*एरिकेशन विभाग की भारी लापरवाही: जर्जर पुलिया बनी हादसों की वजह* लोकेशन -- भोमा/ सिवनी संवाददाता - मोहित यादव जिला ब्यूरो चीफ़ सिवनी *9584667143* *40 गांवों को जोड़ने वाली पुलिया उपेक्षा का शिकार, हर दिन बढ़ रहा खतर* सिवनी/भोमा। एरिकेशन विभाग की गंभीर लापरवाही का खामियाजा क्षेत्र के हजारों नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। भोमा–विमला नगर मार्ग पर स्थित पुलिया वर्तमान में अत्यंत जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है,जिससे आए दिन हादसों की आशंका बनी हुई है। यह पुलिया लगभग 40 गांवों को आपस में जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है, इसके बावजूद विभाग द्वारा न तो मरम्मत कराई गई और न ही नए पुलिया निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों का गुजरना बेहद जोखिम भरा हो गया है। विशेष रूप से स्कूली बच्चों को रोजाना इसी मार्ग से आना-जाना पड़ता है, जिससे उनकी जान हर समय खतरे में रहती है। कई बार बच्चों के साथ दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बाद भी संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।हाल ही में इसी पुलिया के पास एक आर्टिका कार अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी, जिससे बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यह घटना पुलिया की बदहाली और एरिकेशन विभाग की लापरवाही को साफ तौर पर उजागर करती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिया की मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा और जानलेवा हादसा हो सकता है।ग्रामीणों द्वारा कई बार एरिकेशन विभाग एवं प्रशासन को लिखित आवेदन और शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। क्षेत्रवासियों में विभागीय उदासीनता को लेकर भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र पुलिया निर्माण कार्य शुरू कराया जाए, अन्यथा वे मजबूरन जन आंदोलन छेड़ने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी भी प्रकार की अनहोनी होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
*एरिकेशन विभाग की भारी लापरवाही: जर्जर पुलिया बनी हादसों की वजह* लोकेशन -- भोमा/ सिवनी संवाददाता - मोहित यादव जिला ब्यूरो चीफ़ सिवनी *9584667143* *40 गांवों को जोड़ने वाली पुलिया उपेक्षा का शिकार, हर दिन बढ़ रहा खतर* सिवनी/भोमा। एरिकेशन विभाग की गंभीर लापरवाही का खामियाजा क्षेत्र के हजारों नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। भोमा–विमला नगर मार्ग पर स्थित पुलिया वर्तमान में अत्यंत जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है,जिससे आए दिन हादसों की आशंका बनी हुई है। यह पुलिया लगभग 40 गांवों को आपस में जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है, इसके बावजूद विभाग द्वारा न तो मरम्मत कराई गई और न ही नए पुलिया निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों का गुजरना बेहद जोखिम भरा हो गया है। विशेष रूप से स्कूली बच्चों को रोजाना इसी मार्ग से आना-जाना पड़ता है, जिससे उनकी जान हर समय खतरे में रहती है। कई बार बच्चों के साथ दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बाद भी संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।हाल ही में इसी पुलिया के पास एक आर्टिका कार अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी, जिससे बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यह घटना पुलिया की बदहाली और एरिकेशन विभाग की लापरवाही को साफ तौर पर उजागर करती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिया की मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा और जानलेवा हादसा हो सकता है।ग्रामीणों द्वारा कई बार एरिकेशन विभाग एवं प्रशासन को लिखित आवेदन और शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। क्षेत्रवासियों में विभागीय उदासीनता को लेकर भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र पुलिया निर्माण कार्य शुरू कराया जाए, अन्यथा वे मजबूरन जन आंदोलन छेड़ने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी भी प्रकार की अनहोनी होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
- बस स्टैंड के पास तेज रफ्तार कार की टक्कर से स्कूटी सवार युवक गंभीर रूप से घायल, स्थानीय लोगों ने पहुंचाया जिला अस्पताल।1
- कोतवाली पुलिस ने वाहन चालकों को हेलमेट लगाने के लिए किया जागरूक, 35 वाहन चालकों के वाहन को कोतवाली थाने में दी गई समझाइए मंडला कोतवाली टीआई शफीक खान ने वाहन चालकों को हेलमेट के लिए किया जागरूक मंडला कोतवाली थाना प्रभारी टीआई शफीक खान द्वारा यातायात नियमों के पालन को लेकर विशेष अभियान चलाया गया। गुरुवार को शाम 5:30 बजे अभियान के दौरान 35 वाहन चालकों के वाहनों को कोतवाली पुलिस थाने में खड़ा कराया गया और वाहन चालकों को हेलमेट पहनने की समझाइश दी गई, जिसके बाद उन्हें चेतावनी देकर वाहन छोड़े गए। टीआई शफीक खान ने वाहन चालकों को बताया कि हेलमेट न केवल कानूनी अनिवार्यता है, बल्कि यह जीवन की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने भविष्य में यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। यह कार्रवाई सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आमजन को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से की गई।1
- नरसिंहपुर: संतों के साथ अभद्रता पर आक्रोश, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन नरसिंहपुर। प्रयागराज में मौनी अमावस्या के अवसर पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज, नन्हे बटुकों और बुजुर्ग संतों के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की गई कथित मारपीट और अभद्रता के विरोध में नरसिंहपुर में ज्ञापन सौंपा गया। सर्व ब्राह्मण सभा और सनातन धर्म प्रेमियों ने राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम संबोधित इस ज्ञापन में घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है 18 जनवरी को प्रयागराज में संतों को संगम स्नान से रोका गया और उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह कृत्य संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत प्राप्त धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है। 1
- मंडला - एड्स जागरूकता मिशन जिले में बना मज़ाक.... लक्ष्यगत हस्तक्षेप परियोजना की हकीकत कैमरे में हुई कैद … लाखों रुपये के कंडोम आग के हवाले...सरकारी फाइलों में जागरूकता,पोस्टरों में रैली…CMHO दिए जांच के आदेश1
- गुड भट्टी संचालक किसानों के पैसे लेकर उत्तराखंड भागा पीड़ित पहुंचे पुलिस अधीक्षक कार्यालय1
- जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर ने की स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास संबंधी योजनाओं की समीक्षा हाईरिस्क वाली गर्भवती माताओं के सुरक्षित प्रसव के लिए उचित प्रबंधन करने के निर्देश कलेक्टर श्री मृणाल मीना की अध्यक्षता में 22 जनवरी को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा आयुष विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा निर्देश दिये गए। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप, सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन, जिला आयुष अधिकारी डॉ. मिलिंद चौधरी, महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक श्री प्रशांत ठाकुर, सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारी, डीपीएम, सभी बीपीएम एवं सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में सर्वप्रथम गर्भवती माताओं के एएनसी पंजीयन की समीक्षा की गई। इस दौरान कलेक्टर श्री मीना ने निर्देशित किया कि माता के गर्भवती होते ही उसका अनमोल पोर्टल पर पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी गर्भवती माता का पंजीयन अनमोल पोर्टल पर शेष नही रहना चाहिए। पंजीयन के पश्चात गर्भवती माता का नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीकाकरण अनिवार्य रूप से किया जाए। जो गर्भवती माताऍ जांच के दौरान एनीमिया से ग्रसित पायी जाए ऐसी माताओं को हाईरिस्क वाली माताओं के रूप में चिन्हित कर उनके सुरक्षित प्रसव के लिए उचित प्रबंधन किये जाए। कलेक्टर श्री मीना ने सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि गर्भवती माताओं की स्वास्थ्य जांच का डेटा पोर्टल पर समय सीमा में दर्ज किया जाए। जिससे पता चल सके कि गर्भवती माता की किस दिनांक को जांच की गई है और उसका बीपी, हिमोग्लोबिन, वजन कितना है। इस कार्य में लापरवाही पाये जाने पर संबंधित एएनएम की जिम्मेदारी तय कर उसके विरूद्ध कडी कार्यवाही की जाए और गलत एंट्री पाये जाने पर सेवा समाप्ति की कार्यवाही की जाए। उन्होंने सभी बीएमओ से कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी रहेगी कि गर्भवती माताओं के पंजीयन एवं जांच की एंट्री अनिवार्य रूप से पोर्टल पर हो और वे नियमित रूप से इसकी मानीटरिंग करें। सभी अधिकारी यह भी ध्यान रखे कि गर्भवती माता को प्रसव के लिए प्रायवेट अस्पताल न जाना पडे। बैठक में निर्देशित किया गया कि गर्भवती माता के प्रसव का पूरा रिकार्ड ऑनलाईन पोर्टल पर दर्ज किया जाए। जिसमें प्रसव कहा पर हुआ, बच्चे का वजन कितना है आदि जानकारी होना चाहिए। हाईरिस्क वाली गर्भवती माताओं की काउंसलिंग करें और उन्हें समय पर जांच व उपचार के लिए 108 एम्बुलेंस सेवा का उपयोग करें। विकासखंड स्तर पर जिन केंद्रो में प्रसव की सुविधा उपलब्ध है वहां पर सुरक्षित प्रसव कराया जाए और अनावश्यक केस रेफर न किये जाए। बैठक में बताया गया कि एएनएम रीना रंगारे द्वारा अपने कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है इस पर उसका वेतन रोकने के निर्देश दिये गए। बैठक में निर्देशित किया गया कि जिले में कहीं पर भी प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम पीसीपीएनडीटी के अंतर्गत पंजीयन कराये बगैर सीटी स्कैन मशीन का संचालन नही होना चाहिए। सभी बीएमओ को निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रो का परख एप्प के माध्यम से निरीक्षण अनिवार्य रूप से करें। कलेक्टर श्री मीना ने कहा कि जिले में मातृ शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए माता के गर्भवती होने के साथ ही उसके पोषण एवं स्वास्थ्य पर निगरानी रखना है। प्रसव के उपरांत शिशु के पोषण स्तर पर भी नजर रखना है, जिससे शिशु कुपोषित न हो। महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने सेम एवं मेम श्रेणी के बच्चों का चिन्हांकन कर उन्हें कुपोषण से मुक्त कराने के लिए कारगर प्रयास करने के निर्देश दिये। आंगनवाडी केंद्रो के माध्यम से वितरित किये जाने वाले टीएचआर का सत्यापन करने के निर्देश दिये गए। जिले के सभी आंगनवाडी केंद्रो में 03 से 06 वर्ष तक के आयु के बच्चों को प्री स्कूल शिक्षा अनिवार्य रूप से दिलाने के निर्देश दिये गए और कहा गया कि सभी परियोजना अधिकारी एवं सुपरवाईजर आंगनवाडी केंद्रो का प्रोटोकॉल के अनुसार निरीक्षण करें और उसकी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से एंट्री करें। कलेक्टर श्री मीना ने कहा कि जिले में सक्षम आंगनवाडी के रूप में चिन्हित आंगनवाडी केंद्रो को प्रदाय किये गए एलईडी स्मार्ट टीवी एवं शुद्ध पेयजल के आरओ कार्य करते हुए मिलने चाहिए। जिन आंगनवाडी केंद्रो में आरओ के लिए ओव्हरहेड टैंक नही है वहां पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को इसकी व्यवस्था करने कहा जाएगा। आयुष विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान निर्देशित किया गया कि सभी आयुष आरोग्य मंदिर में आयुष चिकित्सकों व स्टॉफ की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सक एवं स्टॉफ पर कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए। कलेक्टर श्री मीना ने कहा कि जिन स्थानों पर आयुष विभाग के अस्पताल है वहां के मरीजों को जिला चिकित्सालय एवं खण्ड चिकित्सालय आने की आवश्यकता नही पडना चाहिए।1
- *थाना डूंडा सिवनी पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई में गौ-तस्करी का बड़ा खुलासा।* *जंगल क्षेत्र से जुड़े मामले में 5 आरोपी गिरफ्तार, कार, मोबाइल व हथियार जप्त।* *गिरफ्तारी के बाद आरोपियों का नगर में जुलूस निकालकर न्यायालय में किया गया पेश।* *गौवंश के विरुद्ध अपराध करने वालों के लिए सिवनी जिले में नहीं है कोई जगह।* *पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया— ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।* *जिला ब्यूरो चीफ़ मोहित यादव सिवनी की खाश रिर्पोट9584667143*1
- मारपीट का वीडियो वायरल… फिर भी नहीं लिखी FIR! क्या पीड़ितों को मिलेगा इंसाफ? पुलिस अधीक्षक से लगाई न्याय की गुहार।1
- आखिर सिस्टम कितना लूल होता जा रहा है जो काम पुलिस को करना चाहिए वह पत्रकार कर रहे है। स्टिंग ऑपरेशन के माध्यम से। 'गर्ल्स हॉस्टल से 17 साल की लड़की का रेट 25000': एजेंट्स बोले- लड़की आएगी फिर पैसा दीजिएगा, जैसा फिगर-उम्र वैसा चार्ज! हॉस्टल में रहने वाली बड़े घरों की लड़कियां मिल जाएंगी। जैसी आपकी डिमांड होगी वैसी लड़की मिलेगी। उम्र के हिसाब से रेट लगता है। 17 साल की लड़की का 25 हजार रुपए लगेगा। अगर 40 हजार दीजिएगा तो इससे भी कम उम्र की मिल जाएगी। आईडी फर्जी होगी और उस पर दर्ज उम्र भी फर्जी होगी। लड़की जाएगी तो आपको ओरिजिनल उम्र की आईडी दिखा देगी। बस दिन में ले जाइए और समय से वापस भेज दीजिए। वार्डन तो 1500 में सेट हो जाती है, लेकिन सेफ्टी के लिए लड़कियों को समय से हॉस्टल में वापस भेजना होता है। हमारी सर्विस कैश ऑन डिलिवरी वाली है, लड़की जाएगी तब पैसा दीजिएगा..।" यह दावा बिहार के गर्ल्स हॉस्टल से लड़कियों की सप्लाई करने वाले एजेंट्स कर रहे हैं। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन की टीम ने ऐसे एजेंट्स को बेनकाब किया है जो हॉस्टल के नाम पर सेक्स रैकेट चला रहे हैं। Lalu Prasad Yadav Priyanka Bharti Kanchan Yadav Akhilesh Yadav PMO India Rahul Gandhi Uma Bharti1