फतेहाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शुक्रवार रात करीब 8:00 बजे अचानक 2 फीट लंबा जहरीला कोबरा निकलने से अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल परिसर में सांप को देखते ही मरीजों, उनके तीमारदारों और स्वास्थ्यकर्मियों में दहशत फैल गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। इसी दौरान सीएचसी के कैंटीन संचालक विष्णु जादौन ने बिना घबराए सतर्कता और सूझबूझ का परिचय दिया और कोबरा को सुरक्षित तरीके से एक बोतल में बंद कर लिया। उनके इस साहसिक कदम से एक बड़ा हादसा टल गया और अस्पताल में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बरसात के मौसम में खेतों और झाड़ियों में पानी भर जाने के कारण जहरीले सांप आबादी वाले क्षेत्रों और सरकारी दफ्तरों का रुख कर रहे हैं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने भविष्य में ऐसे खतरों से बचने के लिए नियमित साफ-सफाई कराने और झाड़ियों की कटाई करने की मांग की है। मामले पर विशेषज्ञों का कहना है कि सांप दिखने पर उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें और बिना प्रशिक्षण उसे पकड़ने का प्रयास न करें। ऐसी स्थिति में वन विभाग या रेस्क्यू टीम को बुलाना सबसे सही उपाय है। हालांकि इस घटना में विष्णु जादौन की सावधानी से बिना किसी जनहानि के सांप को पकड़ लिया गया और अस्पताल परिसर में स्थिति दोबारा सामान्य हो गई।
फतेहाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शुक्रवार रात करीब 8:00 बजे अचानक 2 फीट लंबा जहरीला कोबरा निकलने से अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल परिसर में सांप को देखते ही मरीजों, उनके तीमारदारों और स्वास्थ्यकर्मियों में दहशत फैल गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। इसी दौरान सीएचसी के कैंटीन संचालक विष्णु जादौन ने बिना घबराए सतर्कता और सूझबूझ का परिचय दिया और कोबरा को सुरक्षित तरीके से एक बोतल में बंद कर लिया। उनके इस साहसिक कदम से एक बड़ा हादसा टल गया और अस्पताल में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बरसात के मौसम में खेतों और झाड़ियों में पानी भर
जाने के कारण जहरीले सांप आबादी वाले क्षेत्रों और सरकारी दफ्तरों का रुख कर रहे हैं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने भविष्य में ऐसे खतरों से बचने के लिए नियमित साफ-सफाई कराने और झाड़ियों की कटाई करने की मांग की है। मामले पर विशेषज्ञों का कहना है कि सांप दिखने पर उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें और बिना प्रशिक्षण उसे पकड़ने का प्रयास न करें। ऐसी स्थिति में वन विभाग या रेस्क्यू टीम को बुलाना सबसे सही उपाय है। हालांकि इस घटना में विष्णु जादौन की सावधानी से बिना किसी जनहानि के सांप को पकड़ लिया गया और अस्पताल परिसर में स्थिति दोबारा सामान्य हो गई।
- आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने सीईआईआर (CEIR) पोर्टल के माध्यम से कार्रवाई करते हुए विगत दो महीनों के दौरान गुम हुए 230 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत ₹57.50 लाख (₹57,50,000) बताई गई है। यह सफलता पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार (IPS) के निर्देशन में CCTNS सेल और सर्विलांस सेल द्वारा हासिल की गई है। ट्रेस किए गए सभी 230 मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द कर दिए गए हैं। अपने खोए हुए मोबाइल फोन वापस पाकर नागरिकों ने आगरा पुलिस का आभार व्यक्त किया है। इस कार्रवाई को लेकर पुलिस उपायुक्त नगर (कमिश्नरेट आगरा) सय्यद अली अब्बास ने जानकारी दी।1
- आगरा में कल आ रहे मुख्यमंत्री को जनता की समस्याओं को लेकर 'सिस्टम तो सुधरेगा' संगठन ज्ञापन सौंपेगा। इस बात की जानकारी 'सिस्टम तो सुधरेगा' संगठन के संस्थापक नीरज शर्मा ने दी है।1
- मुरैना जिले के पोरसा में नशे की लत से परेशान एक युवक द्वारा खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। घटना की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान गांधी नगर गंगा राम बाली गली निवासी 19 वर्षीय सर्वेश पुत्र राजू राठौर के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सर्वेश लंबे समय से नशे की गंभीर लत का शिकार था। बताया जा रहा है कि वह अटेर रोड स्थित अग्रवाल मेडिकल से नशे के इंजेक्शन खरीदकर लाता था और उनका सेवन करता था। खुदकुशी करने से पहले युवक ने एक वीडियो बनाकर कहा कि वह अब तक लगभग 10 से 12 लाख रुपये के नशे के इंजेक्शन लगा चुका है। लगातार नशे की गिरफ्त में रहने के कारण युवक मानसिक और आर्थिक रूप से बेहद परेशान रहने लगा था। इसी परेशानी के चलते उसने अपने अवैध कट्टे से खुद को गोली मार ली, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। इसके साथ ही, मृतक युवक द्वारा मेडिकल स्टोर से नशे के इंजेक्शन बेचे जाने के आरोपों की भी पुलिस की तरफ से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।1
- चंबल अंचल के दो जवानों का शुक्रवार को निधन हो गया, जिसके बाद उन्हें सैन्य सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन किया गया। अंबाह के रहने वाले सीआरपीएफ के एसआई विनीत कुमार श्रीवास्तव पुणे के खजूरी रोड में पदस्थ थे, जहाँ ध्यान और पूजा करने के बाद अचानक छाती में जलन व घबराहट हुई और हृदय गति रुकने से ऑन ड्यूटी उनका निधन हो गया। वर्ष 1990 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए विनीत कुमार श्रीवास्तव की अंतिम यात्रा के दौरान अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के सेवकों द्वारा राह में पुष्प वर्षा की गई। मुक्तिधाम में सीआरपीएफ के कंपनी कमांडर सुरेश कुमार, संघ के प्रदेश अध्यक्ष और सेवकों ने उन्हें अंतिम पुष्पांजलि अर्पित कर सलामी दी। वहीं पोरसा के धनेटा निवासी मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री के हवलदार कुलदीप तिवारी का भी बीमारी के चलते असमय निधन हो गया। अंतिम संस्कार के समय जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें अंतिम सलामी दी। इस दौरान 'भारत माता की जय' के जयघोषों के साथ पूरा वातावरण देशभक्ति के माहौल और शोक में डूबा रहा।1
- गोवर्धन के गिरिराज जी धाम में गुरु पूर्णिमा मेले के पावन अवसर पर सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग में पिछले 3 दिनों से विशाल भंडारा चलाया जा रहा है। कस्वा महुआ निवासी गिरिराज महाराज के भक्त विनीत कुमार बंसल अपने सहयोगियों के साथ मिलकर बाहर से आ रहे सभी श्रद्धालुओं को प्रेमपूर्वक भोजन सेवा प्रदान कर रहे हैं। इस भंडारे में भक्तों को सब्जी-पूरी, पनीर-चावल के साथ भल्ले-टिक्की जैसे व्यंजन परोसे जा रहे हैं, जो श्रद्धालुओं को खूब पसंद आ रहे हैं। आयोजक विनीत कुमार बंसल ने बताया कि यह सातवीं बार है जब वे इस भंडारे का आयोजन कर रहे हैं। शुरुआत में वे अपने एक मित्र की मदद करने आए थे, जहाँ से उन्हें खुद भंडारा लगाने की प्रेरणा मिली और तब से यह सेवा लगातार जारी है। इस सेवा कार्य में ब्रजेश बंसल, चंद्रप्रकाश बंसल, पूर्व चेयरमैन विजेंदर गुर्जर, कमलेश योगी और नवल सिंह राजपूत सहित कई सहयोगी अपना निरंतर योगदान दे रहे हैं।4
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक मामले को लेकर हो रहे प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधी रात को लाइव आकर वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है, बल्कि यह छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए बेहद पीड़ादायक है। प्रधानमंत्री ने बताया कि बीते ढाई महीनों में इस मामले में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं और गुनहगारों को पकड़कर जेल में डाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी विद्यार्थियों का एक साल बर्बाद होने से बचाना था। इसी को ध्यान में रखते हुए कम से कम समय में 22 लाख विद्यार्थियों की परीक्षा कराने का पूरा इंतजाम किया गया और 19 जुलाई को इसका परिणाम भी घोषित कर दिया गया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि वे सिर्फ इतने पर ही संतोष मानने वालों में से नहीं हैं। उन्होंने बताया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर कानूनी कार्रवाई का मसौदा तैयार कर लिया गया है, जिस पर कैबिनेट में चर्चा कर इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। सोमवार से शुरू हो रहे संसद के दूसरे सत्र में इस बिल को जल्द से जल्द पारित कराने का प्रयास किया जाएगा।1
- आगरा के विकास खण्ड अछनेरा की ग्राम पंचायत रुनकता स्थित जगरैला मोहल्ले के ग्रामीण और किसान नेता 25 जुलाई से जिला मुख्यालय पर 36 घंटे का धरना प्रदर्शन करेंगे। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 25 जुलाई से शुरू हो रहे दो दिवसीय आगरा दौरे के दौरान ग्रामीणों ने यह कदम रास्ते की मरम्मत और जलभराव की समस्या की ओर उनका ध्यान आकृष्ट कराने के लिए उठाने का फैसला किया है। जगरैला मोहल्ले के करीब 200 परिवार पिछले 20 वर्षों से रास्ते में जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं और इसके समाधान के लिए पिछले 40 दिनों से लगातार क्रमिक आंदोलन कर रहे हैं। इससे पूर्व प्रभावित ग्रामीणों और किसान नेताओं ने ब्लॉक व तहसील मुख्यालयों के साथ-साथ मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय पर भी धरना प्रदर्शन किया था। समाधान न होने पर ग्रामीणों ने पंचायत कर घरों पर 'मकान बिकाऊ है' के पोस्टर लगाए थे और दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे रुनकता पर चक्का जाम का ऐलान किया था। प्रशासन ने समाधान के नाम पर केवल चार डंपर मिट्टी डलवाकर ग्रामीणों के साथ वायदाखिलाफी की, जबकि एक सप्ताह पूर्व जिलाधिकारी आगरा मनीष बंसल को भी इस संबंध में लिखित मांग पत्र दिया जा चुका था। प्रशासन के सौतेले रवैये से नाराज किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह और धीरज सिकरवार की मौजूदगी में जगरैला मोहल्ले में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से जिलाधिकारी कार्यालय पर 36 घंटे के धरने का निर्णय लिया गया। इस बैठक में मुख्य रूप से सुमन सिकरवार, नजमा खान, बबलू बाल्मीकि और गौरीशंकर बाल्मीकि मौजूद रहे।1
- उत्तर प्रदेश के बलिया स्थित शाहपुरवा गांव में खेत में हाईटेंशन बिजली का तार टूटकर गिरने से पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद स्थानीय भाजपा विधायक केतकी सिंह मौके पर पहुंचीं। बिजली विभाग की लापरवाही पर विधायक का गुस्सा फूट पड़ा और वे अधिकारियों को हाथ पकड़कर सीधे घटनास्थल तक ले गईं।1