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शासन की योजनाओं से नागरिकों का जीवन बदल रहा है, जहाँ जनकल्याण शिविरों के माध्यम से लोगों को लाभ मिल रहा है। इन शिविरों में नागरिकों को एक ही स्थान पर आवेदन करने, अपना पंजीयन कराने और विभिन्न योजनाओं का हितलाभ प्राप्त करने की सुविधा प्रदान की गई, जिससे वे आसानी से लाभान्वित हो सके।
Samarpit sahu
शासन की योजनाओं से नागरिकों का जीवन बदल रहा है, जहाँ जनकल्याण शिविरों के माध्यम से लोगों को लाभ मिल रहा है। इन शिविरों में नागरिकों को एक ही स्थान पर आवेदन करने, अपना पंजीयन कराने और विभिन्न योजनाओं का हितलाभ प्राप्त करने की सुविधा प्रदान की गई, जिससे वे आसानी से लाभान्वित हो सके।
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- बालाघाट में मलय ग्रुप के फ्लेमिंगो वाटर पार्क में एक बड़ी चूक सामने आई है, जहाँ एक 3 वर्षीय मासूम बच्चे को करंट लग गया। इस घटना के बाद, बालाघाट पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे को सीपीआर देकर उसकी जान बचाई।1
- बालाघाट जिले में खेती की बढ़ती लागत, मजदूरों की कमी और कृषि कार्यों को समय पर पूरा करने की चुनौतियों के बीच, किसान अब आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कृषि विभाग के मार्गदर्शन और नवीन कृषि यंत्रों की उपलब्धता से, किसानों में डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) पद्धति के प्रति तेजी से जागरूकता बढ़ रही है। इसी क्रम में कटंगी विकासखंड के ग्राम कामठी के प्रगतिशील किसान श्री देवीप्रसाद भगत ने अपने 15 एकड़ खेत में सुपर सीडर मशीन के माध्यम से डीएसआर पद्धति से धान की बुआई करके एक मिसाल कायम की है। उन्होंने इतने बड़े रकबे में आधुनिक तकनीक से धान की सीधी बुवाई कर यह साबित किया है कि वैज्ञानिक खेती से कम लागत में भी अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। श्री देवीप्रसाद भगत का कहना है कि पारंपरिक धान रोपाई पद्धति में अधिक मजदूरों की आवश्यकता होती है, जबकि वर्तमान में मजदूरों की उपलब्धता एक बड़ी समस्या है। सुपर सीडर मशीन से डीएसआर पद्धति अपनाने से न केवल समय की बचत हुई, बल्कि रोपाई, नर्सरी तैयार करने और अतिरिक्त श्रम पर होने वाला खर्च भी काफी कम हो गया। इसी तरह ग्राम सावरी के किसान राधेलाल भैरम और देवकरण भैरम ने भी अपने खेतों में सुपर सीडर मशीन से डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई कर आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति अपनी सकारात्मक सोच का परिचय दिया है। इन किसानों ने बताया कि मशीन से बुवाई करने पर कम समय में अधिक क्षेत्र कवर हो जाता है और फसल की शुरुआती बढ़वार भी बेहतर रहती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, डीएसआर पद्धति धान उत्पादन की एक उन्नत तकनीक है, जिसमें खेत में सीधे बीज की बुवाई की जाती है। यह पद्धति पानी और श्रम लागत की बचत करती है, और समय पर बुवाई होने से फसल की उत्पादकता में वृद्धि की संभावना भी रहती है। साथ ही, यह तकनीक खेत की मिट्टी की संरचना और उर्वरता बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध हो रही है। कृषि विस्तार अधिकारी सुश्री वंदना धुर्वे ने बताया कि कटंगी क्षेत्र में किसानों द्वारा बड़े पैमाने पर डीएसआर तकनीक अपनाए जाने से अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं। कृषि विभाग का मानना है कि यदि अधिक किसान इस पद्धति को अपनाते हैं, तो खेती की लागत कम होने के साथ-साथ किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। जिले के प्रगतिशील किसानों द्वारा आधुनिक तकनीकों को अपनाने से यह स्पष्ट हो रहा है कि कृषि अब परंपरागत तरीकों से आगे बढ़कर वैज्ञानिक एवं यंत्रीकृत खेती की ओर तेजी से अग्रसर है। डीएसआर पद्धति का बढ़ता दायरा जिले के कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक और परिवर्तनकारी पहल के रूप में उभर रहा है।4
- बालाघाट जिले की प्रसिद्ध हट्टा बावली के पास हट्टा निवासी 28 वर्षीय कुलदीप सोनी का शव बरामद हुआ है। प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि उनकी गला रेतकर हत्या की गई है। पुलिस घटना के हर पहलू पर गहनता से जाँच कर रही है।1
- लांजी पुलिस ने अवैध रेत परिवहन के मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम बापड़ी स्थित बाघ नदी के कच्चे रास्ते पर नदी की तरफ से आ रहे दो ट्रैक्टरों की ट्रॉलियों में रेत खनिज भरा पाया गया। ड्राइवरों से जब इस रेत खनिज के परिवहन संबंधी रॉयल्टी या वैध दस्तावेजों के बारे में पूछा गया, तो वे कोई भी रॉयल्टी या दस्तावेज नहीं दिखा पाए। इसके बाद, वाहन चालक उमेश पिता प्यारेलाल घोरमारे और मोहनलाल पिता टेकचंद दमाहे, जो ग्राम बापड़ी के निवासी हैं, के खिलाफ अपराध क्रमांक 214/26 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। पुलिस ने ट्रैक्टर, ट्रॉली और अवैध खनिज (रेत) को जब्त कर लिया है।1
- सिवनी कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना मंगलवार को कुरई विकासखंड मुख्यालय पहुँचीं और वहाँ आयोजित विकासखंड स्तरीय जनसुनवाई में सीधे आमजनों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित नागरिकों की विभिन्न समस्याओं, शिकायतों और माँगों को सुना, जिसका मुख्य उद्देश्य जनसमस्याओं का समाधान करना था। जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिवनी श्रीमती अंजली शाह, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कुरई श्री प्रशांत उइके सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों का त्वरित, संवेदनशील और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। विभिन्न विभागों के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी भी जनसुनवाई में मौजूद रहकर नागरिकों की समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई कर रहे थे। प्रशासन का यह प्रयास है कि प्रत्येक आवेदक की समस्या का समयबद्ध तरीके से निराकरण सुनिश्चित हो, और शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुँच सके।2
- सिवनी में लोकायुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनादौन अपर कलेक्टर के रीडर माधव प्रसाद तिवारी को ₹20 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने यह गिरफ्तारी उपभोक्ता फोरम कार्यालय के पास की। बताया गया है कि माधव प्रसाद तिवारी ने गंगाढाना गांव, ब्लॉक छपारा के निवासी फरियादी ठाकुर संतोष सिंह सिसोदिया से बिना अनुमति पेड़ काटने के एक प्रकरण में लगी जुर्माना कार्रवाई को निरस्त करने और मामले का निराकरण कराने के एवज में यह रिश्वत मांगी थी।1
- बालाघाट के गर्रा स्थित नव-निर्मित राजा भोज रेलवे ओवरब्रिज के नामकरण को लेकर चल रहे विवाद के बीच, पंवार समाज ने पूर्व सांसद कंकर मुंजारे द्वारा की गई कथित बयानबाजी का कड़ा विरोध दर्ज कराया है। समाज के पदाधिकारियों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपनी आपत्ति व्यक्त की। पंवार समाज का कहना है कि राजा भोज भारतीय इतिहास के एक महान शासक रहे हैं और उनके नाम को लेकर की गई किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक बयानबाजी समाज की भावनाओं को आहत करने वाली है। यह विरोध विशेष रूप से ओवरब्रिज के नामकरण से जुड़े विवादित बयानों को लेकर था। समाज के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि वे राजा भोज रेलवे ओवरब्रिज के नामकरण विवाद पर संबंधित बयानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हैं।3
- कटंगी में परिजनों ने एक शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका यह आक्रोश एक ओमनी वाहन से हुई मौत के बाद जागा, जब इस घटना को कथित तौर पर बाइक दुर्घटना बताया गया। इसी गलत जानकारी के चलते परिजन भड़क उठे और उन्होंने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रदर्शन का सहारा लिया।1