जिले में गौवंश तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, मुलताई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 27 गौवंशों को बरामद किया है। इन गौवंशों को महाराष्ट्र के अमरावती स्थित कत्लखाने ले जाया जा रहा था। इस कार्रवाई के दौरान, तस्करी में प्रयुक्त आयसर ट्रक सहित अन्य सामग्री जब्त की गई और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेन्द्र जैन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी और एसडीओपी एस.के. सिंह के मार्गदर्शन में थाना मुलताई पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आयसर ट्रक क्रमांक एमएच-35-के-6222 में गौवंशों को क्रूरतापूर्वक भरकर महाराष्ट्र के अमरावती स्थित कत्लखाने ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन की तलाश शुरू की। मुलताई की ओर से आता देख पुलिस ने ट्रक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक तेज गति से ट्रक भगाकर ले गया। पुलिस टीम ने पीछा किया, जिसके बाद आरटीओ चेक पोस्ट के पास ट्रक का कम्प्रेशर फट गया और वाहन सड़क किनारे रुक गया। ट्रक में सवार तीनों आरोपी खेतों की ओर भागने लगे, लेकिन पुलिस ने स्थानीय गवाहों और गौसेना के सदस्यों की मदद से उन्हें घेराबंदी कर पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमरावती, महाराष्ट्र निवासी शाबिर खान (22), अब्दुल आबिद उर्फ छोटू (20) और सोहेल शाह (30) के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा ट्रक की तलाशी लेने पर गौवंशों को अत्यंत अमानवीय स्थिति में ठूंस-ठूंसकर भरा हुआ पाया गया, जिसमें कई पशुओं के मुंह और पैर रस्सियों से बंधे हुए थे। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे गौवंशों को अमरावती के कत्लखाने ले जा रहे थे। कार्रवाई के दौरान कुल 27 गौवंश बरामद किए गए, जिनमें से 22 जीवित और 5 मृत अवस्था में मिले। जीवित गौवंशों को सुरक्षित रूप से गौशाला भेजा गया, जबकि मृत गौवंशों का पशु चिकित्सा अधिकारियों द्वारा पोस्टमार्टम कर नियमानुसार अंतिम निस्तारण कराया गया। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त आयसर ट्रक, 27 गौवंश और पशुओं को बांधने में इस्तेमाल की गई नौ नायलॉन रस्सियां जब्त की हैं। आरोपियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र सिंह परिहार, उप निरीक्षक दिनेश कुमरे, सहायक उप निरीक्षक हुकुमचंद बिल्लौरे तथा आरक्षक कमलेश, डुम्लेश्वर और लक्ष्मीचंद की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने जिलेवासियों से अपील की है कि गौवंश तस्करी, पशु क्रूरता या किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल निकटतम पुलिस थाना या डायल-112 को सूचना दें, और आश्वासन दिया कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
जिले में गौवंश तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, मुलताई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 27 गौवंशों को बरामद किया है। इन गौवंशों को महाराष्ट्र के अमरावती स्थित कत्लखाने ले जाया जा रहा था। इस कार्रवाई के दौरान, तस्करी में प्रयुक्त आयसर ट्रक सहित अन्य सामग्री जब्त की गई और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेन्द्र जैन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी और एसडीओपी एस.के. सिंह के मार्गदर्शन में थाना मुलताई पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आयसर ट्रक क्रमांक एमएच-35-के-6222 में गौवंशों को क्रूरतापूर्वक भरकर महाराष्ट्र के अमरावती स्थित कत्लखाने ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन की तलाश शुरू की। मुलताई की ओर से आता देख पुलिस ने ट्रक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक तेज गति से ट्रक भगाकर ले
गया। पुलिस टीम ने पीछा किया, जिसके बाद आरटीओ चेक पोस्ट के पास ट्रक का कम्प्रेशर फट गया और वाहन सड़क किनारे रुक गया। ट्रक में सवार तीनों आरोपी खेतों की ओर भागने लगे, लेकिन पुलिस ने स्थानीय गवाहों और गौसेना के सदस्यों की मदद से उन्हें घेराबंदी कर पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमरावती, महाराष्ट्र निवासी शाबिर खान (22), अब्दुल आबिद उर्फ छोटू (20) और सोहेल शाह (30) के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा ट्रक की तलाशी लेने पर गौवंशों को अत्यंत अमानवीय स्थिति में ठूंस-ठूंसकर भरा हुआ पाया गया, जिसमें कई पशुओं के मुंह और पैर रस्सियों से बंधे हुए थे। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे गौवंशों को अमरावती के कत्लखाने ले जा रहे थे। कार्रवाई के दौरान कुल 27 गौवंश बरामद किए गए, जिनमें से 22 जीवित और 5 मृत अवस्था में मिले। जीवित गौवंशों को सुरक्षित रूप से
गौशाला भेजा गया, जबकि मृत गौवंशों का पशु चिकित्सा अधिकारियों द्वारा पोस्टमार्टम कर नियमानुसार अंतिम निस्तारण कराया गया। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त आयसर ट्रक, 27 गौवंश और पशुओं को बांधने में इस्तेमाल की गई नौ नायलॉन रस्सियां जब्त की हैं। आरोपियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र सिंह परिहार, उप निरीक्षक दिनेश कुमरे, सहायक उप निरीक्षक हुकुमचंद बिल्लौरे तथा आरक्षक कमलेश, डुम्लेश्वर और लक्ष्मीचंद की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने जिलेवासियों से अपील की है कि गौवंश तस्करी, पशु क्रूरता या किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल निकटतम पुलिस थाना या डायल-112 को सूचना दें, और आश्वासन दिया कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
- बेतूल जिले के हरण्या पंचायत की ग्राम सभा में एससी समाज को जातिगत टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के विरोध में एससी समाज के लोगों ने बोरदेही थाना प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा है। समाज के लोगों ने इस मामले में उचित कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।1
- बैतूल जिले में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और आरोपियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत, कोतवाली पुलिस ने बलात्कार के एक आरोपी को इंदौर से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में की गई। जानकारी के अनुसार, थाना कोतवाली बैतूल में 15 मई 2026 को एक पीड़िता की शिकायत पर आरोपी सौरभ जोड़वाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 और 351(3) के तहत अपराध क्रमांक 390/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया, क्योंकि आरोपी अन्य जिले का निवासी था। पुलिस टीम ने उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी और अंततः इंदौर पहुंचकर आरोपी सौरभ पिता ओमप्रकाश जोड़वाल (25 वर्ष), निवासी बजरंग नगर, थाना हीरानगर, जिला इंदौर को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपी को 5 जून 2026 को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक देवकरण डेहरिया, उपनिरीक्षक बसंत अहके, प्रधान आरक्षक शिव कुमार, प्रधान आरक्षक तरुण पटेल, आरक्षक नितिन चौहान, उज्ज्वल दुबे, प्रदीप कहार, दुर्गेश वर्मा, नारायण, बलराम राजपूत और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम की इस तत्परता और पेशेवर कार्यप्रणाली की सराहना की है।2
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की प्रभात पट्टन जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत सावंगी में एक अनूठी और प्रेरणादायक पहल के तहत हंशिका साहू को प्रतीकात्मक रूप से एक दिन के लिए सरपंच बनाया गया। पंचायत भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और पंचायत कर्मचारी उपस्थित रहे, और सभी ने इस कदम की सराहना की। आमतौर पर फिल्मों या समाचारों में एक दिन के मुख्यमंत्री जैसी पहल देखी गई है, लेकिन सावंगी ग्राम पंचायत ने एक छात्रा को एक दिन की सरपंच बनाने का अभिनव प्रयोग किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था, पंचायत संचालन और नेतृत्व की जिम्मेदारियों से परिचित कराना था। इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए ग्राम पंचायत की सरपंच सुजाता पंकज राउत और सचिव ने उच्च अधिकारियों से आवश्यक अनुमति प्राप्त की, जिसके बाद यह विधिवत कार्यक्रम आयोजित किया गया। एक दिन की सरपंच के तौर पर हंशिका साहू ने पंचायत की कार्यप्रणाली को समझा और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी हासिल की। उपस्थित ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे बच्चों में नेतृत्व क्षमता विकसित होगी और वे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे। ग्राम पंचायत सावंगी की यह पहल पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और इसे बालिकाओं के सशक्तिकरण तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।1
- मुलताई में देवकीनंदन ठाकुर जी की भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हो गया है। इस अवसर पर कथा से पूर्व तपी मंदिर से एक विशाल कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कलश यात्रा में मुंबई से आए श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ देखने को मिली।1
- अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आठनेर नगर के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शनिवार को पांचवें दिन भी जारी रही। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी धरना स्थल पर एकत्र होकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार से अपनी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं। इस लगातार चल रही हड़ताल के चलते नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।1
- जुन्नारदेव विधानसभा क्षेत्र के तामिया अंतर्गत देलाखारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से किसी डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। शनिवार, 6 जून को दोपहर 12 बजे तक यह स्थिति बनी रही, जिससे मरीजों को उचित उपचार प्राप्त करने में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टर न होने के कारण मरीजों को मजबूरन झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करवाने के लिए विवश होना पड़ रहा है। देलाखारी में स्वास्थ्य सेवाओं की इस बदहाली को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय मरीजों और नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार लाने और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जल्द से जल्द एक डॉक्टर की नियुक्ति करने की पुरज़ोर मांग की है।1
- हरण्या गांव में प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटा दिया है। इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय प्रशासन का एक संयुक्त दल भी मौके पर मौजूद रहा।1
- पांढुर्णा के खैरी तायगांव स्थित UKR कम्पनी से निकलने वाला जहरीला काला धुआँ और कोयले की राख अब आसपास के औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों के लोगों के लिए एक गंभीर समस्या बन गया है। स्थानीय लोगों और आसपास की कम्पनियों के कर्मचारियों का आरोप है कि कम्पनी से लगातार निकल रहे इस धुएँ के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ बढ़ रही हैं। आसपास कार्यरत मजदूरों को जहरीले धुएँ के कारण साँस लेने में तकलीफ, आँखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, धुएँ और उड़ती राख से पड़ोसी कम्पनियों का तैयार माल भी प्रभावित हो रहा है, जिससे उन्हें लाखों रुपये के नुकसान की बात सामने आ रही है। खैरी तायगांव में 20-ए, एम.पी.आई.डी.सी. स्थित "माउली पैकेजिंग एंड प्रॉडक्ट्स" कम्पनी ने इस पूरे मामले को लेकर शासन और प्रशासन को कई बार शिकायतें भेजी हैं। बताया गया है कि इस समस्या को लेकर कम्पनी के वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर कार्रवाई करे, ताकि लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण को हो रहे नुकसान को रोका जा सके।1