अहंकार को त्याग कर भगवान महावीर के सिद्धांत को अपनाना चाहिए :- वरिष्ठ अधिवक्ता आज से लगभग 3199 वर्ष पूर्व भगवान महावीर का जन्म इस धारा संसार में हुआ था उन्होंने सत्य अहिंसा तथा अनेकांतवाद एवं जियो और जीने दे का सिद्धांत दिया था जो आज बहुदेव बाद एवं विविध विचारधारा का मुख्य आधार है भगवान महावीर की जयंती पर हम उनको नमन करते हैं तथा सब सादर प्रणाम करते हैं उनके बताए गए मार्ग पर आज विश्व को चलने की आवश्यकता है डॉक्टर मुरलीधर सिंह अधिवक्ता मा उच्च न्यायालय इलाहाबाद लखनऊ पीठ पूर्व उपनिदेशक मा मुख्यमंत्री मीडिया सेंटर लोक भवन लखनऊ तथा अयोध्या धाम लखनऊ मा उच्च न्यायालय परिसर से भगवान महावीर की 31 मार्च की चैत्र शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी की जयंती के अवसर पर सभी को नमन भगवान महावीर के अहिंसा बात एवं सत्य सिद्धांत की आज विश्व को आवश्यकता आज से लगभग 3199 वर्ष पूर्व भगवान महावीर का जन्म बिहार राज्य के वैशाली जनपद के कुंड ग्राम जिसको कुंदनपुर कहते हैं भगवान महावीर ने हीं (जियो और जीने दो)का सिद्धांत प्रतिपादित किया था आज उसकी आवश्यकता है इनकी मां का नाम त्रिशला था तथा पिता का नाम सिद्धार्थ के बचपन का नाम वर्धमान था मा त्रिशला के गर्भ में आने पर उन्होंने 16-16 सपने देखे थे सभी सपना महापुरुषों के होते हैं तथा कोई भी महापुरुष जब मा के गर्भ में आता है तो इस वक्त सपने दिखाते हैं आज महावीर ने अपने जीवन में 30 साल की उम्र में घर को त्याग किया था तथा 12 वर्ष कठोर तपस्या किया था अपने संदेश में इन्होंने कहा था कि व्यक्ति को किसी चीज की आवश्यकता नहीं चाहे आवास हो चाहे वस्त्र हो चाहे खानपान यदि अपने आप में संयम रखेगा सही पथ पर चलेगा यह सभी चीज उसको मिल जाएगी इन्हीं बातों को लेकर उन्होंने पंचशील सिद्धांत बनाया था जो जैन धर्म के लिए मुख्य सिद्धांत है तथा इसी पर राजनीति में सिद्धांत बनाए जाते हैं भगवान महावीर भगवान राम के ही सूर्यवंश की शाखा में इक्षवाकु वंश के थे क्षत्रिय परिवार के राज पाठ के तरीकों को जानते थे तथा अपने पिता की बड़ी संतान थे उन्हें राज लेने से इनकार कर दिया था इसे छोटे भाई को राज वैशाली का राज दे दिया उस समय 16 गण राज्यों में एक गण राज्यों में एक राज्य था बिहार के मगध राज्य और उसे समय की कलिंग राज प्रसिद्ध थे भगवान महावीर का जन्म ईसापूर्व 599 शताब्दी में हुआ था तथा इनका परिनिर्वाण ईसापूर्व 527 साल में हुआ था वह भी पावापुरी में जो राजगीर के पास स्थित है लगभग 72 साल की उम्र में मैं परिनिर्वाण प्राप्त किया उनके सिद्धांतों को विश्व मान्यता देता है तथा आज उसके और मानने की आवश्यकता है इनका पांच सिद्धांत था सत्य अहिंसा ब्रह्मचर्य अस्तेय अपरिग्रह इसके बाद इन्होंने अपने सिद्धांतों को पहली बार अनेकांतवाद श्यादवाद एवं कर्मवाद को प्रतिस्थापित किया अनेकांत बाद में विचारों की बहुलता होनी चाहिए कोई भी विचार आए तो सभी को सभी का सम्मान करना चाहिए तथा जो मानव सम्मान पर आधारित हो उसको अपनाना चाहिए दूसरा सिद्धांत स्यादवाद किसी निष्कर्ष पर जाने के लिए विभिन्न विचार के लोगों का दृष्टिकोण जानना चाहिए तब अंतिम निर्णय करना चाहिए तथा तीसरा महत्वपूर्ण सिद्धांत है कर्मवाद सिद्धांत जिसमें कर्म के लिए प्रत्येक जीवात्मा जिम्मेदार है और उसके सुख-दुख का भागीदारहै जीवात्मा कर्म का निर्धारण स्वयं जीवात्मा करती है जो आपको प्रिय है और दूसरे को भी प्रिय है इसी सिद्धांत की दो शब्दों में व्याख्या है जियो और जीने दो अर्थात हमको जीवन दो और आप आजादी से अपना जीवन का उपयोग करो जैन धर्म में 24 तीर्थंकर हुए सभी तीर्थंकर क्षत्रिय समाज से आते थे आज हमें जैन धर्म के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चलना चाहिए तथा यदि क्षत्रियों का सम्मान राज धर्म में ना हो रहा हो तो जैन धर्म को भी अपनाना चाहिए और अपने अहंकार को त्याग कर भगवान महावीर के सिद्धांत को अपनाना चाहिए जय हिंद जय भारत जय भगवान महावीर
अहंकार को त्याग कर भगवान महावीर के सिद्धांत को अपनाना चाहिए :- वरिष्ठ अधिवक्ता आज से लगभग 3199 वर्ष पूर्व भगवान महावीर का जन्म इस धारा संसार में हुआ था उन्होंने सत्य अहिंसा तथा अनेकांतवाद एवं जियो और जीने दे का सिद्धांत दिया था जो आज बहुदेव बाद एवं विविध विचारधारा का मुख्य आधार है भगवान महावीर की जयंती पर हम उनको नमन करते हैं तथा सब सादर प्रणाम करते हैं उनके बताए गए मार्ग पर आज विश्व को चलने की आवश्यकता है डॉक्टर मुरलीधर सिंह अधिवक्ता मा उच्च न्यायालय इलाहाबाद लखनऊ पीठ पूर्व उपनिदेशक मा मुख्यमंत्री मीडिया सेंटर लोक भवन लखनऊ तथा अयोध्या धाम लखनऊ मा उच्च न्यायालय परिसर से भगवान महावीर की 31 मार्च की चैत्र शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी की जयंती के अवसर पर सभी को नमन भगवान महावीर के अहिंसा बात एवं सत्य सिद्धांत की आज विश्व को आवश्यकता आज से लगभग 3199 वर्ष पूर्व भगवान महावीर का जन्म बिहार राज्य के वैशाली जनपद के कुंड ग्राम जिसको कुंदनपुर कहते हैं भगवान महावीर ने हीं (जियो और जीने दो)का सिद्धांत प्रतिपादित किया था आज उसकी आवश्यकता है इनकी मां का नाम त्रिशला था तथा पिता का नाम सिद्धार्थ के बचपन का नाम वर्धमान था मा त्रिशला के गर्भ में आने पर उन्होंने 16-16 सपने देखे थे सभी सपना महापुरुषों के होते हैं तथा कोई भी महापुरुष जब मा के गर्भ में आता है तो इस वक्त सपने दिखाते हैं आज महावीर ने अपने जीवन में 30 साल की उम्र में घर को त्याग किया था तथा 12 वर्ष कठोर तपस्या किया था अपने संदेश में इन्होंने कहा था कि व्यक्ति को किसी चीज की आवश्यकता नहीं चाहे आवास हो चाहे वस्त्र हो चाहे खानपान यदि अपने आप में संयम रखेगा सही पथ पर चलेगा यह सभी चीज उसको मिल जाएगी इन्हीं बातों को लेकर उन्होंने पंचशील सिद्धांत बनाया था जो जैन धर्म के लिए मुख्य सिद्धांत है तथा इसी पर राजनीति में सिद्धांत बनाए जाते हैं भगवान महावीर भगवान राम के ही सूर्यवंश की शाखा में इक्षवाकु वंश के थे क्षत्रिय परिवार के राज पाठ के तरीकों को जानते थे तथा अपने पिता की बड़ी संतान थे उन्हें राज लेने से इनकार कर दिया था इसे छोटे भाई को राज वैशाली का राज दे दिया उस समय 16 गण राज्यों में एक गण राज्यों में एक राज्य था बिहार के मगध राज्य और उसे समय की कलिंग राज प्रसिद्ध थे भगवान महावीर का जन्म ईसापूर्व 599 शताब्दी में हुआ था तथा इनका परिनिर्वाण ईसापूर्व 527 साल में हुआ था वह भी पावापुरी में जो राजगीर के पास स्थित है लगभग 72 साल की उम्र में मैं परिनिर्वाण प्राप्त किया उनके सिद्धांतों को विश्व मान्यता देता है तथा आज उसके और मानने की आवश्यकता है इनका पांच सिद्धांत था सत्य अहिंसा ब्रह्मचर्य अस्तेय अपरिग्रह इसके बाद इन्होंने अपने सिद्धांतों को पहली बार अनेकांतवाद श्यादवाद एवं कर्मवाद को प्रतिस्थापित किया अनेकांत बाद में विचारों की बहुलता होनी चाहिए कोई भी विचार आए तो सभी को सभी का सम्मान करना चाहिए तथा जो मानव सम्मान पर आधारित हो उसको अपनाना चाहिए दूसरा सिद्धांत स्यादवाद किसी निष्कर्ष पर जाने के लिए विभिन्न विचार के लोगों का दृष्टिकोण जानना चाहिए तब अंतिम निर्णय करना चाहिए तथा तीसरा महत्वपूर्ण सिद्धांत है कर्मवाद सिद्धांत जिसमें कर्म के लिए प्रत्येक जीवात्मा जिम्मेदार है और उसके सुख-दुख का भागीदारहै जीवात्मा कर्म का निर्धारण स्वयं जीवात्मा करती है जो आपको प्रिय है और दूसरे को भी प्रिय है इसी सिद्धांत की दो शब्दों में व्याख्या है जियो और जीने दो अर्थात हमको जीवन दो और आप आजादी से अपना जीवन का उपयोग करो जैन धर्म में 24 तीर्थंकर हुए सभी तीर्थंकर क्षत्रिय समाज से आते थे आज हमें जैन धर्म के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चलना चाहिए तथा यदि क्षत्रियों का सम्मान राज धर्म में ना हो रहा हो तो जैन धर्म को भी अपनाना चाहिए और अपने अहंकार को त्याग कर भगवान महावीर के सिद्धांत को अपनाना चाहिए जय हिंद जय भारत जय भगवान महावीर
- प्रयागराज नौकरी दिलाने के नाम पर 4 लाख रुपये ठगने वाले व्यक्ति को महिला ने भरे बाजार में पकड़ लिया, पैसे लेकर फरार हुए आरोपी की महिला ने चप्पलों से पिटाई कर दी, मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया और पुलिस बुलाकर मामला शांत कराया, बाद में थाने में दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ1
- ब्रेकिंग अयोध्या. जाम के झाम से निजात दिलाने के लिए शहर में गरजा बुलडोजर,ग्राउंड जीरो पर उतरे अधिकारी. शहर में जाम की समस्या को खत्म करने के लिए अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। एसपी ट्रैफिक एपी सिंह और एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी के नेतृत्व में कार्रवाई हुई। पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने अभियान को अंजाम दिया। चौक से फतेहगंज तक मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण हटाया गया। दुकानदारों द्वारा सड़क पर रखे गए सामान को जब्त किया गया। दुकानों के सामने खड़ी गाड़ियों का चालान काटा गया। अवैध रूप से चल रहे ई-रिक्शा पर भी कार्रवाई की तैयारी। एसपी ट्रैफिक व एसपी सिटी के अनुसार रोस्टर बनाकर नियमित अभियान चलाया जाएगा। व्यापार मंडल के साथ मिलकर स्थायी समाधान निकालने की योजना। राम मंदिर के बाद बढ़ी श्रद्धालुओं और वाहनों की संख्या से जाम की समस्या बढ़ी, उसी से निपटने के लिए यह कदम उठाया गया। अभियान के तहत सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी, नगर निगम का प्रवर्तन दल व नगर कोतवाल अश्वनी पांडे भी अपने टीम के साथ रहे मौजूद4
- जहां पर उन्होंने प्रभु श्री राम की विधि विधान से पूजा अर्चना की तत्पश्चात बीजेपी सरकार पर हमलावर होते हुए अग्निहोत्री ने कहा हमारी पार्टी के नाम में ही बसे हैं राम साथ ही साथ उन्होंने सत्ताधारी दल पर तीखा हमला बोलते हुए भारतीय जनता पार्टी को भस्मासुर पार्टी' करार दिया। और आरोप लगाया कि यह पार्टी कॉर्पोरेट की तरह काम कर रही है और सवर्ण/सनातनी समाज को प्रताड़ित कर रही है, जिस अयोध्या की धरती से भाजपा ने अपनी राजनीतिक पहचान बनाई थी आज उसी पावन धरा से उनके पतन की शुरुआत होने जा रही है। अलंकार अग्निहोत्री ने अपनी पार्टी के नाम की महत्ता बताते हुए कहा कि हमारी पार्टी 'राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा' के नाम में ही स्वयं प्रभु श्री राम समाहित हैं जो अधर्म के नाश का प्रतीक है। उन्होंने अपनी यात्रा को दैवीय संकेत बताते हुए साझा किया कि जैसे ही रामनगरी की सीमा में कदम रखा। तो मुझे एहसास हुआ कि सर्व समाज के उत्थान का समय आ गया है। वही मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने समाज के हर वर्ग चाहे वह सरकारी अधिकारी हो या आम जनता सभी का मानसिक और आर्थिक शोषण करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। विपक्षी हमलों और जांच एजेंसियों के डर पर बेबाकी से जवाब देते हुए अग्निहोत्री ने चुनौती दी कि मेरे पीछे ईडी सीबीआई या जितनी भी खुफिया एजेंसियां हैं, सब लगा दी जाएं, लेकिन मैं सर्व समाज की आवाज बुलंद करता रहूंगा। जब जब पत्रकार साथियों ने सवाल किया गया कि आप सरकारी नौकरी छोड़ने के बाद बिना पैसों के वे इतना बड़ा अभियान कैसे चला रहे हैं, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि हमारा समाज ही हमारी ताकत है,उन्होंने साफ कहा कि हमें न दारू बांटनी है और न ही दिखावा करना है, हम साधारण लोग हैं और साधारण जनता के हितों की बात करेंगे। भ्रष्टाचार से कमाने वालों को सोचने की जरूरत है हमें नहीं। उन्होंने भीड़ तंत्र पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भीड़ से केवल दिखावा हो सकता है लेकिन भीड़ कभी वोट की गारंटी नहीं होती; जनता अब जागरूक हो चुकी है और साइलेंट तरीके से अपना काम करेगी। उन्हें विश्वास है कि लोग खुद जागरूकता के साथ उनके संदेश को आगे बढ़ाएंगे और साल 2027 में एक बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिलेगा। इस दौरान उन्होंने समाजसेवी अर्चना तिवारी, कृपा निधान तिवारी, रामानंदन त्रिपाठी, दिग्विजय शुक्ला,वरुण शुक्ला ,गुलशन तिवारी के साथ कई घंटों तक विशेष रणनीति पर गंभीर चर्चा की, साथ ही साथ भावुक होते हुए कहा कि प्रभु श्री राम अयोध्या नगरी और सनातन धर्म हमारे हृदय में बसते हैं और इन्हीं आदर्शों को लेकर हम आगे बढ़ेंगे। इस अवसर पर मुख्य रूप से वेद पांडे,प्रतीक पाठक,अशोक तिवारी,बृजेश सिंह,अजय श्रीवास्तव,काजल पाठक,अभय मिश्रा राजन पांडे, राजेश नारायण तिवारी सोनू और केशव सहित बड़ी संख्या में अयोध्या वासी वह पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे।3
- Post by A news 881
- मौलवी खुद अपने मुसलमान लोगो को खुले मंच से बता रहा है कि ज्यादा पाप मत करो ये मुल्ला मौलवी खुद अपने मुसलमान लोगो को खुले मंच से बता रहा है कि ज्यादा पाप मत करो रे वरना "कल्कि" अगर अवतार ले लिया तो तुममें से कोई नहीं बचेगा ,,रावण को मारने राम जी आए महाभारत करवाने कृष्णा आए तुम्हारा भी पाप सर के ऊपर जा रहा कल्कि अवतरित हुआ उसी सर को धड़ से अलग कर देगा क्योंकि कल्कि सभी सिद्धियों का ज्ञाता होगा और कल्कि विष्णु का अब तक का सबसे फॉयरेस्ट अवतार है - मुल्ला ,,इस मुल्ले मौलवी को सुने और सभी मुल्ले मुल्लियों तक ये वीडियो पहुंचाए1
- अयोध्या उसुरू स्थित न्यू कॉलोनी युवक ने फांसी के फंदे पर लटक कर आत्महत्या कर लिया आयुष्मान पांडे पुत्र उमेश कुमार पांडे ग्राम खजूरी पोस्ट तरौली तहसील मिल्कीपुर1
- Post by UP 42 Ayodhya Live1
- मुज़फ्फरनगर खतौली मे सड़क हादसे के दौरान खबर बना रहे पत्रकार के साथ खतौली थाने मे तैनात दरोगा कर्मवीर ने की अभद्रता.अभद्रता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल1