जोधपुर से परशुराम महादेव मंदिर तक निकाली जाने वाली पैदल यात्रा के बैनर का विमोचन परशुराम महादेव पैदल यात्रा के बैनर का विमोचन जोधपुर (दिव्य संस्कार न्यूज़ )। जोधपुर से परशुराम महादेव मंदिर तक निकाली जाने वाली पैदल यात्रा के बैनर का विमोचन संस्थान के अध्यक्ष शंकरलाल कच्छवाहा के नेतृत्व में किया गया। प्रवक्ता जयसिंह कच्छवाहा ने बताया कि गत 29 वर्षों से हर वर्ष जोधपुर से परशुराम महादेव तक पैदल यात्रा निकाली जा रही है। इसकी तैयारियां जोरों के साथ चल रही है। इस बार यह यात्रा 8 अगस्त को जोधपुर से रवाना होगी। इस यात्रा के बैनर का विमोचन आज किया गया। इस अवसर अध्यक्ष शंकरलाल कच्छवाहा, गोमादेवी कच्छवाहा, प्रमोद कुमार सांखला, रजत कच्छवाहा, डाक्टर आशीष कच्छवाहा, हरिनंदन कच्छवाहा, गजेंद्र गहलोत, मुकुल पंवार उपस्थित थे। सोमवार को संस्थान की बैठक आयोजित की जाएगी जिसमें यात्रा संबंधी तैयारियों की समीक्षा कर व्यवस्था पर चर्चा की जाएगी।
जोधपुर से परशुराम महादेव मंदिर तक निकाली जाने वाली पैदल यात्रा के बैनर का विमोचन परशुराम महादेव पैदल यात्रा के बैनर का विमोचन जोधपुर (दिव्य संस्कार न्यूज़ )। जोधपुर से परशुराम महादेव मंदिर तक निकाली जाने वाली पैदल यात्रा के बैनर का विमोचन संस्थान के अध्यक्ष शंकरलाल कच्छवाहा के नेतृत्व में किया गया। प्रवक्ता जयसिंह कच्छवाहा ने बताया कि गत 29 वर्षों से हर वर्ष जोधपुर से परशुराम महादेव तक पैदल यात्रा निकाली जा रही है। इसकी तैयारियां जोरों के साथ चल रही है। इस बार यह यात्रा 8 अगस्त को जोधपुर से रवाना होगी। इस यात्रा के बैनर का विमोचन आज किया गया। इस अवसर अध्यक्ष शंकरलाल कच्छवाहा, गोमादेवी कच्छवाहा, प्रमोद कुमार सांखला, रजत कच्छवाहा, डाक्टर आशीष कच्छवाहा, हरिनंदन कच्छवाहा, गजेंद्र गहलोत, मुकुल पंवार उपस्थित थे। सोमवार को संस्थान की बैठक आयोजित की जाएगी जिसमें यात्रा संबंधी तैयारियों की समीक्षा कर व्यवस्था पर चर्चा की जाएगी।
- जालौर शनिवार को भेरुनाथ अखाड़े के पीर गंगा नाथ जी महाराज ने चातु मार्च के लिए वेरठ गांव किया प्रस्थान जालौर शनिवार को भेरुनाथ अखाडे के पीर गंगा नाथ जी महाराज ने चातु मार्च के लिए वेरठ गांव के लिए किया प्रस्थान भेरुनाथ अखाड़े से ढोल धमाका के साथ शोभायात्रा रवाना हुई शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों पर नृत्य की प्रस्तुति दी इस दौरान महिलाओं ने मांगलिक गीतों का गायन कर भक्ति मैं प्रस्तुति दी शोभायात्रा भेरुनाथ अखाड़े से रवाना होकर अस्पताल चौराया जोशी सर्कल सूरजपोल भीनमाल रोड होते हुए वेरठ गांव पहुंची जहां पर ग्रामीणों ने पीर जी का स्वागत अभिनंदन किया शोभा यात्रा का जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत अभिनंदन किया शोभायात्रा में सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे3
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी विवाद – रुछिका सिंह ने मांगी माफी बहीरंग माफी: CJP कार्यकर्ता रुछिका सिंह ने देशवासियों से वीडियो जारी कर क्षमा मांगी। उन्होंने स्वीकार किया कि प्रदर्शन के दौरान दूसरों के उकसावे और दबाव में आकर ही उनके मुंह से अनुचित शब्द निकले। - भविष्य का आश्वासन: सिंह ने भरोसा दिलाया कि आगे कभी ऐसी घटना दोहराई नहीं जाएगी। - कानूनी कार्रवाई: इस मामले में नोएडा पुलिस ने FIR दर्ज की है। जांच को दिल्ली पुलिस को सौंपा गया है। - राजनीतिक प्रतिक्रिया: घटना पर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आईं। यह विवाद दिखाता है कि सार्वजनिक मंचों पर दिए गए बयान कितने संवेदनशील होते हैं। राजनीतिक व्यक्तित्वों पर व्यक्तिगत टिप्पणी न केवल सामाजिक असंतोष को जन्म देती है, बल्कि कानूनी कार्रवाई का कारण भी बन सकती है।1
- जैसलमेर में दर्दनाक हादसा: ऊंट से भिड़ी सेना की SUV, कई बार पलटी; मेजर की मौत, दो लेफ्टिनेंट गंभीर जैसलमेर। शहर के पास थईयात आर्मी एरिया में गुरुवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में भारतीय सेना के एक युवा मेजर की मौत हो गई, जबकि दो लेफ्टिनेंट गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब तेज रफ्तार टाटा सफारी के सामने अचानक ऊंट आ गया और वाहन उससे जा टकराया। जानकारी के अनुसार, मेजर हमजा आरिफ अपने साथी अधिकारियों के साथ ड्यूटी पूरी कर आर्मी स्टेशन लौट रहे थे। रात करीब 12:30 बजे जैसलमेर शहर से लगभग 18 किलोमीटर दूर थईयात आर्मी एरिया के पास सड़क पर अचानक ऊंट आ जाने से SUV उससे टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन अनियंत्रित होकर करीब 4 से 5 बार पलट गया और लगभग 100 मीटर तक घिसटता चला गया। हादसे के बाद वाहन में सवार तीनों अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही मिलिट्री और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और वाहन में फंसे अधिकारियों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने मेजर हमजा आरिफ को मृत घोषित कर दिया। मेजर हमजा आरिफ की उम्र करीब 26 वर्ष बताई जा रही है और वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि उनकी शादी करीब एक महीने पहले ही हुई थी। हादसे में घायल लेफ्टिनेंट आयुष्मान और लेफ्टिनेंट अभिनव राठौड़ का सेना के अस्पताल में इलाज चल रहा है। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है। मेजर के पार्थिव शरीर को राजकीय जवाहर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। हादसे की वजह और पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस तथा आर्मी पुलिस संयुक्त रूप से जांच कर रही है।1
- पुलिस ने केबल चोरी के दो आरोपियों को किया गिरफ्तार; तांबे के तार और बाइक बरामद, पुछताछ जारी: राजसमंद के आमेट थाना क्षेत्र का मामला1
- 200 साल की हिन्दी पत्रकारिता पर पुस्तक का लोकार्पण वरिष्ठ पत्रकारों और विशेषज्ञों ने विचार रखे नागौर/जयपुर,,जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (जार) द्वारा हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक विशेष पुस्तक का प्रकाशन किया गया। जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी (JNU) के मीडिया स्कूल के सहयोग से प्रकाशित इस पुस्तक का लोकार्पण शनिवार को जेएलएन मार्ग स्थित मोटूराम प्रसादम में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने बदलते दौर में पत्रकारिता की चुनौतियों और संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं पीआईबी के एडिशनल डायटेक्टर डॉ धर्मेश भारती ने कहा कि पत्रकारिता में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। इस बदलते दौर में भारत सरकार भी मीडिया एवं पत्रकारों के लिए कई योजनाएं लाई है। वेलफेयर फंड में प्रभावित पत्रकारों को आर्थिक मदद की जा रही है। डॉ. धर्मेश भारती ने पीआईबी और डिजिटल युग के नियमों की जानकारी देते हुए बताया कि यह पुस्तिका पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए चेतना का कार्य करेगी। *कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जेएनयू के वाइस चांसलर प्रो. वी सी प्रोफेसर एच एन वर्मा ने कहा कि पुस्तक मीडिया के छात्रों ओर नई पीढ़ी को मार्गदर्शन करेगी। इसमें बताया गया हिन्दी पत्रकारिता का इतिहास से मीडिया जगत को जानने का मौका मिलेगा। विशिष्ठ अतिथि पिंकसिटी प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष डॉ वीरेंद्र सिंह राठौड़ ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि 200 साल पहले की पत्रकारिता आजादी और देश सेवा का एक मिशन थी, जो अब धीरे-धीरे बाजारवाद में तब्दील हो रही है।मीडिया के बदलते दौर में हर स्तंभ में बदलाव और गिरावट देखने को मिल रही है। विशिष्ठ अतिथि डॉ. विवेक शर्मा ने कहा कि डॉक्टर, राजनेता और पत्रकार को राष्ट्रीयता और समाज के प्रति प्रेम का होना बेहद अनिवार्य है। केवल पैसा कमाने की सोच रखने वाले लोग इन क्षेत्रों में कभी सफल नहीं हो सकते। विशिष्ठ अतिथि वरिष्ठ पत्रकार श्याम माथुर ने कहा कि तेजी से बदलती पत्रकारिता के बीच यह किताब छात्रों और नए पत्रकारों के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होगी। वहीं डॉ. मौलिक शाह ने पुस्तक के बारे में बताया। पुस्तक की डिजायनिंग में सहयोग करने वाले जेएनयू छात्रों को स्मृति चिन्ह देकर अभिनंदन किया। समारोह में नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स, इंडिया (NUJI) के राष्ट्रीय महासचिव निर्वाचित होने पर राकेश कुमार शर्मा का जार के साथियों ने स्वागत किया। इस मौके पर जार राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष संजय सैनी, महासचिव सुरेश पारीक, संगठन मंत्री भंवर सिंह कुशवाह, उपाध्यक्ष जगदीश शर्मा एवं मणिमाला शर्मा, प्रदेश सचिव अशोक श्रीमाल, जार जयपुर अध्यक्ष लेशिश जैन, महासचिव विशाल माथुर, जयपुर ग्रामीण अध्यक्ष सुरेश शर्मा, कोषाध्यक्ष बनवारी लाल शर्मा, अजमेर जार अध्यक्ष अकलेश शर्मा समेत बड़ी संख्या में जार पदाधिकारी एवं वरिष्ठ पत्रकार मौजूद रहे।3
- पुर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जादूगर हेराफेरी में माहिर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के शासनकाल में केवल हेरा फेरी, भ्रष्टाचार और कर्मचारियों का शोषण हुआ। आज हमारी सरकार में हर वर्ग को उनका अधिकार और कर्मचारियों को समय पर वेतन व पेंशन बिना किसी रुकावट के मिल रही है। राजस्थान की जनता सब देख रही है और समझती है कि पारदर्शिता और सुशासन ही असली विकास का आधार है।1
- humare village ke people pareshan ho gye hai aana jana band ho jata hai jab barish ka pani dono taraf aa jata hai हमारे मदद करे4
- बेड़ा के युवा उद्यमी ने आदिवासी 300 महिलाओं को दिया रोजगार,सीताफल-जामुन से बनाई सफलता की नई कहानी* *बेड़ा के युवा उद्यमी ने आदिवासी 300 महिलाओं को दिया रोजगार,सीताफल-जामुन से बनाई सफलता की नई कहानी* उपखण्ड बाली क्षेत्र बेड़ा के युवा उद्यमी ने आदिवासी महिलाओं को दिया रोजगार, सीताफल-जामुन से बनाई सफलता की नई कहानी बेड़ा कस्बे के युवा उद्यमी मुकेश ओझा ने उदयपुर के पास जसवंतगढ़ में अपनी सोच, नवाचार और सामाजिक सरोकार के दम पर आदिवासी अंचल की महिलाओं के लिए रोजगार का नया मॉडल तैयार किया है उन्होंने जंगलों में मिलने वाले सीताफल और जामुन जैसे फलों का प्रसंस्करण कर फूड प्रोसेसिंग का कार्य शुरू किया, जिससे आज करीब 300 आदिवासी महिलाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है । डीके देवासी को जानकारी गिरीश वियास देते हुए मुकेश ओझा ने बताया कि आदिवासी क्षेत्रों में हर वर्ष बड़ी मात्रा में सीताफल और जामुन उपलब्ध होते हैं, लेकिन समय पर बाजार नहीं मिलने के कारण अधिकांश फल खराब हो जाते थे किसानों और आदिवासी परिवारों को इसका उचित मूल्य नहीं मिल पाता था इसी समस्या को अवसर में बदलने की सोच के साथ उन्होंने फूड प्रोसेसिंग यूनिट की नवम्बर 2025 में सखी एग्रो कम्पनी से शुरुआत की कंपनी के माध्यम से महिलाएं फल संग्रह, छंटाई, गूदा निकालने, प्रसंस्करण और पैकेजिंग जैसे कार्यों से जुड़ी हैं। इससे उन्हें अपने गांव के आसपास ही रोजगार मिल रहा है और उनकी आय में लगातार वृद्धि हो रही है। यह पहल आदिवासी परिवारों के लिए आर्थिक संबल बनकर उभरी है ओझा ने बताया कि कंपनी प्राकृतिक स्वाद और गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हुए सीताफल और जामुन से विभिन्न उत्पाद तैयार कर रही है। इन उत्पादों में किसी प्रकार के कृत्रिम स्वाद या रसायनों का उपयोग नहीं किया जाता, जिससे उपभोक्ताओं को प्राकृतिक और पौष्टिक उत्पाद उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल व्यवसाय करना नहीं, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। भविष्य में इस पहल का विस्तार कर और अधिक महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की योजना है ग्रामीणों का कहना है कि पहले जंगलों से मिलने वाले फल बेकार चले जाते थे, लेकिन अब उन्हें उचित दाम मिलने लगे हैं महिलाओं को गांव में ही रोजगार मिलने से परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उनके जीवन स्तर में भी सुधार आया है मुकेश ओझा की यह पहल आज ग्रामीण उद्यमिता, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी है सीमित संसाधनों से शुरू हुआ यह प्रयास अब सैकड़ों परिवारों के लिए आजीविका का मजबूत आधार बन गया है2