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हमने बीमारी को भी समाप्त किया है में सीएम योगी आदित्यनाथ किया और माफिया को भी समाप्त किया...
Amarjeet paswan
हमने बीमारी को भी समाप्त किया है में सीएम योगी आदित्यनाथ किया और माफिया को भी समाप्त किया...
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- बीजेपी के 10 सबसे बड़े अमीर नेता,किसके पास कितनी हजारों- करोड़ो की दौलत,मोदी-शाह भी पीछे ? बीजेपी के 10 सबसे बड़े अमीर नेता,किसके पास कितनी हजारों- करोड़ो की दौलत,मोदी-शाह भी पीछे ?1
- तिरंगे के रंग में रंगा AIIMS गोरखपुर, गूंजा देशभक्ति का संदेश तिरंगा मार्च का नेतृत्व AIIMS गोरखपुर की निदेशक एवं CEO मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता, SM (सेवानिवृत्त) ने किया। उन्होंने स्वयं हाथ में तिरंगा लेकर मार्च में हिस्सा लिया और चिकित्सकों, अधिकारियों, नर्सिंग अधिकारियों, फैकल्टी, पैरामेडिकल स्टाफ, विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों का उत्साह बढ़ाया। AIIMS गोरखपुर गेट नंबर-1 से शुरू हुआ तिरंगा मार्च गेट नंबर-2 तक पहुंचा। इस दौरान पूरा परिसर देशभक्ति के जज्बे से सराबोर नजर आया। 🇮🇳 ‘तिरंगा—सेवा, संकल्प एवं स्वस्थ भारत’ बनी अभियान की थीम AIIMS गोरखपुर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत होने वाले कार्यक्रमों की थीम “तिरंगा – सेवा, संकल्प एवं स्वस्थ भारत” रखी गई है। संस्थान का उद्देश्य राष्ट्रप्रेम के साथ-साथ सेवा, स्वास्थ्य और राष्ट्रीय एकता का संदेश समाज तक पहुंचाना है। 📅 आगे भी होंगे देशभक्ति से जुड़े कई कार्यक्रम AIIMS गोरखपुर में अभियान के तहत आगामी कार्यक्रमों की श्रृंखला भी प्रस्तावित है— 12 अगस्त: तिरंगा वेलनेस वॉक 13 अगस्त: तिरंगा ऑफ सेवा 14 अगस्त: ब्लड बैंक के समन्वय से ‘रक्त सेवा’ 15 अगस्त सुबह 9 बजे: ग्रैंड फिनाले – स्वतंत्रता दिवस: तिरंगा, सेवा एवं संकल्प AIIMS गोरखपुर ने इन कार्यक्रमों को कवर करने के लिए मीडिया प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया है। संस्थान का कहना है कि मीडिया की सक्रिय सहभागिता से देशभक्ति, सेवा, स्वास्थ्य और राष्ट्रीय एकता का संदेश समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाया जा सकेगा। “तिरंगा – सेवा, संकल्प एवं स्वस्थ भारत” के संदेश के साथ AIIMS गोरखपुर का पूरा परिवार ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साहपूर्वक सहभागी बन रहा है।1
- 🇮🇳 आज़ादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में भव्य तिरंगा यात्रा 🇮🇳 समस्त सम्मानित नागरिक बंधुओं, विद्यालयों एवं के प्यारे बच्चों, युवाओं, माताओं-बहनों तथा सभी समाजसेवी संगठनों का इस गौरवपूर्ण यात्रा में हार्दिक स्वागत एवं सादर आमंत्रण है। “हर घर तिरंगा” अभियान के अंतर्गत दिनांक 13/8/26 को सुबह 8 बजे आइए, हाथों में तिरंगा लेकर राष्ट्रध्वज की आन-बान-शान, देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता-अखंडता के संकल्प को मजबूत करते हुए इस ऐतिहासिक यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में सहभागी बनें। 📍 प्रारंभ स्थल: सरस्वती देवी इंटर कॉलेज पिपरौली इंडियन गैस एजेंसी के बगल में 🗓️ दिनांक: 13अगस्त 2026 🕗 समय: प्रातः 08:00 बजे 🇮🇳 एक तिरंगा—एक भारत—श्रेष्ठ भारत! 🇮🇳 भारत माता की जय! 🚩 वंदे मातरम्!1
- वैष्णवी मिश्रा ने जीते 4 स्वर्ण पदक, काव्यांजलि ने 1 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य पदक हासिल कर बढ़ाया गोरखपुर का गौरव 🏆 सहजनवा की दो बेटियों ने ऑल इंडिया जिम्नास्टिक्स चैंपियनशिप में लहराया परचम वैष्णवी मिश्रा ने जीते 4 स्वर्ण पदक, काव्यांजलि ने 1 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य पदक हासिल कर बढ़ाया गोरखपुर का गौरव गोरखपुर/सहजनवा। सहजनवा की दो होनहार बेटियों वैष्णवी मिश्रा और काव्यांजलि मिश्रा ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित जिम्नास्टिक्स प्रतियोगिता ऑल इंडिया जिम्नास्टिक्स चैंपियनशिप–जिमक्विन 2026 (All India Gymnastics Championship–GYMQUINN 2026) में शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। दोनों बहनों ने प्रतियोगिता में कुल 8 पदक जीतकर न केवल अपने परिवार का गौरव बढ़ाया, बल्कि सहजनवा, गोरखपुर और उत्तर प्रदेश का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। प्रतियोगिता में लेवल-7 में प्रतिभाग करने वाली महज 11 वर्षीय वैष्णवी मिश्रा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार स्वर्ण पदक अपने नाम किए। वहीं उनकी छोटी बहन काव्यांजलि मिश्रा ने लेवल-4 में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक हासिल किया। दोनों बहनों के शानदार प्रदर्शन की खबर से सहजनवा क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। 🇮🇳 देशभर के करीब 1200 जिम्नास्टों ने लिया हिस्सा ऑल इंडिया जिम्नास्टिक्स चैंपियनशिप–जिमक्विन 2026 भारत की प्रतिष्ठित ओपन इनविटेशनल जिम्नास्टिक्स प्रतियोगिताओं में शामिल है। इसमें देशभर के उत्कृष्ट, उभरते और एलीट स्तर के जिम्नास्टों को प्रतिभाग करने के लिए आमंत्रित किया जाता है। इस वर्ष प्रतियोगिता का आयोजन हैदराबाद स्थित गौडियम इंटरनेशनल स्कूल में किया गया। प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों और प्रमुख जिम्नास्टिक्स अकादमियों से आए करीब 1,200 बाल एवं युवा जिम्नास्टों ने अलग-अलग आयु वर्गों और स्तरों में प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में उभरते खिलाड़ियों के साथ-साथ राष्ट्रीय और एलीट स्तर के जिम्नास्टों ने भी अपनी खेल प्रतिभा और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के इतने बड़े स्तर पर आयोजित होने और देशभर से करीब 1,200 खिलाड़ियों की भागीदारी के बीच वैष्णवी और काव्यांजलि का शानदार प्रदर्शन उनकी प्रतिभा, मेहनत और अनुशासन को दर्शाता है। 🎖️ तीन पीढ़ियों से सेना से जुड़ा है परिवार दोनों बहनें सहजनवा, जनपद गोरखपुर की रहने वाली हैं और एक गौरवशाली सैन्य परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके माता-पिता लेफ्टिनेंट कर्नल कमलेश मिश्रा एवं लेफ्टिनेंट कर्नल वंदना शुक्ला भारतीय सेना में सेवारत अधिकारी हैं। सेना में अलग-अलग स्थानों पर कठिन और चुनौतीपूर्ण दायित्वों का निर्वहन करने के बावजूद दोनों माता-पिता अपनी बेटियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रोत्साहित करते रहे हैं। उनका मानना है कि अनुशासन, मेहनत और समर्पण के साथ खेलों में भी बेटियां देश का नाम रोशन कर सकती हैं। परिवार की सैन्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए दोनों बहनों के दादा ऑनरेरी कैप्टन ओम प्रकाश मिश्रा भी भारतीय सेना के सेवानिवृत्त वेटरन हैं। इस प्रकार तीन पीढ़ियों से सेना से जुड़े इस परिवार की बेटियों ने खेल के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों से परिवार के गौरव में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। 💪 मेहनत, अनुशासन और प्रशिक्षण बना सफलता का आधार वैष्णवी और काव्यांजलि की इस उपलब्धि के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, नियमित अभ्यास, अनुशासन, प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन और परिवार का निरंतर सहयोग महत्वपूर्ण रहा है। जिम्नास्टिक्स जैसे कठिन खेल में कम उम्र से लगातार अभ्यास करना और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में पदक हासिल करना दोनों बहनों के दृढ़ संकल्प और समर्पण को दर्शाता है। चार स्वर्ण पदक जीतने वाली वैष्णवी ने लेवल-7 में अपनी तकनीकी क्षमता और बेहतरीन प्रदर्शन का परिचय दिया, जबकि काव्यांजलि ने लेवल-4 में स्वर्ण के साथ रजत और कांस्य पदक जीतकर अपनी बहुआयामी प्रतिभा साबित की। 🌟 राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का लक्ष्य दोनों बहनें भविष्य में जिम्नास्टिक्स के क्षेत्र में और ऊंचाइयां हासिल करने के लक्ष्य के साथ लगातार प्रशिक्षण ले रही हैं। उनका सपना राष्ट्रीय स्तर पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करना है। वैष्णवी और काव्यांजलि की उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए गौरव का विषय है, बल्कि सहजनवा और पूरे गोरखपुर क्षेत्र के लिए भी गर्व की बात है। उनकी सफलता उन तमाम युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों या छोटे शहरों से निकलकर बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाने का सपना देखते हैं। दोनों बहनों ने अपनी मेहनत से यह संदेश दिया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती। सही मार्गदर्शन, अनुशासन, निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प हो तो छोटे शहर और कस्बों से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर पर सफलता का परचम लहराया जा सकता है। वैष्णवी और काव्यांजलि की इस शानदार उपलब्धि पर परिवार, क्षेत्र के खेलप्रेमियों और स्थानीय लोगों ने खुशी जताते हुए दोनों बहनों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। 🏆🇮🇳4
- सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग औऱ मौन व्रत, पर क्या बोले रवि किशन सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग औऱ मौन व्रत, पर क्या बोले रवि किशन1
- यूपी: जालौन में ये साहब अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचे थे। कमरे में खुसर पुसर की आवाज से परिवार वालों को शक हुआ तो उन्होंने कमरा खुलवाया कमरे की तलाशी ली गई। फिर सन्दूक खोला गया। सन्दूक में ये साहब झुकी हुई मुद्रा में बरामद हुए हैं। मामला खुलने के बाद प्रेमिका भी पलट गई। प्रेमिका ने बयान दिया है कि ये उचक्का डरा धमका कर सम्बन्ध बनाता था। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है।1
- हर्निया के ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत, परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल गेट पर शव रखकर किया हंगामा गोरखपुर। चिलुआताल थाना क्षेत्र के सेमरा गांव निवासी राकेश यादव की हर्निया के ऑपरेशन के बाद मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तारामंडल स्थित शाही ग्लोबल हॉस्पिटल के गेट पर शव रखकर जमकर हंगामा किया और न्याय की मांग की। परिजनों के मुताबिक, राकेश यादव पुत्र स्वर्गीय रामवृक्ष यादव को हर्निया के ऑपरेशन के लिए 8 अगस्त को शाही ग्लोबल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उनका ऑपरेशन किया और करीब 24 घंटे बाद उन्हें घर भेज दिया। घर पहुंचने के बाद राकेश की तबीयत बिगड़ने लगी। हालत खराब होने पर परिजन उन्हें दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया। परिजनों का कहना है कि हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने मरीज को लखनऊ के हायर सेंटर रेफर कर दिया। लखनऊ ले जाते समय रास्ते में ही राकेश यादव की मौत हो गई। मौत की खबर के बाद परिजन शव लेकर वापस अस्पताल पहुंचे और अस्पताल के गेट पर शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने डॉक्टरों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।इस दौरान मृतक की पत्नी की बुआ रानी यादव और किसान नेता विजय यादव ने भी अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए। मौके पर पहुंचे,सीओ कैंट और प्रशासनिक अधिकारियों ने किसी तरीके लोगो को समझा बुझा कर मामले को शांत कराया और शव का पंचनामा कर पीएम के लिए,भेज दिया है।1
- उत्तराखंड के चंपावत में लोहाघाट-पिथौरागढ़ नेशनल हाईवे पर जबरदस्त लैंड स्लाइडिंग....दोनो तरफ से आवागमन ठप्प हुआ मलबा हटाने का काम शुरू उत्तराखंड के चंपावत में लोहाघाट-पिथौरागढ़ नेशनल हाईवे पर जबरदस्त लैंड स्लाइडिंग....दोनो तरफ से आवागमन ठप्प हुआ मलबा हटाने का काम शुरू1