उज्जैन में घरों और गाड़ियों के शीशे तोड़ने और हथियारों से इलाके में दहशत फैलाने वाले बदमाशो का पुलिस ने निकाला जुलूस... चिमनगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत बाफना पार्क और ढांचा भवन इलाके में पुलिस ने उन बदमाशों का जुलूस निकाला, जिन्होंने हाल ही में क्षेत्र में तोड़फोड़ कर दहशत फैलाई थी। पुलिस की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य आम लोगों के मन से अपराधियों का डर खत्म करना था। इस घटना से जुड़ी प्रमुख जानकारी इस प्रकार है: विवाद का कारण: यह पूरा मामला एमआर-5 रोड पर एक कार वाशिंग सेंटर पर शुरू हुआ था। संचालक शेरान अली ने समय की कमी के कारण बदमाशों की कार धोने से मना कर दिया था, जिसका बदला लेने के लिए बदमाशों ने हिंसक हमला किया। दहशत का मंजर: 16-17 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात करीब 1 से 2 बजे के बीच, लाठी-डंडों, चाकू और तलवार से लैस 10-12 बदमाशों ने इलाके में जमकर उत्पात मचाया। बदमाशों ने: घरों पर पथराव किया और खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। डॉ. प्रदीप अग्रवाल की कार सहित करीब 4 वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। एक सेवानिवृत्त शिक्षिका अफरोज के घर के बाहर खड़ी कार और शेरान अली की बाइक को भी नुकसान पहुँचाया। पुलिस की कार्रवाई और जुलूस: शिकायत मिलने के बाद एसपी प्रदीप शर्मा के निर्देश पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनके नाम किशन अहिरवार, विकास सिरोली (या सरोनिया) और विशाल सिरोली हैं। पैदल वंदना: पुलिस ने पकड़े गए इन तीनों आरोपियों का उसी क्षेत्र में पैदल जुलूस निकाला जहाँ उन्होंने आतंक मचाया था। इस दौरान आरोपियों से जनता के सामने माफी भी मंगवाई गई। उज्जैन पुलिस वर्तमान में इस घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों (लगभग 2 अन्य) की तलाश कर रही है।
उज्जैन में घरों और गाड़ियों के शीशे तोड़ने और हथियारों से इलाके में दहशत फैलाने वाले बदमाशो का पुलिस ने निकाला जुलूस... चिमनगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत बाफना पार्क और ढांचा भवन इलाके में पुलिस ने उन बदमाशों का जुलूस निकाला, जिन्होंने हाल ही में क्षेत्र में तोड़फोड़ कर दहशत फैलाई थी। पुलिस की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य आम लोगों के मन से अपराधियों का डर खत्म करना था। इस घटना से जुड़ी प्रमुख जानकारी इस प्रकार है: विवाद का कारण: यह पूरा मामला एमआर-5 रोड पर एक कार वाशिंग सेंटर पर शुरू हुआ था। संचालक शेरान अली ने समय की कमी के कारण बदमाशों की कार धोने से मना कर दिया था, जिसका बदला लेने के लिए बदमाशों ने हिंसक हमला किया। दहशत का मंजर: 16-17 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात करीब 1 से 2 बजे के बीच, लाठी-डंडों, चाकू और तलवार से लैस 10-12 बदमाशों ने इलाके में जमकर उत्पात मचाया। बदमाशों ने: घरों पर पथराव किया और खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। डॉ. प्रदीप अग्रवाल की कार सहित करीब 4 वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। एक सेवानिवृत्त शिक्षिका अफरोज के घर के बाहर खड़ी कार और शेरान अली की बाइक को भी नुकसान पहुँचाया। पुलिस की कार्रवाई और जुलूस: शिकायत मिलने के बाद एसपी प्रदीप शर्मा के निर्देश पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनके नाम किशन अहिरवार, विकास सिरोली (या सरोनिया) और विशाल सिरोली हैं। पैदल वंदना: पुलिस ने पकड़े गए इन तीनों आरोपियों का उसी क्षेत्र में पैदल जुलूस निकाला जहाँ उन्होंने आतंक मचाया था। इस दौरान आरोपियों से जनता के सामने माफी भी मंगवाई गई। उज्जैन पुलिस वर्तमान में इस घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों (लगभग 2 अन्य) की तलाश कर रही है।
- यह वाकया कॉलेज मोड़ के पास हुआ, जब वे अपनी जनसभा खत्म करने के बाद हेलीपैड की ओर जा रहे थे। मुख्य बातें: स्थानीय स्वाद: पीएम मोदी एक छोटी सी सड़क किनारे की दुकान पर रुके और वहां के विक्रेता से बात की। लोगों के साथ जुड़ाव: उन्होंने न केवल खुद झालमुड़ी का लुत्फ उठाया, बल्कि वहां मौजूद उत्साहित भीड़ के बीच इसे बांटा भी। सोशल मीडिया पर चर्चा: इस पल के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुईं, जिन्हें लोगों ने उनके "जमीनी जुड़ाव" के रूप में देखा।1
- Post by Raj malviya1
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- डीडी एमपी न्यूज़ की खबर आप तक1
- सुल्तानपुर में दो नाबालिगों के बीच चाकू बाजी दो गंभीर घायल एक किया जिला अस्पताल रेफर पुलिस ने संभाला मोर्चा स्थिति नियंत्रण1
- Post by PS24NEWS2
- एमपी के किसानों के लिए खुशखबरी!1
- कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देशानुसार मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद, द्वारा जिले भर में “जल गंगा संवर्धन अभियान” संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में पिपरिया विकासखंड के ग्राम महलवाड़ा में नवांकुर संस्था आराध्या समाज कल्याण समिति एवं ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के संयुक्त तत्वावधान में आज दिन रविवार को शाम 5:00 बजे श्रमदान के माध्यम से तालाब का गहरीकरण एवं साफ-सफाई कार्य किया गया। अभियान के दौरान ग्रामीणों एवं कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए जल स्रोतों के संरक्षण के महत्व को समझा और सक्रिय सहभागिता निभाई। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने जल संवर्धन एवं संरक्षण की शपथ भी ली। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संचयन, जल स्रोतों का पुनर्जीवन एवं जल संकट से निपटने के लिए जनभागीदारी को बढ़ावा देना है। अभियान के माध्यम से ग्रामीणों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है तथा सामुदायिक प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिल रही है।1