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सतना जिले में महिला थाना प्रभारी श्वेता मौर्य ने एक गर्ल्स कॉलेज में छात्राओं को साइबर अपराध और उससे सुरक्षित रहने के तरीकों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। इस दौरान, उन्होंने साइबर सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 के विषय में भी विस्तृत रूप से बताया।
Shiv Singh rajput dahiya journ
सतना जिले में महिला थाना प्रभारी श्वेता मौर्य ने एक गर्ल्स कॉलेज में छात्राओं को साइबर अपराध और उससे सुरक्षित रहने के तरीकों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। इस दौरान, उन्होंने साइबर सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 के विषय में भी विस्तृत रूप से बताया।
More news from Satna and nearby areas
- शाजापुर में विद्युत विभाग की कथित लापरवाही के चलते एक आउटसोर्स कर्मचारी मनीष मीणा की मौत हो गई। इस घटना को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और कालापीपर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक कुलाण चौधरी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया जाए। इसके साथ ही, कुलाण चौधरी ने मृतक मनीष मीणा के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने की भी बात कही है।2
- सतना जिले के अमरपाटन में नारायण मोबाइल शॉप ग्राहकों के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर मोबाइल रिपेयरिंग की सुविधा उपलब्ध करा रही है। यह दुकान सतना रोड पर संजय किराना स्टोर के ठीक सामने स्थित है। ग्राहक अपने मोबाइल की मरम्मत के लिए नारायण त्रिपाठी से 7225812343 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- सोशल मीडिया पर कानपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पुलिसकर्मी दो युवकों को पकड़े हुए दिख रहे हैं, जिन पर पुलिस ने मोबाइल चोरी में शामिल होने का आरोप लगाया है। वीडियो के अनुसार, पुलिसकर्मी कथित तौर पर लड़कों को एक मोबाइल का डिब्बा पकड़ने के लिए दे रहे हैं, जिस पर एक युवक निडर होकर कहता है कि 'चोरी नहीं की तो डिब्बा क्यों पकड़ूं?' युवक तर्क दे रहा है कि अगर उसने चोरी नहीं की है, तो उसे पुलिस के आरोपों के सामने झुकने या सबूत के तौर पर डिब्बा पकड़ने के लिए मजबूर क्यों किया जा रहा है। यह वीडियो इंटरनेट पर व्यापक बहस का विषय बन गया है, जहां कुछ लोग इसे पुलिस की कार्यप्रणाली पर तंज के रूप में देख रहे हैं, वहीं आम जनता पुलिस की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठा रही है। #KanpurPolice, #ViralVideo, #UPPolice, #Justice, #CrimeNews जैसे हैशटैग्स के साथ यह वीडियो चर्चा में है, और लोग इस बात की मांग कर रहे हैं कि जिस तरह से इन युवकों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया है, उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सोशल मीडिया पर यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि क्या किसी निर्दोष को इस तरह सार्वजनिक रूप से अपमानित करना या जबरन सबूत थमाना सही है?1
- महाराष्ट्र में एक निर्माणाधीन हनुमान मंदिर की छत गिरने से एक दुखद दुर्घटना हुई है। इस हादसे में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है। मलबे से निकाले गए लगभग 25 घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं।1
- मैहर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम इटमा में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ हाल ही में बनी पानी की टंकी निर्माण के कुछ ही दिनों बाद अचानक भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि घटना के समय वहाँ मौजूद लोग समय रहते हट गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक व्यक्ति बाल-बाल बच गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पानी की टंकी के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिसमें सीमेंट की जगह चूने की डस्ट और निम्न गुणवत्ता की सामग्री इस्तेमाल की गई थी। उनका कहना है कि इसी कारण टंकी मामूली दबाव भी नहीं झेल सकी और अपने आप ढह गई, जिसके बाद ग्राम पंचायत इटमा के सरपंच और जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की कि यदि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ कराया गया होता तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती, और यदि टंकी गिरने के समय वहाँ अधिक लोग मौजूद होते तो बड़ा जनहानि का हादसा हो सकता था। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने दोषी ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा निर्माण कार्य में हुए कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग उठाई है।1
- मैहर के वार्ड 1 में स्थानीय सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। बार-बार यह प्रश्न किया जा रहा है कि क्षेत्र में दिख रही स्थिति वास्तविक सफाई का उदाहरण है या केवल एक दिखावा और छलावा मात्र है।1
- जनपद पंचायत मैहर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत इटमा में ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित पानी की टंकी निर्माण के कुछ ही दिनों बाद भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि इस घटना के समय आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और एक व्यक्ति बाल-बाल बच गया। इस घटना ने न केवल निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि ग्राम पंचायत स्तर पर हो रहे विकास कार्यों की निगरानी व्यवस्था को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पानी की टंकी के निर्माण में गुणवत्ता मानकों की खुलेआम अनदेखी की गई और मजबूत निर्माण के बजाय घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। इसी कारण टंकी पानी का सामान्य दबाव भी नहीं सह सकी और कुछ ही दिनों में धराशायी हो गई। टंकी गिरने के बाद पूरे गांव में पंचायत के कार्यों को लेकर भारी नाराजगी और आक्रोश है। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच किसने की और पूरा होने के बाद भुगतान किस आधार पर किया गया, जबकि इतनी जल्दी पूरी संरचना ढह गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक टंकी का गिरना नहीं है, बल्कि सरकारी धन के उपयोग और निर्माण कार्यों की पारदर्शिता पर एक बड़ा सवाल है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की जाती तो यह स्थिति नहीं बनती। घटना के बाद ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने, निर्माण कार्य की तकनीकी जांच करवाने तथा दोषी ठेकेदार, संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्राम पंचायत इटमा की यह गिरी हुई पानी की टंकी अब सिर्फ मलबा नहीं, बल्कि उन अनसुलझे सवालों का ढेर है जिनका जवाब ग्रामीण प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों से मांग रहे हैं। अनिल कुशवाहा के अनुसार, यह टंकी गिरने के साथ ही विकास कार्यों की सच्चाई भी उजागर हो गई है, जिससे यह टंकी भ्रष्टाचार का स्मारक बन गई है।1
- सतना जिला अस्पताल को लेकर एक कटाक्षपूर्ण टिप्पणी सामने आई है, जिसमें यह दावा किया गया है कि वहाँ 'विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं' प्रदान की जाती हैं। इस संदर्भ में लोगों से तंज कसते हुए मुस्कुराने को कहा गया है, क्योंकि वे सतना जिला अस्पताल में हैं।1