समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर शनिवार सुबह 11:30 बजे पार्टी का एक प्रतिनिधि मंडल पीलीभीत के बीसलपुर पहुंचा। प्रतिनिधि मंडल ने नगर पालिका परिषद के सुसाइड करने वाले कर्मचारी उपेंद्र शंखधार के परिजनों से मुलाकात कर उनसे बातचीत की। इस दौरान सपा प्रतिनिधि मंडल ने पीड़ित परिवार को हर संभव कार्रवाई कराने का भरोसा दिलाया। परिजनों से मिलने के बाद प्रतिनिधि मंडल ने नगर के एक होटल में प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस मौके पर सपा जिला अध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा, उत्तर प्रदेश समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर राजपाल कश्यप, पूर्व एमएलसी शशांक यादव, पूर्व एमएलसी अमित यादव उर्फ रिंकू, पूर्व एमएलसी जयेश प्रसाद, पूर्व मंत्री अनीस अहमद खां उर्फ फूल बाबू, बीसलपुर 130 विधानसभा की पूर्व प्रत्याशी दिव्या गंगवार और विधानसभा अध्यक्ष शैलेश शर्मा मौजूद रहे।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर शनिवार सुबह 11:30 बजे पार्टी का एक प्रतिनिधि मंडल पीलीभीत के बीसलपुर पहुंचा। प्रतिनिधि मंडल ने नगर पालिका परिषद के सुसाइड करने वाले कर्मचारी उपेंद्र शंखधार के परिजनों से मुलाकात कर उनसे बातचीत की। इस दौरान सपा प्रतिनिधि मंडल ने पीड़ित परिवार को हर संभव कार्रवाई कराने का भरोसा दिलाया। परिजनों से मिलने के बाद प्रतिनिधि मंडल ने नगर के एक होटल में प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस मौके पर सपा जिला अध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा, उत्तर प्रदेश समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर राजपाल कश्यप, पूर्व एमएलसी शशांक यादव, पूर्व एमएलसी अमित यादव उर्फ रिंकू, पूर्व एमएलसी जयेश प्रसाद, पूर्व मंत्री अनीस अहमद खां उर्फ फूल बाबू, बीसलपुर 130 विधानसभा की पूर्व प्रत्याशी दिव्या गंगवार और विधानसभा अध्यक्ष शैलेश शर्मा मौजूद रहे।
- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर वांगचुक पीछे हट गए हैं और उन्होंने अपने इस कदम के पीछे की पूरी वजह और कहानी खुद साझा की है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह एक दिवसीय दौरे पर पीलीभीत पहुंचे हैं।1
- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देश की शिक्षा व्यवस्था को फिर से संवारने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम करार दिया गया है। अपने भविष्य की रक्षा के लिए डटकर खड़े होने वाले देश भर के हर युवा और छात्र की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी गई है। इसके साथ ही देश भर के छात्रों पर गर्व व्यक्त करते हुए उनके इस कदम को सराहा गया है।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के बीसलपुर नगर में छात्रों ने पेपर लीक को लेकर जुलूस निकाला। जुलूस निकालने के बाद छात्रों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में शनिवार को बीसलपुर में विभिन्न कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी संचालकों के आह्वान पर करीब 200 छात्र-छात्राओं ने 'विद्यार्थी एकता' के बैनर तले प्रदर्शन किया। छात्रों ने अंबेडकर पार्क से तहसील तक करीब एक किलोमीटर पैदल मार्च निकालकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम नागेंद्र पांडे को सौंपा। मार्च के दौरान छात्र हाथों में तिरंगा और स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो", "शिक्षा में समानता दो" और "शिक्षा में जवाबदेही तय करो" जैसे नारे लगाए। छात्रों ने कहा कि हाल के घटनाक्रमों और पेपर लीक जैसी घटनाओं ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने इसके लिए जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। इस प्रदर्शन में सुरजीत कुमार, शिक्षक राजू, ओन लाइब्रेरी के संचालक, सैनिक लाइब्रेरी के संचालक, प्रखर सिंह कुशवाहा, सचिन पटेल, गगनदीप, ललित कुमार, आरती वर्मा, अंकिता गंगवार और शाहिद सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।1
- पीलीभीत के पूरनपुर में देश में लगातार हो रहे पेपर लीक, भर्ती घोटालों और 20 जुलाई को नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में भीम आर्मी (भारत एकता मिशन) ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष सौरभ भारतीय के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में जंतर-मंतर घटना की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने, घायल छात्रों को मुआवजा देने, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने सहित 13 मुख्य मांगें रखी गई हैं। संगठन ने सख्त चेतावनी दी है कि युवाओं के भविष्य और संवैधानिक अधिकारों से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा का हालिया संबोधन इस समय व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है और उनके भाषण ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। कार्यक्रम के समापन के बाद से ही सोशल मीडिया पर उनके इस वक्तव्य को लेकर लगातार तरह-तरह की प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं और उनके भाषण को बड़े पैमाने पर साझा किया जा रहा है। विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं और समर्थकों ने नेहा बोरा के इस वक्तव्य की जमकर सराहना की है। संबोधन के बाद से सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर भी नेहा बोरा का नाम लगातार छाया हुआ है और उनके भाषण की हर तरफ चर्चा हो रही है।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में छात्रों के समर्थन में जिला कांग्रेस द्वारा कैंडल मार्च एवं सत्याग्रह का आयोजन किया गया। छात्रों की मदद और उनके पक्ष में आवाज़ उठाने के उद्देश्य से जिला कांग्रेस ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आंदोलन के समर्थकों ने इसे छात्रों और युवाओं के संघर्ष की बड़ी जीत बताया है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने दावा किया है कि यह फैसला जनदबाव का परिणाम है और इस घटनाक्रम को एक ऐतिहासिक क्षण करार दिया है। वहीं, प्रदर्शन के समर्थन में उतरे समर्थकों ने सरकार के साथ-साथ मुख्यधारा के मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि आंदोलन को कमजोर दिखाने की कोशिश की गई। इस बीच, इन दावों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों और पक्षों की अपनी-अपनी राय सामने आ रही है।1