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NH highway per nale ki samasya NH highway per sadepur Gora bajar Raebareli PAC colony ke pass khuli nali ek sal se padi Hui Hai jise najar Andaaz Kiya ja raha hai Aaye din ismein gay kutte adami adi girte Hain ismein laparvahi ka natija hai kripya ise jald se jald banvaya jaaye 1 sal se khuli nali padi Hui Hai isko banvane se logon Ko Rahat milegi
Pankaj kumar
NH highway per nale ki samasya NH highway per sadepur Gora bajar Raebareli PAC colony ke pass khuli nali ek sal se padi Hui Hai jise najar Andaaz Kiya ja raha hai Aaye din ismein gay kutte adami adi girte Hain ismein laparvahi ka natija hai kripya ise jald se jald banvaya jaaye 1 sal se khuli nali padi Hui Hai isko banvane se logon Ko Rahat milegi
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- तिरंगा मेले में गूंजा राष्ट्रप्रेम का संदेश, डीएम ने महिलाओं का बढ़ाया उत्साह तिरंगा मेले में गूंजा राष्ट्रप्रेम का संदेश, डीएम ने महिलाओं का बढ़ाया उत्साह रायबरेली। हर घर तिरंगा अभियान के तहत सामुदायिक केंद्र रतापुर में तिरंगा मेला, म्यूजिकल कॉन्सर्ट व प्रदर्शनी का आयोजन हुआ। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। डीएम ने स्वयं सहायता समूहों के स्टॉलों का निरीक्षण कर महिलाओं के स्वदेशी उत्पादों की सराहना की और खरीदारी कर उनका उत्साह बढ़ाया। सीडीओ अंजुलता ने अभियान को जनआंदोलन बनाने पर जोर दिया।1
- लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर स्वप्न दृष्टा ही नहीं संकल्प दृष्टा थी - अभिलाष कौशल ऊंचाहार , रायबरेली लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर केवल स्वप्न दृष्टा ही नहीं, बल्कि संकल्प सृष्टा थीं। उन्होंने जो भी संकल्प लिए उन्हें पूरा किया। शिवजी की अनन्य भक्त देवी अहिल्या न केवल कुशल शासक थीं, बल्कि उनकी सैन्य प्रतिभा भी अतुलनीय थी। यह विचार भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रांतीय मंत्री अभिलाष कौशल ने क्षेत्र के कंदरावा गांव में लोक माता अहिल्याबाई होल्कर की पुण्य तिथि पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए । कार्यक्रम का आयोजन भाजपा की मंडल मंत्री रीना पाल ने किया था । कार्यक्रम में अभिलाष कौशल ने कहा कि हमारा इतिहास ऐसी दो महान घटनाओं का साक्षी है, जब पत्थर प्राणवान हो उठे थे। एक तो तब जब भगवान राम के संस्पर्श से पाषाणी अहिल्या जीवंत हुईं और दूसरी तब जब दासता के शाप से अभिशप्त पाषाण हुए लोक ने, दैवीय संवेदना के स्पर्श से उस पवित्र वत्सलता को जन्म दिया ,जिसे पीढ़ियां लोकमाता अहिल्या के नाम से संबोधित करती आई हैं। अहिल्या माँ साब, जगत के मातृत्व की पर्याय हैं। वे राजमाता नहीं लोकमाता हैं। कार्यक्रम की आयोजक रीना पाल ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई का जीवन सेवा, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उनके आदर्शों को अपनाकर ही समाज और राष्ट्र को नई दिशा दी जा सकती है।इस अवसर पर गुड्डन यादव, विजयपाल, मनोज पाल ,अमरेश पाल,रोहित पाल ,राजकुमार पाल ,राजेंद्र पाल ,अवधेश पाल ,बाबू लाल पाल ,पल्लू पाल ,सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित एवं समाज सेवा के संकल्प के साथ हुआ।2
- रायबरेली जिले के डीह विकास खंड कार्यालय में जनप्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में पंचायत चुनाव जल्द कराए जाने की मांग की गई है। रायबरेली जिले के डीह विकास खंड कार्यालय में जनप्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में पंचायत चुनाव जल्द कराए जाने की मांग की गई है। यह जानकारी 13 अगस्त 2026 को दोपहर 1:30 बजे प्राप्त हुई। डीह विकासखंड के जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में विकास खंड कार्यालय पहुंचे। इस दौरान जितेंद्र यादव की अगुवाई में उन्होंने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा, जिसमें आगामी पंचायत चुनावों को शीघ्र संपन्न कराने का आग्रह किया गया है। जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले माह की 15 सितंबर 2026 तक पंचायत चुनावों की घोषणा नहीं की जाती है, तो वे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।1
- लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर स्वप्न दृष्टा ही नहीं संकल्प दृष्टा थी - अभिलाष कौशल लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर स्वप्न दृष्टा ही नहीं संकल्प दृष्टा थी - अभिलाष कौशल ऊंचाहार, रायबरेली। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर केवल स्वप्न दृष्टा ही नहीं, बल्कि संकल्प सृष्टा थीं। उन्होंने जो भी संकल्प लिए उन्हें पूरा किया। शिवजी की अनन्य भक्त देवी अहिल्या न केवल कुशल शासक थीं, बल्कि उनकी सैन्य प्रतिभा भी अतुलनीय थी। यह विचार भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रांतीय मंत्री अभिलाष कौशल ने क्षेत्र के कंदरावा गांव में लोक माता अहिल्याबाई होल्कर की पुण्य तिथि पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए । कार्यक्रम का आयोजन भाजपा की मंडल मंत्री रीना पाल ने किया था । कार्यक्रम में अभिलाष कौशल ने कहा कि हमारा इतिहास ऐसी दो महान घटनाओं का साक्षी है, जब पत्थर प्राणवान हो उठे थे। एक तो तब जब भगवान राम के संस्पर्श से पाषाणी अहिल्या जीवंत हुईं और दूसरी तब जब दासता के शाप से अभिशप्त पाषाण हुए लोक ने, दैवीय संवेदना के स्पर्श से उस पवित्र वत्सलता को जन्म दिया ,जिसे पीढ़ियां लोकमाता अहिल्या के नाम से संबोधित करती आई हैं। अहिल्या माँ साब, जगत के मातृत्व की पर्याय हैं। वे राजमाता नहीं लोकमाता हैं। कार्यक्रम की आयोजक रीना पाल ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई का जीवन सेवा, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उनके आदर्शों को अपनाकर ही समाज और राष्ट्र को नई दिशा दी जा सकती है।इस अवसर पर गुड्डन यादव, विजयपाल, मनोज पाल ,अमरेश पाल,रोहित पाल ,राजकुमार पाल ,राजेंद्र पाल ,अवधेश पाल ,बाबू लाल पाल ,पल्लू पाल ,सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित एवं समाज सेवा के संकल्प के साथ हुआ।3
- लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर स्वप्न दृष्टा ही नहीं संकल्प दृष्टा थी - अभिलाष कौशल ऊंचाहार, रायबरेली। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर केवल स्वप्न दृष्टा ही नहीं, बल्कि संकल्प सृष्टा थीं। उन्होंने जो भी संकल्प लिए उन्हें पूरा किया। शिवजी की अनन्य भक्त देवी अहिल्या न केवल कुशल शासक थीं, बल्कि उनकी सैन्य प्रतिभा भी अतुलनीय थी। यह विचार भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रांतीय मंत्री अभिलाष कौशल ने क्षेत्र के कंदरावा गांव में लोक माता अहिल्याबाई होल्कर की पुण्य तिथि पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए । कार्यक्रम का आयोजन भाजपा की मंडल मंत्री रीना पाल ने किया था । कार्यक्रम में अभिलाष कौशल ने कहा कि हमारा इतिहास ऐसी दो महान घटनाओं का साक्षी है, जब पत्थर प्राणवान हो उठे थे। एक तो तब जब भगवान राम के संस्पर्श से पाषाणी अहिल्या जीवंत हुईं और दूसरी तब जब दासता के शाप से अभिशप्त पाषाण हुए लोक ने, दैवीय संवेदना के स्पर्श से उस पवित्र वत्सलता को जन्म दिया ,जिसे पीढ़ियां लोकमाता अहिल्या के नाम से संबोधित करती आई हैं। अहिल्या माँ साब, जगत के मातृत्व की पर्याय हैं। वे राजमाता नहीं लोकमाता हैं। कार्यक्रम की आयोजक रीना पाल ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई का जीवन सेवा, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उनके आदर्शों को अपनाकर ही समाज और राष्ट्र को नई दिशा दी जा सकती है।इस अवसर पर गुड्डन यादव, विजयपाल, मनोज पाल ,अमरेश पाल,रोहित पाल ,राजकुमार पाल ,राजेंद्र पाल ,अवधेश पाल ,बाबू लाल पाल ,पल्लू पाल ,सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित एवं समाज सेवा के संकल्प के साथ हुआ।1
- 15 अगस्त 2026 को नव युवा संगठन के द्वारा भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया है यह तिरंगा यात्रा रायबरेली के लाल ऋषि स्कूल रामलीला मैदान से शहर के प्रमुख मार्ग का ब्राह्मण करते हुए शहीद स्मारक पहुंचे युवा संगठन के वैभव सिन्हा ने दी जानकारी 15 अगस्त 2026 को नव युवा संगठन के द्वारा भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया है यह तिरंगा यात्रा रायबरेली के लाल ऋषि स्कूल रामलीला मैदान से शहर के प्रमुख मार्ग का ब्राह्मण करते हुए शहीद स्मारक पहुंचे युवा संगठन के वैभव सिन्हा ने दी जानकारी1
- जम्मू कश्मीर में बाढ़ से भीषण तबाही,तीन मंजिला मकान पानी के जलजले में ढहा1