कोटपूतली-बहरोड़ में निकाली गई महिला सुरक्षा जागरूकता रैली, महिलाओं-बालिकाओं को दी गई अधिकारों और हेल्पलाइन की जानकारी कोटपूतली-बहरोड़। पुलिस मुख्यालय राजस्थान जयपुर द्वारा चलाए जा रहे "महिला सुरक्षा संकल्प अभियान" के तहत कोटपूतली-बहरोड़ जिले में सोमवार को एक विशाल पैदल मार्च और जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। अभियान का उद्देश्य बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों के प्रति आमजन को जागरूक करना है। पुलिस का नारा रहा "महिलाओं का सम्मान, कोटपूतली-बहरोड़ पुलिस का अभियान" और "नारी का सम्मान करे, सुरक्षित समाज का निर्माण करे"। पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह आईपीएस और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नाजिम अली खान के निर्देशानुसार वृताधिकारी वृत कोटपूतली लक्ष्मी सुधार के नेतृत्व में यह रैली जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय से शुरू होकर रिजर्व पुलिस लाइन कोटपूतली-बहरोड़ तक निकाली गई। रैली में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, महिला पुलिसकर्मी, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, जिले में पदस्थापित महिला हेड कांस्टेबल और विभिन्न कॉलेजों की छात्राओं ने भाग लिया। प्रभारी एएचटीयू अनीता पूनिया, प्रभारी एमपीसी रजनी, प्रभारी रोमियो श्रीमती कविता और महिला हेड कांस्टेबल मुकेश रानी भी रैली में शामिल रहीं। रैली के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को उनकी सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने राजकोप सिटीजन ऐप डाउनलोड करवाकर उसके उपयोग के बारे में बताया। महिलाओं और छात्राओं को महिला सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन नंबर 112, 1090, 1098 और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 की जानकारी भी दी गई। पुलिस ने पंपलेट वितरित कर आमजन से महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार अपनाने, बाल विवाह, दहेज, घरेलू हिंसा और महिला उत्पीड़न जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागरूक रहने का आह्वान किया। साथ ही साइबर अपराधों, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले उत्पीड़न से बचाव तथा किसी भी आपराधिक घटना पर तुरंत पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया। जिला पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे महिला सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने में पुलिस का सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने बताया कि महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के अंतर्गत इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आगे भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।
कोटपूतली-बहरोड़ में निकाली गई महिला सुरक्षा जागरूकता रैली, महिलाओं-बालिकाओं को दी गई अधिकारों और हेल्पलाइन की जानकारी कोटपूतली-बहरोड़। पुलिस मुख्यालय राजस्थान जयपुर द्वारा चलाए जा रहे "महिला सुरक्षा संकल्प अभियान" के तहत कोटपूतली-बहरोड़ जिले में सोमवार को एक विशाल पैदल मार्च और जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। अभियान का उद्देश्य बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों के प्रति आमजन को जागरूक करना है। पुलिस का नारा रहा "महिलाओं का सम्मान, कोटपूतली-बहरोड़ पुलिस का अभियान" और "नारी का सम्मान करे, सुरक्षित समाज का निर्माण करे"। पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह आईपीएस और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नाजिम अली खान के निर्देशानुसार वृताधिकारी वृत कोटपूतली लक्ष्मी सुधार के नेतृत्व में यह रैली जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय से शुरू होकर रिजर्व पुलिस लाइन कोटपूतली-बहरोड़ तक निकाली गई। रैली में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, महिला पुलिसकर्मी, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, जिले में पदस्थापित महिला हेड कांस्टेबल और विभिन्न कॉलेजों की छात्राओं ने भाग लिया। प्रभारी एएचटीयू अनीता पूनिया, प्रभारी एमपीसी रजनी, प्रभारी रोमियो श्रीमती कविता और महिला हेड कांस्टेबल मुकेश रानी भी रैली में शामिल रहीं। रैली के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को उनकी सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने राजकोप सिटीजन ऐप डाउनलोड करवाकर उसके उपयोग के बारे में बताया। महिलाओं और छात्राओं को महिला सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन नंबर 112, 1090, 1098 और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 की जानकारी भी दी गई। पुलिस ने पंपलेट वितरित कर आमजन से महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार अपनाने, बाल विवाह, दहेज, घरेलू हिंसा और महिला उत्पीड़न जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागरूक रहने का आह्वान किया। साथ ही साइबर अपराधों, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले उत्पीड़न से बचाव तथा किसी भी आपराधिक घटना पर तुरंत पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया। जिला पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे महिला सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने में पुलिस का सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने बताया कि महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के अंतर्गत इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आगे भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।
- नव पदस्थापित तहसीलदार सुमित भारद्वाज का अलीबख्श पैनोरमा पर साफा व माला पहनाकर स्वागत मुंडावर। श्री कृष्ण भक्त अलीबख्श लोक कला मंडल, मुंडावर द्वारा नव पदस्थापित तहसीलदार सुमित भारद्वाज का अलीबख्श पैनोरमा परिसर में भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर कलामंडल के पदाधिकारियों ने नवागत तहसीलदार को साफा बांधकर, फूलमाला पहनाकर तथा मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान कलामंडल के पदाधिकारी शैतान सिंह यादव ने तहसीलदार सुमित भारद्वाज को पैनोरमा पर अब तक हुए विकास कार्यों तथा ऐतिहासिक संदर्भों से अवगत कराया। इसके साथ ही पैनोरमा के आगामी जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण को लेकर कलामंडल की ओर से विभिन्न सुझाव भी सौंपे गए। तहसीलदार भारद्वाज ने पैनोरमा परिसर का अवलोकन करते हुए कलामंडल के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने आश्वस्त किया कि लोक कलामंडल के सुझावों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही पैनोरमा के सौंदर्यीकरण व बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे। समारोह में उपस्थित नगरपालिका के कनिष्ठ अभियंता (JEN) देवीलाल ने भी पैनोरमा के विकास कार्यों में पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर कलामंडल के अध्यक्ष रामविलास गुप्ता, शैतान सिंह यादव, मुरारीलाल, मुंशीराम, विजय सांवरिया, दाताराम, प्यारेलाल, सरदारा राम, रोहितास, अजीत, प्रवीण, लखीराम, भरताराम, विपिन सहित कई पदाधिकारी एवं स्थानीय गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।1
- gurjar samaj nahi pata hai ki nahi pata hai ki nahi pata hai ki nahi pata y1
- खाना खिलाने वाले जुनैद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे! | CJP प्रोटेस्ट से जुड़ा बड़ा मामला | Latest Hindi News CJP प्रोटेस्ट से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों को खाना खिलाने वाले मोहम्मद जुनैद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। जुनैद ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उन्हें करीब 6 घंटे तक हिरासत में रखा और उनके परिवार को भी परेशान किया जा रहा है।1
- मुंडावर के सबलगढ़-बनठी मार्ग पर दिखा लेपर्ड, सुबह 4 बजे कंपनी जा रहे 5 लोगों के सामने आया तेंदुआ खैरथल-तिजारा। उपखंड मुंडावर के सबलगढ़-बनठी मार्ग पर मंगलवार तड़के करीब सुबह 4:00 बजे एक लेपर्ड (तेंदुआ) दिखाई देने से इलाके में दहशत फैल गई। जानकारी के अनुसार कंपनी में ड्यूटी के लिए जा रहे पांच लोगों को रास्ते में अचानक लेपर्ड दिखाई दिया। तेंदुए को देखकर सभी लोग घबरा गए और सुरक्षित दूरी बनाकर वहां से निकले। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों में भय का माहौल है। लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है। ⚠️ अपील: यदि क्षेत्र में लेपर्ड दिखाई दे तो उसके पास जाने या उसे उकसाने का प्रयास न करें। तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।1
- अलवर। रामरतन मीणा। गोमाता को 'राष्ट्रमाता' घोषित करने तथा गोवंश संरक्षण को लेकर चल रहे राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत सोमवार को अलवर जिला कलेक्ट्रेट पर बड़ी संख्या में गौ-सेवकों, संतों और सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किया। हिंदूवादी नेता एवं पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा तथा संत समाज के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल,राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मांगें रखीं। प्रदर्शन में राजगढ़ ठिकाना गंगाबाग के महंत प्रकाश दास महाराज,जानकी दास महाराज, डॉ. विजय पाल, अजय अग्रवाल,बी.एल. यादव,तेज सिंह यादव, रामदयाल सिंह,मातादीन भाटी,नाहर सिंह पंचाल, विजेंद्र गुप्ता,प्रेम सिंह,गरिमा गोयल,एडवोकेट रचना गोयल,गोलू बॉक्सर,गौसेवक मोहित शर्मा,बृजवासी गो रक्षक सेना के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी नागपाल शर्मा, ब्रह्मानंद शर्मा (ट्रस्टी,पथमेडा गौशाला),पंडित राजेंद्र आचार्य,वार्डन सुरेश अवस्थी सहित बड़ी संख्या में गौ-सेवक एवं गौभक्त मौजूद रहे। पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने कहा कि यह अभियान देश के 758 जिलों और ग्राम पंचायतों तक संचालित किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि गोमाता को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिया जाए, प्रत्येक ग्राम पंचायत में गौशाला एवं नंदीशाला की स्थापना की जाए तथा गोवंश की सेवा और संरक्षण करने वाले गौ-सेवकों एवं किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने यह भी मांग रखी कि गोवंश से संबंधित आयोग को मंत्रालय का दर्जा दिया जाए, ताकि गोसंरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रभावी नीतियां बनाई जा सकें। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अभियान से जुड़े राजेश जोशी ने बताया कि गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के उद्देश्य से 27 अप्रैल से देशव्यापी हस्ताक्षर एवं जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को देशभर के जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन सौंपे गए। उन्होंने बताया कि अभियान में संत समाज भी सक्रिय रूप से भागीदारी निभा रहा है तथा गौरक्षा यात्रा पर निकले संत मंगलवार को भ्रमण करते हुए भरतरी धाम पहुंचेंगे। प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने गोवंश संरक्षण के लिए ठोस सरकारी कदम उठाने की मांग दोहराई और सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। इस अवसर पर माचाड़ी राम भजो गौशाला अध्यक्ष लालाराम शर्मा, गौसेवक हेमंत मीणा,अंजना दीवान,सुरेंद्र सैनी,उमाशंकर दास उर्फ गुड्डू महाराज सहित अनेक गौशालाओं के गौ-सेवक एवं गौभक्त उपस्थित रहे। गौसेवक राजेश जोशी ने बताया कि अभियान के द्वितीय चरण में करीब 5.51 लाख हस्ताक्षरों से युक्त ज्ञापन सरकार को सौंपा गया है।2
- मानसून की पहली बरसात ने खोली नगर पालिका की व्यवस्था की पोल, अतिक्रमण हटाने के आदेशों पर कार्रवाई नहीं होने से बढ़ी परेशानी किशनगढ़ बास। कस्बे में दोपहर को मानसून की पहली बरसात ने दी दस्तक, कस्बे के चारों तरफ मुख्य मार्गो पर भरा पानी। मानसून से पहले नालों की सफाई पर करीब 80 लाख रुपये खर्च किए जाने के दावों की मंगलवार को हुई करीब आधे घंटे की बारिश ने पोल खोल दी। हल्की अवधि की बारिश में ही कस्बे की गंज रोड, मुख्य बाजार, गली-मोहल्लों और विभिन्न आवासीय कॉलोनियों की सड़कें जलमग्न हो गईं। बारिश बंद होने के बाद भी कई घंटों तक सड़कों पर पानी भरा रहा, जिससे आमजन, दुकानदारों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कस्बे में जल निकासी के प्राकृतिक मार्गों और नालों पर हुए अतिक्रमण को लेकर न्यायालय एवं प्रशासन की ओर से कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद नगर पालिका और सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने पर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून में यही स्थिति बनती है, लेकिन समस्या की मूल वजह को दूर करने की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे। कई स्थानों पर सड़कें पानी से लबालब हो गईं और लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया। दुकानदारों को भी जलभराव के कारण घंटों परेशानी झेलनी पड़ी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नालों और पानी निकासी के मार्गों पर अतिक्रमण होने से पानी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो गया है। इसके कारण थोड़ी सी बारिश में भी पानी सड़कों और आबादी वाले क्षेत्रों में भर जाता है। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि नालों की सफाई पर इतनी बड़ी राशि खर्च की गई है, तो पहली ही बारिश में शहर के हालात इतने खराब क्यों हो गए। उल्लेखनीय है कि पानी निकासी के रास्तों पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजीत कुड़ी ने पिछले सप्ताह जिला कलेक्टर, नगर पालिका और पीडब्ल्यूडी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। साथ ही 27 जुलाई तक तथ्यात्मक रिपोर्ट भी मांगी गई थी। इसके बावजूद अतिक्रमण हटाने की दिशा में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने की बात सामने आई है। इसके अलावा उपखंड अधिकारी ने भी उच्चतम न्यायालय के आदेशों की पालना सुनिश्चित कराने के लिए नगर पालिका और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के साथ बैठक कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके संबंधित विभागों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों और शहरवासियों ने मांग की है कि न्यायालय एवं प्रशासन के निर्देशों की प्रभावी पालना करते हुए नालों और जल निकासी मार्गों से अतिक्रमण तत्काल हटाया जाए। साथ ही शहर में स्थायी और वैज्ञानिक जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि हर वर्ष होने वाले जलभराव से लोगों को राहत मिल सके।1
- शहर फिरोजपुर झिरका में एसडीएम ने चलाया अतिक्रमण हटाओ अभियान, बार-बार कहा जानें के बाद भी करते थे रोड़ जाम, दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा था ! शहर फिरोजपुर झिरका में एसडीएम ने चलाया अतिक्रमण हटाओ अभियान, बार-बार कहा जानें के बाद भी करते थे रोड़ जाम, दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा था !1
- ग्राम काली खोल अकबरपुर में नदी का सैलाब पहली वर्षा का भाओहो1