शहडोल में विश्व पर्यावरण दिवस और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र में प्राकृतिक खेती और मिलेट्स (मोटे अनाज) आधारित खेती पर एक कार्यशाला-सह-संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में किसान, प्रगतिशील कृषक, जनप्रतिनिधि और कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने का संकल्प लिया। मुख्य अतिथि जयसिंहनगर विधायक मनीषा सिंह ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यह न केवल पर्यावरण के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि मानव स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी लाभकारी है। उन्होंने गाय, गोबर, गौमूत्र के उपयोग और देशी पशु प्रजातियों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया, ताकि पारंपरिक तकनीकों को बढ़ावा देकर रासायनिक निर्भरता कम की जा सके और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बनी रहे। कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सहायक संचालक कृषि अनुराग पटेल ने बताया कि जिले में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन और परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक 4,125 किसानों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित किया गया है, और सभी प्राकृतिक खेती करने वालों के मृदा नमूने लेकर मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। शहडोल जिले में कोदो, कुटकी और रागी जैसे मोटे अनाज प्राकृतिक विधि से उगाए जा रहे हैं, जिनमें रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं किया जाता। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. मृगेंद्र सिंह ने प्राकृतिक खेती की आवश्यकता और उसके दूरगामी लाभों पर विस्तृत जानकारी दी, जबकि कृषक वैज्ञानिक डॉ. बृज किशोर प्रजापति ने रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए बताया कि अत्यधिक रसायनों के प्रयोग से मिट्टी की जैविक और भौतिक गुणवत्ता प्रभावित होती है, जिससे उपजाऊ शक्ति लगातार घटती है। उन्होंने जीवामृत के प्रयोग और उसके महत्व पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रगतिशील कृषक राम कुशल पटेल ने पेड़ों के नीचे प्राकृतिक विधि से हल्दी, अदरक, सूरन और विभिन्न औषधीय फसलों की खेती के अपने अनुभव साझा किए और कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त करने के व्यावहारिक सुझाव दिए। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित किसानों और जनप्रतिनिधियों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त वितरण कार्यक्रम का वैद्यक्कीय प्रसारण भी दिखाया गया। इस कार्यशाला में जनपद अध्यक्ष सोहागपुर हीरावती कोल, जिला योजना समिति की सदस्य श्रीमती अमिता चपरा, कृषि मोर्चा के रवि त्रिपाठी, सुरेश चतुर्वेदी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी चंद्रभान सिंह, शिशुपाल सिंह के साथ-साथ कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में प्राकृतिक खेती से जुड़े प्रगतिशील किसान भी मौजूद रहे।
शहडोल में विश्व पर्यावरण दिवस और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र में प्राकृतिक खेती और मिलेट्स (मोटे अनाज) आधारित खेती पर एक कार्यशाला-सह-संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में किसान, प्रगतिशील कृषक, जनप्रतिनिधि और कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने का संकल्प लिया। मुख्य अतिथि जयसिंहनगर विधायक मनीषा सिंह ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यह न केवल पर्यावरण के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि मानव स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी लाभकारी है। उन्होंने गाय, गोबर, गौमूत्र के उपयोग और देशी पशु प्रजातियों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया, ताकि पारंपरिक तकनीकों को बढ़ावा देकर रासायनिक निर्भरता कम की जा सके और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बनी रहे। कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सहायक संचालक कृषि अनुराग पटेल ने बताया कि जिले में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन और परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक 4,125 किसानों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित किया गया है, और सभी प्राकृतिक खेती करने वालों के मृदा नमूने लेकर मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। शहडोल जिले में कोदो, कुटकी और
रागी जैसे मोटे अनाज प्राकृतिक विधि से उगाए जा रहे हैं, जिनमें रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं किया जाता। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. मृगेंद्र सिंह ने प्राकृतिक खेती की आवश्यकता और उसके दूरगामी लाभों पर विस्तृत जानकारी दी, जबकि कृषक वैज्ञानिक डॉ. बृज किशोर प्रजापति ने रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए बताया कि अत्यधिक रसायनों के प्रयोग से मिट्टी की जैविक और भौतिक गुणवत्ता प्रभावित होती है, जिससे उपजाऊ शक्ति लगातार घटती है। उन्होंने जीवामृत के प्रयोग और उसके महत्व पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रगतिशील कृषक राम कुशल पटेल ने पेड़ों के नीचे प्राकृतिक विधि से हल्दी, अदरक, सूरन और विभिन्न औषधीय फसलों की खेती के अपने अनुभव साझा किए और कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त करने के व्यावहारिक सुझाव दिए। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित किसानों और जनप्रतिनिधियों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त वितरण कार्यक्रम का वैद्यक्कीय प्रसारण भी दिखाया गया। इस कार्यशाला में जनपद अध्यक्ष सोहागपुर हीरावती कोल, जिला योजना समिति की सदस्य श्रीमती अमिता चपरा, कृषि मोर्चा के रवि त्रिपाठी, सुरेश चतुर्वेदी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी चंद्रभान सिंह, शिशुपाल सिंह के साथ-साथ कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में प्राकृतिक खेती से जुड़े प्रगतिशील किसान भी मौजूद रहे।
- मध्य प्रदेश पुलिस के मुखिया और DGP श्री कैलाश मकवाणा जी ने हाल ही में एक शानदार संगीतमय प्रस्तुति दी है। उन्होंने इस अवसर पर गीत गाकर अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिसकी सराहना की गई।1
- कोरिया जिले के सोनहत के नौगई क्षेत्र में हुए एक हत्याकांड के मामले में पाँच अपराधियों ने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वाले इन पाँचों अपराधियों को पटना थाना क्षेत्र में पैदल मार्च कराया गया।1
- डिंडोरी जिले के शहपुरा विकासखंड के ग्राम ढोढ़ा में 19 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मध्य जनकल्याणकारी योजना के क्रियान्वयन के अंतर्गत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक कार्यशाला सह संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस आयोजन में कुल 216 किसानों ने भाग लिया, जहाँ उन्हें प्राकृतिक खेती के महत्व, पर्यावरण संरक्षण और खेती के बीच गहरे संबंधों, तथा प्राकृतिक तरीकों को अपनाकर खेती करने की तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। किसानों को यह भी बताया गया कि प्राकृतिक खेती से मृदा स्वास्थ्य का संरक्षण होता है, पर्यावरण संतुलन बना रहता है और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा मिलता है। कार्यक्रम के दौरान, किसानों को प्रगतिशील कृषक श्री बिहारी लाल साहू जी के जैविक केंद्र और बीआरसी यूनिट का भ्रमण कराया गया। इस भ्रमण में किसानों ने जैविक खाद के निर्माण की प्रक्रिया और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। जनप्रतिनिधियों में, जिला अध्यक्ष श्री चमरू सिंह नेताम ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने से उनकी आय में वृद्धि होती है और रासायनिक खाद के उपयोग पर होने वाले खर्च में कमी आती है। उन्होंने जैविक खेती के महत्व पर जोर देते हुए किसानों को गाय, भैंस और बकरी पालन को एक व्यवसाय के रूप में अपनाने, शुद्ध दूध प्राप्त करने और जैविक खाद के माध्यम से खेतों की उर्वरता बढ़ाते हुए दूध की बिक्री से अतिरिक्त आय अर्जित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उपाध्यक्ष श्री ज्ञानेन्द्र त्रिपाठी ने भी संगोष्ठी को संबोधित करते हुए स्वयं के किसान परिवार से होने और नियमित रूप से प्राकृतिक खेती व जैविक खाद का उपयोग करने का अनुभव साझा किया, जिससे उत्पादन में वृद्धि और लागत में कमी आने से अधिक लाभ होता है। उन्होंने सभी किसान भाइयों से प्राकृतिक खेती को अपनाकर स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपील की। इस कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों में जिला अध्यक्ष श्री चमरू सिंह नेताम, उपाध्यक्ष श्री ज्ञानदीप त्रिपाठी, श्री आशीष वैश्य, श्री राहुल पांडे, श्री घनश्याम कछवाहा, श्री विष्णु प्रसाद साहू, और किसान संघ अध्यक्ष श्री बिहारी लाल साहू उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त, परियोजना संचालक आत्मा श्री आर.पी.एस. नायक, उपसंचालक कृषि श्री संजय दोषी, उप परियोजना संचालक आत्मा श्रीमती रुचि टेकाम, एसएडीओ शहपुरा श्री गुमान सिंह चौहान, कृषि विज्ञान केंद्र से वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री के.के. देशमुख, श्रीमती गीता सिंह, एटीएम श्री विनय टेकाम (मेहंदवानी) सहित तहसीलदार श्री रामप्रसाद मार्को, मत्स्य विभाग, पशुपालन विभाग और जन अभियान परिषद के अधिकारीगण भी उपस्थित थे। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक कर उन्हें अधिक से अधिक पर्यावरण-अनुकूल एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ना था।4
- चिरमिरी पुलिस ने लोगों को निवेश पर 10 प्रतिशत मासिक लाभ और 10 माह में राशि दोगुनी करने का झांसा देकर ₹72 लाख की ठगी करने वाले आरोपी विकास घोघाल (27) को बिलासपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने क्रिप्टो करेंसी, ऑनलाइन ट्रेडिंग और अन्य व्यवसायों में निवेश के नाम पर चिरमिरी निवासी अनवर मोहम्मद से ₹10 लाख, तापस बनर्जी से ₹28 लाख और जॉय बंधोपाध्याय से ₹30 लाख रुपये प्राप्त किए थे। इस तरह कुल ₹72 लाख की ठगी की गई। थाना चिरमिरी में दर्ज अपराध की जांच के दौरान, पुलिस ने बैंक लेन-देन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी विकास घोघाल को पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से एक कार और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, और मामले की विस्तृत जांच अभी भी जारी है।1
- छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले को दहला देने वाले 'नौगई तिहरे हत्याकांड' में आज एक बड़ी सफलता मिली है। 16 जून की रात एक बीजेपी नेता सहित तीन बेगुनाहों को कार में पेट्रोल डालकर जिंदा फूंकने वाले इस जघन्य नरसंहार के मामले में पुलिस के बढ़ते दबाव और चौतरफा नाकेबंदी के आगे बेबस होकर 4 अन्य आरोपियों ने मनेन्द्रगढ़ में आत्मसमर्पण कर दिया है।2
- कोरिया के नौगई में हुए तिहरे हत्याकांड मामले में चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना में कार में आग लगाने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। मामले के सभी आरोपियों ने, जिनमें मनोज त्रिपाठी भी शामिल हैं, मनेन्द्रगढ़ सिटी कोतवाली में आत्मसमर्पण किया है। इस दौरान एसपी रत्ना सिंह भी कोतवाली पहुंचीं।1
- अनूपपुर जिले में चचाई पुलिस की हिरासत से बीते 15 जून को फरार हुए चोरी के आरोपी को जैतहरी पुलिस ने फिर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मंगेश सिंह, जो मोटरसाइकिल चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, वह 15 जून को अमलाई थाना के सामने से पुलिस अभिरक्षा से भाग निकला था। इस घटना में हुई लापरवाही के बाद पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब ने एक प्रधान आरक्षक को निलंबित कर दिया था, वहीं दो सहायक उप निरीक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए थे। फरार आरोपी को डायल 112 की टीम ने जैतहरी से पकड़ा है।1
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले के कठौतिया गाँव में चोरी के संदेह में ग्रामीणों द्वारा बेरहमी से की गई मारपीट में गंभीर रूप से घायल एक युवक की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के सागर जिले के पमखेड़ी निवासी राजकुमार के रूप में हुई है, जो अपनी पत्नी परमिला के साथ अपने ससुराल कठौतिया आया हुआ था। घटना 14 जून की रात की है, जब पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के बाद वे ग्राम बिछली के पास पहुँचे। यहीं पर कुछ ग्रामीणों ने चोरी के शक में उनकी पिटाई कर दी। इस मारपीट में राजकुमार बुरी तरह घायल हो गया, जबकि उसकी पत्नी को भी चोटें आईं। घायल राजकुमार को पहले मनेंद्रगढ़ अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। दुर्भाग्यवश, उपचार के दौरान ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जाँच शुरू कर दी है। अब पुलिस मामले में हत्या की धारा जोड़कर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।1