लंबित कार्यों में तेजी लाएं, ई-केवाईसी एक सप्ताह में पूरी करें - अपूर्व देवगन उपायुक्त ने की ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा, मनरेगा कार्यों को समयबद्ध पूरा करने के दिए निर्देश मंडी, 31 मार्च। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत जो भी कार्य लंबित हैं, उन्हें शीघ्र पूरा किया जाए। वे आज खंड विकास अधिकारियों की मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे, जिसमें मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, 15वें वित्त आयोग तथा प्लानिंग कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं के कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करते हुए प्रगति को नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट किया जाए, ताकि प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके। जो कार्य अभी तक शुरू नहीं हुए हैं, उन्हें पोर्टल से हटाना सुनिश्चित किया जाए। उपायुक्त ने कहा कि मनरेगा श्रमिकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूर्ण की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में प्रगति संतोषजनक नहीं रही तो इसकी दैनिक निगरानी की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि ई-केवाईसी कार्य को मिशन मोड में पूरा किया जाए, ताकि श्रमिकों को समय पर रोजगार व भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। मनरेगा में जिला का बेहतर प्रदर्शन उपायुक्त ने कहा कि वर्ष 2025-26 में मनरेगा कार्यों को पूरा करने में मंडी जिला प्रदेश में अग्रणी रहा है। वर्तमान में जिला में मनरेगा के अंतर्गत 9396 कार्य प्रगति पर हैं। जिले में 306887 पंजीकृत श्रमिकों में से 264344 श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है, जो 86.15 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि 66.49 लाख मानव दिवस के लक्ष्य के मुकाबले 59.80 लाख मानव दिवस अर्जित किए गए हैं, जो 89.93 प्रतिशत उपलब्धि दर्शाता है। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी कार्य विभागीय स्तर पर किए जा रहे हैं, उन्हें भी पोर्टल पर दर्ज करना सुनिश्चित करें, ताकि उनकी सही समीक्षा की जा सके। सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर समन्वय के निर्देश उपायुक्त ने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के निर्माण में प्लास्टिक के उपयोग के दृष्टिगत गर्मियों के मौसम में सिंगल यूज प्लास्टिक का समय पर संग्रहण सुनिश्चित किया जाए, ताकि इसे सड़क निर्माण में उपयोग के लिए उपलब्ध करवाया जा सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ इस कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में एडीसी मंडी गुरसिमर सिंह, जिला विकास अधिकारी (ग्रामीण विकास) गोपी चंद पाठक तथा जिले के सभी खंड विकास अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
लंबित कार्यों में तेजी लाएं, ई-केवाईसी एक सप्ताह में पूरी करें - अपूर्व देवगन उपायुक्त ने की ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा, मनरेगा कार्यों को समयबद्ध पूरा करने के दिए निर्देश मंडी, 31 मार्च। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत जो भी कार्य लंबित हैं, उन्हें शीघ्र पूरा किया जाए। वे आज खंड विकास अधिकारियों की मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे, जिसमें मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, 15वें वित्त आयोग तथा प्लानिंग कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं के कार्यों को समयबद्ध तरीके से
पूरा करते हुए प्रगति को नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट किया जाए, ताकि प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके। जो कार्य अभी तक शुरू नहीं हुए हैं, उन्हें पोर्टल से हटाना सुनिश्चित किया जाए। उपायुक्त ने कहा कि मनरेगा श्रमिकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूर्ण की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में प्रगति संतोषजनक नहीं रही तो इसकी दैनिक निगरानी की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि ई-केवाईसी कार्य को मिशन मोड में पूरा किया जाए, ताकि श्रमिकों को समय पर रोजगार व भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। मनरेगा में जिला का बेहतर प्रदर्शन उपायुक्त ने कहा
कि वर्ष 2025-26 में मनरेगा कार्यों को पूरा करने में मंडी जिला प्रदेश में अग्रणी रहा है। वर्तमान में जिला में मनरेगा के अंतर्गत 9396 कार्य प्रगति पर हैं। जिले में 306887 पंजीकृत श्रमिकों में से 264344 श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है, जो 86.15 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि 66.49 लाख मानव दिवस के लक्ष्य के मुकाबले 59.80 लाख मानव दिवस अर्जित किए गए हैं, जो 89.93 प्रतिशत उपलब्धि दर्शाता है। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी कार्य विभागीय स्तर पर किए जा रहे हैं, उन्हें भी पोर्टल पर दर्ज करना सुनिश्चित करें, ताकि
उनकी सही समीक्षा की जा सके। सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर समन्वय के निर्देश उपायुक्त ने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के निर्माण में प्लास्टिक के उपयोग के दृष्टिगत गर्मियों के मौसम में सिंगल यूज प्लास्टिक का समय पर संग्रहण सुनिश्चित किया जाए, ताकि इसे सड़क निर्माण में उपयोग के लिए उपलब्ध करवाया जा सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ इस कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में एडीसी मंडी गुरसिमर सिंह, जिला विकास अधिकारी (ग्रामीण विकास) गोपी चंद पाठक तथा जिले के सभी खंड विकास अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
- Post by Himachal Ab Tak1
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- Hamari wife Anjali Ghar se chale gaye hai Ham apni wife Anjali Ko Bulana Chahte Hain Hamari wife Anjali Hamare Sath 11 mahine rahi hai Hamare wife Anjali ke Garv per Hamari Pyar Ke Nishani Thi unhone Apne Hathon Se Hi Maar Diya Fir Bhi Ham apni wife Anjali ko ghar per Bulana Chahte Hain kripya Karke Aapko Hamari wife Anjali Mile To unko batana ki aapka patidev Ghar per bula raha hai aur aapko Apni Jaan Se Bhi Jyada Pyar Karta Hai3
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- घुमारवीं, 31 मार्च (राकेश): घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत घुमारवीं पुल के समीप आज एक बड़ा हादसा टल गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर (नंबर PB 08 EK 2473) मेला ग्राउंड की ओर झूले लेकर जा रहा था। इसी दौरान उतराई में अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे खाई की ओर लटक गया। ट्रैक्टर में सवार दो लोग सुरक्षित हैं और उन्हें किसी प्रकार की कोई चोट नहीं आई है। इस घटना में किसी भी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया गया। समय रहते बड़ा हादसा टलने से क्षेत्र में राहत का माहौल है।1
- रिपोर्ट 31 मार्च सैंज (बुद्धि सिंह ठाकुर ): शिक्षा के क्षेत्र में चार दशकों से अधिक का समय न्यौछावर करने वाले राजेंद्र शर्मा 31 मार्च को अपनी राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। इस अवसर पर पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सैंज में एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूल प्रबंधन और विद्यार्थियों ने अपने प्रिय शिक्षक का भावपूर्ण स्वागत किया। विद्यार्थियों और प्रबंधन द्वारा यादगार विदाई समारोह की शुरुआत में स्कूल के पूर्व व वर्तमान प्रबंधन और विद्यार्थियों द्वारा राजेंद्र शर्मा जी का भव्य स्वागत किया गया। विद्यार्थियों ने फूल-मालाओं और गीतों के साथ अपने गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। स्कूल प्रशासन ने उनके 40 वर्षों के सेवाकाल को संस्थान के लिए एक 'स्वर्ण युग' बताया और शिक्षा के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। शून्य से शिखर तक का सफर सैंज घाटी की रैला पंचायत के जीवा गांव के एक साधारण परिवार में जन्मे राजेंद्र शर्मा की यात्रा प्रेरणादायक रही है: शिक्षा: प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय शरण-II से करने के बाद उन्होंने सैंज स्कूल से ही अपनी माध्यमिक शिक्षा पूरी की। इसके बाद प्रभाकर, स्नातक, एमए (हिंदी), जेबीटी और बीएड जैसी उच्च शिक्षा मेरिट के साथ हासिल की। करियर की शुरुआत: वर्ष 1987 में जेबीटी अध्यापक के रूप में नियुक्ति हुई। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने मझाण और खुन्न जैसे अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में भी अपनी सेवाएं दीं। पदोन्नति: जेबीटी से सफर शुरू कर वे भाषा अध्यापक और टीजीटी हिंदी के पद तक पहुँचे। सेवा के मुख्य केंद्र राजेंद्र शर्मा ने अपने 40 वर्ष 03 माह के कार्यकाल में कई विद्यालयों को सींचा, जिनमें मुख्य रूप से: प्रारंभिक चरण: राजकीय केंद्र प्राथमिक विद्यालय सैंज, मंगलौर, पुखरी, करटाह और शरण-II। वरिष्ठ चरण: वराण, ढालपुर कुल्लू, खल्याणी और अंत में पीएम श्री सैंज। भविष्य का संकल्प और आभार विदाई के क्षणों में भावुक होते हुए राजेंद्र शर्मा ने कहा, "मैंने जीवन भर कड़ी मेहनत से हर मुकाम हासिल किया है और मेरा प्रयास हमेशा विद्यार्थियों की भलाई रहा है। सरकारी सेवा भले ही समाप्त हो रही हो, लेकिन समाज की भलाई के लिए मैं आगे भी सक्रिय रहूँगा।" उन्होंने अपने पूरे जीवन काल में सहयोग देने के लिए सभी सहयोगियों और क्षेत्रवासियों का आभार जताया। अपनी सेवानिवृत्ति के उपलक्ष्य में उन्होंने अपने पैतृक गांव जीवा (सिउंड) में सभी शुभचिंतकों के लिए धाम (पारंपरिक भोज) का आयोजन भी किया है।1
- Post by Dinesh Kumar1
- मंडी के गलमा स्कूल में बनी आधुनिक लाइब्रेरी 📚 | लाखों की सौगात, बच्चों को मिलेगी डिजिटल शिक्षा1