हिन्दुस्तान जिंक द्वारा चंदेरिया में स्थापित होने वाले खाद संयंत्र की जनसुनवाई, समुदाय विकास एवं रोजगार में स्थानीय को प्राथमिकता की मांग प्रदुषण मुक्त खाद कारखाना लगने से क्षेत्र में होगा विकास, मिलेगें रोजगार के नए अवसर हिन्दुस्तान जिंक द्वारा चंदेरिया में स्थापित होने वाले खाद संयंत्र की जनसुनवाई, समुदाय विकास एवं रोजगार में स्थानीय को प्राथमिकता की मांग चित्तौड़गढ़। हिन्दुस्तान जिंक के चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स में स्थापित किये जाने वाले खाद के कारखाने हेतु जनसुनवाई सगरा माता मेला परिसर में आयोजित हुई। जनसभा का आयोजन राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा किया गया। प्रशासन की ओर से अतिरिक्त जिला कलक्टर रामचंद्र खटीक, क्षेत्रीय अधिकारी आशीष बोरासी, उपखंड अधिकारी गंगरार पुनित कुमार गेलरा ने जिंक स्मेल्टर परिसर में लगने वाले खाद संयंत्र पर ग्रामीणों के विचार रिकॉर्ड व कलमबद्ध किये। हिन्दुस्तान जिंक चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर के लोकेशन हेड आलोक रंजन ने बताया कि खाद के लिए चित्तौडगढ़ में शुरू होने वाले प्लांट से राजस्थान एवं निकटवर्ती क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस कारखाने की क्षमता दो चरणों में 10 लाख टन प्रतिवर्ष उत्पादन की रहेगी जिसमें डाई अमोनियम फॉस्फेट, नाईट्रोजन फॉस्फोरस पोटेशियम तथा अमोनियम फॉस्फेट सल्फेट रहेगी। फॉस्फेट खाद के उत्पादन से पुरे राजस्थान के किसान को लाभ होगा और उसकी पैदावार में बढ़त होगी। इस कारखाने के आने के बाद खाद की माँग एवं पूर्ति में संतुलन आएगा। राजस्थान देश में फर्टिलाइजर खाद के मामलें में आत्मनिर्भर होगा। इस कारखाने को बनाने में 2700 करोड़ रूपए से अधिक का निवेश किया जा रहा है। पर्यावरण सरंक्षण और प्रदूषण मुक्त होगा खाद कारखाना इस कारखाने में दुनिया की बेहतरीन तकनीक एचडीएच और पीएनप्लस का उपयोग किया जा रहा हैं। इसका सीधा फायदा किसानों को मिलेगा, खाद के हर दाने में पोषक तत्व एक समान होंगे। धूल मुक्त और मजबूत दाने होने से खाद डालना आसान होगा और भंडारण में भी समस्या नहीं आएगी। यह कारखाना अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित है जिसमें पर्यावरण सरंक्षण का विशेष ध्यान रखा जाएगा तथा शून्य प्रदूषण होगा। वर्तमान कारखाने में उत्पादित सल्फ्युरिक एसिड का उपयोग कच्चे माल के रूप में होगा। लगभग 100 करोड़ रूपए सुरक्षा एवं पर्यावरण क्षेत्र में उच्च औद्योगिक मानिक हेतु खर्च किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि कारखाने के निकटवर्ती क्षेत्रों के निवासियों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभ होगा । 80 फीसदी स्थानीय लोगो को मिलेगा रोजगार देश और प्रदेश में लगातार बढ़ती खाद की आवश्कता को देखते हुए यह संयंत्र महत्वपूर्ण है। जनसुनवाई में ग्रामवासियों ने समुदाय विकास और रोजगार की मांग रखी। स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार के अवसर मिलेंगे कारखाना निर्माण के दौरान एवं बनने के बाद लगभग 5 हजार व्यक्तियों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। आर्थिक एवं सामाजिक रूप से निकटवर्ती क्षेत्र के निवासियों के जीवन स्तर में व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेगा। अप्रत्यक्ष रूप से मकान किराया, भूमि किराया, व्यापार में वृद्धि किराणा, सब्जी, ढाबे, होटल, यातायात टेम्पो एवं टेक्सी, ट्रक कपड़ा व्यवसाय सिलाई, विद्यालय जैसे कई क्षेत्रों में रोजगार बढ़ेगा । सामाजिक सुविधाओं का विकास चिकित्सा सुविधाओं, वंचितों को शिक्षा और स्वयं सहायता समूहों के गठन के रूप में होगा। इस संयंत्र से राज्य को कर के रूप में राजस्व प्राप्त होगा स्थानीय समुदाय के लिए खाद आसानी से उपलब्ध होंगी। रोजगार में प्राथमिकता देने, क्षेत्र के शिक्षित युवाओं को अधिक से अधिक जिंक कौशल विकास केंद्र से जोडकर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की। जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने हिन्दुस्तान जिंक के सीएसआर कार्यक्रमों से उन्हें जोड कर अधिक से अधिक लाभान्वित करने की बात कही। ग्रामीणों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा विकास हो, जिससे उनके जीवन स्तर में और अधिक सुधार हो सके। जनसुनवाई के अंत में चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स के लोकेशन हेड आलोक रंजन ने सभी ग्रामवासियों को यह विश्वास दिलाया कि जिंक प्रबंधन द्वारा आस पास के क्षेत्र में विकास में कोई कमी नही रखी जाएगी। प्लांट में रोजगार के लिए 80 प्रतिशत स्थानीय लोगो को रोजगार में प्राथमिकता दी जाएगी। इसमें महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। रोजगार की समस्या को दूर करने में महत्वपूर्ण रूप से सैना में, पुलिस में, सीआरपीएफ में, अग्निवीर भर्ती के लिए युवाओं और स्थानिय लोगो को देश सेवा से जोडने के उद्धेश्य से उन्हें तैयारी के लिए उच्च स्तरीय कोचिंग सेन्टर से जुड कर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। किसानो के लिए समाधान परियोजना के माध्यम से किसानों को ड्रीप इरिगेशन, आधुनिक खेती के लिए ट्रेनिंग, किसानों को उन्नत खेती के लिए एक्सपोजर विजिट सहित बहुत सारे प्रयास करते है। अभी हम समय समय पर निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर लगा रहे है। गांवों में जमीन को उपजाउ बनाने के लिए रिसर्च इंस्टीट्यूट के साथ मिल कर उसे उपजाउ बनाने के लिए टाई अप करेगें जिसका खर्च हिन्दुस्तान जिंक की ओर से किया जाएगा। जनसभा में आजोलिया का खेडा के सरपंच जगदीश जाट, सुभाष शर्मा पुठोली प्रशासक महिपाल सिंह, उपसरपंच चंद्रभान सिंह, कंथारिया सरपंच कालूराम जाट, देवकिशन जाट, पूर्व सरपंच चैगावडी रवीन्द्र सिंह, आजोलिया का खेडा से परमेश्वर जाट, देवकिशन जाट, सतपुडा से राजू सिंह, रमेश जाट, ज्योति जोशी, प्रियंका जांगीड, शीतल मेनारिया, गोटिया चुंडावत, मिटठूलाल, श्याम लाल मेनारिया, हरीश बैरवा, नगरी से रिंकू मेघवाल, दुर्गेश तिवारी, नितेश जाट, हेमंतराज तेली सहित अन्य अतिथि गण, आस पास के क्षेत्र के ग्रामीण, युवा महिलाएं, हिन्दुस्तान जिंक की सीएसआर परियोनाएं सखी, समाधान, खुशी, शिक्षा संबंल, कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवा से जुडे लाभार्थी उपस्थित थे।
हिन्दुस्तान जिंक द्वारा चंदेरिया में स्थापित होने वाले खाद संयंत्र की जनसुनवाई, समुदाय विकास एवं रोजगार में स्थानीय को प्राथमिकता की मांग प्रदुषण मुक्त खाद कारखाना लगने से क्षेत्र में होगा विकास, मिलेगें रोजगार के नए अवसर हिन्दुस्तान जिंक द्वारा चंदेरिया में स्थापित होने वाले खाद संयंत्र की जनसुनवाई, समुदाय विकास एवं रोजगार में स्थानीय को प्राथमिकता की मांग चित्तौड़गढ़। हिन्दुस्तान जिंक के चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स में स्थापित किये जाने वाले खाद के कारखाने हेतु जनसुनवाई सगरा माता मेला परिसर में आयोजित हुई। जनसभा का आयोजन राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा किया गया। प्रशासन की ओर से अतिरिक्त जिला कलक्टर रामचंद्र खटीक, क्षेत्रीय अधिकारी आशीष बोरासी, उपखंड अधिकारी गंगरार पुनित कुमार गेलरा ने जिंक स्मेल्टर परिसर में लगने वाले खाद संयंत्र पर ग्रामीणों के विचार रिकॉर्ड व कलमबद्ध किये। हिन्दुस्तान जिंक चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर के लोकेशन हेड आलोक रंजन ने बताया कि खाद के लिए चित्तौडगढ़ में शुरू होने वाले प्लांट से राजस्थान एवं निकटवर्ती क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस कारखाने की क्षमता दो चरणों में 10 लाख टन प्रतिवर्ष उत्पादन की रहेगी जिसमें डाई अमोनियम फॉस्फेट, नाईट्रोजन फॉस्फोरस पोटेशियम तथा अमोनियम फॉस्फेट सल्फेट रहेगी। फॉस्फेट खाद के उत्पादन से पुरे राजस्थान के किसान को लाभ होगा और उसकी पैदावार में बढ़त होगी। इस कारखाने के आने के बाद खाद की माँग एवं पूर्ति में संतुलन आएगा। राजस्थान देश में फर्टिलाइजर खाद के मामलें में आत्मनिर्भर होगा। इस कारखाने को बनाने में 2700 करोड़ रूपए से अधिक का निवेश किया जा रहा है। पर्यावरण सरंक्षण और प्रदूषण मुक्त होगा खाद कारखाना इस कारखाने में दुनिया की बेहतरीन तकनीक एचडीएच और पीएनप्लस का उपयोग किया जा रहा हैं। इसका सीधा फायदा किसानों को मिलेगा, खाद के हर दाने में पोषक तत्व एक समान होंगे। धूल मुक्त और मजबूत दाने होने से खाद डालना आसान होगा और भंडारण में भी समस्या नहीं आएगी। यह कारखाना अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित है जिसमें पर्यावरण सरंक्षण का विशेष ध्यान रखा जाएगा तथा शून्य प्रदूषण होगा। वर्तमान कारखाने में उत्पादित सल्फ्युरिक एसिड का उपयोग कच्चे माल के रूप में होगा। लगभग 100 करोड़ रूपए सुरक्षा एवं पर्यावरण क्षेत्र में उच्च औद्योगिक मानिक हेतु खर्च किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि कारखाने के निकटवर्ती क्षेत्रों के निवासियों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभ होगा । 80 फीसदी स्थानीय लोगो को मिलेगा रोजगार देश और प्रदेश में लगातार बढ़ती खाद की आवश्कता को देखते हुए यह संयंत्र महत्वपूर्ण है। जनसुनवाई में ग्रामवासियों ने समुदाय विकास और रोजगार की मांग रखी। स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार के अवसर मिलेंगे कारखाना निर्माण के दौरान एवं बनने के बाद लगभग 5 हजार व्यक्तियों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। आर्थिक एवं सामाजिक रूप से निकटवर्ती क्षेत्र के निवासियों के जीवन स्तर में व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेगा। अप्रत्यक्ष रूप से मकान किराया, भूमि किराया, व्यापार में वृद्धि किराणा, सब्जी, ढाबे, होटल, यातायात टेम्पो एवं टेक्सी, ट्रक कपड़ा व्यवसाय सिलाई, विद्यालय जैसे कई क्षेत्रों में रोजगार बढ़ेगा । सामाजिक सुविधाओं का विकास चिकित्सा सुविधाओं, वंचितों को शिक्षा और स्वयं सहायता समूहों के गठन के रूप में होगा। इस संयंत्र से राज्य को कर के रूप में राजस्व प्राप्त होगा स्थानीय समुदाय के लिए खाद आसानी से उपलब्ध होंगी। रोजगार में प्राथमिकता देने, क्षेत्र के शिक्षित युवाओं को अधिक से अधिक जिंक कौशल विकास केंद्र से जोडकर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की। जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने हिन्दुस्तान जिंक के सीएसआर कार्यक्रमों से उन्हें जोड कर अधिक से अधिक लाभान्वित करने की बात कही। ग्रामीणों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा विकास हो, जिससे उनके जीवन स्तर में और अधिक सुधार हो सके। जनसुनवाई के अंत में चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स के लोकेशन हेड आलोक रंजन ने सभी ग्रामवासियों को यह विश्वास दिलाया कि जिंक प्रबंधन द्वारा आस पास के क्षेत्र में विकास में कोई कमी नही रखी जाएगी। प्लांट में रोजगार के लिए 80 प्रतिशत स्थानीय लोगो को रोजगार में प्राथमिकता दी जाएगी। इसमें महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। रोजगार की समस्या को दूर करने में महत्वपूर्ण रूप से सैना में, पुलिस में, सीआरपीएफ में, अग्निवीर भर्ती के लिए युवाओं और स्थानिय लोगो को देश सेवा से जोडने के उद्धेश्य से उन्हें तैयारी के लिए उच्च स्तरीय कोचिंग सेन्टर से जुड कर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। किसानो के लिए समाधान परियोजना के माध्यम से किसानों को ड्रीप इरिगेशन, आधुनिक खेती के लिए ट्रेनिंग, किसानों को उन्नत खेती के लिए एक्सपोजर विजिट सहित बहुत सारे प्रयास करते है। अभी हम समय समय पर निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर लगा रहे है। गांवों में जमीन को उपजाउ बनाने के लिए रिसर्च इंस्टीट्यूट के साथ मिल कर उसे उपजाउ बनाने के लिए टाई अप करेगें जिसका खर्च हिन्दुस्तान जिंक की ओर से किया जाएगा। जनसभा में आजोलिया का खेडा के सरपंच जगदीश जाट, सुभाष शर्मा पुठोली प्रशासक महिपाल सिंह, उपसरपंच चंद्रभान सिंह, कंथारिया सरपंच कालूराम जाट, देवकिशन जाट, पूर्व सरपंच चैगावडी रवीन्द्र सिंह, आजोलिया का खेडा से परमेश्वर जाट, देवकिशन जाट, सतपुडा से राजू सिंह, रमेश जाट, ज्योति जोशी, प्रियंका जांगीड, शीतल मेनारिया, गोटिया चुंडावत, मिटठूलाल, श्याम लाल मेनारिया, हरीश बैरवा, नगरी से रिंकू मेघवाल, दुर्गेश तिवारी, नितेश जाट, हेमंतराज तेली सहित अन्य अतिथि गण, आस पास के क्षेत्र के ग्रामीण, युवा महिलाएं, हिन्दुस्तान जिंक की सीएसआर परियोनाएं सखी, समाधान, खुशी, शिक्षा संबंल, कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवा से जुडे लाभार्थी उपस्थित थे।
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- Post by Lucky sukhwal1
- Post by Apni news Athana1
- राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र का भीलवाड़ा अपनी अनोखी परंपराओं के लिए जाना जाता है। होली के सात दिन बाद शीतला सप्तमी के दिन यहां पिछले 428 वर्षों से “मुर्दे की सवारी” की अनोखी परंपरा निभाई जा रही है। इस परंपरा में एक जिंदा युवक को अर्थी पर लिटाकर उसकी शव यात्रा निकाली जाती है। यह सवारी भीलवाड़ा शहर की चित्तौड़ वालों की हवेली से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से गुजरती हुई बड़े मंदिर के पास समाप्त होती है। जुलूस के दौरान अर्थी पर लेटा युवक कभी उठकर बैठ जाता है, कभी हाथ हिलाता है तो कभी पानी भी पी लेता है, जिसे देखकर लोग हैरान रह जाते हैं। इस अनोखी परंपरा को देखने के लिए भीलवाड़ा ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों से भी हजारों लोग पहुंचते हैं और रंग-गुलाल उड़ाते हुए इस जुलूस में शामिल होते हैं। यह परंपरा मेवाड़ की संस्कृति, आस्था और लोक परंपराओं की एक अनूठी मिसाल है।1
- Post by Narendra kumar Regar1
- मनासा। नगर में मंगलवार को सेन समाज महिला मंडल द्वारा अनुपपुरा गली में स्थित रघुनाथ मंदिर पर बड़े ही हर्षोल्लास के साथ फाग उत्सव का आयोजन किया गया। जिसमे सभी महिलाओ ने फूलों और सुखी गुलाल के साथ नृत्य व फाग गीतों का आनंद लिया। कार्यक्रम के दौरान श्याम दीवानी ग्रुप की ओर से बिंदु श्याम सोनी ने भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी, सभी उपस्थित सेन समाज महिलाओं और बच्चों ने राधा कृष्ण के भजनों पर पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए एवं फाग के रंगों और भजनों के साथ उत्सव का भरपूर आनंद लिया।1
- Post by Dr CP Patel 8302083835 आयुष हॉस्पिटल1