Shuru
Apke Nagar Ki App…
रविवार को सिवनी के छपारा स्थित सरस्वती शिशु मंदिर प्रांगण में कराटे बेल्ट परीक्षा का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इंडियन कराटे के प्रमुख और मध्य प्रदेश स्पोर्ट्स कराटे एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह तोमर के निर्देशानुसार, यह परीक्षा सिवनी के मुख्य प्रशिक्षक एन.एस. प्रजापति द्वारा संचालित की गई। बेल्ट प्राप्त करने पर सभी कराटे खिलाड़ी बेहद प्रसन्न हुए। दोपहर बाद, कार्यक्रम के दौरान कराटे में काता, कुमिते, पंच टेक्निक और सेल्फ डिफेंस का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया। इस परीक्षा में येलो बेल्ट से लेकर ब्राउन बेल्ट तक के खिलाड़ियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर बड़ी संख्या में बच्चों के माता-पिता और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे, जिन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।
सरवन वर्मा पत्रकार
रविवार को सिवनी के छपारा स्थित सरस्वती शिशु मंदिर प्रांगण में कराटे बेल्ट परीक्षा का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इंडियन कराटे के प्रमुख और मध्य प्रदेश स्पोर्ट्स कराटे एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह तोमर के निर्देशानुसार, यह परीक्षा सिवनी के मुख्य प्रशिक्षक एन.एस. प्रजापति द्वारा संचालित की गई। बेल्ट प्राप्त करने पर सभी कराटे खिलाड़ी बेहद प्रसन्न हुए। दोपहर बाद, कार्यक्रम के दौरान कराटे में काता, कुमिते, पंच टेक्निक और सेल्फ डिफेंस का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया। इस परीक्षा में येलो बेल्ट से लेकर ब्राउन बेल्ट तक के खिलाड़ियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर बड़ी संख्या में बच्चों के माता-पिता और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे, जिन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- बालाघाट जिले में सागौन के लट्ठों से भरा एक लावारिस पिकअप वाहन मिला है। इस वाहन और उसमें रखे सागौन लट्ठों पर दावा-आपत्ति आमंत्रित की गई है। संबंधित पक्षों को अपनी दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। यदि निर्धारित अवधि में कोई दावा प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो वाहन और सागौन लट्ठों को राजसात करने की कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी।1
- सिवनी जिले के बंडोल में किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले खाद विक्रेताओं के खिलाफ कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। बंडोल स्थित साहू कृषि केंद्र पर यह कार्रवाई बिना ई-टोकन और निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत अधिक दामों पर डीएपी उर्वरक बेचने की शिकायत मिलने के बाद की गई। विभाग के निरीक्षण दल ने अचानक छापा मारा, जहाँ जांच के दौरान दुकान और गोदाम में डीएपी, यूरिया, एनपीके, पोटाश और सिंगल सुपर फास्फेट का भारी स्टॉक तो मिला, लेकिन संचालक क्रय-विक्रय और स्टॉक से जुड़े कोई भी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पीओएस प्रणाली और सरकारी नियमों के इस खुले उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाते हुए उप संचालक कृषि के निर्देश पर साहू कृषि केंद्र के संचालक के खिलाफ बंडोल थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह मामला आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी है।1
- वारासिवनी-खैरलांजी विधानसभा क्षेत्र में मंगलवार को सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के विरोध में एक विशाल जनआक्रोश रैली, धरना-प्रदर्शन एवं जनआंदोलन का आयोजन किया गया। इस आंदोलन में हजारों की संख्या में किसानों, युवाओं, महिलाओं, मजदूरों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया, जिन्होंने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक, तथा डीजल-पेट्रोल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों जैसे जनहित के मुद्दों पर अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी। धरना-प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि देश और प्रदेश की आम जनता महंगाई की दोहरी मार झेल रही है, क्योंकि डीजल और पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों ने परिवहन व्यवस्था को महंगा कर दिया है, जिससे खाद्यान्न, सब्जियां, दालें और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई वृद्धि ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की कमर तोड़ दी है, जबकि सरकार जनता की परेशानियों पर ध्यान देने के बजाय केवल घोषणाओं तक सीमित दिखाई दे रही है। जनआंदोलन में शामिल युवाओं ने सरकार के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक ने लाखों छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए। युवाओं ने रोजगार के नए अवसर सृजित करने और रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती करने की भी मांग की। किसानों ने अपनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है, क्योंकि खाद, बीज, कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री के दाम आसमान छू रहे हैं, जबकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। इससे किसान आर्थिक संकट और कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। किसानों ने कृषि आदानों की कीमतों में कमी, समर्थन मूल्य में वृद्धि तथा कृषि क्षेत्र के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की। महिलाओं ने भी बढ़ती महंगाई को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि घरेलू उपयोग की वस्तुओं, खाद्यान्न सामग्री और गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों के कारण परिवार चलाना अत्यंत कठिन हो गया है। उन्होंने सरकार से महंगाई नियंत्रण के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की। धरना-प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की मूलभूत समस्याओं से मुंह मोड़ रही है और बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की बदहाली तथा युवाओं के भविष्य जैसे गंभीर मुद्दों पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते जनता की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा तथा गांव-गांव और शहर-शहर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। आंदोलन के समापन पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की कीमतों में कमी, खाद्य सामग्री और कृषि आदानों के बढ़ते दामों पर नियंत्रण, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने तथा जनहित से जुड़े मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। इस अवसर पर विधायक विवेक विक्की पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक सम्राट सहसवार, पूर्व कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गोकुल प्रसाद गौतम, अनिल पिपलेवार नगर कांग्रेस कमेटी वारासिवनी, सुनील राणा अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस वारासिवनी, तेजराम जी नागपुरे ब्लाक कांग्रेस कमेटी डोगरमाली, जितेंद्र सिंह जीतू राजपूत ब्लॉक कांग्रेस कमेटी डोगरमाली, जनपद उपाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद लिलहारे ब्लॉक कांग्रेस खैरलांजी, दौलत सिंह बिसेन जी सहित अनेक किसान नेता, सामाजिक कार्यकर्ता, महिला संगठनों के प्रतिनिधि, युवा संगठन एवं विभिन्न जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनता की आवाज को अनसुना किया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण करेगा।1
- विश्व पर्यावरण दिवस सप्ताह (05 जून से 12 जून) के तहत, छिंदवाड़ा में 'सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त छिंदवाड़ा अभियान' चलाया गया। यह अभियान मृगनयनी मध्यप्रदेश प्रदर्शनी 2026 में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य सिंगल यूज़ प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति नागरिकों को जागरूक करना था। मॉडल फ्यूचर कला एवं तकनीकी शिक्षा समिति, छिंदवाड़ा द्वारा नगर पालिका निगम छिंदवाड़ा और सिद्धिविनायक वेस्ट मैनेजमेंट सर्विसेज के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्था की अध्यक्ष आयशा लोधी के नेतृत्व में, प्रदर्शनी में आए दुकानदारों, विक्रेताओं और नागरिकों को कपड़े की थैलियाँ वितरित की गईं, ताकि वे सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग कम कर सकें। इस अवसर पर स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर विनीता नेटी की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम में स्वच्छता चैंपियन डॉ. मीरा पराड़कर, अलका शुक्ला, वृक्षमित्र रविंद्र कुशवाहा, डॉ. महेश बंडेवार, समाजसेवी कोशिमा रजक, हमारा संकल्प वेलफेयर सोसाइटी से डॉ. नरेंद्र सोमकुंवर और मानव अधिकार मिशन से डॉ. शेख असलम सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इस पहल के माध्यम से प्रदर्शनी में शामिल दुकानदारों और नागरिकों को कपड़े की थैली अपनाने, सिंगल यूज़ प्लास्टिक के इस्तेमाल को घटाने और स्वच्छ, हरित एवं सुंदर छिंदवाड़ा के निर्माण में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।1
- बडकी बेलहरी स्थित मठिया राजभर बस्ती के लोग पिछले 35 सालों से घोर अंधेरे और बदहाल सड़कों के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं। यह स्थिति क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही उपेक्षा को दर्शाती है।1
- धनौरा में किसानों ने खाद और बीज की कालाबाजारी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम कर दिया। इस 'हल्ला बोल' आंदोलन के दौरान, किसानों ने खाद-बीज की हो रही कालाबाजारी को लेकर अपना गहरा गुस्सा और आक्रोश जाहिर किया। प्रदर्शन में एक पूर्व विधायक भी शामिल हुए, जिन्होंने इस गंभीर मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उसका घेराव किया।1
- पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देश पर सिवनी जिला यातायात पुलिस ने नियम विरुद्ध दौड़ने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया है। इसी कड़ी में, सोमवार को बस स्टैंड के बाहर सड़क पर लापरवाहीपूर्वक सवारी भर रही बस क्रमांक MP51P0139 को यातायात पुलिस ने जांच के लिए रोका। जांच के दौरान यह सामने आया कि बस संचालक यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करते हुए वाहन को बिना किसी वैध परमिट के चला रहा था। इस गंभीर उल्लंघन पर यातायात थाना प्रभारी ने तुरंत मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई की और मौके पर ही दस हजार रुपये का समन शुल्क वसूल किया। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में सहायक उप निरीक्षक नानकराम पाल, आरक्षक राजेश सरयाम और आरक्षक चालक पंकज शर्मा शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक के इस सख्त कदम से नियम तोड़ने वाले बस ऑपरेटरों में हड़कंप मच गया है।1
- सिवनी पुलिस ने 30 गौवंशों को कत्लखाने ले जा रहे तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस एक्शन के दौरान, पुलिस ने तस्करों के एक ट्रक को जब्त कर लिया, जिसमें ये गौवंश ले जाए जा रहे थे। हालांकि, इस कार्रवाई में शामिल आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे।1