सोनभद्र में दिनांक 22 जून, 2026 को खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 13 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे हैं। प्रशासन द्वारा मिलावटखोरों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और जनपद में यह जांच कार्रवाई लगातार जारी है। जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ के निर्देशों पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग यह विशेष अभियान चला रहा है, जिसका उद्देश्य जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करना है। इस अभियान के तहत, जिले के विभिन्न विनिर्माण प्रतिष्ठानों तथा थोक व फुटकर विक्रेताओं से मसाले, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, टमाटर कैचअप, मेयोनीज़ समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए गए हैं। इन नमूनों में विशेष रूप से सब्जी मसाला, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, टमाटर कैचअप, ताजा पनीर, फुल क्रीम दूध, घी, मेयोनीज़ और ग्रीन चिली सॉस जैसे उत्पाद शामिल हैं। संग्रहित सभी नमूनों को परीक्षण के लिए राजकीय खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला, लखनऊ भेजा गया है। प्रयोगशाला से रिपोर्ट मिलने के बाद, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जनपद में मिलावटी और मानक-विहीन खाद्य पदार्थों के विरुद्ध यह अभियान निरंतर जारी रहेगा ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिल सके। उन्होंने इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने पर जोर दिया है, क्योंकि गलत खाद्य पदार्थों का सेवन व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
सोनभद्र में दिनांक 22 जून, 2026 को खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 13 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे हैं। प्रशासन द्वारा मिलावटखोरों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और जनपद में यह जांच कार्रवाई लगातार जारी है। जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ के निर्देशों पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग यह विशेष अभियान चला रहा है, जिसका उद्देश्य जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करना है।
इस अभियान के तहत, जिले के विभिन्न विनिर्माण प्रतिष्ठानों तथा थोक व फुटकर विक्रेताओं से मसाले, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, टमाटर कैचअप, मेयोनीज़ समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए गए हैं। इन नमूनों में विशेष रूप से सब्जी मसाला, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, टमाटर कैचअप, ताजा पनीर, फुल क्रीम दूध, घी, मेयोनीज़ और ग्रीन चिली सॉस जैसे उत्पाद शामिल हैं। संग्रहित सभी नमूनों को परीक्षण के लिए राजकीय खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला, लखनऊ भेजा गया है। प्रयोगशाला
से रिपोर्ट मिलने के बाद, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जनपद में मिलावटी और मानक-विहीन खाद्य पदार्थों के विरुद्ध यह अभियान निरंतर जारी रहेगा ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिल सके। उन्होंने इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने पर जोर दिया है, क्योंकि गलत खाद्य पदार्थों का सेवन व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
- सोनभद्र जिले के विंढमगंज थाना क्षेत्र के पकरी गांव में पिता-पुत्र के बीच हुए विवाद ने एक भयावह रूप ले लिया, जहाँ 52 वर्षीय पिता श्रीनाथ की मृत्यु हो गई। आरोप है कि उनके पुत्र सोनू ने एक डंडे से उन पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिसके बाद इलाज के दौरान श्रीनाथ ने दम तोड़ दिया। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने श्रीनाथ के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी पुत्र सोनू को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- एक हैरान कर देने वाली घटना में, पुलिस ने न्यायालय को बताया कि 1 करोड़ रुपये मूल्य का सोना बंदर अपने साथ ले गए हैं। पुलिस द्वारा प्रस्तुत की गई इस विचित्र कहानी को सुनकर न्यायालय भी अत्यधिक क्रोधित हो उठा, जो मामले की गंभीरता और पुलिस के इस दावे के प्रति उसकी असंतुष्टि को दर्शाता है।1
- सोनभद्र जिले के रेडिया गाँव में बच्चों द्वारा आग से खेलते समय एक घर में भीषण आग लग गई। इस घटना में घर के भीतर रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया। आग लगने के तुरंत बाद, गाँव के लोगों ने मिलकर घर में मौजूद लोगों की जान बचाने में सफलता प्राप्त की। हालांकि, वे घर को पूरी तरह से जलने से नहीं रोक पाए। कुछ समय बाद प्रशासन और आग बुझाने वाली गाड़ी मौके पर पहुँची, जिनकी मदद से आग पर काबू पाया गया और घर को पूरी तरह राख होने से बचाया जा सका। इस घटना के बाद, ग्राम पंचायत में लोगों ने प्रभावित परिवार को सरकारी सुविधा के तहत मुआवजा दिलाने के संबंध में बातचीत की है, ताकि उन्हें कुछ आर्थिक सहायता मिल सके।1
- सोनभद्र के म्योरपुर थाना क्षेत्र में पेयजल संकट उस वक्त एक बड़ा मुद्दा बन गया, जब पानी की समस्या से परेशान एक युवक विरोध जताने के लिए 150 फीट ऊंचे ट्रांसमिशन टावर पर चढ़ गया। यह घटना म्योरपुर थाना क्षेत्र के देवरी गांव में हुई। युवक का आरोप था कि गांव में लंबे समय से पानी की समस्या बनी हुई है और ग्राम पंचायत स्तर पर कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदारों ने समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं किया। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और युवक को समझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन युवक समस्या के समाधान का भरोसा मिलने तक नीचे उतरने को तैयार नहीं हुआ। इस दौरान घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई और करीब तीन घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। काफी समझाइश और अधिकारियों द्वारा समस्या के निस्तारण का आश्वासन मिलने के बाद युवक टावर से नीचे उतरने को राजी हुआ। रात करीब आठ बजे युवक के सकुशल नीचे आने पर प्रशासन और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। प्रशासन ने अब पेयजल समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।2
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रेणुकूट मंडल में कई स्थानों पर योग दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान भाजपा के कार्यकर्ताओं सहित रेणुकूट नगर के गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कुशल योग शिक्षकों ने प्रतिभागियों को योग अभ्यास कराया और उन्हें अपने शरीर को स्वस्थ रखने के तरीकों के बारे में भी जानकारी प्रदान की।1
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में पेयजल संकट से नाराज एक युवक 150 फीट ऊंचे ट्रांसमिशन टावर पर चढ़ गया, जिससे क्षेत्र में हाईवोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया। म्योरपुर थाना क्षेत्र के देवरी गांव में यह घटना करीब तीन घंटे तक चली, जिसके बाद प्रशासन के आश्वासन पर युवक सुरक्षित नीचे उतर आया। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने पेयजल समस्या के तत्काल समाधान की मांग उठाई है।1
- सोनभद्र जिले के म्योरपुर थाना क्षेत्र के देवपहरी पहाड़ के पास देवरी गांव में पेयजल संकट से नाराज़ एक युवक करीब 150 फीट ऊंचे ट्रांसमिशन टावर पर चढ़ गया। यह घटना गांव में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या को लेकर विरोध जताने के लिए हुई, जिसके कारण क्षेत्र में हड़कंप मच गया। युवक का आरोप था कि ग्राम प्रधान से कई बार शिकायत के बावजूद भी इस गंभीर समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। उसने मौके पर ग्राम प्रधान को बुलाने और समस्या के समाधान का आश्वासन मिलने तक टावर से नीचे उतरने से इनकार कर दिया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रविकांत मिश्रा पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे, जहां सैकड़ों ग्रामीणों की भारी भीड़ भी जमा हो गई थी। करीब तीन घंटे तक चला यह हाईवोल्टेज ड्रामा तब समाप्त हुआ जब प्रशासन की ओर से पेयजल समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया। रात करीब 8 बजे युवक सुरक्षित टावर से नीचे उतरा, जिसके बाद प्रशासन और ग्रामीणों, दोनों ने राहत की सांस ली।1