कासगंज में जिलाधिकारी प्रणय सिंह और पुलिस अधीक्षक ओ.पी. सिंह ने 24 जून 2026 को जनपद के विभिन्न कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इन संस्थानों में अग्नि सुरक्षा और जनसुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद स्थापित कर अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्गों की स्थिति और आपदा की स्थिति में अपनाई जाने वाली सुरक्षा प्रक्रियाओं के बारे में विस्तृत जानकारी ली। विद्यार्थियों को फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग, शांतिपूर्वक भवन खाली करने के तरीकों और आपातकालीन सेवाओं जैसे 101 तथा 112 पर तत्काल सूचना देने के महत्व के प्रति जागरूक भी किया गया। निरीक्षण में संस्थानों में मौजूद अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता, आपातकालीन निकास द्वारों की स्थिति, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, फायर एनओसी की वैधता और भवन की संरचना का भी गहन मूल्यांकन किया गया। निरीक्षण के बाद, अधिकारियों द्वारा संस्थानों के लिए कई प्रमुख निर्देश जारी किए गए। इनमें प्रत्येक संस्थान में मानक के अनुरूप कार्यशील फायर एक्सटिंग्विशर, बालू की बाल्टियां और अन्य अग्निशमन उपकरण हर समय उपलब्ध रखने, आपातकालीन निकास मार्गों को हमेशा अवरोधमुक्त रखने, विद्युत फिटिंग को सुरक्षित रखने तथा विद्युत भार को संतुलित बनाए रखने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, स्टाफ और विद्यार्थियों को नियमित रूप से अग्निशमन एवं निकासी प्रशिक्षण प्रदान करने तथा समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए गए। फायर एनओसी की वैधता सुनिश्चित करने को भी अनिवार्य बताया गया। जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी कोचिंग तथा लाइब्रेरी संचालकों को अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन करना होगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि प्रशासन का यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कासगंज में जिलाधिकारी प्रणय सिंह और पुलिस अधीक्षक ओ.पी. सिंह ने 24 जून 2026 को जनपद के विभिन्न कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इन संस्थानों में अग्नि सुरक्षा और जनसुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद स्थापित कर अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्गों की स्थिति और आपदा की स्थिति में अपनाई जाने वाली सुरक्षा प्रक्रियाओं के बारे में
विस्तृत जानकारी ली। विद्यार्थियों को फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग, शांतिपूर्वक भवन खाली करने के तरीकों और आपातकालीन सेवाओं जैसे 101 तथा 112 पर तत्काल सूचना देने के महत्व के प्रति जागरूक भी किया गया। निरीक्षण में संस्थानों में मौजूद अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता, आपातकालीन निकास द्वारों की स्थिति, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, फायर एनओसी की वैधता और भवन की संरचना का भी गहन मूल्यांकन किया गया। निरीक्षण के बाद, अधिकारियों द्वारा संस्थानों के
लिए कई प्रमुख निर्देश जारी किए गए। इनमें प्रत्येक संस्थान में मानक के अनुरूप कार्यशील फायर एक्सटिंग्विशर, बालू की बाल्टियां और अन्य अग्निशमन उपकरण हर समय उपलब्ध रखने, आपातकालीन निकास मार्गों को हमेशा अवरोधमुक्त रखने, विद्युत फिटिंग को सुरक्षित रखने तथा विद्युत भार को संतुलित बनाए रखने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, स्टाफ और विद्यार्थियों को नियमित रूप से अग्निशमन एवं निकासी प्रशिक्षण प्रदान करने तथा समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित
करने के निर्देश दिए गए। फायर एनओसी की वैधता सुनिश्चित करने को भी अनिवार्य बताया गया। जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी कोचिंग तथा लाइब्रेरी संचालकों को अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन करना होगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि प्रशासन का यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- जीवन में कई ऐसे पल आते हैं जब हमें अपने प्रियजनों के सहयोग और साथ की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, और ऐसे ही एक कठिन समय का सामना लेखक ने भी किया। इस दौरान उन्हें अपने करीबी लोगों के समर्थन की सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी, लेकिन उसी घड़ी कुछ लोगों का व्यवहार बदल गया और उन्होंने दूरी बना ली। जिन पर सबसे अधिक भरोसा था, वे उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे, जिससे लेखक को काफी दुख पहुँचा। हालाँकि, इसी अनुभव ने उन्हें आत्मनिर्भर बनना भी सिखाया, और अब वे समझते हैं कि कठिन समय ही सच्चे रिश्तों की पहचान कराता है।1
- अलीगढ़ जनपद के थाना दादों क्षेत्र के सिंधौली खुर्द गांव में 23 जून को एक बारात पर जानलेवा हमला किया गया, जिसमें बारातियों को लाठी-डंडों और तमंचों से लैस असामाजिक तत्वों ने जमकर पीटा तथा महिलाओं से अभद्रता करते हुए उनके सोने-चांदी के आभूषण छीन लिए। यह बारात रामघाट क्षेत्र के जरगवां गांव से आई थी। जानकारी के अनुसार, बारात चढ़त के दौरान गांव के एक दर्जन से अधिक असामाजिक तत्वों ने शराब के नशे में गाली-गलौज और मारपीट कर कहर बरपाया, जिसकी सूचना डायल 112 पर दी गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस मामले को शांत होने के बाद वापस चली गई। पुलिस के जाने के बाद, बारात की विदाई के समय रास्ते में बारातियों को रोककर इन असामाजिक तत्वों ने लाठी-डंडों और तमंचों से लैस होकर फिर से मारपीट शुरू कर दी और महिलाओं से अभद्रता करते हुए उनके सोने-चांदी के आभूषण छीनकर ले गए। पीड़ित बारातियों ने दोबारा डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पीड़ितों ने पुलिस को घटना की पूरी जानकारी दी और थाने में शिकायत करने की बात कहकर चले गए। अब पीड़ित बारातियों ने थाना दादों में इस जानलेवा हमले और लूटपाट के मामले में पांच नामजद सहित अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।2
- कानपुर में हुए अग्निकांड की घटना के बाद, कानपुर पुलिस कमिश्नर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विभिन्न होटल, कोचिंग, हॉस्टल और अस्पताल संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में जॉइंट पुलिस कमिश्नर डॉ. विपिन ताडा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई भी संस्थान निर्धारित सुरक्षा मानकों के विपरीत कार्य कर रहा है, तो उसे तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। इस महत्वपूर्ण चर्चा में सिविल पुलिस के अलावा फायर विभाग, नगर निगम और केडीए के अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों को आग लगने की स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों और बचाव के तरीकों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। इसी क्रम में, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, हॉस्टलों और स्कूलों सहित 1000 से अधिक संस्थानों का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान, अग्निशमन विभाग ने 40 से अधिक संस्थाओं को कमियां पाए जाने पर नोटिस जारी किए हैं। इन संस्थाओं के प्रतिनिधियों से सुरक्षा उपायों को बेहतर बनाने और उन्हें सुरक्षित बनाने के लिए सुझाव भी मांगे गए हैं।1
- बुदायूँ जिले के बिलसी क्षेत्र के एक गांव में, ग्रामीणों को खुले में खोदे गए नालों से गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ता ने बताया है कि ये नाले उनके घर के पास ही खोदे गए हैं और इनमें किसी भी जानवर या छोटे बच्चे के गिरने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में अभी तक कोई भी विकास कार्य नहीं कराया गया है, और प्रधान द्वारा भी उनके गांव में कोई काम नहीं करवाया जा रहा है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।1
- उत्तर प्रदेश अग्निशमन विभाग में बुलेट खरीद को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिसमें विभाग के महानिदेशक (DG) पर ₹8 लाख प्रति बुलेट के हिसाब से बड़े घोटाले का आरोप लगा है। बताया गया है कि विभाग ने जो बुलेट ₹11 लाख में खरीदी है, उसकी असल कीमत मात्र ₹3 लाख है। यह गंभीर आरोप फायरमैन जितेंद्र राठौर द्वारा लगाए गए हैं, जिन्होंने लखनऊ में एक अग्निकांड स्थल पर पहुँचकर इस मामले को उजागर किया।1
- ग्रामीण महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित किसी भी समस्या के लिए अब संपर्क करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इच्छुक व्यक्ति दिए गए संपर्क नंबरों 9027999866 और 9454229115 पर किसी भी समय व्हाट्सएप संदेश भेज सकते हैं।4
- मोहर्रम के अवसर पर लोगों को त्योहार को सही ढंग से मनाने का निर्देश दिया गया है। जारी संदेश में विशेष रूप से मातम पर अधिक जोर न देने की बात कही गई है। इसके साथ ही, महिलाओं के पढ़ने के संबंध में भी उल्लेख किया गया है।1
- अलीगढ़ में स्मार्ट सिटी परियोजना के नाम पर लोगों के साथ कथित तौर पर ठगी की जा रही है, जहाँ उनके घरों की पानी की टंकियों में गंदे नाले का पानी आ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय निवासियों ने नगर निगम के लोगों और अधिकारियों से बात की, लेकिन उन्हें किसी से भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद, अलीगढ़ के सांसद सतीश गौतम से इस मामले में शिकायत की गई है, जिसमें उनसे जल्द सुनवाई करने और लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखने का आग्रह किया गया है। शिकायत में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि 'सेहत है तो सब कुछ है, सेहत नहीं तो कुछ भी नहीं है', और लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए। सांसद से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की गई है।1