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बिलासपुर सेंट्रल यूनिवर्सिटी में धार्मिक टिप्पणी पर बवाल, व्हाट्सएप चैट से शुरू हुआ विवाद बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में धार्मिक टिप्पणियों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। लॉ विभाग के एक छात्र पर भगवान राम सहित अन्य महापुरुषों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि विवेकानंद हॉस्टल के रूम नंबर 47 में व्हाट्सएप चैट से शुरू हुआ विवाद छात्रों के दो गुटों में टकराव तक पहुंच गया। मामले में तूफान नायक का नाम सामने आया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और मामला पुलिस तक पहुंचने की संभावना है।

2 hrs ago
user_द संक्षेप
द संक्षेप
Media company बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago

बिलासपुर सेंट्रल यूनिवर्सिटी में धार्मिक टिप्पणी पर बवाल, व्हाट्सएप चैट से शुरू हुआ विवाद बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में धार्मिक टिप्पणियों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। लॉ विभाग के एक छात्र पर भगवान राम सहित अन्य महापुरुषों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि विवेकानंद हॉस्टल के रूम नंबर 47 में व्हाट्सएप चैट से शुरू हुआ विवाद छात्रों के दो गुटों में टकराव तक पहुंच गया। मामले में तूफान नायक का नाम सामने आया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और मामला पुलिस तक पहुंचने की संभावना है।

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  • मुंगेली पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए थाना जरहागांव क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम तरकीडीह में कच्ची महुआ शराब बनाकर बेच रहे आरोपी राजेंद्र बंजारे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से 55 लीटर अवैध शराब जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग 5500 रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई एसएसपी भोजराम पटेल के निर्देशन में की गई। #MungeliPolice #LiquorRaid #MahuaSharab #PoliceAction #ChhattisgarhNews #BreakingNews #CrimeNews #IllegalLiquor #PoliceRaid #CGPolice
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    मुंगेली पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए थाना जरहागांव क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम तरकीडीह में कच्ची महुआ शराब बनाकर बेच रहे आरोपी राजेंद्र बंजारे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से 55 लीटर अवैध शराब जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग 5500 रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई एसएसपी भोजराम पटेल के निर्देशन में की गई।
#MungeliPolice #LiquorRaid #MahuaSharab #PoliceAction #ChhattisgarhNews #BreakingNews #CrimeNews #IllegalLiquor #PoliceRaid #CGPolice
    user_CG RIGHT TIMES NEWS
    CG RIGHT TIMES NEWS
    पत्रकार Pathariya, Mungeli•
    8 hrs ago
  • सोशल मीडिया के विवाद ने लिया हिंसक रूप धमकी भरा पोस्ट देखने के बाद युवकों ने मारपीट कर किया जिंदा जलाने की कोशिश सिटी कोतवाली पुलिस ने 1 नाबालिक समेत 9 आरोपीयो को किया गिरफ्तार खोरसीनाला के पास हुई थी घटना युवक को बुलाकर किया गया हमला क्रिकेट बैट, स्टिक और डंडों से बेरहमी से मारपीट फिर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश इंस्टाग्राम पोस्ट बना विवाद की वजह, धमकी भरे स्टेटस से नाराज थे आरोपी
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    सोशल मीडिया के विवाद ने लिया हिंसक रूप
धमकी भरा पोस्ट देखने के बाद युवकों ने मारपीट कर किया जिंदा जलाने की कोशिश 
सिटी कोतवाली पुलिस ने 1 नाबालिक समेत 9 आरोपीयो को किया गिरफ्तार
खोरसीनाला के पास हुई थी घटना युवक को बुलाकर किया गया हमला
क्रिकेट बैट, स्टिक और डंडों से बेरहमी से मारपीट फिर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश
इंस्टाग्राम पोस्ट बना विवाद की वजह, धमकी भरे स्टेटस से नाराज थे आरोपी
    user_Yogesh Yadav
    Yogesh Yadav
    बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • सुशासन तिहार में होगा समस्याओं का समाधान ।
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    सुशासन तिहार में होगा समस्याओं का समाधान ।
    user_Dwarika prasad Yadaw
    Dwarika prasad Yadaw
    हरदीबाजार, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • Post by गोविंद राम 9294731537
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    Post by गोविंद राम 9294731537
    user_गोविंद राम 9294731537
    गोविंद राम 9294731537
    Palari, Baloda Bazar•
    1 hr ago
  • छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के बसंतपुर थाना से सामने आया मामला सिर्फ एक चोरी का नहीं, बल्कि पूरे पुलिस सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है। जब पुलिस कस्टडी में रखी गई संपत्ति ही सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक खुद को कितना सुरक्षित महसूस करेगा—यही सबसे बड़ा सवाल बनकर उभरा है। क्या है पूरा मामला? उत्तर प्रदेश निवासी मटुकधारी अपने पिकअप वाहन (UP 64 CT 4056) में 67 बोरी धान लेकर छत्तीसगढ़ आ रहे थे। इसी दौरान बसंतपुर थाना पुलिस ने वाहन को रोका और बाद में उसे अपने कब्जे में ले लिया। वाहन को थाना परिसर में रखा गया तहसीलदार के आदेश से वाहन जब्त किया गया 24 अप्रैल 2026 को कोर्ट आदेश के बाद वाहन रिलीज हुआ लेकिन जब मालिक गाड़ी लेने पहुंचे, तो मामला पलट चुका था। क्या-क्या गड़बड़ी सामने आई? वाहन मालिक के अनुसार— गाड़ी के 2 नए टायर गायब उनकी जगह पुराने और सड़े टायर लगाए गए 67 बोरी में से 4 बोरी धान कम मौके पर पहुंचे पत्रकार ने भी इन तथ्यों की पुष्टि की, जिससे संदेह और गहरा गया कि मामला साधारण लापरवाही नहीं हो सकता। पीड़ित का सीधा सवाल “जब थाना ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे होगी?” मटुकधारी ने साफ कहा कि जब तक उनका पूरा सामान वापस नहीं मिलता, वे वाहन नहीं ले जाएंगे। पुलिस की प्रतिक्रिया पुलिस अधीक्षक से संपर्क नहीं हो सका डीएसपी विश्व दीपक त्रिपाठी ने जांच का भरोसा दिया दोषियों पर कार्रवाई की बात कही गई उठते बड़े सवाल क्या पुलिस कस्टडी में भी चोरी संभव है? क्या यह अंदरूनी मिलीभगत का मामला है? जब्त वाहनों की सुरक्षा का जिम्मेदार कौन? पहले भी हो चुका है ऐसा मामला यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले सरगुजा जिले के दरिमा थाना में भी ऐसा ही मामला सामने आया था— जब्त ट्रैक्टर से टायर और पार्ट्स चोरी जांच में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आई आरोपी: संतोष कुमार गुप्ता (प्रधान आरक्षक) जगेश्वर बघेल (आरक्षक) कार्रवाई: तत्कालीन एसपी विजय अग्रवाल ने सख्त कदम उठाए एक को डिमोट किया गया, दूसरे को न्यूनतम वेतनमान पर रखा गया क्या फिर दोहराया गया वही पैटर्न? बसंतपुर का ताजा मामला पुराने केस की तरह ही संकेत दे रहा है— जब्त संपत्ति की सुरक्षा में भारी चूक निगरानी व्यवस्था कमजोर जवाबदेही तय नहीं निष्कर्ष लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से यह साफ है कि— थानों में जब्त वाहनों की सुरक्षा अभी भी चुनौती बनी हुई है आंतरिक निगरानी और पारदर्शिता की कमी है सख्त और त्वरित कार्रवाई की जरूरत है अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि प्रशासन इस बार क्या कदम उठाता है— क्या सिर्फ जांच होगी, या सिस्टम में बदलाव भी देखने को मिलेगा?
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    छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के बसंतपुर थाना से सामने आया मामला सिर्फ एक चोरी का नहीं, बल्कि पूरे पुलिस सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है। जब पुलिस कस्टडी में रखी गई संपत्ति ही सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक खुद को कितना सुरक्षित महसूस करेगा—यही सबसे बड़ा सवाल बनकर उभरा है।
क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश निवासी मटुकधारी अपने पिकअप वाहन (UP 64 CT 4056) में 67 बोरी धान लेकर छत्तीसगढ़ आ रहे थे। इसी दौरान बसंतपुर थाना पुलिस ने वाहन को रोका और बाद में उसे अपने कब्जे में ले लिया।
वाहन को थाना परिसर में रखा गया
तहसीलदार के आदेश से वाहन जब्त किया गया
24 अप्रैल 2026 को कोर्ट आदेश के बाद वाहन रिलीज हुआ
लेकिन जब मालिक गाड़ी लेने पहुंचे, तो मामला पलट चुका था।
क्या-क्या गड़बड़ी सामने आई?
वाहन मालिक के अनुसार—
गाड़ी के 2 नए टायर गायब
उनकी जगह पुराने और सड़े टायर लगाए गए
67 बोरी में से 4 बोरी धान कम
मौके पर पहुंचे पत्रकार ने भी इन तथ्यों की पुष्टि की, जिससे संदेह और गहरा गया कि मामला साधारण लापरवाही नहीं हो सकता।
पीड़ित का सीधा सवाल
“जब थाना ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे होगी?”
मटुकधारी ने साफ कहा कि जब तक उनका पूरा सामान वापस नहीं मिलता, वे वाहन नहीं ले जाएंगे।
पुलिस की प्रतिक्रिया
पुलिस अधीक्षक से संपर्क नहीं हो सका
डीएसपी विश्व दीपक त्रिपाठी ने जांच का भरोसा दिया
दोषियों पर कार्रवाई की बात कही गई उठते बड़े सवाल
क्या पुलिस कस्टडी में भी चोरी संभव है?
क्या यह अंदरूनी मिलीभगत का मामला है?
जब्त वाहनों की सुरक्षा का जिम्मेदार कौन?
पहले भी हो चुका है ऐसा मामला
यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले सरगुजा जिले के दरिमा थाना में भी ऐसा ही मामला सामने आया था—
जब्त ट्रैक्टर से टायर और पार्ट्स चोरी
जांच में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आई
आरोपी:
संतोष कुमार गुप्ता (प्रधान आरक्षक)
जगेश्वर बघेल (आरक्षक)
कार्रवाई:
तत्कालीन एसपी विजय अग्रवाल ने सख्त कदम उठाए
एक को डिमोट किया गया, दूसरे को न्यूनतम वेतनमान पर रखा गया
क्या फिर दोहराया गया वही पैटर्न?
बसंतपुर का ताजा मामला पुराने केस की तरह ही संकेत दे रहा है—
जब्त संपत्ति की सुरक्षा में भारी चूक
निगरानी व्यवस्था कमजोर
जवाबदेही तय नहीं
निष्कर्ष
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से यह साफ है कि—
थानों में जब्त वाहनों की सुरक्षा अभी भी चुनौती बनी हुई है
आंतरिक निगरानी और पारदर्शिता की कमी है
सख्त और त्वरित कार्रवाई की जरूरत है
अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि प्रशासन इस बार क्या कदम उठाता है—
क्या सिर्फ जांच होगी, या सिस्टम में बदलाव भी देखने को मिलेगा?
    user_Pavan Baghel
    Pavan Baghel
    टिल्डा, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • बांग्लादेश में रास्ते को लेकर बवाल, लाठी-डंडों से हुई मारपीट बांग्लादेश के एक इलाके में मामूली रास्ते के विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। जानकारी के मुताबिक, दो पक्षों के बीच रास्ते के इस्तेमाल को लेकर पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों तरफ से लोगों ने लाठी-डंडे उठाकर एक-दूसरे पर हमला कर दिया। सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग डरकर इधर-उधर भागने लगे। इस घटना में कई लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात को काबू में किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, वहीं इलाके में तनाव को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
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    बांग्लादेश में रास्ते को लेकर बवाल, लाठी-डंडों से हुई मारपीट
बांग्लादेश के एक इलाके में मामूली रास्ते के विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। जानकारी के मुताबिक, दो पक्षों के बीच रास्ते के इस्तेमाल को लेकर पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों तरफ से लोगों ने लाठी-डंडे उठाकर एक-दूसरे पर हमला कर दिया। सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग डरकर इधर-उधर भागने लगे।
इस घटना में कई लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात को काबू में किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, वहीं इलाके में तनाव को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
    user_Anuj avasthi
    Anuj avasthi
    Korba, Chhattisgarh•
    8 hrs ago
  • मुंगेली पुलिस लाइन में “डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक एवं डीएनए साक्ष्य” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस अधिकारियों को आधुनिक तकनीकी साक्ष्यों के संग्रहण, संरक्षण और उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। फॉरेन्सिक विशेषज्ञों ने डिजिटल डेटा, सीसीटीवी फुटेज और डीएनए साक्ष्यों की अहम भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। इस पहल से अपराध अनुसंधान को और अधिक सशक्त और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। #MungeliPolice #DigitalEvidence #DNATest #ForensicScience #CyberCrime #PoliceTraining #ChhattisgarhNews #Investigation #CrimeNews #TechnologyInPolice
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    मुंगेली पुलिस लाइन में “डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक एवं डीएनए साक्ष्य” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस अधिकारियों को आधुनिक तकनीकी साक्ष्यों के संग्रहण, संरक्षण और उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। फॉरेन्सिक विशेषज्ञों ने डिजिटल डेटा, सीसीटीवी फुटेज और डीएनए साक्ष्यों की अहम भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। इस पहल से अपराध अनुसंधान को और अधिक सशक्त और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
#MungeliPolice #DigitalEvidence #DNATest #ForensicScience #CyberCrime #PoliceTraining #ChhattisgarhNews #Investigation #CrimeNews #TechnologyInPolice
    user_CG RIGHT TIMES NEWS
    CG RIGHT TIMES NEWS
    पत्रकार Pathariya, Mungeli•
    22 hrs ago
  • पुलिस थाना पलारी की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पीएसीएल यानी पल्स इंडिया कंपनी लिमिटेड के दो फरार आरोपियों को उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से हिरासत में लिया है। दोनों आरोपी जिला जेल उरई में एक अन्य मामले में बंद थे, जिन्हें न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत पलारी पुलिस ने गिरफ्तार किया। इस मामले में आरोप है कि कंपनी के डायरेक्टर और एजेंटों ने लोगों को ज्यादा ब्याज का लालच देकर पैसा निवेश कराया, लेकिन समय पूरा होने के बाद भी रकम वापस नहीं की। इस ठगी में कुल 128 निवेशकों से करीब 38 लाख 18 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई। मामला साल 2016 में थाना पलारी में दर्ज हुआ था, जिसमें पहले ही 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि बाकी की तलाश जारी थी। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देश पर फरार आरोपियों की तलाश तेज की गई, जिसके बाद इन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। पूछताछ में आरोपियों ने ठगी करना स्वीकार भी किया है।
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    पुलिस थाना पलारी की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पीएसीएल यानी पल्स इंडिया कंपनी लिमिटेड के दो फरार आरोपियों को उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से हिरासत में लिया है। दोनों आरोपी जिला जेल उरई में एक अन्य मामले में बंद थे, जिन्हें न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत पलारी पुलिस ने गिरफ्तार किया। इस मामले में आरोप है कि कंपनी के डायरेक्टर और एजेंटों ने लोगों को ज्यादा ब्याज का लालच देकर पैसा निवेश कराया, लेकिन समय पूरा होने के बाद भी रकम वापस नहीं की। इस ठगी में कुल 128 निवेशकों से करीब 38 लाख 18 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई। मामला साल 2016 में थाना पलारी में दर्ज हुआ था, जिसमें पहले ही 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि बाकी की तलाश जारी थी। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देश पर फरार आरोपियों की तलाश तेज की गई, जिसके बाद इन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। पूछताछ में आरोपियों ने ठगी करना स्वीकार भी किया है।
    user_Yogesh Yadav
    Yogesh Yadav
    बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • भारत की मिट्टी में ऐसा कौन सा राज छुपा है ।
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    भारत की मिट्टी में ऐसा कौन सा राज छुपा है ।
    user_Dwarika prasad Yadaw
    Dwarika prasad Yadaw
    हरदीबाजार, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
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