ललितपुर के जखौरा थाना क्षेत्र के ग्राम बांसी में चौकी बांसी पुलिस पर एक महिला द्वारा मारपीट किए जाने के आरोपों को पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस ने मामले की गहन जांच के बाद पूरी घटना की सच्चाई उजागर करते हुए एक सीसीटीवी फुटेज जारी किया है, जिससे यह साफ हो गया है कि महिला के घायल होने की वजह पुलिसिया कार्रवाई नहीं, बल्कि मोटरसाइकिल से गिरना था। इस पूरे मामले की शुरुआत ग्राम बांसी में नल से पानी भरने को लेकर दो पक्षों के बीच हुए विवाद से हुई थी। शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई की थी। इसके बाद, सोशल मीडिया पर ग्राम बांसी निवासी करीब 60 वर्षीय श्रीमती पार्वती (पत्नी जगदीश) द्वारा बांसी चौकी पुलिस पर मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि पार्वती को जो भी चोटें आई थीं, वे तालबेहट जाते समय मोटरसाइकिल से अचानक गिरने के कारण लगी थीं। इस सड़क दुर्घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें महिला का मोटरसाइकिल से गिरना स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पार्वती के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी, बल्कि कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए केवल उनकी पुत्री के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की गई थी। इसके चलते महिला द्वारा पुलिस पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह असत्य, निराधार और मनगढ़ंत साबित हुए हैं।
ललितपुर के जखौरा थाना क्षेत्र के ग्राम बांसी में चौकी बांसी पुलिस पर एक महिला द्वारा मारपीट किए जाने के आरोपों को पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस ने मामले की गहन जांच के बाद पूरी घटना की सच्चाई उजागर करते हुए एक सीसीटीवी फुटेज जारी किया है, जिससे यह साफ हो गया है कि महिला के घायल होने की वजह पुलिसिया कार्रवाई नहीं, बल्कि मोटरसाइकिल से गिरना था। इस पूरे मामले की शुरुआत ग्राम बांसी में नल से पानी भरने को लेकर दो पक्षों के बीच हुए विवाद से हुई थी। शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई की थी। इसके बाद, सोशल मीडिया पर ग्राम बांसी निवासी करीब 60 वर्षीय श्रीमती पार्वती (पत्नी जगदीश) द्वारा बांसी चौकी पुलिस पर मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि पार्वती को जो भी चोटें आई थीं, वे तालबेहट जाते समय मोटरसाइकिल से अचानक गिरने के कारण लगी थीं। इस सड़क दुर्घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें महिला का मोटरसाइकिल से गिरना स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पार्वती के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी, बल्कि कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए केवल उनकी पुत्री के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की गई थी। इसके चलते महिला द्वारा पुलिस पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह असत्य, निराधार और मनगढ़ंत साबित हुए हैं।
- ललितपुर जिले की मड़ावरा तहसील के वन ग्राम पापड़ा (बनगुवां) में वन कर्मियों द्वारा मुख्य रास्ते को पत्थर लगाकर बंद किए जाने का मामला सामने आया है। इस कार्रवाई से आक्रोशित ग्रामीणों ने मड़ावरा के एसडीएम को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर रास्ता जल्द से जल्द खुलवाने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्य रास्ता बंद होने की वजह से लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। इस मार्ग के निर्माण कार्य को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत सड़क की नपाई का काम भी पूरा हो चुका है। इसके बावजूद वन कर्मियों द्वारा रास्ते में पत्थर डालकर उसे बंद करना बेहद चिंताजनक है।2
- टीकमगढ़ जिले के दिगौड़ा तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम मऊबुजुर्ग की पहाड़ी पर स्थित प्राचीन शिवालय मंदिर में विकास और जीर्णोद्धार के कार्यों में घटिया निर्माण के गंभीर आरोप लगे हैं। मध्य प्रदेश सरकार के धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग द्वारा कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के प्रयासों से इस मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 23.61 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। इस राशि से मंदिर परिसर और पहाड़ी पर सीढ़ियों के निर्माण का कार्य एस.आर.एन. कन्ट्रक्शन बजरंग खेडा द्वारा कराया जा रहा है, लेकिन ग्रामीणों और मंदिर के पुजारी ने इसे पूरी तरह से गुणवत्ताहीन बताया है। इस घटिया निर्माण को लेकर मंदिर के पुजारी द्वारा दो बार शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। पहली शिकायत 22 जून को और दूसरी 8 जुलाई 2026 को की गई थी, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। कार्रवाई न होने की वजह से उक्त कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा लगातार गुणवत्ताहीन कार्य को ही आगे बढ़ाया जा रहा है।1
- दतिया उपचुनाव में टिकट न मिलने को लेकर गहरा दुख और निराशा व्यक्त की गई है। इस संबंध में अपनी पीड़ा बयां करते हुए कहा गया है कि चुनाव का टिकट न मिलने का दर्द ठीक उसी तरह है, जैसे कोई व्यक्ति विशाल समुद्र के पास मौजूद हो, लेकिन इसके बावजूद उसे पीने के लिए पानी न मिले। यह तुलना दतिया उपचुनाव के दौरान टिकट से वंचित रह जाने की गहरी हताशा को दर्शाती है।1
- टीकमगढ़ के दिगौड़ा कस्बा में मंगलवार की शाम को हाट बाजार के दिन टीकमगढ़-झांसी हाईवे पर वाहनों का भारी जाम लग गया। करीब 20 से 25 मिनट तक लगे इस जाम के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस जाम में दो एंबुलेंस बड़ी देर तक फंसी रहीं। इनमें से एक एंबुलेंस में गर्भवती महिला और दूसरी में प्रसूता महिला सवार थी, जो इस जाम के कारण परेशान होती दिखीं। इस संवेदनशील स्थिति के बावजूद मौके पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या पुलिस मौजूद नहीं थी। बाद में स्थानीय लोगों द्वारा सूचना दिए जाने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद हाईवे पर लगे इस जाम को खुलवाया जा सका।1
- मध्य प्रदेश के छत्तरपुर में बागेश्वर धाम के छोटे भाई शालिग्राम द्वारा कुशवाह समाज के भाइयों की जमीन हड़पने और उन्हें गोली मारने की घटना सामने आई है। इस वारदात में घायल और पीड़ित हुए लोगों से मुलाकात करने के लिए भीम आर्मी की टीम सिविल अस्पताल पहुंच रही है। पीड़ितों से मिलने जा रही इस टीम में आजाद समाज पार्टी - कांशीराम और भीम आर्मी के सुनील बैरासिया, विनोद यादव आंबेडकर, सुनील अस्तेय और नीरज चांदसौरिया आंबेडकर शामिल हैं। मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ के अनुसार इस घटनाक्रम पर लगातार नजर बनी हुई है।1