जालौन में यमुना नदी के तटवर्ती क्षेत्रों को बाढ़ और कटान से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से ग्राम गुड़ा, हिम्मतपुर और शिवगंज में संचालित ₹6.87 करोड़ की बाढ़ सुरक्षा परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस परियोजना के तहत स्टोन बोल्डर लॉन्चिंग एप्रन और तट संरक्षण कार्य किए जा रहे हैं, जिसका मुख्य लक्ष्य यमुना नदी के किनारों को मजबूत करना और कटान की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाना है। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद लगभग 819 हेक्टेयर कृषि भूमि, 105 आवासों और करीब 2950 लोगों को बाढ़ एवं कटान के खतरे से सुरक्षा प्राप्त होगी। इससे क्षेत्र के किसानों और स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी तथा उनकी आजीविका एवं संपत्तियों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि मानसून और बारिश के मौसम से पहले सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप तथा तय समय सीमा के भीतर पूरे कर लिए जाएं, ताकि संभावित बाढ़ के खतरे वाले क्षेत्रों को समय रहते सुरक्षा प्रदान की जा सके।
जालौन में यमुना नदी के तटवर्ती क्षेत्रों को बाढ़ और कटान से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से ग्राम गुड़ा, हिम्मतपुर और शिवगंज में संचालित ₹6.87 करोड़ की बाढ़ सुरक्षा परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने
के निर्देश दिए गए। इस परियोजना के तहत स्टोन बोल्डर लॉन्चिंग एप्रन और तट संरक्षण कार्य किए जा रहे हैं, जिसका मुख्य लक्ष्य यमुना नदी के किनारों को मजबूत करना और कटान की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाना है। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद
लगभग 819 हेक्टेयर कृषि भूमि, 105 आवासों और करीब 2950 लोगों को बाढ़ एवं कटान के खतरे से सुरक्षा प्राप्त होगी। इससे क्षेत्र के किसानों और स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी तथा उनकी आजीविका एवं संपत्तियों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारियों
को निर्देशित किया गया कि मानसून और बारिश के मौसम से पहले सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप तथा तय समय सीमा के भीतर पूरे कर लिए जाएं, ताकि संभावित बाढ़ के खतरे वाले क्षेत्रों को समय रहते सुरक्षा प्रदान की जा सके।
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में चोरों ने एक सूने घर में लाखों की चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। यह घटना रामपुरा थाना क्षेत्र के पचोखरा गांव की है, जहाँ चोरों ने घर में रखे लाखों के सोने-चांदी के जेवरात और नगदी लेकर फरार हो गए। चोरी की सूचना मिलते ही घर मालिक और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने मामले की जाँच पड़ताल शुरू कर दी है और अब चोरों की तलाश में जुट गई है।1
- जालौन के गोहन थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुरा गांव में देर रात अज्ञात हमलावरों ने ट्यूबवेल पर सो रहे एक 75 वर्षीय वृद्ध किसान गिरिजाशंकर तिवारी की बेरहमी से हत्या कर दी। हमलावरों ने उनके सिर और चेहरे पर कई वार किए, जिससे किसान की मौके पर ही मौत हो गई। बुधवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में सनसनी फैल गई और दहशत व शोक का माहौल छा गया। जानकारी के अनुसार, पृथ्वीपुरा निवासी गिरिजाशंकर तिवारी पिछले कई वर्षों से रात में अपने खेत पर बने ट्यूबवेल पर ही सोते थे। मंगलवार रात भी वह रोज की तरह वहीं सो रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर लकड़ी के खंभों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। मृतक अपने पीछे एक पुत्र राकेश तिवारी और एक विवाहित पुत्री छोड़ गए हैं। फिलहाल, हत्या के पीछे का मकसद स्पष्ट नहीं हो पाया है। सूचना मिलने पर गोहन थाना पुलिस के साथ उच्चाधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और बारीकी से जांच-पड़ताल की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि ट्यूबवेल पर एक शव मिलने की सूचना मिली थी, जिस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले में तहरीर प्राप्त होते ही मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।6
- वक्ताओं ने कहा है कि डबल इंजन सरकार का कार्यक्षेत्र केवल विकास परियोजनाओं को गति देना नहीं है, बल्कि यह समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में भी सक्रिय है। उनके अनुसार, सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएँ गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्गों तक पहुँच रही हैं, जिससे प्रदेश और देश के समग्र विकास को एक नई दिशा मिली है। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र और प्रदेश सरकार के समन्वित प्रयासों के कारण बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिनसे करोड़ों लोगों के जीवन स्तर में महत्वपूर्ण सुधार आया है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल विकास परियोजनाएँ बनाना नहीं है, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाकर उसे आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। इसी सोच के साथ सरकार 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र पर काम कर रही है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने सरकार की जनहितकारी योजनाओं और विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रयासों से समाज के सभी वर्गों को समान अवसर मिल रहे हैं और विकास का लाभ वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है, जिससे डबल इंजन सरकार हर वर्ग को विकास यात्रा से जोड़ रही है।1
- उरई कोतवाली क्षेत्र से ड्राइवर संतोष, जिनकी उम्र लगभग 50 वर्ष बताई जा रही है, के साथ कथित रूप से मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद, पीड़ित पक्ष ने थाना कोतवाली उरई में शिकायत दर्ज कराई है और न्याय की मांग की है। मामले में अब तक संतोषजनक कार्रवाई न होने के कारण कर्मचारियों में गहरा रोष व्याप्त है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित को शीघ्र न्याय नहीं मिला और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे हड़ताल करने को मजबूर होंगे। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके। पुलिस प्रशासन की ओर से बताया गया है कि मामले की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।1
- कस्बा रुरा के कमलानगर निवासी मनोरंजन शाह ने बिहार में बीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) के पद पर अपना चयन सुनिश्चित किया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर चेयरमैन रामजी गुप्ता, मनोरंजन शाह के आवास पहुँचे। उन्होंने मनोरंजन शाह और उनके माता-पिता को फूल माला, शॉल पहनाकर तथा प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।1
- राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित खातीपुरा रेलवे स्टेशन पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जयपुर (खातीपुरा)-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर खातीपुरा में बने मेगा कोचिंग टर्मिनल और विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर विकसित उन्नत यात्री सुविधाओं का भी शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारतीय रेलवे देशभर में आधुनिक और सुरक्षित रेल सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में तेज़ी से कार्य कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमृत भारत ट्रेनों का मुख्य उद्देश्य आम यात्रियों को बेहतर, सुविधाजनक और किफ़ायती यात्रा अनुभव प्रदान करना है। इसके अतिरिक्त, खातीपुरा में विकसित मेगा कोचिंग टर्मिनल से रेलवे परिचालन अधिक सक्षम बनेगा और ट्रेनों के रखरखाव एवं संचालन में उल्लेखनीय सुधार आएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक प्रतीक्षालय, बेहतर स्वच्छता व्यवस्था और डिजिटल सूचना प्रणाली सहित अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। मंत्री ने बल दिया कि केंद्र सरकार रेलवे के आधुनिकीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और देश के विभिन्न हिस्सों को बेहतर रेल संपर्क से जोड़ने के लिए लगातार नई परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जयपुर-खातीपुरा से दरभंगा के बीच शुरू की गई यह अमृत भारत एक्सप्रेस यात्रियों के लिए बेहद लाभदायक सिद्ध होगी और राजस्थान व बिहार के बीच संपर्क को और मजबूत करेगी। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, रेलवे अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया, जिन्होंने नई ट्रेन सेवा तथा यात्री सुविधाओं के शुभारंभ पर प्रसन्नता व्यक्त की और इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।1
- देश में परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, जहाँ पेपर लीक होने के कारण छात्रों की सालों की मेहनत खराब होने के बाद भी दोबारा परीक्षा आयोजित की जा सकती है और प्रश्नपत्र विमान से भी भेजे जा सकते हैं। इस दौरान छात्रों को अपनी मेहनत फिर से लगानी पड़ती है, जिससे उनकी वर्षों की तैयारी पर पानी फिर जाता है। लेकिन, इसी व्यवस्था में छात्रों को परीक्षा केंद्र में मात्र दो मिनट की देरी होने पर प्रवेश नहीं दिया जाता, जो एक बड़ा विरोधाभास पैदा करता है। इस कठोरता का खामियाजा छात्रों और उनके अभिभावकों को भुगतना पड़ता है। हाल ही में, एक बेटी के पिता को इसी कारण से रोते-बिलखते देखा गया, जो व्यवस्था की इस अमानवीय नीति से बेहद परेशान और दुखी थे।1