई अन्य लोग भी उपस्थित थे।2
- टिकट और पार्किंग शुल्क में हुई बढ़ोतरी के बाद ककोलत जलप्रपात पर भीड़ पूरी तरह से नियंत्रित हो गई है। शुल्क वृद्धि का सीधा असर पर्यटकों की आवाजाही पर पड़ा है, जिसके कारण उनकी संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है।1
- सोमवार को डोमचांच बाज़ार स्थित मेहता भवन में युवा राष्ट्रीय जनता दल की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता युवा राजद के जिलाध्यक्ष मनोज रजक ने की, जबकि संचालन उदय यादव ने किया। कोडरमा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सुभाष प्रसाद यादव और राजद जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य 30 मई को डोमचांच में आयोजित होने वाले 'युवा चौपाल' की रूपरेखा तय करना था, साथ ही पूंजीवादी नीतियों के कारण हाशिए पर धकेले जा रहे युवाओं के गहरे आक्रोश को राष्ट्रीय जनता दल की सामाजिक न्याय और ‘ए टू जेड’ की विचारधारा से जोड़कर एक मजबूत राजनीतिक आवाज़ देने पर चर्चा की गई। मुख्य अतिथि और राजद के पूर्व प्रत्याशी सुभाष प्रसाद यादव ने राष्ट्रीय जनता दल के वैचारिक दर्शन पर जोर देते हुए कहा कि पार्टी की बुनियाद सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और वंचितों को उनका हक दिलाने पर टिकी है। उन्होंने आदरणीय लालू प्रसाद यादव जी के कथन का उल्लेख किया कि हक मांगा नहीं, छीना जाता है। यादव ने सरकार की नीतियों पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि नौकरियों का निजीकरण करके बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए आरक्षण को पिछले दरवाजे से खत्म करने की साजिश हो रही है, और यह पूंजीपतियों की पोषक सरकार युवाओं को केवल 'वोट बैंक' समझती है। उन्होंने आगे कहा कि बेरोजगारी और पेपर लीक से त्रस्त युवाओं के लिए तेजस्वी यादव ने 'सच्चे राष्ट्रवाद' की परिभाषा दी है, जो युवाओं को 'कमाई, दवाई, पढ़ाई और कार्रवाई' की गारंटी देने पर आधारित है, क्योंकि असली राष्ट्रवाद युवाओं को रोजगार देना है, न कि उन्हें धर्म और नफरत के नाम पर बांटना। उन्होंने आह्वान किया कि वर्तमान हालात में लालू-तेजस्वी की विचारधारा ही युवाओं का संबल है और हकों की लड़ाई के लिए डोमचांच में 'युवा चौपाल' में भारी संख्या में युवा शामिल हों। राजद जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव ने कहा कि आज देश की संपत्तियां चंद उद्योगपतियों के हाथों में बेची जा रही हैं और राजद हर उस नौजवान के साथ खड़ा है जो इस व्यवस्था की मार झेल रहा है। उन्होंने बताया कि पार्टी जाति-धर्म से ऊपर उठकर हर वर्ग के युवा को उसका वाजिब हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। युवा राजद के जिलाध्यक्ष मनोज रजक ने घोषणा की कि 30 मई को डोमचांच की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित होने वाला 'युवा चौपाल' केवल एक राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि पूंजीवादी ताकतों के खिलाफ युवाओं के हक का शंखनाद होगा, जिसके माध्यम से लालू-तेजस्वी के संदेश को हर घर तक पहुंचाया जाएगा और युवाओं को उनकी असली ताकत का अहसास कराया जाएगा। इस अवसर पर, प्रखण्ड अध्यक्ष हरिशंकर प्रसाद, नगर अध्यक्ष संतोष चन्द्र वंशी, मो इक़बाल, परवेज खान, अशोक दास, अशोक यादव, रघु कुमार, सचिन्द्र राणा, मो मुबारक सहित भारी संख्या में स्थानीय युवा और युवा राजद के सक्रिय कार्यकर्ताओं ने गगनभेदी नारों के साथ डोमचांच (सांस्कृतिक भवन) में होने वाले 'युवा चौपाल' को सफल बनाने का संकल्प लिया।1