प्रयागराज के यमुनानगर क्षेत्र के थाना घूरपुर में तैनात एक दरोगा की कार्यशैली को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। आरोप है कि दरोगा ने गौहनिया चौकी क्षेत्र में गंगा स्नान कर अपने गृह राज्य लौट रहे श्रद्धालुओं की एक पिकअप गाड़ी को बीच सड़क पर रोककर उसकी चाबी निकाल ली। इस कार्रवाई के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिससे राहगीरों के साथ-साथ अन्य श्रद्धालुओं को भी काफी असुविधा का सामना करना पड़ा और यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। जाम की सूचना मिलने पर गौहनिया चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। दरोगा द्वारा वाहन की चाबी वापस किए जाने के बाद ही यातायात सामान्य हो सका। बताया गया है कि संबंधित दरोगा ने अपनी इस कार्रवाई को डीसीपी यमुनानगर के निर्देश पर चलाए जा रहे एक अभियान का हिस्सा बताया है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोई विशेष अभियान चलाया भी जा रहा हो, तो उसे इस तरह से संचालित नहीं किया जाना चाहिए जिससे श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी हो या सड़क पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने पुलिस प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनकी यह भी मांग है कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या अनुचित कार्रवाई पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। इस मामले में संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका है, जिसे प्राप्त होने पर प्रमुखता से प्रकाशित करने की बात कही गई है।
प्रयागराज के यमुनानगर क्षेत्र के थाना घूरपुर में तैनात एक दरोगा की कार्यशैली को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। आरोप है कि दरोगा ने गौहनिया चौकी क्षेत्र में गंगा स्नान कर अपने गृह राज्य लौट रहे श्रद्धालुओं की एक पिकअप गाड़ी को बीच सड़क पर रोककर उसकी चाबी निकाल ली। इस कार्रवाई के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिससे राहगीरों के साथ-साथ अन्य श्रद्धालुओं को भी काफी असुविधा का सामना करना पड़ा और यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। जाम की सूचना मिलने पर गौहनिया चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। दरोगा द्वारा वाहन की चाबी वापस किए जाने के बाद ही यातायात सामान्य हो सका। बताया गया है कि संबंधित दरोगा ने अपनी इस कार्रवाई को डीसीपी
यमुनानगर के निर्देश पर चलाए जा रहे एक अभियान का हिस्सा बताया है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोई विशेष अभियान चलाया भी जा रहा हो, तो उसे इस तरह से संचालित नहीं किया जाना चाहिए जिससे श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी हो या सड़क पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने पुलिस प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनकी यह भी मांग है कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या अनुचित कार्रवाई पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। इस मामले में संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका है, जिसे प्राप्त होने पर प्रमुखता से प्रकाशित करने की बात कही गई है।
- आगरा में एक महिला ने अपने पति की हत्या कर उसके शव को घर के बाथरूम में दफना दिया और ऊपर से प्लास्टर कराकर 45 दिनों तक पुलिस को गुमराह करती रही। यह चौंकाने वाली घटना आगरा के सिकंदरा स्थित प्राची टावर चौकी की रुनकता धाम कॉलोनी में सामने आई है, जहाँ रूबी नाम की महिला ने अपने पति सुरेंद्र की बेरहमी से हत्या कर दी। रूबी ने 18 मई को पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका पति सुरेंद्र कई दिनों से लापता है। इसके बाद वह करीब 45 दिनों तक पुलिस के साथ मिलकर पति को खोजने का नाटक करती रही, दिन-रात उनके साथ खोजबीन में शामिल होने का दिखावा करती रही। जब परिजनों ने उससे गहन पूछताछ की, तो रूबी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिससे पुलिस और पड़ोसियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। पत्नी ने खुलासा किया कि उसने सुरेंद्र को खीर में नींद की गोलियां देकर मारा था, जब सास और बेटियां वायु विहार में जेठ के घर गई हुई थीं। हत्या के बाद, रूबी ने ₹400 में मिट्टी मंगवाई, बाथरूम का फर्श तोड़ा, शव को घसीटकर बाथरूम में ले आई, उसे लेटाया और ऊपर से नमक व मिट्टी डाल दी। फिर 19 जून को उसने एक मिस्त्री को बुलाकर फर्श पर प्लास्टर करा दिया, जो एक दिन में सूख गया। इसके बाद वह खुद जेठ के घर चली गई और वहाँ यह नाटक किया कि सुरेंद्र चार दिनों से घर नहीं आए हैं। यह पूरी घटना, जिसमें पत्नी ने अपने पति की निर्मम हत्या कर शव को घर में ही दफनाया और फिर लंबे समय तक पुलिस व परिवार को धोखे में रखा, अब उजागर हो गई है, जिससे सभी स्तब्ध हैं।2
- ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न स्थित मार्वल स्टेडियम में नरेंद्र मोदी का शानदार स्वागत किया गया। विदेशी धरती पर हुए इस कार्यक्रम के दौरान पूरा स्टेडियम 'मोदी-मोदी' के नारों से गूंज उठा।1
- प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ अपना अभियान जारी रखते हुए गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। जोनल अधिकारी सूरज कुमार पटेल के नेतृत्व में ज़ोन-02 के उपजोन-2ए क्षेत्र में विकसित की गई एक अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया। पीडीए की टीम ने थाना एयरपोर्ट क्षेत्र के कटहुला गौसपुर स्थित शिखर ग्रीन में मधुकर मिश्रा, वदूद अहमद, अतुल, मकबूल और अन्य व्यक्तियों द्वारा लगभग 58 बीघा भूमि पर विकसित की गई इस अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण एवं अवैध प्लाटिंग करने वाले विकासकर्ताओं के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। साथ ही, सभी निर्माणकर्ताओं और विकासकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि प्रयागराज विकास प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का विकास कार्य केवल स्वीकृत मानचित्र के अनुसार ही कराया जाए। पीडीए ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी भूखंड की खरीद से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें और अवैध कॉलोनियों में भूखंडों का क्रय-विक्रय करने से बचें। इस ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान जोनल अधिकारी के अलावा अवर अभियंता विनोद कुमार गुप्ता, पीडीए सुपरवाइजर, पीडीए प्रवर्तन टीम और थाना एयरपोर्ट पुलिस के कर्मी उपस्थित रहे।1
- प्रयागराज के नये यमुना पुल से कूदकर 23 वर्षीय एक युवक ने अपनी जान दे दी। घटना की सूचना मिलते ही आसपास मौजूद लोग सक्रिय हुए और तुरंत जल पुलिस को इस संबंध में जानकारी दी। सूचना मिलते ही जल पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने नदी से युवक का शव बरामद कर लिया है।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में दलित बेटी ललिता गौतम की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कमिश्नरी चौराहे पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। ललिता गौतम हत्याकांड में त्वरित कार्रवाई और न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक विरोध जता रहे थे। स्थिति तब बिगड़ी जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों के हटने से इनकार करने पर एसएसपी मेरठ अविनाश पांडे ने स्वयं मोर्चा संभाला। आरोप है कि एसएसपी अविनाश पांडे ने खुद प्रदर्शन स्थल के भीतर घुसकर वहां मौजूद लोगों की जमकर पिटाई की। पुलिस की इस कार्रवाई से मौके पर अफरातफरी मच गई और न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का कड़ा रुख देखने को मिला।1