सड़कें बनीं मौत का जाल, गड्ढों में उतरकर फूटा जनता का गुस्सा: कांग्रेस-भाजपा एक मंच पर, नगर पंचायत की कार्यशैली पर गंभीर सवाल मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। नगर पंचायत खोंगापानी में विकास के दावों की पोल पहली ही बारिश ने खोल दी है। मुख्य मार्गों से लेकर मोहल्लों तक सड़कें गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। बारिश के पानी से लबालब भरे ये गड्ढे अब राहगीरों और वाहन चालकों के लिए मौत का जाल बन गए हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता लोगों के आक्रोश को और भड़का रही है। शुक्रवार को हालात तब असाधारण हो गए जब वर्षों की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता भुलाकर कांग्रेस और भाजपा के नेता, दोनों दलों के पार्षद तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक एक मंच पर आ गए। प्रदर्शनकारियों ने पानी से भरे गड्ढों में उतरकर अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया और नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यह दृश्य केवल सड़क की बदहाली का नहीं, बल्कि व्यवस्था के प्रति जनता के टूटते भरोसे का भी प्रतीक बन गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सड़क की जर्जर स्थिति से कई बार मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को अवगत कराया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। सड़क मरम्मत पर लाखों रुपये खर्च होने के दावों के बावजूद पहली ही बारिश में सड़कें उखड़ जाना निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत के विकास के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं। जमीनी हकीकत यह है कि आम नागरिक रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। गड्ढों और जलभराव ने पूरे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को संकट में डाल दिया है। जिला महासचिव जगदीश मधुकर ने कहा कि हर वर्ष बरसात में खोंगापानी की जनता इसी समस्या से जूझती है। प्रशासन केवल खानापूर्ति के लिए गड्ढे भरता है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कभी गंभीर प्रयास नहीं किए जाते। वहीं नगर पंचायत पार्षद मो. इरशाद ने कहा कि जनता की पीड़ा को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए उन्हें स्वयं गड्ढों में उतरकर प्रदर्शन करना पड़ा, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों की नींद टूट सके। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इन जानलेवा गड्ढों के कारण कोई बड़ा हादसा होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पंचायत प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी। उन्होंने तत्काल गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण एवं मरम्मत की मांग करते हुए स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो नगर पंचायत कार्यालय का घेराव कर उग्र जनआंदोलन छेड़ा जाएगा।
सड़कें बनीं मौत का जाल, गड्ढों में उतरकर फूटा जनता का गुस्सा: कांग्रेस-भाजपा एक मंच पर, नगर पंचायत की कार्यशैली पर गंभीर सवाल मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। नगर पंचायत खोंगापानी में विकास के दावों की पोल पहली ही बारिश ने खोल दी है। मुख्य मार्गों से लेकर मोहल्लों तक सड़कें गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। बारिश के पानी से लबालब भरे ये गड्ढे अब राहगीरों और वाहन चालकों के लिए मौत का जाल बन गए हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता लोगों के आक्रोश को और भड़का रही है। शुक्रवार को हालात तब असाधारण हो गए जब वर्षों की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता भुलाकर कांग्रेस और भाजपा के नेता, दोनों दलों के पार्षद तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक एक मंच पर आ गए। प्रदर्शनकारियों ने पानी से भरे गड्ढों में उतरकर अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया और नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यह दृश्य केवल सड़क की बदहाली का नहीं, बल्कि व्यवस्था के प्रति जनता के टूटते भरोसे का भी प्रतीक बन गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सड़क की जर्जर स्थिति से कई बार मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को अवगत कराया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। सड़क मरम्मत पर लाखों रुपये खर्च होने के दावों के बावजूद पहली ही बारिश में सड़कें उखड़ जाना निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत के विकास के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं। जमीनी हकीकत यह है कि आम नागरिक रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। गड्ढों और जलभराव ने पूरे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को संकट में डाल दिया है। जिला महासचिव जगदीश मधुकर ने कहा कि हर वर्ष बरसात में खोंगापानी की जनता इसी समस्या से जूझती है। प्रशासन केवल खानापूर्ति के लिए गड्ढे भरता है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कभी गंभीर प्रयास नहीं किए जाते। वहीं नगर पंचायत पार्षद मो. इरशाद ने कहा कि जनता की पीड़ा को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए उन्हें स्वयं गड्ढों में उतरकर प्रदर्शन करना पड़ा, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों की नींद टूट सके। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इन जानलेवा गड्ढों के कारण कोई बड़ा हादसा होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पंचायत प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी। उन्होंने तत्काल गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण एवं मरम्मत की मांग करते हुए स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो नगर पंचायत कार्यालय का घेराव कर उग्र जनआंदोलन छेड़ा जाएगा।
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- हाथियों ने किसान का घर तोड़ा फसलों को रौंदा लगातार हाथी का उत्पात जारी है जनकपुर पार्क परिक्षेत्र के ग्राम ढाब में 12 हाथियों का उत्पात, एक मकान क्षतिग्रस्त, कई किसानों की फसल बर्बाद एमसीबी --- जिले के जनकपुर पार्क परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढाब में बुधवार, 30 जुलाई 2026 की रात लगभग 2 बजे 12 हाथियों के दल ने गांव में प्रवेश कर जमकर उत्पात मचाया। हाथियों के अचानक गांव में पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से हाथियों को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर खदेड़ने में सफलता प्राप्त की। हाथियों के हमले में ग्राम ढाब निवासी विशाले सिंह, पिता जयदीन सिंह का एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा गांव के कई किसानों की खेतों में खड़ी फसलों को भी हाथियों ने रौंद दिया, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। घटना के दौरान ग्रामीण पूरी रात भय और सतर्कता के बीच रहे। पार्क परिक्षेत्र अधिकारी शैलेश गुप्ता ने बताया कि 12 हाथियों का दल रात के समय जंगल से निकलकर गांव की ओर आ गया था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के सहयोग से सतर्कता एवं सुरक्षा के साथ हाथियों को पुनः जंगल की ओर खदेड़ दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर नुकसान का आकलन किया जा रहा है तथा नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों की गतिविधियों की सूचना मिलते ही उनके निकट जाने का प्रयास न करें, न ही उन्हें उकसाएं। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना दें ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। विभाग द्वारा हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, जिससे भविष्य में जन-धन की हानि को रोका जा सके।3
- राष्ट्रीय कमेटी के निर्देश से गोगपा का सर्वे टीम पहुंचा मदननगर सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत मदननगर में 24जुलाई को कोल माइंस भूमि अधिग्रहण को लेकर प्रभावित किसानों ओर पुलिस बल के आमने सामने भिडंत हुआ था जिसमें कई लोग को घायल हुए थे जिसकी मुआयना लेने गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय कमेटी के निर्देश से मौका जांच करने पहुंचा।1
- महतारी वंदन योजना में भारी लापरवाही देखी गई है आज भी बहुत से हितग्राही इस योजना से कोसों दूर है।1