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आम के पेड़ से दुपट्टे के सहारे लटका मिला युवती का शव, पुलिस ने भेजा पोस्टमार्टम खेत में सरसों काटने पहुंचे किसान की नजर पड़ी, परिजनों ने की पहचान उतराव।प्रयागराज के उतराव थाना क्षेत्र के घूरेपुर गांव की रहने वाली 25 वर्षीय युवती का शव शुक्रवार सुबह गांव से कुछ दूरी पर आम के पेड़ से लटका मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका की पहचान सीमा कुमारी (25) पुत्री दया राम पटेल निवासी घूरेपुर थाना उतराव के रूप में हुई है। बताया जाता है कि सीमा कुमारी का अभी विवाह नहीं हुआ था और वह अपने परिवार के साथ रहती थी। परिवार में दो भाई अरविंद व राहुल तथा पांच बहनें हैं, जिनमें से दो की शादी हो चुकी है जबकि रीना और मीना समेत अन्य बहनों की शादी नहीं हुई है। पिता दया राम पटेल खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, जबकि माता का नाम सूरज कली है। परिजनों के अनुसार गुरुवार शाम जब सीमा कुमारी घर पर नहीं दिखी तो उसकी बहन उसे मढ़हे में खाना खाने के लिए बुलाने गई, लेकिन वहां भी वह नहीं मिली। इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई पता नहीं चल सका। शुक्रवार सुबह गांव से करीब 500 मीटर दूर ऊष्मापुर के पास खेत में सरसों काटने पहुंचे एक किसान की नजर आम के पेड़ की डाल से दुपट्टे के सहारे लटके शव पर पड़ी। यह देखकर उसने शोर मचाया, जिस पर आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने शव की पहचान सीमा कुमारी के रूप में की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

1 hr ago
user_Amarjeet Yadav
Amarjeet Yadav
Local News Reporter हंडिया, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

आम के पेड़ से दुपट्टे के सहारे लटका मिला युवती का शव, पुलिस ने भेजा पोस्टमार्टम खेत में सरसों काटने पहुंचे किसान की नजर पड़ी, परिजनों ने की पहचान उतराव।प्रयागराज के उतराव थाना क्षेत्र के घूरेपुर गांव की रहने वाली 25 वर्षीय युवती का शव शुक्रवार सुबह गांव से कुछ दूरी पर आम के पेड़ से लटका मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका की पहचान सीमा कुमारी (25) पुत्री दया राम पटेल निवासी घूरेपुर थाना उतराव के रूप में हुई है। बताया जाता है कि सीमा कुमारी का अभी विवाह नहीं हुआ था और वह अपने परिवार के साथ रहती थी। परिवार में दो भाई अरविंद व राहुल तथा पांच बहनें हैं, जिनमें से दो की शादी हो चुकी है जबकि रीना और मीना समेत अन्य बहनों की शादी नहीं हुई है। पिता दया राम पटेल खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, जबकि माता का नाम सूरज कली है। परिजनों के अनुसार गुरुवार शाम जब सीमा कुमारी घर पर नहीं दिखी तो उसकी बहन उसे मढ़हे में खाना खाने के लिए बुलाने गई, लेकिन वहां भी वह नहीं मिली। इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई पता नहीं चल सका। शुक्रवार सुबह गांव से करीब 500 मीटर दूर ऊष्मापुर के पास खेत में सरसों काटने पहुंचे एक किसान की नजर आम के पेड़ की डाल से दुपट्टे के सहारे लटके शव पर पड़ी। यह देखकर उसने शोर मचाया, जिस पर आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने शव की पहचान सीमा कुमारी के रूप में की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

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  • सुरक्षा गार्ड की बंदूक से अचानक गोली चलने से एक व्यक्ति के बाएं हाथ पर गोली लगी अनपरा क्षेत्रान्तर्गत मामला बताया गया। इसके सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय द्वारा दी गई की बाइट।
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    सुरक्षा गार्ड की बंदूक से अचानक गोली चलने से एक व्यक्ति के बाएं हाथ पर गोली लगी अनपरा क्षेत्रान्तर्गत मामला बताया गया। इसके सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी पिपरी  हर्ष पाण्डेय द्वारा दी गई की बाइट।
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • दिनदहाड़े नावों से यमुना नदी का सीना छलनी! महेरा तरहार सहित कई अवैध घाटों में खनन का खेल,जिम्मेदार मौन लालापुर। प्रयागराज यमुना नदी के तट पर स्थित महेरा तरहार सहित इलाके में कई घाटों पर अवैध खनन का खेल दिनदहाड़े खुलेआम चल रहा है। नदी के बीचों-बीच नावों के जरिए बालू निकालकर किनारे ढेर लगाया जा रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार विभाग पूरी तरह से मौन साधे हुए हैं। शुक्रवार सुबह सामने आई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि यमुना नदी में कई नावों के जरिए बालू निकाला जा रहा है, और उसे किनारे जमा किया जा रहा है। यह पूरा खेल खुलेआम हो रहा है। क्षेत्र के भिलोर, प्रतापपुर, नौढ़िया, महेरा सहित घूरपुर से प्रतापपुर मार्ग पर दर्जनों घाटों पर खनन का खेल जारी है। जिससे प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से बालू माफिया सक्रिय हैं। नावों के जरिए नदी के बीच से बालू निकालकर किनारे डंप किया जाता है और बाद में ट्रैक्टर-ट्रॉली से इसकी ढुलाई कर दी जाती है। लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने से माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का अवैध खनन न केवल सरकार के राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाता है, बल्कि नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है। सवाल यह उठता है कि जब दिन के उजाले में नदी में नावें चलाकर बालू निकाली जा रही है, तो क्या स्थानीय प्रशासन और खनन विभाग को इसकी जानकारी नहीं है? या फिर सब कुछ जानते हुए भी अनदेखी की जा रही है? यदि समय रहते इस पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यमुना के किनारे अवैध खनन का यह कारोबार और तेज होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
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    दिनदहाड़े नावों से यमुना नदी का सीना छलनी! महेरा तरहार सहित कई अवैध घाटों में खनन का खेल,जिम्मेदार मौन
लालापुर। प्रयागराज    
यमुना नदी के तट पर स्थित महेरा तरहार सहित इलाके में कई घाटों पर अवैध खनन का खेल दिनदहाड़े खुलेआम चल रहा है। नदी के बीचों-बीच नावों के जरिए बालू निकालकर किनारे ढेर लगाया जा रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार विभाग पूरी तरह से मौन साधे हुए हैं।
शुक्रवार सुबह सामने आई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि यमुना नदी में कई नावों के जरिए बालू निकाला जा रहा है, और उसे किनारे जमा किया जा रहा है। यह पूरा खेल खुलेआम हो रहा है। क्षेत्र के भिलोर, प्रतापपुर, नौढ़िया, महेरा सहित घूरपुर से प्रतापपुर मार्ग पर दर्जनों घाटों पर खनन का खेल जारी है। जिससे प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से बालू माफिया सक्रिय हैं। नावों के जरिए नदी के बीच से बालू निकालकर किनारे डंप किया जाता है और बाद में ट्रैक्टर-ट्रॉली से इसकी ढुलाई कर दी जाती है। लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने से माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का अवैध खनन न केवल सरकार के राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाता है, बल्कि नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है।
सवाल यह उठता है कि जब दिन के उजाले में नदी में नावें चलाकर बालू निकाली जा रही है, तो क्या स्थानीय प्रशासन और खनन विभाग को इसकी जानकारी नहीं है? या फिर सब कुछ जानते हुए भी अनदेखी की जा रही है?
यदि समय रहते इस पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यमुना के किनारे अवैध खनन का यह कारोबार और तेज होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
    user_Rahul Mishra Ak News
    Rahul Mishra Ak News
    Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मेजा, प्रयागराज। मेजा तहसील क्षेत्र के विकासखंड उरूवा अंतर्गत चौकी गांव की सड़क बदहाल हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने से लोगों का चलना तक दूभर हो गया है। ग्रामीणों के घरों का पानी लगातार सड़क पर बहाए जाने के कारण पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है, जिससे राहगीरों और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी रास्ते से गांव के लोगों के साथ-साथ अन्य राहगीरों का भी आवागमन होता है, लेकिन सड़क की हालत पिछले चार-पांच महीने से खराब बनी हुई है। बरसात या पानी भरने की स्थिति में गड्ढे और भी खतरनाक हो जाते हैं, जिससे कभी भी हादसा होने की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। कई बार लोग फिसलकर गिर भी चुके हैं। इसके बावजूद अब तक सड़क की मरम्मत या निर्माण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। तस्वीरों में भी साफ देखा जा सकता है कि पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे लोगों में नाराजगी है। मामले में गांव के वरिष्ठ समाजसेवी राम शिरोमणि तिवारी ने बताया कि गांव के कुछ लोग ग्राम प्रधान से ईर्ष्या के कारण जानबूझकर अपने घरों का पानी सड़क पर गिराते हैं, जिससे यह समस्या और बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह सड़क लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की है और गांव से होकर गुजरती है। वहीं ग्राम प्रधान फतेह बहादुर निषाद ने बताया कि उक्त सड़क पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा बनाई गई है और सड़क के किनारे नाली निर्माण के लिए कई बार संबंधित विभाग से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि इस समस्या से सांसद और विधायक को भी अवगत कराया जा चुका है। ग्राम प्रधान का कहना है कि उनके पास पर्याप्त बजट नहीं है, जिससे नाली का निर्माण कराया जा सके। ऐसे में विभागीय स्तर पर ही समाधान संभव है।
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    मेजा, प्रयागराज। मेजा तहसील क्षेत्र के विकासखंड उरूवा अंतर्गत चौकी गांव की सड़क बदहाल हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने से लोगों का चलना तक दूभर हो गया है। ग्रामीणों के घरों का पानी लगातार सड़क पर बहाए जाने के कारण पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है, जिससे राहगीरों और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इसी रास्ते से गांव के लोगों के साथ-साथ अन्य राहगीरों का भी आवागमन होता है, लेकिन सड़क की हालत पिछले चार-पांच महीने से खराब बनी हुई है। बरसात या पानी भरने की स्थिति में गड्ढे और भी खतरनाक हो जाते हैं, जिससे कभी भी हादसा होने की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। कई बार लोग फिसलकर गिर भी चुके हैं। इसके बावजूद अब तक सड़क की मरम्मत या निर्माण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। तस्वीरों में भी साफ देखा जा सकता है कि पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे लोगों में नाराजगी है।
मामले में गांव के वरिष्ठ समाजसेवी राम शिरोमणि तिवारी ने बताया कि गांव के कुछ लोग ग्राम प्रधान से ईर्ष्या के कारण जानबूझकर अपने घरों का पानी सड़क पर गिराते हैं, जिससे यह समस्या और बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह सड़क लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की है और गांव से होकर गुजरती है।
वहीं ग्राम प्रधान फतेह बहादुर निषाद ने बताया कि उक्त सड़क पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा बनाई गई है और सड़क के किनारे नाली निर्माण के लिए कई बार संबंधित विभाग से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि इस समस्या से सांसद और विधायक को भी अवगत कराया जा चुका है। ग्राम प्रधान का कहना है कि उनके पास पर्याप्त बजट नहीं है, जिससे नाली का निर्माण कराया जा सके। ऐसे में विभागीय स्तर पर ही समाधान संभव है।
    user_राजेश कुमार
    राजेश कुमार
    रिपोर्टर मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by Ved Prakash Pandey
    1
    Post by Ved Prakash Pandey
    user_Ved Prakash Pandey
    Ved Prakash Pandey
    Electrician करछना, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by चंद्र दीप सिंह
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    Post by चंद्र दीप सिंह
    user_चंद्र दीप सिंह
    चंद्र दीप सिंह
    Voice of people मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by Rajesh Tiwari
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    Post by Rajesh Tiwari
    user_Rajesh Tiwari
    Rajesh Tiwari
    Local News Reporter Gyanpur, Bhadohi•
    15 hrs ago
  • मेजा, प्रयागराज। मेजा तहसील क्षेत्र के विकासखंड उरूवा अंतर्गत मेजारोड–सिरसा मार्ग पर स्थित सोरांव गांव के तिराहे पर संकरे रास्ते के कारण आए दिन जाम की समस्या बनी रहती है। इससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार अंडरपास पुलिया से निकलकर तिराहे पर पहुंचते ही सड़क संकरी हो जाती है, जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित हो जाती है। खासकर बड़े वाहनों के मुड़ने के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है और कुछ ही देर में लंबा जाम लग जाता है। ग्राम प्रधान राजेश द्विवेदी ने बताया कि अंडरपास पुलिया से तिराहे तक का रास्ता संकरा होने के कारण बड़े वाहन आसानी से मुड़ नहीं पाते। इसके चलते अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे लोगों को काफी दिक्कत झेलनी पड़ती है। स्थानीय निवासी पंकज द्विवेदी, राम बालक, संग्राम चौरसिया और नितेश कुमार ने प्रशासन से मांग की है कि या तो संकरे रास्ते का चौड़ीकरण कराया जाए अथवा अंडरपास पुलिया के सामने से वैकल्पिक सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों का आवागमन सुगम हो सके और जाम की समस्या से राहत मिल सके।
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    मेजा, प्रयागराज। मेजा तहसील क्षेत्र के विकासखंड उरूवा अंतर्गत मेजारोड–सिरसा मार्ग पर स्थित सोरांव गांव के तिराहे पर संकरे रास्ते के कारण आए दिन जाम की समस्या बनी रहती है। इससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार अंडरपास पुलिया से निकलकर तिराहे पर पहुंचते ही सड़क संकरी हो जाती है, जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित हो जाती है। खासकर बड़े वाहनों के मुड़ने के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है और कुछ ही देर में लंबा जाम लग जाता है।
ग्राम प्रधान राजेश द्विवेदी ने बताया कि अंडरपास पुलिया से तिराहे तक का रास्ता संकरा होने के कारण बड़े वाहन आसानी से मुड़ नहीं पाते। इसके चलते अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे लोगों को काफी दिक्कत झेलनी पड़ती है।
स्थानीय निवासी पंकज द्विवेदी, राम बालक, संग्राम चौरसिया और नितेश कुमार ने प्रशासन से मांग की है कि या तो संकरे रास्ते का चौड़ीकरण कराया जाए अथवा अंडरपास पुलिया के सामने से वैकल्पिक सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों का आवागमन सुगम हो सके और जाम की समस्या से राहत मिल सके।
    user_राजेश कुमार
    राजेश कुमार
    रिपोर्टर मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by Ved Prakash Pandey
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    Post by Ved Prakash Pandey
    user_Ved Prakash Pandey
    Ved Prakash Pandey
    Electrician करछना, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • समाज सेवी उमेश चन्द्र सोनी पत्रकार द्वारा सोनार का तारा मार्केट में हैंडपंप का मरम्मत कराया गया ग्रामीणों में खुशी, दादा ने कहा बहुत शुद्ध पानी मिलना है दादा के चेहरे पर खुशी देखी गई।
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    समाज सेवी उमेश चन्द्र सोनी पत्रकार द्वारा सोनार का तारा मार्केट में  हैंडपंप का मरम्मत कराया गया ग्रामीणों में खुशी, दादा ने कहा बहुत शुद्ध पानी मिलना है दादा के चेहरे पर खुशी देखी गई।
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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