*3.36 लाख लोगों को खिलाएंगे फाइलेरिया रोधी दवा* बाँदा।प्रदेश फाइलेरिया उन्मूलन की ओर अग्रसर है। जिले के नरैनी ब्लाक को भी इस बीमारी से मुक्त कराना है। इसलिए ब्लाक के सभी पात्र तीन लाख 36 हजार लोगों को 10 से 28 फरवरी के बीच चलने जा रहे सर्वजन दवा सेवन (आईडीए) अभियान के दौरान फाइलेरियारोधी दवाएं खिलानी है। यही फाइलेरिया जैसी गंभीर व दीर्घकालिक बीमारी से बचाव का एकमात्र उपाय है। अभियान के तहत फाइलेरियारोधी दवाएं—आईवरमेक्टिन, डीईसी और एल्बेंडाजोल, स्वास्थ्यकर्मियों के सामने खिलाई जाएंगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विजेंद्र सिंह ने शुक्रवार को आयोजित मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 51 जिलों के 782 ब्लाक में फैली यह बीमारी अब सिमट रही है। इस बार के आईडीए अभियान में 21 जिलों के 64 ब्लाक में ही यह अभियान चलाया जा रहा है। इसमें जिले का नरैनी ब्लाक भी है। हमें अपने जिले से इस बीमारी को भगाना है। इसका एक ही तरीका है कि एक साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं व अत्यंत गंभीर मरीजों के अलावा सभी लोग स्वधर्म समझकर फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन करें। सीएमओ कार्यालय में आयोजित इस कार्यशाला में उन्होंने बताया कि कालिंजर उत्सव में भी 15 से 17 फरवरी तक कैम्प लगाकर मेले में आने वाले सभी लोगों को दवा खिलाई जाएगी। इसके अलावा 17 फरवरी को फाइलेरिया मरीजों को एमएमडीपी किट वितरित की जाएगी। उन्होंने बताया कि आईडीए अभियान पाँच स्तम्भीय रणनीति पर आधारित है, जिसमें डब्ल्यूएचओ अनुशंसित दवाओं का प्रत्यक्ष निगरानी में सेवन, रुग्णता प्रबंधन एवं रोकथाम, वेक्टर नियंत्रण, विभागीय समन्वय तथा जन-आंदोलन के रूप में समुदाय की भागीदारी शामिल है। इसके साथ ही डिजिटल टूल्स के माध्यम से रियल-टाइम रिपोर्टिंग एवं नए डायग्नोस्टिक उपकरणों का भी उपयोग किया जा रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बताया कि फाइलेरिया, (हाथीपांव) मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होने वाला संक्रामक तथा दिव्यांगता उत्पन्न करने वाला रोग है। पहले यह जिले के 10 ब्लाक में फैला था लेकिन दवा सेवन का उच्च कवरेज प्राप्त होने के कारण नौ ब्लाक में प्रसार काफी कम हो गया है, इसलिए इस बार सिर्फ नरैनी ब्लॉक में आईडीए अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी। यदि किसी कारणवश घर पर दवा सेवन संभव न हो, तो आशा कार्यकर्ता के घर को डिपो के रूप में चिन्हित किया गया है, जहाँ जाकर दवा का सेवन किया जा सकता है। संवेदीकरण कार्यशाला में समुदाय स्तर पर सीएचओ-पीएसपी प्लेटफार्म के माध्यम से जनजागरूकता गतिविधियाँ संचालित करने वाली बघेलाबारी आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सीएचओ रोशनी ने बताया कि उनका समूह लगातार आसपास के गांव में लोगों में जागरूकता फैलाता है। वे न सिर्फ फाइलेरिया ब्लकि ट्यूबरक्लोसिस समेत अन्य रोगों के प्रति भी लोगों को जागरूक करते हैं। बदौसा गांव से आए फाइलेरिया मरीज दिलीप कुमार ने बताया कि उन्हें 25 साल पहले हाथीपांव हो गया था। बहुत इलाज कराया लेकिन ठीक नहीं हुआ। अब तो बस एक ही लक्ष्य है कि किसी और को यह रोग न हो। इसके लिए भरसक जागरूकता करते रहते हैं। रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. लाल दिवाकर सिंह ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए कम से कम 90 प्रतिशत पात्र आबादी का दवा सेवन आवश्यक है, क्योंकि अधिकतर संक्रमित व्यक्ति लक्षणहीन वाहक होते हैं और अनजाने में संक्रमण फैलाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि “कोई भी पात्र व्यक्ति न छूटे” अभियान का मूल संदेश है, जो प्रदेश सरकार की फाइलेरिया उन्मूलन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। दवा खाली पेट नहीं लेनी है और स्वास्थ्यकर्मी के सामने ही खाना है। उन्होंने कहा कि दवा सेवन के बाद चक्कर या जी मिचलाने जैसे हल्के लक्षण शुभ संकेत हैं, घबराने की आवश्यकता नहीं है। यह स्वतः ठीक हो जाते हैं। कार्यशाला में एसीएमओ वीबीडी डॉ आरएन प्रसाद भी मौजूद रहे।
*3.36 लाख लोगों को खिलाएंगे फाइलेरिया रोधी दवा* बाँदा।प्रदेश फाइलेरिया उन्मूलन की ओर अग्रसर है। जिले के नरैनी ब्लाक को भी इस बीमारी से मुक्त कराना है। इसलिए ब्लाक के सभी पात्र तीन लाख 36 हजार लोगों को 10 से 28 फरवरी के बीच चलने जा रहे सर्वजन दवा सेवन (आईडीए) अभियान के दौरान फाइलेरियारोधी दवाएं खिलानी है। यही फाइलेरिया जैसी गंभीर व दीर्घकालिक बीमारी से बचाव का एकमात्र उपाय है। अभियान के तहत फाइलेरियारोधी दवाएं—आईवरमेक्टिन, डीईसी और एल्बेंडाजोल, स्वास्थ्यकर्मियों के सामने खिलाई जाएंगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विजेंद्र सिंह ने शुक्रवार को आयोजित मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 51 जिलों के 782 ब्लाक में फैली यह बीमारी अब सिमट रही है। इस बार के आईडीए अभियान में 21 जिलों के 64 ब्लाक में ही यह अभियान चलाया जा रहा है। इसमें जिले का नरैनी ब्लाक भी है। हमें अपने जिले से इस बीमारी को भगाना है। इसका एक ही तरीका है कि एक साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं व अत्यंत गंभीर मरीजों के अलावा सभी लोग स्वधर्म समझकर फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन करें। सीएमओ कार्यालय में आयोजित इस कार्यशाला में उन्होंने बताया कि कालिंजर उत्सव में भी 15 से 17 फरवरी तक कैम्प लगाकर मेले में आने वाले सभी लोगों को दवा खिलाई जाएगी। इसके अलावा 17 फरवरी को फाइलेरिया मरीजों को एमएमडीपी किट वितरित की जाएगी। उन्होंने बताया कि आईडीए अभियान पाँच स्तम्भीय रणनीति पर आधारित है, जिसमें डब्ल्यूएचओ अनुशंसित दवाओं का प्रत्यक्ष निगरानी में सेवन, रुग्णता प्रबंधन एवं रोकथाम, वेक्टर नियंत्रण, विभागीय समन्वय तथा जन-आंदोलन के रूप में समुदाय की भागीदारी शामिल है। इसके साथ ही डिजिटल टूल्स के माध्यम से रियल-टाइम रिपोर्टिंग एवं नए डायग्नोस्टिक उपकरणों का भी उपयोग किया जा रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बताया कि फाइलेरिया, (हाथीपांव) मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होने वाला संक्रामक तथा दिव्यांगता उत्पन्न करने वाला रोग है। पहले यह जिले के 10 ब्लाक में फैला था लेकिन दवा सेवन का उच्च कवरेज प्राप्त होने के कारण नौ ब्लाक में प्रसार काफी कम हो गया है, इसलिए इस बार सिर्फ नरैनी ब्लॉक में आईडीए अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी। यदि किसी कारणवश घर पर दवा सेवन संभव न हो, तो आशा कार्यकर्ता के घर को डिपो के रूप में चिन्हित किया गया है, जहाँ जाकर दवा का सेवन किया जा सकता है। संवेदीकरण कार्यशाला में समुदाय स्तर पर सीएचओ-पीएसपी प्लेटफार्म के माध्यम से जनजागरूकता गतिविधियाँ संचालित करने वाली बघेलाबारी आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सीएचओ रोशनी ने बताया कि उनका समूह लगातार आसपास के गांव में लोगों में जागरूकता फैलाता है। वे न सिर्फ फाइलेरिया ब्लकि ट्यूबरक्लोसिस समेत अन्य रोगों के प्रति भी लोगों को जागरूक करते हैं। बदौसा गांव से आए फाइलेरिया मरीज दिलीप कुमार ने बताया कि उन्हें 25 साल पहले हाथीपांव हो गया था। बहुत इलाज कराया लेकिन ठीक नहीं हुआ। अब तो बस एक ही लक्ष्य है कि किसी और को यह रोग न हो। इसके लिए भरसक जागरूकता करते रहते हैं। रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. लाल दिवाकर सिंह ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए कम से कम 90 प्रतिशत पात्र आबादी का दवा सेवन आवश्यक है, क्योंकि अधिकतर संक्रमित व्यक्ति लक्षणहीन वाहक होते हैं और अनजाने में संक्रमण फैलाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि “कोई भी पात्र व्यक्ति न छूटे” अभियान का मूल संदेश है, जो प्रदेश सरकार की फाइलेरिया उन्मूलन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। दवा खाली पेट नहीं लेनी है और स्वास्थ्यकर्मी के सामने ही खाना है। उन्होंने कहा कि दवा सेवन के बाद चक्कर या जी मिचलाने जैसे हल्के लक्षण शुभ संकेत हैं, घबराने की आवश्यकता नहीं है। यह स्वतः ठीक हो जाते हैं। कार्यशाला में एसीएमओ वीबीडी डॉ आरएन प्रसाद भी मौजूद रहे।
- बांदा ग्राम जमालपुर में आज भव्य कलशयात्रा का हुआ आयोजन जिसको लेकर शिवचरण शुक्ला प्रधान प्रतिनिधि की नातिन नैंसी शुक्ला ने मीडिया को दी जानकारी1
- बांदा। जनपद के बबेरू कस्बे में चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक पूरा मकान अचानक पोकलैंड मशीन के ऊपर भरभराकर गिर पड़ा। गनीमत रही कि समय रहते राहत कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। घटना का लाइव वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- *मोटरसाइकिल चोरी करने वाले दो अभियुक्त गिरफ्तार। बाँदा।पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण लगाये जाने तथा वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में आज दिनांक 06.02.2026 को थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा मोटरसाइकिल चोरी करने वाले दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है । थाना गिरवां क्षेत्र के ग्राम बांसी के रहने वाले विमल गुप्ता पुत्र रमेश गुप्ता द्वारा दिनांक 05.02.2026 को थाना कोतवाली नगर पर सूचना दी कि दिनांक 28.01.2026 को अज्ञात लोगों द्वारा उनकी मोटरसाइकिल सब्जी मंडी से चोरी कर ली गई है । सूचना पर तत्काल थाना कोतवाली नगर पर अभियोग पंजीकृत करते हुए अभियुक्तों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे थे । इसी क्रम में आज दिनांक 06.02.2026 को थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा गश्त एवं चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर दो अभियुक्तों को अतर्रा रोड बाईपास के पास से गिरफ्तार किया गया । अभियुक्तों के कब्जे से बोरी में मोटरसाइकिल के कटे हुए विभिन्न बॉडी पार्ट्स बरामद हुए । कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनो अभियुक्तों ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि दिनांक 28.01.2026 को लोहा मंडी सब्जी मार्केट बांदा के पास से चुराया था और उसके विभिन्न कल-पुर्जों को अलग कर बेचने जा रहे थे । *अभियुक्तों के पास से चोरी के मोटरसाइकिल पैशन प्रो के कटे हुए रिम, एलाय व्हील, टायर, पेट्रोल की टंकी, सीट, चेचिस, साइलेंसर आदि सहित विभिन्न पार्ट्स बरामद हुए हैं। *गिरफ्तार अभियुक्त- सुमित पुत्र छोटेलाल निवासी छोटी बाजार थाना कोतवाली नगर जनपद बांदा । 2. राजू पुत्र बेडा निवासी मुरवा थाना गिरवां जनपद बांदा के निवासी हैं।1
- #Apkiawajdigital बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में महिला सुरक्षा के दावों को ठेंगा दिखाने वाला एक शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ एक सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर युवती ने पुलिस विभाग के एक सिपाही पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का कहना है कि वह एक मनचले की शिकायत लेकर थाने पहुँची थी, लेकिन वहाँ तैनात पुलिसकर्मी ने मदद करने के बजाय उसका मानसिक और भावनात्मक शोषण शुरू कर दिया। क्या है पूरा मामला ? पीड़ित युवती के अनुसार, फैज अंसारी नाम का एक युवक उसके डांस वीडियो को बिना अनुमति इंस्टाग्राम पर डाल रहा था और कमेंट्स में अभद्र गालियां दे रहा था। इस साइबर प्रताड़ना से तंग आकर युवती न्याय की गुहार लगाने पुलिस के पास पहुँची। रक्षक ही बना भक्षक युवती का आरोप है कि मामले की जाँच के दौरान उसकी मुलाकात पुलिसकर्मी कुलदीप राठी से हुई। आरोप है कि शिकायत पर कार्रवाई करने के बदले कुलदीप राठी ने युवती का नंबर ले लिया और उस पर निजी तौर पर मिलने का दबाव बनाने लगा। युवती का दावा है कि पुलिसकर्मी ने उससे 'आपत्तिजनक मांग' की और उसे लगातार प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। > "मैं फैज अंसारी के डर से पुलिस के पास सुरक्षा माँगने गई थी, लेकिन मुझे नहीं पता था कि खाकी वर्दी में बैठा शख्स ही मेरे लिए मुसीबत बन जाएगा। अब मुझे दोहरा मानसिक दर्द झेलना पड़ रहा है।" — पीड़ित युवती > उच्चाधिकारियों से कार्रवाई की मांग मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। पीड़िता ने शासन-प्रशासन और माननीय प्रधानमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके। जिले के आला अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी रोष है और आरोपी पुलिसकर्मी के निलंबन की मांग उठ रही है।1
- ब्रेकिंग न्यूज बांदा बांदा-अतिक्रमण हटाते समय पोकलैंड मशीन के ऊपर गिरा पूरा मकान बड़ी घटना होते होते टली घटना का लाइव वीडियो आया सामने घटना में पोकलैंड चालक हुआ घायल बबेरु तहसील प्रशासन की लापरवाही आई सामने कार्य करने वाले वर्कर्स को नहीं दिए गए कोई भी सुरक्षा के उपकरण जिससे किसी दुर्घटना से बचाव हो सके। चालक को इलाज के लिए अस्पताल में कराया गया भर्ती वही व्यापारियों ने घटना के लिए तहसील प्रशासन सहित पीडब्ल्यूडी को ठहराया दोषी लापरवाही पूर्ण तरीके से चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान से किसी भी समय हो सकता है बड़ा हादसा मामला बांदा जनपद के बबेरू कस्बे में चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान से जुड़ा हुआ हैl1
- *बांदा*- शहर कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत के ग्राम पंचायत मवई बुजुर्ग गांव के नई बस्ती में चोरों ने दो मकानों को बनाया अपना निशाना, दीवाल तोड़कर दो घरों से की गई चोरी ,आपको बता दे कि बीती रात गांव के ही महेश प्रजापति पुत्र दुलुवा प्रजापति कहीं बाहर गया हुआ था सूना मौका पाकर अज्ञात चोरों ने घर से 3 बकरिया जिसकी कीमत 35 हजार रुपए की चोरी कर ले गए हैं, वही दूसरे पीड़ित महेंद्र प्रजापति पुत्र प्रभु दयाल प्रजापति मवई निवासी के घर के पीछे से मकान की दीवार को तोड़कर चोर घर के अंदर घुसकर कमरे में रखे 3 कुंटल गेहूं ,चावल 30 किलो ,5 हजार रुपए व गृहस्थी का समान , और जरूरी कागजात आदि लेकर फरार हो गए चोर , गृहस्वामी महेंद्र प्रजापति ने बताया कि हम बाहर घर के सो रहे थे तभी वही पास में हमारी भैंस बंधी हुई थी जिसको चोरों ने खूंटे से खोल दिया था जिसके बाद हम लोग भैंस को ढूंढने के लिए घर से बाहर निकल गए थे इसके बाद चोरों ने हमारे घर के पीछे की दीवाल तोड़कर अंदर प्रवेश हुए और चोरी कर ले गए,पीड़ितो ने घटना की जानकारी पुलिस को भी दी है। *बाइट - 1महेंद्र प्रजापति गृहस्वामी* *बाइट - 2भूरी पीड़िता*1
- yah news sab sahi hai4
- #Apkiawajdigital वाराणसी के चोलापुर पोस्ट ऑफिस में गुरुवार दोपहर एक चौंकाने वाली घटना घटी, जब डाक विभाग के कर्मचारी सुशील सिंह की पैंट की जेब में रखे मोबाइल फोन में अचानक आग लग गई। घटना के दौरान सुशील सिंह अपने नियमित कार्य में व्यस्त थे, तभी उनकी जेब से तेज धुआं निकलने लगा और फोन गर्म होकर जल उठा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धुआं देखते ही सुशील सिंह ने तुरंत मोबाइल को जेब से निकालकर दूर फेंक दिया, जिससे आग फैलने से बचा और बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, फोन पूरी तरह जलकर खराब हो गया। इस दौरान पोस्ट ऑफिस परिसर में हड़कंप मच गया, कर्मचारी और मौजूद लोग घबरा उठे, अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुशील सिंह को मामूली झुलसने की शिकायत हुई, लेकिन उनकी हालत खतरे से बाहर है। प्रारंभिक जांच में मोबाइल की बैटरी में खराबी या ओवरहीटिंग को मुख्य कारण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि लिथियम-आयन बैटरी वाली फोन में कभी-कभी शॉर्ट सर्किट, पुरानी बैटरी या ज्यादा गर्मी से ऐसी घटनाएं हो सकती हैं, जो जेब में रखने पर और खतरनाक साबित होती हैं। यह घटना मोबाइल फोन की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े करती है। हाल के महीनों में देशभर में कई जगहों पर जेब में रखे फोन के फटने या जलने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे लोगों में डर बढ़ा है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पुराने या क्षतिग्रस्त फोन का इस्तेमाल न करें, चार्जिंग के दौरान फोन जेब में न रखें और ओवरहीटिंग होने पर तुरंत दूर रखें। पोस्ट ऑफिस अधिकारियों ने घटना की सूचना ऊपर पहुंचाई है और कर्मचारियों को ऐसे हादसों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जहां लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं। पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।1