देश आज चाँद पर पहुँच गया है , लेकिन टिहरी के इस गांव तक आज तक सड़क नहीं पहुंची! टिहरी गढ़वाल :देश आज चाँद पर पहुँच गया है , लेकिन टिहरी के इस गांव तक आज तक सड़क नहीं पहुंची! ग्राम पंचायत सिलोडा, उपली रमोली, विधानसभा प्रतापनगर, जनपद टिहरी गढ़वाल के अंतिम गांव में आज भी सड़क नहीं होने की वजह से लोगों को डंडी कंडि का सहारा लेकर सड़क मार्ग तक लाना पड़ता है आजादी के दशकों बाद और उत्तराखंड राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी यहां के ग्रामीण सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए तरस रहे हैं। लगातार बारिश और खराब मौसम के बीच जब किसी ग्रामीण की तबीयत बिगड़ती है, बुजुर्ग बीमार पड़ते हैं, जंगल में घास काटते समय कोई महिला दुर्घटनाग्रस्त होती है या किसी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होती है, तो उसे डंडी-कंडी के सहारे कई किलोमीटर पैदल सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। जिस दुर्गम और फिसलन भरे रास्ते पर सामान्य व्यक्ति का चलना तक मुश्किल है, उसी रास्ते पर लाचार मरीजों और गर्भवती महिलाओं की जिंदगी दांव पर लगाकर उन्हें अस्पताल पहुंचाने की मजबूरी है। समय पर उपचार न मिलने के कारण कई बार रास्ते में ही अनहोनी होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। सवाल सरकार से है—आखिर इन ग्रामीणों का गुनाह क्या है? क्या सड़क सिर्फ शहरों और सड़कों से जुड़े गांवों का अधिकार है? क्या पहाड़ के अंतिम छोर पर रहने वाला ग्रामीण इस मूलभूत सुविधा का हकदार नहीं है? क्या चुनाव के समय किए गए वादे और घोषणाएं सिर्फ वोट लेने तक सीमित हैं? पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव राकेश राणा ने कहा कि राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी कई सरकारें आईं और चली गईं, लेकिन सिलोडा जैसे सीमांत गांवों की तस्वीर नहीं बदली। उन्होंने कहा कि यह गांव टिहरी और उत्तरकाशी जनपद की सीमा से लगा हुआ अंतिम क्षेत्र है। भाजपा की तथाकथित ‘डबल इंजन’ सरकार ने गांव तक सड़क पहुंचाने की कई बार घोषणाएं कीं, लेकिन घोषणाओं के बावजूद आज भी ग्रामीण उसी बदहाल रास्ते पर चलने को मजबूर हैं। यह विकास के दावों की नहीं, सरकार की जमीनी नाकामी की तस्वीर है। राकेश राणा ने कहा कि सरकार को घोषणाओं और जुमलों से बाहर निकलकर सिलोडा गांव तक सड़क निर्माण का कार्य तत्काल शुरू करना चाहिए। पहाड़ के ग्रामीणों को सड़क, स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन का अधिकार है। उन्हें हर बार चुनाव के समय आश्वासन और चुनाव के बाद उपेक्षा स्वीकार नहीं है। अब सवाल सिर्फ सड़क का नहीं, इंसानी जिंदगी का है। सरकार बताए सिलोडा के ग्रामीणों को सड़क कब मिलेगी? और आखिर कितनी जिंदगियां डंडी-कंडी के सहारे सड़क तक पहुंचाई जाएंगी?
देश आज चाँद पर पहुँच गया है , लेकिन टिहरी के इस गांव तक आज तक सड़क नहीं पहुंची! टिहरी गढ़वाल :देश आज चाँद पर पहुँच गया है , लेकिन टिहरी के इस गांव तक आज तक सड़क नहीं पहुंची! ग्राम पंचायत सिलोडा, उपली रमोली, विधानसभा प्रतापनगर, जनपद टिहरी गढ़वाल के अंतिम गांव में आज भी सड़क नहीं होने की वजह से लोगों को डंडी कंडि का सहारा लेकर सड़क मार्ग तक लाना पड़ता है आजादी के दशकों बाद और उत्तराखंड राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी यहां के ग्रामीण सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए तरस रहे हैं। लगातार बारिश और खराब मौसम के बीच जब किसी ग्रामीण की तबीयत बिगड़ती है, बुजुर्ग बीमार पड़ते हैं, जंगल में घास काटते समय कोई महिला दुर्घटनाग्रस्त होती है या किसी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होती है, तो उसे डंडी-कंडी के सहारे कई किलोमीटर पैदल सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। जिस दुर्गम और फिसलन भरे रास्ते पर सामान्य व्यक्ति का चलना तक मुश्किल है, उसी रास्ते पर लाचार मरीजों और गर्भवती महिलाओं की जिंदगी दांव पर लगाकर उन्हें अस्पताल पहुंचाने की मजबूरी है। समय पर उपचार न मिलने के कारण कई बार रास्ते में ही अनहोनी होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। सवाल सरकार से है—आखिर इन ग्रामीणों का गुनाह क्या है? क्या सड़क सिर्फ शहरों और सड़कों से जुड़े गांवों का अधिकार है? क्या पहाड़ के अंतिम छोर पर रहने वाला ग्रामीण इस मूलभूत सुविधा का हकदार नहीं है? क्या चुनाव के समय किए गए वादे और घोषणाएं सिर्फ वोट लेने तक सीमित हैं? पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव राकेश राणा ने कहा कि राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी कई सरकारें आईं और चली गईं, लेकिन सिलोडा जैसे सीमांत गांवों की तस्वीर नहीं बदली। उन्होंने कहा कि यह गांव टिहरी और उत्तरकाशी जनपद की सीमा से लगा हुआ अंतिम क्षेत्र है। भाजपा की तथाकथित ‘डबल इंजन’ सरकार ने गांव तक सड़क पहुंचाने की कई बार घोषणाएं कीं, लेकिन घोषणाओं के बावजूद आज भी ग्रामीण उसी बदहाल रास्ते पर चलने को मजबूर हैं। यह विकास के दावों की नहीं, सरकार की जमीनी नाकामी की तस्वीर है। राकेश राणा ने कहा कि सरकार को घोषणाओं और जुमलों से बाहर निकलकर सिलोडा गांव तक सड़क निर्माण का कार्य तत्काल शुरू करना चाहिए। पहाड़ के ग्रामीणों को सड़क, स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन का अधिकार है। उन्हें हर बार चुनाव के समय आश्वासन और चुनाव के बाद उपेक्षा स्वीकार नहीं है। अब सवाल सिर्फ सड़क का नहीं, इंसानी जिंदगी का है। सरकार बताए सिलोडा के ग्रामीणों को सड़क कब मिलेगी? और आखिर कितनी जिंदगियां डंडी-कंडी के सहारे सड़क तक पहुंचाई जाएंगी?
- देहरादून के रायपुर समेत कई स्थानों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई The Aman Times देहरादून के रायपुर समेत कई स्थानों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई बिना मान्यता संचालित मदरसों पर धामी सरकार का शिकंजा जारी देहरादून और हल्द्वानी में प्रशासन ने बिना मान्यता संचालित किए जा रहे मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की है। प्रदेश में अब तक 20 बिना मान्यता संचालित मदरसों का संचालन बंद कराया जा चुका है। प्रशासन की ओर से संबंधित संस्थानों को मान्यता प्राप्त करने और निर्धारित शैक्षणिक मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार और प्रशासन का कहना है कि प्रदेश में संचालित सभी शिक्षण संस्थानों के लिए निर्धारित नियमों और मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।1
- विकासनगर में ड्रग्स तस्करी और गौकशी के आरोपियों पर बड़ी कार्रवाई जिला देहरादून के विकासनगर, खुशहालपुर और जस्सोवाला में ड्रग्स तस्करी और गौकशी में कथित रूप से लिप्त 10 आरोपियों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान आरोपियों की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध गतिविधियों पर सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।1
- हरिद्वार के सुभाष नगर में घर के बाहर निकाल कोबरा सांप,, हरिद्वार के सुभाष नगर में घर के बाहर निकाल कोबरा सांप1
- नेहन्दपुर सुठारी में जल्द चलेगा विशेष सफाई एवं स्वास्थ्य अभियान, डेंगू-मलेरिया की रोकथाम को लेकर घर-घर होगी निगरानी नेहन्दपुर सुठारी में जल्द चलेगा विशेष सफाई एवं स्वास्थ्य अभियान, डेंगू-मलेरिया की रोकथाम को लेकर घर-घर होगी निगरानी1
- मंडी में सांसद कंगना रनौत का सख्त अंदाज! अधिकारियों की लगाई क्लास, बैठक में जमकर सुनाई खरी-खोटी मंडी, हिमाचल से बड़ी खबर! सांसद कंगना रनौत एक बैठक के दौरान अधिकारियों पर नाराज नजर आईं। जनसमस्याओं और कामकाज को लेकर उन्होंने अधिकारियों से सवाल-जवाब किए और लापरवाही पर सख्त तेवर दिखाए। बैठक का यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। आखिर कंगना रनौत अधिकारियों से क्यों नाराज हुईं? पूरी खबर और बैठक का वीडियो देखिए। 📍 स्थान: मंडी, हिमाचल प्रदेश 📺 Shraddha TV — सच्ची खबर, साफ आवाज़ वीडियो पसंद आए तो Like 👍, Share ↗️ और Channel को Follow जरूर करें।1
- लोकेशन लक्सर से है (पत्रकार राजेश लाम्बा) लक्सर क्षेत्र में विधायक की तैयारी भाजपा से वरिष्ठ समाजसेवी पारूल चौधरी की समाचार टाइम टीवी के रिपोर्टर राजेश लाम्बा से की खास बातचीत देखिए क्या कहा1
- चमोली के पिंडर घाटी में मां नंदा देवी की कैलाश विदाई पर छलके आंसू The Aman Times चमोली के पिंडर घाटी में मां नंदा देवी की कैलाश विदाई पर छलके आंसू चमोली के पिंडर घाटी में मां नंदा देवी की कैलाश विदाई के भावुक क्षण देखने को मिले। मां नंदा की विदाई के दौरान श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और पूरा माहौल भाव-विभोर हो उठा। भक्तों ने मां नंदा देवी से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की। विदाई के समय श्रद्धालुओं ने भावुक मन से मां को अगले वर्ष फिर से आने का निमंत्रण दिया। मां नंदा की जयकारों से गूंजा पिंडर घाटी, विदाई के समय छलके श्रद्धालुओं के आंसू।1
- हरिद्वार जेल में जन्माष्टमी का तीन दिवसीय कार्यक्रम का शानदार समापन हरिद्वार जेल में जन्माष्टमी का तीन दिवसीय कार्यक्रम का शानदार समापन1
- लक्सर में शिक्षक सम्मान समारोह, शिक्षकों के योगदान को किया गया सलाम | Teachers Day Special लक्सर, उत्तराखंड: शिक्षक दिवस के अवसर पर जमदग्नी पब्लिक स्कूल लक्सर में भव्य शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के कई स्कूलों से शिक्षक पहुंचे और सभी शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर करौली शंकर दास जी महाराज, नया उदासीन अखाड़ा हरिद्वार पहुंचे। वहीं बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान ओमप्रकाश जमदग्नी ने कहा कि शिक्षक समाज की नींव है और बच्चों को शिक्षा देकर उनके भविष्य को संवारने का काम करता है। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए गरीब बच्चों को संस्थान में मुफ्त शिक्षा देने की बात भी कही। देखिए शिक्षक दिवस पर आयोजित इस खास सम्मान समारोह की पूरी खबर।1