Shuru
Apke Nagar Ki App…
Mauganj ka taaja khabar
Lovekush Saket
Mauganj ka taaja khabar
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मधुमक्खियों का हमला! मऊगंज में किसान बाल्मीकि गोस्वामी पर छत्ते से टूट पड़ा झुंड, जान बचाने के लिए नदी में कूदे — अस्पताल में गंभीर हालत, डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी! दीपक सिंह गहरवार विस्तार न्यूज़ मऊगंज ✍️ मो.89650741301
- पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम के पीए पुष्पेंद्र गौतम की एक और कथित रिकॉर्डिंग सामने आई है। ऑडियो में दावा — पूर्व विधानसभा अध्यक्ष आज अनशन पर बैठेंगे… जब तक काम नहीं होंगे, तब तक मैं बैठूंगा। ये प्रदीप पटेल की बात नहीं… मामला ऐसा है कि "सीएम तक हिल जाएगा!" सीएम के लिए ऐसी भाषा का प्रयोग सिविल सेवा आचरण नियम के किस पैराग्राफ में लिखा हुआ है... अब इस कथित ऑडियो ने सियासी हलकों में हलचल और तेज कर दी है। सुनिए… ये कथित रिकॉर्डिंग… Vindhya Pradesh TV न्यूज चैनल इस वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है।1
- जमीनी विवाद में दो पक्षों में जमकर मारपीट, वीडियो वायरल रीवा के कोतवाली थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद को लेकर हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि बड़ी पुल स्थित कब्रगाह के पास दो पक्षों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। सोमवार को राजस्व अमले द्वारा जमीन की नपाई की जा रही थी, इसी दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और जमकर मारपीट होने लगी। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस पूरी घटना का वीडियो किसी ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है, जो अब तेजी से फैल रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।3
- सीधी। जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में गेहूं की कटाई का कार्य अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। अमूमन देखा जाता है कि गेहूं की फसल लेने के बाद किसान भाई मानसून और धान की बुवाई के इंतजार में अपने खेतों को खाली छोड़ देते हैं। लेकिन कृषि विशेषज्ञों और 'विंध्य बलराम' के इस विशेष विश्लेषण के अनुसार, गेहूं की कटाई और खरीफ की बुवाई के बीच के ये 60 से 70 दिन किसानों के लिए 'गोल्डन पीरियड' साबित हो सकते हैं। इस समय को 'जायद' का सीजन कहा जाता है, जिसमें कम पानी और कम समय में तैयार होने वाली फसलें लगाकर किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि इस समय मूंग और उड़द जैसी दलहनी फसलों की बुवाई करना सबसे समझदारी भरा निर्णय है। मूंग की उन्नत किस्में मात्र दो महीने में तैयार हो जाती हैं। दलहनी फसलों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इनकी जड़ें मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाती हैं, जिससे आने वाली धान की फसल में यूरिया और अन्य खादों की जरूरत काफी कम हो जाती है। इससे न केवल लागत घटती है, बल्कि खेत की उपजाऊ शक्ति में भी अभूतपूर्व सुधार होता है। दूसरी ओर, जो किसान भाई नकदी आय (Cash Crop) की तलाश में हैं, उनके लिए सब्जी की खेती एक बेहतरीन विकल्प है। गर्मी के मौसम में बाजार में हरी सब्जियों की मांग और दाम दोनों ही ऊंचे रहते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस समय किसान भाई लौकी, तोरई, करेला, भिंडी, खीरा और ककड़ी जैसी फसलों पर ध्यान दें। ये फसलें 40 से 50 दिनों के भीतर फल देना शुरू कर देती हैं, जिससे किसानों के पास दैनिक आय का जरिया बन जाता है। खासकर भिंडी और ग्वार फली जैसी फसलें भीषण गर्मी को सहने की क्षमता रखती हैं और कम सिंचाई में भी अच्छा उत्पादन देती हैं। इसके साथ ही, पशुपालन से जुड़े किसानों के लिए यह समय हरे चारे के संकट को दूर करने का है। खाली पड़े खेतों में मक्का, ज्वार या लोबिया की बुवाई कर अगले 45 दिनों में पौष्टिक चारा प्राप्त किया जा सकता है, जो गर्मियों में दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन के लिए अत्यंत आवश्यक है। अंत में, 'विंध्य बलराम' के माध्यम से मैं, रुद्र प्रताप सिंह, सभी किसान भाइयों से यह विशेष अपील करता हूँ कि गेहूं की कटाई के बाद बचे हुए अवशेषों (नरवाई) को कतई न जलाएं। नरवाई जलाने से मिट्टी के मित्र कीट मर जाते हैं और जमीन की उर्वरा शक्ति क्षीण होती है। इसके बजाय अवशेषों को खेत में ही जोतकर मिला दें, जिससे मिट्टी को प्राकृतिक खाद मिले। उचित बीज उपचार और समय पर हल्की सिंचाई के साथ जायद की फसलें अपनाकर किसान भाई आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम बढ़ा सकते हैं।4
- प्रयागराज: जनपद के यमुनापार स्थित थाना नैनी पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं। भूतपूर्व सैनिक दिलीप कुमार सिंह के साथ पुलिस द्वारा कथित रूप से बर्बर व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि बिना किसी ठोस कारण के उनके साथ अभद्रता और मारपीट की गई, जिससे इलाके में आक्रोश का माहौल है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है। वहीं, पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।1
- कानपुर नगर जर्जर मकान ढहने से इलाके में मचा हड़कंप *जिलानी लियाकती*1
- Post by Ptrkar deepak Shukla meja1
- दुष्कर्म के अपराधियों के संरक्षक हैं देवतालाव विधायक गिरीश गौतम:- रामबहादुर शर्मा👆 विधायक का प्रतिनिधि जेल में है, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद साल भर दिए संरक्षण देवतालाव में रामराज की जगह करप्शन राज...1