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दरभंगा में प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच आपसी सहमति बन गई है, जिसके बाद देर रात चिंटू सिंह ने अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया। दरभंगा में पिछले कई दिनों से यह आमरण अनशन लगातार जारी था, जो प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच समझौता होने के बाद आखिरकार खत्म हो गया है।
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दरभंगा में प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच आपसी सहमति बन गई है, जिसके बाद देर रात चिंटू सिंह ने अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया। दरभंगा में पिछले कई दिनों से यह आमरण अनशन लगातार जारी था, जो प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच समझौता होने के बाद आखिरकार खत्म हो गया है।
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- जंतर मंतर पर अपनी मांगों को लेकर बैठे छात्रों के समर्थन में बिहार के दरभंगा में आइसा (AISA) द्वारा एक पैदल मार्च निकाला गया। इस प्रदर्शन के दौरान आइसा नेत्री ने मोदी जी पर सीधा और तीखा हमला बोला। उन्होंने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि अभी तो मोदी जी संसद छोड़कर भागे हैं, आगे वह देश छोड़कर भी भागेंगे।1
- सीजेपी ने सरकार के सामने तीन बड़ी मांगें रखी हैं, जिसके बाद अब राजनीतिक सरगर्मी तेज होती दिख रही है। सीजेपी की पहली मांग है कि सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाए। दूसरी मांग के तहत केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से अपने पद से इस्तीफा देने को कहा गया है। वहीं, तीसरी मांग में यह बात रखी गई है कि आत्महत्या करने वाले सभी NEET छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। सीजेपी द्वारा उठाई गई इन मांगों के बाद अब इस मुद्दे पर सियासत पूरी तरह गरमाती नजर आ रही है।1
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- दिल्ली विरोध प्रदर्शन के बीच सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है। हालांकि, उन्हें स्वास्थ्य संबंधी कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें उनके शरीर में निम्न रक्त शर्करा, पोटैशियम की कमी और निर्जलीकरण की समस्या पाई गई है।1
- बिहार की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां पूर्व MLC विनोद कुमार सिंह ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने पार्टी पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि "90% फर्जी लोग पार्टी का संचालन फर्जी तरीके से कर रहे हैं।" विनोद कुमार सिंह के इस तीखे बयान और इस्तीफे के बाद से राजनीतिक हलकों में चर्चाएं काफी तेज हो गई हैं।1
- बिहार के मधुबनी के त्रिपुरारी सिंह यादव ने अपनी कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प की बदौलत NEET परीक्षा के पहले ही प्रयास में शानदार सफलता हासिल की है। विपरीत परिस्थितियों के बीच उन्होंने इस परीक्षा में 567 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 25117 हासिल की है। त्रिपुरारी की यह बड़ी उपलब्धि साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी मुश्किल राह का रोड़ा नहीं बन सकती। उनकी इस सफलता ने संघर्ष की एक नई और प्रेरणादायक कहानी लिख दी है। त्रिपुरारी की इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनके परिवार का बेहद कठिन और लंबा संघर्ष छिपा हुआ है। उनके पिता विनोद कुमार यादव वर्ष 2013 से ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लगातार जूझ रहे हैं, जिसके कारण परिवार को गंभीर आर्थिक और मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे विपरीत और कठिन समय में उनकी माता कुमारी किरण ने जीविका परियोजना में कार्य करते हुए पूरे परिवार की जिम्मेदारियों को संभाला और भारी तंगी के बावजूद अपने बेटे की पढ़ाई को कभी रुकने नहीं दिया। मां के इसी त्याग और बेटे की कड़ी मेहनत ने आखिरकार इस बड़े सपने को सच कर दिखाया है।1
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- दरभंगा जिले के प्रसिद्ध कुशेश्वरस्थान मंदिर में धार्मिक आस्था के तहत साधना कर रहे एक साधक को बीच में ही रोकने का मामला सामने आया है। साधक ऋषि झा का आरोप है कि मंदिर के ही एक पंडा ने उन्हें साधना करने से मना कर दिया और उनकी साधना रुकवा दी। साधना से रोके जाने के बाद ऋषि झा ने मंदिर की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और वहां व्याप्त कथित भ्रष्टाचार से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए हैं। मंदिर परिसर में साधना पर रोक और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद अब स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर चर्चा काफी तेज हो गई है।1