पटना के बेउर थाना क्षेत्र में शनिवार को दिनदहाड़े एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसका शव बाईपास किनारे निदान अस्पताल के पास संदिग्ध अवस्था में मिला, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान नत्थूपुर निवासी आनंद कुमार के रूप में हुई है, जो मूलतः नत्थूपुर गांव का रहने वाला था, लेकिन पिछले कुछ समय से हरिणीचक स्थित अपनी ससुराल में रह रहा था। स्थानीय लोगों ने शनिवार करीब 11 बजे बाईपास किनारे शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद बेउर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही परिजन शव को अपने घर ले जा चुके थे। इसके बाद पुलिस हरिणीचक स्थित आनंद कुमार की ससुराल पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एम्स पटना भेज दिया। बताया गया है कि आनंद कुमार के सिर के पिछले हिस्से में सटाकर गोली मारी गई थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। फुलवारी डीएसपी-1 सुशील कुमार ने भी पुष्टि की है कि युवक के कान के पीछे सिर में गोली मारने का निशान मिला है। मृतक के चचेरे भाई ने इस हत्या के पीछे जमीन विवाद को मुख्य वजह बताया है। उनका आरोप है कि गोतिया पोटाली राय और राजू राय के साथ जमीन को लेकर आनंद का लंबे समय से विवाद चल रहा था, और इसी रंजिश में उसकी हत्या की गई है। परिजनों ने मामले में कुछ लोगों को नामजद करते हुए पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। डीएसपी ने यह भी बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आनंद कुमार पहले एक कोरियर कंपनी में काम करता था और नालंदा जिले में कोरियर कंपनी से जुड़ी लूटपाट के एक मामले में वह जेल भी जा चुका था। करीब छह से सात माह पहले ही वह जेल से छूटकर बाहर आया था और फिलहाल जमीन के कारोबार से जुड़ा हुआ था। परिजनों ने हत्या करने वालों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी है, लेकिन उनका आरोप है कि गोतिया परिवार से चल रहे जमीन विवाद के कारण उन्हीं लोगों ने हत्या करवाई है। घटना की सूचना मिलते ही बेउर थाना अध्यक्ष और फुलवारी डीएसपी-1 सुशील कुमार मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है और घटनास्थल के साथ-साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। हत्या के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए तकनीकी और मानवीय दोनों स्तरों पर अनुसंधान किया जा रहा है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
पटना के बेउर थाना क्षेत्र में शनिवार को दिनदहाड़े एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसका शव बाईपास किनारे निदान अस्पताल के पास संदिग्ध अवस्था में मिला, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान नत्थूपुर निवासी आनंद कुमार के रूप में हुई है, जो मूलतः नत्थूपुर गांव का रहने वाला था, लेकिन पिछले कुछ समय से हरिणीचक स्थित अपनी ससुराल में रह रहा था। स्थानीय लोगों ने शनिवार करीब 11 बजे बाईपास किनारे शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद बेउर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही परिजन शव को अपने घर ले जा चुके थे। इसके बाद पुलिस हरिणीचक स्थित आनंद कुमार की ससुराल पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एम्स पटना भेज दिया। बताया गया है कि आनंद कुमार के सिर के पिछले हिस्से में सटाकर गोली मारी गई थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। फुलवारी डीएसपी-1 सुशील कुमार ने भी पुष्टि की है कि युवक के कान के पीछे सिर में गोली मारने का निशान मिला है। मृतक के चचेरे भाई ने इस हत्या के पीछे जमीन विवाद को मुख्य वजह बताया है। उनका आरोप है कि गोतिया पोटाली राय और राजू राय के साथ जमीन को लेकर आनंद का लंबे समय से विवाद चल रहा था, और इसी रंजिश में उसकी
हत्या की गई है। परिजनों ने मामले में कुछ लोगों को नामजद करते हुए पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। डीएसपी ने यह भी बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आनंद कुमार पहले एक कोरियर कंपनी में काम करता था और नालंदा जिले में कोरियर कंपनी से जुड़ी लूटपाट के एक मामले में वह जेल भी जा चुका था। करीब छह से सात माह पहले ही वह जेल से छूटकर बाहर आया था और फिलहाल जमीन के कारोबार से जुड़ा हुआ था। परिजनों ने हत्या करने वालों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी है, लेकिन उनका आरोप है कि गोतिया परिवार से चल रहे जमीन विवाद के कारण उन्हीं लोगों ने हत्या करवाई है। घटना की सूचना मिलते ही बेउर थाना अध्यक्ष और फुलवारी डीएसपी-1 सुशील कुमार मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है और घटनास्थल के साथ-साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। हत्या के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए तकनीकी और मानवीय दोनों स्तरों पर अनुसंधान किया जा रहा है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
- अल्फा फर्टिलिटी एंड सर्जिकल सेंटर से जुड़ीं डॉक्टर पल्लवी निखार पाल का एक विशेष साक्षात्कार संपन्न हुआ। यह साक्षात्कार प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ के तौर पर आयोजित किया गया था।1
- Post by Kaushal kumar1
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- पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद के भावी उम्मीदवार डॉ. दिव्य ज्योति ने बिहटा के अमहारा स्थित डॉ. अशोक गगन कॉलेज कैंपस में ग्लोबल शिक्षक आईकॉन अवॉर्ड कार्यक्रम का आयोजन किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य निजी और सरकारी शिक्षकों के लिए समान अवसर, महिला शिक्षकों के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण, वित्त रहित शिक्षकों के अधिकार, और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही जैसे मुद्दों को मजबूती से विधान परिषद तक पहुँचाना था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, डॉ. दिव्य ज्योति ने स्पष्ट किया कि एमएलसी फंड किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं है, बल्कि शिक्षक समाज और शिक्षा व्यवस्था के विकास का एक महत्वपूर्ण संसाधन है, जिसका उपयोग पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ किया जाना चाहिए। वहीं, डॉ. अशोक गगन ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक समाज को अब एक ऐसे संघर्षशील, ईमानदार और जवाबदेह नेतृत्व की आवश्यकता है, जो शिक्षकों की आवाज को प्रभावी ढंग से विधान परिषद तक पहुँचा सके। यह शिक्षण संवाद कार्यक्रम देखते ही देखते एक भव्य रूप ले लिया, जहाँ सभी शिक्षकों, विशेषकर महिला शिक्षिकाओं ने 'डॉ. दिव्य ज्योति जिंदाबाद' के नारों से हुंकार भरी। पूरे कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों और अतिथियों में विशेष उत्साह देखने को मिला, और सभी ने प्रतिज्ञा ली कि इस बार पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में परिवर्तन लाना है और शिक्षकों की आवाज बुलंद करते हुए डॉ. दिव्य ज्योति के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना है। कई वक्ताओं ने इस आयोजन को शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायी और सकारात्मक पहल बताया। उपस्थित लोगों ने आग्रह किया कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित होते रहें, ताकि शिक्षा एवं शिक्षक हित से जुड़े मुद्दों पर व्यापक स्तर पर संवाद एवं समाधान का मार्ग प्रशस्त हो सके। कार्यक्रम के दौरान, विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आए शिक्षकों और प्राचार्यों को शिक्षा एवं राष्ट्र निर्माण में उनके विशेष योगदान के लिए प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। प्रसिद्ध साहित्यकार हेमंत कुमार ने मंच समन्वयक के रूप में कार्यक्रम का सफल संचालन किया। इस आयोजन में दिलीप शर्मा, चंदन सिंह, चिंटू पटेल, पीयूष प्रसाद, रणजीत प्रसाद, रवि पासवान, जावेद अंसारी, नितेश कुमार, रितेश कुमार, अजित शर्मा, सुधीर कुमार, संजय कुमार, श्रवण कुमार, ई. आशीष सिन्हा, पंकज रजक सहित सैकड़ों शिक्षक, शिक्षाविद एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। अंत में डॉ. दिव्य ज्योति ने डॉ. अशोक गगन कॉलेज कैंपस, अमहारा, बिहटा, पटना की प्रबंधन समिति के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह शिक्षक सम्मान एवं संवाद कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।1
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश के करेंसी सिस्टम में एक बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है, जिसके तहत जल्द ही ₹100, ₹200 और ₹500 के कागजी नोटों की जगह प्लास्टिक यानी पॉलिमर नोट जारी किए जा सकते हैं। यह कदम देश में करेंसी की टिकाऊपन और सुरक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आरबीआई इस दिशा में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बना रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत, इन नए प्लास्टिक नोटों का कुछ चुनिंदा शहरों में परीक्षण किया जाएगा। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो प्लास्टिक नोटों को धीरे-धीरे पूरे देश में लागू किया जा सकता है, जिससे पूरे करेंसी सिस्टम में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिलेगा। प्लास्टिक नोट कई मायनों में कागजी नोटों से बेहतर माने जाते हैं। ये अधिक टिकाऊ, वाटरप्रूफ और सुरक्षित होते हैं, जिससे ये जल्दी खराब नहीं होते और लंबे समय तक चलते हैं। इससे नोटों की छपाई पर होने वाला भारी खर्च भी कम होने की उम्मीद है। देश में डिजिटल भुगतान और UPI के बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद, नकदी की मांग अभी भी काफी अधिक बनी हुई है। ऐसे में, आरबीआई का यह कदम भारत के करेंसी सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाने में सहायक होगा।1
- अशोक सम्राट को बिहार का सम्राट बताया गया है।1
- बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार सुबह आई तेज आंधी-तूफान और वर्षा के कारण पटना से हावड़ा जाने वाली 22348 वंदे भारत एक्सप्रेस पटना साहिब स्टेशन पर करीब दो घंटे तक खड़ी रही। ट्रेन एक तकनीकी खराबी का शिकार हो गई थी, जिसके चलते यात्रियों के बीच अफरा-तफरी और भारी परेशानी का माहौल बन गया। पटना साहिब स्टेशन के स्टेशन मास्टर उपेंद्र कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह तेज आंधी के कारण गुलजारबाग स्टेशन के नजदीक ट्रेन की छत पर मैनपॉवर बिजली सप्लाई के पास एक फ्लैक्स बैनर उड़कर फंस गया था। इसके कारण पेंटोग्राफ, जो इंजन में बिजली सप्लाई करता है, में तकनीकी खराबी आ गई और ट्रेन के ऊपर से चिंगारी निकलने लगी। स्थिति को भांपते हुए लोको पायलट ने सूझबूझ का परिचय दिया और किसी बड़े हादसे से बचने के लिए ट्रेन को धीरे-धीरे खींचकर पटना साहिब स्टेशन तक पहुंचाया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे की टेक्निकल टीम और टीआरडी विभाग के इंजीनियर मौके पर पहुंचे। उन्होंने सीढ़ी लगाकर ट्रेन के ऊपर चढ़कर फंसे हुए बैनर और कपड़े को हटाया, जिसके बाद तकनीकी जांच और मरम्मत की गई। पटना साहिब जीआरपी प्रभारी ने भी पुष्टि की कि ट्रेन के इंजन में तकनीकी खराबी आने के कारण इसे रोका गया था और रेलवे की टीम ने तुरंत समस्या को दूर कर एक बड़ा हादसा टाल दिया। ट्रेन सुबह लगभग 8:15 बजे से 10:15 बजे तक पटना साहिब पर रुकी रही, जिसके बाद उसे आगे के लिए रवाना किया गया। इस दौरान स्टेशन पर मौजूद यात्रियों में काफी बेचैनी देखने को मिली, क्योंकि कई यात्रियों को कोलकाता पहुंचकर फ्लाइट पकड़नी थी और दो घंटे की देरी से उनकी चिंता बढ़ गई। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से समय पर सही जानकारी नहीं मिलने की भी शिकायत की। तेज आंधी और बारिश के कारण रेलवे परिचालन पर पड़े इस असर की घटना पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही।1
- सुभाष कुमार और गोल्डन दास जी ने 'द इंडियन लेनिन, बाबू जगदेव' नामक फिल्म देखी। यह जानकारी फिल्म देखने पहुंचे इन दोनों प्रमुख व्यक्तियों के संदर्भ में दी गई है।1