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बहराइच के फखरपुर में एक शादी समारोह के दौरान सड़क पर मिले सुतली बम के फटने से 8 साल का बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है। इस घटना से गाँव में दहशत का माहौल है।
Mohd Aamir
बहराइच के फखरपुर में एक शादी समारोह के दौरान सड़क पर मिले सुतली बम के फटने से 8 साल का बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है। इस घटना से गाँव में दहशत का माहौल है।
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- तहसील कैसरगंज क्षेत्र में दशमी मुहर्रम का पर्व पूरे अकीदत और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों से ताजिया जुलूस निर्धारित मार्गों से होते हुए अपने-अपने कर्बला स्थलों तक पहुंचे, जहाँ धार्मिक परंपराओं के अनुसार ताजियाओं को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस अवसर पर पूरे दिन हजारों की संख्या में अकीदतमंदों की मौजूदगी रही, जिन्होंने मातमी जुलूस, नौहा-ख्वानी और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। दशमी मुहर्रम के आयोजन को लेकर जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय रहा, जिसमें उपजिलाधिकारी कैसरगंज अखिलेश कुमार सिंह और पुलिस क्षेत्राधिकारी कैसरगंज डी.के. श्रीवास्तव ने लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था की निगरानी की। अधिकारियों ने संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कैसरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न गांवों और कस्बों में निकले सभी ताजिया जुलूस शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए। प्रशासन द्वारा पहले से निर्धारित रूट व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराया गया, तथा प्रमुख चौराहों, बाजारों और कर्बला स्थलों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस टीमों ने लगातार गश्त कर क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने का कार्य किया। इस दौरान हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की एक सुंदर मिसाल देखने को मिली, जहाँ स्थानीय लोगों ने जुलूस में शामिल अकीदतमंदों का स्वागत किया और प्रशासन के साथ मिलकर व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया। क्षेत्र के सम्मानित नागरिकों, धर्मगुरुओं एवं ताजियादारों ने भी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरे आयोजन के दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना, विवाद अथवा कानून व्यवस्था संबंधी समस्या की कोई सूचना नहीं मिली। प्रशासन की सतर्कता, पुलिस बल की मुस्तैदी और आम जनता के सहयोग के कारण दशमी मुहर्रम का पर्व सौहार्दपूर्ण और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर अधिकारियों ने क्षेत्रवासियों, ताजियादारों, धर्मगुरुओं एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक सौहार्द, आपसी सम्मान और भाईचारे की भावना ही क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत है। प्रशासन ने भविष्य में भी इसी प्रकार सभी धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।1
- प्रज्ञा मिश्रा ने कहा कि बकरी चोरी और दान चोरी जैसे अपराधों में लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है और उन्हें जेल भी जाना पड़ता है। इसी क्रम में सिंधी समाज के राजू मनवाणी ने बताया कि विश्व हिंदू सिंधी सेवा संस्थान द्वारा 26 जनवरी 2021 को राम मंदिर को एक किलो की 200 चांदी की ईंटें भेंट की गई थीं। मनवाणी के अनुसार, इस दान के बावजूद उन्हें आज तक इसकी रसीद नहीं मिली है।1
- बाराबंकी जनपद के रामनगर थाना क्षेत्र में मोहर्रम के पवित्र अवसर पर अकीदत और गम का माहौल देखने को मिला। आदर्श नगर पंचायत रामनगर सहित ग्राम पंचायत गनेशपुर, महादेवा और आसपास के क्षेत्रों से मुस्लिम समाज के लोग ताजिया लेकर पहुंचे, जिससे पूरा क्षेत्र हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में गमगीन नजर आया। मोहर्रम के मौके पर निकाले गए ताजिया जुलूस में मुस्लिम समाज के बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। जुलूस में शामिल युवा आगे-आगे चलते हुए मातम कर रहे थे, हाथों में ताजिया लिए और दिलों में इमाम हुसैन की शहादत की याद संजोए अकीदतमंदों ने पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ जुलूस निकाला। मातम के दौरान युवाओं ने 'या हुसैन' की सदाओं के साथ अपने गम का इजहार किया। काले कपड़े पहने कई लोग भी गम का इजहार करते दिखे, जिसमें बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। ताजियों को आकर्षक तरीके से सजाया गया था, जिन्हें देखने के लिए स्थानीय लोगों की भीड़ भी जुटी रही। सुबह से ही क्षेत्र में एक अलग माहौल था, जहाँ लोगों ने अपने घरों से निकलकर ताजिया जुलूस में शिरकत की और रास्ते भर मातम करते हुए इमाम हुसैन व कर्बला के शहीदों को याद किया। पूरे क्षेत्र में शांति और सौहार्द का वातावरण बना रहा। जुलूस के दौरान पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा; रामनगर थाना क्षेत्र में पुलिस कर्मी तैनात थे और त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए निगरानी कर रहे थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि मोहर्रम केवल गम का त्योहार नहीं, बल्कि इंसाफ, सच्चाई और कुर्बानी की याद दिलाने वाला अवसर है। हर वर्ष की तरह इस बार भी रामनगर क्षेत्र में लोगों ने पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ ताजिया निकाला और मातम कर इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। मोहर्रम के इस मौके पर रामनगर, गनेशपुर और महादेवा क्षेत्रों में भाईचारे और आपसी सौहार्द की एक मिसाल पेश की गई।1
- नानपारा में 10 मुहर्रम के अवसर पर अकीदतमंदों ने हज़रत इमाम हुसैन (रज़ि.) और कर्बला के शहीदों को नम आँखों से याद किया। पूरे क्षेत्र में गमगीन माहौल के बीच ताजिया जुलूस निकाले गए, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। अंत में, पारंपरिक रस्मों के साथ ताजियों को कर्बला में सुपुर्द-ए-ख़ाक (दफ़न) किया गया। इस दौरान अमन, भाईचारे और इंसानियत का संदेश भी दिया गया, साथ ही प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे।2
- बाराबंकी जिले के सिरौली गौसपुर क्षेत्र में स्थित बदोसराय थाने के अंतर्गत आने वाली किंतुर, सैदनपुर और मरकामऊ (बदोसराय) पंचायतों में मोहर्रम का त्योहार पूरी अकीदत और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया। इस अवसर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिसकी कमान उप जिलाधिकारी सिरौली गौसपुर के कुशल संयोजन में स्वयं थाना प्रभारी रामऔतार सरोज ने संभाली थी। थाना प्रभारी रामऔतार सरोज और उनकी पूरी पुलिस टीम ने हर संवेदनशील पॉइंट पर मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाई, जिसके कारण यह पूरा आयोजन बिना किसी बाधा के और बेहद सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। इमाम हुसैन की शहादत के प्रतीक इस त्योहार में अकीदतमंदों ने नम आंखों से ताजियों को विदाई दी। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन की इस सजगता और उत्कृष्ट सुरक्षा व्यवस्था की खुले दिल से प्रशंसा की है।1
- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के नानपारा में, हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के 72 शहीदों की याद में मोहर्रम का पर्व अकीदत और परंपराओं के अनुसार शांतिपूर्वक मनाया गया। इस पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस क्षेत्राधिकारी पहुप सिंह, अतिरिक्त व्यवस्था में आए ज़ैदी, और प्रभारी निरीक्षक राजनाथ सिंह अपनी टीम के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे। इसके साथ ही, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, और लेखपाल मनीष कुमार ने भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। मोहर्रम के अवसर पर, शिया समुदाय के लोगों ने इमामबाड़े में हजरत इमाम हुसैन की याद में जलती हुई आग पर चलकर मातम किया, जिससे लोगों की आँखें नम हो गईं। किला मोहल्ले से लेकर इमामबाड़ा सज्जादिया तक जुलूस निकाला गया, जिसमें 'या हुसैन' की सदाएं बुलंद करते हुए सीना-जनी की गई और कर्बला की जंग के शहीदों को याद किया गया। अकीदतमंदों ने मोहर्रम की 9 और 10 तारीख को रोजे रखे, और बेगम वाली मस्जिद में मौलाना मोइनुद्दीन कादरी ने यौमे आशूरा की नमाज अदा कराई। चीकवा मोहल्ले में अलेक्सा मस्जिद का रोजा भी बनाया गया। परंपरा के अनुसार, मोहर्रम कमेटी नानपारा के अध्यक्ष नदीम चौधरी, भोला कुरैशी, शफीक कुरैशी, सैयद अब्दुल वली और उनकी टीम ने इमामगंज चौराहे पर ध्वनि विस्तारक यंत्र स्थापित कर पूरे आयोजन का संचालन किया। इमामगंज चौराहे पर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से आए ताजियादारों ने अपने-अपने ताजियों का मिलान किया, जिसके बाद सभी अपने कर्बला पहुँचे। मोहर्रम कमेटी के पदाधिकारियों ने पुलिस क्षेत्रअधिकारी पहुप सिंह, प्रभारी निरीक्षक राजनाथ सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल वहीद, और अन्य सहयोगियों को साफा पहनाकर सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में सभासद और भाजपा के वरिष्ठ नेता ओमप्रकाश गुप्ता, प्रकाश वीर गुप्ता, विनय प्रकाश, अजय गुप्ता, तीरथ राम साहू, पत्रकार सत्य प्रकाश गुप्ता, नागेंद्र सिंह, अपराध निरोधक समिति के केशव कुमार मौर्य, कुशवाहा, उद्योग व्यापार मंडल नानपारा के अध्यक्ष सोहेल अहमद, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष नसीबुन्निशा, नानपारा जिला बनाओ समिति के केशव पांडे, शकील अंसारी, संत बहादुर वर्मा, सुरेश शाह, सरफराज सिद्दीकी, अब्दुल कादिर, अजय मित्तल, इरशाद सोनू, विवेक श्रीवास्तव, सैयद कलीम अब्बास, मुस्तफा अली खान, हलीम अंसारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।4
- हजरत इमाम हुसैन की शहादत को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, टिकैतनगर में सेवा सदन हॉस्पिटल और रुदौली चैरिटेबल ब्लड सेंटर ने मिलकर एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ सेवा सदन हॉस्पिटल के एमडी रितेश जैन ने स्वयं रक्तदान करके किया, जिससे अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिली। उनके इस प्रेरणादायी कदम के बाद अमृतलाल, निशांत, अशोक तिवारी, पवन कसेरा, अमित, दिलदार अहमद, अरुण कुमार, एरर अहमद और ग्राम पूर्वा निवासी बद्री सहित कई लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता और भाईचारे का संदेश दिया। रक्तदान करने वाले सभी 'रक्तवीरों' को रुदौली के प्रसिद्ध इमामबाड़े की आकर्षक प्रतिकृति (मोमेंटो) भेंट कर सम्मानित किया गया। इसी के साथ, सेवा सदन हॉस्पिटल ने जरूरतमंद मरीजों को दो दिनों की निःशुल्क दवाइयां भी वितरित कीं। इस अवसर पर मेदांता लखनऊ के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अब्दुल अजीज और स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. आयशा सिंह, साथ ही सेवा सदन हॉस्पिटल के समस्त चिकित्सक एवं स्टाफ उपस्थित रहे। इस पुण्य कार्य के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि "एक यूनिट रक्त, किसी की पूरी जिंदगी बचा सकता है" और "रक्तदान महादान" है, क्योंकि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।4
- बहराइच जिले में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए यातायात पुलिस ने एक बड़ा अभियान चलाया है। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की गई, जिसके तहत कुल 714 वाहनों का चालान किया गया। इन चालानों के माध्यम से ₹9,20,900 का शमन शुल्क अधिरोपित किया गया। अभियान के दौरान कुल 6 वाहनों को सीज किया गया। विशेष उल्लंघनों पर भी कार्रवाई की गई, जिसमें एक दोपहिया वाहन पर मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने के लिए, 12 वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न होने के कारण मोटर वाहन अधिनियम के तहत और 77 दोपहिया वाहनों पर तीन सवारी बैठाने के लिए कार्रवाई शामिल है। इसके अतिरिक्त, चार पहिया वाहनों पर काली फिल्म लगाने वाले 4 वाहनों से फिल्म हटवाकर कार्रवाई की गई। नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के 2 मामलों में वाहनों को सीज कर यातायात परिसर में दाखिल किया गया। इसी क्रम में, परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त चेकिंग के दौरान 14 अन्य वाहनों को भी सीज किया गया। यातायात पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और लोगों से यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करने की अपील की गई है।2