चंदौली पुलिस ने अपराधियों/अराजकतत्वों के विरुद्ध अपनी ताबड़तोड़ सख्त कार्रवाई जारी रखते हुए, पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज एक मुकदमे में वांछित और ₹50,000 के इनामी शातिर अपराधी रंजन सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। मुगलसराय थाना क्षेत्र के गोबरिया प्लांट डिपो में मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर रंजन सिंह को 20 जून 2026 को पकड़ा। अभियुक्त रंजन सिंह के खिलाफ यह मामला 8 नवंबर 2013 को वादिनी श्रीमती सुषमा सिंह द्वारा दर्ज कराया गया था। उन्होंने अपनी पुत्री श्वेती सिंह के साथ छेड़खानी, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। इस तहरीर के आधार पर मुगलसराय थाने में 17 नवंबर 2013 को मु0अ0सं0 320/2013 धारा 354(क), 504, 506 भादवि तथा 7/8 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना में आरोप सिद्ध होने के बावजूद, अभियुक्त घटना के बाद से ही फरार चल रहा था और लगातार अपनी गिरफ्तारी से बचता रहा। उसकी फरारी को देखते हुए, माननीय न्यायालय चंदौली ने 11 जुलाई 2022 को उसके विरुद्ध स्थायी वारंट जारी किया था। गिरफ्तारी न होने पर पुलिस अधीक्षक चंदौली ने उस पर ₹25,000 का पुरस्कार घोषित किया, जिसे बाद में पुलिस उपमहानिरीक्षक द्वारा बढ़ाकर ₹50,000 कर दिया गया। पूछताछ के दौरान रंजन सिंह ने बताया कि वह गिरफ्तारी के डर से घर छोड़कर हिमाचल प्रदेश में लगभग 13 वर्षों से मजदूरी कर रहा था और यह सोचकर वापस लौटा था कि मामला पुराना हो चुका है। पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र, वाराणसी श्री वैभव कृष्ण के निर्देशन और थानाध्यक्ष मुगलसराय के नेतृत्व में गठित एक पुलिस टीम ने लगातार मुखबिरों को सक्रिय रखा और संभावित ठिकानों पर दबिश देती रही। इसी अभियान के तहत, उ0नि0 शिव पूजन बिन्द और का0 अमित कुमार की टीम को 20 जून 2026 को मिली सटीक सूचना के आधार पर, वांछित अपराधी रंजन सिंह पुत्र राजेश्वर सिंह निवासी गोबरिया, थाना मुगलसराय को दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्यवाही प्रचलित है।
चंदौली पुलिस ने अपराधियों/अराजकतत्वों के विरुद्ध अपनी ताबड़तोड़ सख्त कार्रवाई जारी रखते हुए, पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज एक मुकदमे में वांछित और ₹50,000 के इनामी शातिर अपराधी रंजन सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। मुगलसराय थाना क्षेत्र के गोबरिया प्लांट डिपो में मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर रंजन सिंह को 20 जून 2026 को पकड़ा। अभियुक्त रंजन सिंह के खिलाफ यह मामला 8 नवंबर 2013 को वादिनी श्रीमती सुषमा सिंह द्वारा दर्ज कराया गया था। उन्होंने अपनी पुत्री श्वेती सिंह के साथ छेड़खानी, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। इस तहरीर के आधार पर मुगलसराय थाने में 17 नवंबर 2013 को मु0अ0सं0 320/2013 धारा 354(क), 504, 506 भादवि तथा 7/8 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना में आरोप सिद्ध होने के बावजूद, अभियुक्त घटना के बाद से ही फरार चल रहा था और लगातार अपनी गिरफ्तारी से बचता रहा। उसकी फरारी को देखते हुए, माननीय न्यायालय चंदौली ने 11 जुलाई 2022 को उसके विरुद्ध स्थायी वारंट जारी किया था। गिरफ्तारी न होने पर पुलिस अधीक्षक चंदौली ने उस पर ₹25,000 का पुरस्कार घोषित किया, जिसे बाद में पुलिस उपमहानिरीक्षक द्वारा बढ़ाकर ₹50,000 कर दिया गया। पूछताछ के दौरान रंजन सिंह ने बताया कि वह गिरफ्तारी के डर से घर छोड़कर हिमाचल प्रदेश में लगभग 13 वर्षों से मजदूरी कर रहा था और यह सोचकर वापस लौटा था कि मामला पुराना हो चुका है। पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र, वाराणसी श्री वैभव कृष्ण के निर्देशन और थानाध्यक्ष मुगलसराय के नेतृत्व में गठित एक पुलिस टीम ने लगातार मुखबिरों को सक्रिय रखा और संभावित ठिकानों पर दबिश देती रही। इसी अभियान के तहत, उ0नि0 शिव पूजन बिन्द और का0 अमित कुमार की टीम को 20 जून 2026 को मिली सटीक सूचना के आधार पर, वांछित अपराधी रंजन सिंह पुत्र राजेश्वर सिंह निवासी गोबरिया, थाना मुगलसराय को दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्यवाही प्रचलित है।
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर एक फरियादी ने न्याय न मिलने पर अपना गहरा आक्रोश व्यक्त किया। फरियादी ने बताया कि उसने आठ बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन इसके बावजूद उसे कोई न्याय नहीं मिला। इस पर भड़कते हुए उसने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि स्थिति 'अंधेर नगरी चौपट राजा' जैसी हो गई है, और अधिकारी 'द्रौपदी की तरह न्याय का चीरहरण कर रहे हैं'। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद में तहसील दिवस के मौके पर एक फरियादी ने अधिकारियों के सामने ही अपनी शिकायत जोर-जोर से रखी। फरियादी ने चिल्ला-चिल्लाकर बताया कि वह आठ बार से शिकायत कर रहा है, लेकिन अब तक उसकी बात पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। उसने आरोप लगाया कि सभी अधिकारी और कर्मचारी मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं।1
- चंदौली जिले के गरला गांव में सरकारी पैसे के बड़े पैमाने पर गबन और भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया गया है। शिकायत के अनुसार, महिला मित्र पूनम कुमारी (NMMS) और जेई सचिव मिलकर सरकारी पैसे की लूट खसोट कर रहे हैं। इन पर 40% कमीशन बनाने का आरोप है। मांग की गई है कि इन सभी कथित दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, क्योंकि गरला गांव में अधिकारी कथित तौर पर सरकारी धन का दुरुपयोग कर अपनी जेब गरम कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने इस बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार और सरकारी पैसे के गबन की तुरंत जांच कराने की अपील की है।2
- सदर अस्पताल में एक गंभीर आरोप सामने आया है, जहाँ तालाब में डूबने से दो सगे भाइयों की 'दर्दनाक मौत' के बाद उनके पोस्टमार्टम के लिए कथित तौर पर पैसे की मांग की जा रही है। यह बताया गया है कि अस्पताल में 'मुर्दों की बोली लगती है', जिसका अर्थ है कि पोस्टमार्टम जैसी आवश्यक प्रक्रियाएँ तभी पूरी की जाती हैं जब पहले पैसे दिए जाएँ।1
- सदर तहसील में बीते शनिवार को एक शिकायतकर्ता ने अधिकारियों पर न्याय का 'चीर हरण' करने का गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी तीव्र नाराजगी व्यक्त की। यह घटना तहसील दिवस के दौरान सामने आई, जब शिकायतकर्ता ने बताया कि लगातार आठ बार अपनी शिकायत अधिकारियों के समक्ष रखने के बावजूद भी उसका निस्तारण नहीं किया गया था, जिससे वह बेहद आक्रोशित था।1
- चन्दौली जिले के सैयदराजा कोतवाली क्षेत्र में स्थित जेवरिया बाद गांव में कोटे के चुनाव को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। चुनाव में धांधली का गंभीर आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में ग्रामीण सदर तहसील दिवस पहुंचे, जहाँ उन्होंने एडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में अब तक तीन बार चुनाव कराए जा चुके थे, लेकिन इसके बावजूद चौथी बार भी मतदान करवाया गया। उन्होंने प्रमुख महेंद्र सिंह पर दबाव बनाने का सीधा आरोप लगाया, जिसके कारण यह पुनः मतदान कराया गया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित करते हुए इसमें बाहरी लोगों को बुलाकर मतदान कराया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है, और उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ ही फिर से चुनाव कराने की पुरजोर मांग की है।2
- जनपद चंदौली के मुगलसराय स्थित अलीनगर में, अलीगर थाना के पीछे सामुदायिक पार्क के सामने झाड़ियों में आग लगने की घटना सामने आई है। इस आग के कारण आसपास के लोग परेशानी का सामना कर रहे हैं।1