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उपमंडल बंगाणा के तहत थानाकलां भाखड़ा सड़क पर कोलका के समीप पिछले साल गिरे मलबे का पहली बरसात में बुरा हाल हो गया है। इस स्थिति के कारण दोपहिया वाहन चालकों को इस मार्ग से गुजरना बेहद मुश्किल हो रहा है। इसी के साथ, हमीरपुर से ऊना के लिए तड़के बस सेवा शुरू करने की भी मांग उठी है।
Abhishek Kumar Bhatia
उपमंडल बंगाणा के तहत थानाकलां भाखड़ा सड़क पर कोलका के समीप पिछले साल गिरे मलबे का पहली बरसात में बुरा हाल हो गया है। इस स्थिति के कारण दोपहिया वाहन चालकों को इस मार्ग से गुजरना बेहद मुश्किल हो रहा है। इसी के साथ, हमीरपुर से ऊना के लिए तड़के बस सेवा शुरू करने की भी मांग उठी है।
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- 247 superfast और दैनिक जागो वल्ड ने आज की अखबारों की प्रमुख सुर्खियों को जारी किया है। इन सुर्खियों में बंगाना, मैहतपुर, चिंतपूर्णी, गगरेट, कांगड़ा, बिलासपुर, शिमला, सोलन और सिरमौर सहित विभिन्न क्षेत्रों की खबरें शामिल हैं।1
- जिला भाजपा मीडिया प्रभारी विक्रम सिंह बन्याल ने प्रदेश की सुक्खू सरकार और हमीरपुर कांग्रेस नेताओं पर जमकर निशाना साधा है, आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार हमीरपुर मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन आनन-फानन में कर रही है। उन्होंने कहा कि यह मेडिकल कॉलेज भाजपा की देन है और सांसद अनुराग ठाकुर ने 2014 में मोदी सरकार के दौरान इसे हमीरपुर लाने में अहम भूमिका निभाई थी। बन्याल के अनुसार, बीते सप्ताह सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने हमीरपुर मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया था, जिसमें खामियां पाई गई थीं। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को खामियां दूर करने के लिए दिशा-निर्देश दिए थे। हालांकि, कुछ ही दिन पहले मुख्यमंत्री ने भी कॉलेज का निरीक्षण किया और जल्दबाजी में इसके उद्घाटन की घोषणा कर दी। भाजपा मीडिया प्रभारी ने यह भी बताया कि हमीरपुर गांव के कांग्रेस नेता बिना वजह सांसद अनुराग सिंह ठाकुर को मेडिकल कॉलेज के मुद्दे पर घेरते आए हैं, और उन्होंने कांग्रेस को तथ्य सामने रखने की चुनौती दी। विक्रम सिंह बन्याल ने मुख्यमंत्री पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद भी मेडिकल कॉलेज आधा-अधूरा है और उसमें किसी भी तरह की सुविधा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू पर स्पाइस पार्क के एमओयू साइन करवाने के बावजूद नादौन में उसका नामोनिशान न होने का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे मुख्यमंत्री द्वारा जनता को गुमराह करने का अंदाजा लगाया जा सकता है। बन्याल ने जोर देकर कहा कि सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा हमीरपुर मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने के बाद ही सरकार हरकत में आई है और अब जल्दबाजी में मुख्यमंत्री उद्घाटन की घोषणा कर रहे हैं।2
- हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया है कि हिमाचल प्रदेश में आपातकाल जैसे हालात बन रहे हैं, क्योंकि कांग्रेस की सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने वर्ष 1975 में देश पर थोपे गए आपातकाल को लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताते हुए कहा कि कांग्रेस की सोच आज भी नहीं बदली है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पहले नगर निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराने से बचती रही। जब चुनाव हुए तो जनता ने कांग्रेस को अपेक्षित समर्थन नहीं दिया, जिसके बाद अब कांग्रेस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर कब्जा जमाने के लिए खरीद-फरोख्त, दबाव और डराने-धमकाने की राजनीति कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सत्ता का दुरुपयोग कर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है। सांसद अनुराग ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को सलाह दी कि कांग्रेस को राजनीतिक जोड़-तोड़ छोड़कर जनता से किए गए वादों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने प्रदेशवासियों से कई बड़े वादे किए थे, लेकिन सरकार बनने के बाद उन वायदों को पूरा करने की दिशा में कोई ठोस कदम दिखाई नहीं दे रहा है।1
- हिमाचल के अर्जोली गांव से एक बच्चे के गले से चांदी की चेन छीने जाने का मामला सामने आया है। यह घटना कल शाम करीब 4 बजे हुई। पीड़ित परिवार, जो गांव में प्रवासी किरायेदार के रूप में रह रहा है, ने बताया कि बच्चे की मां आरती देवी के अनुसार, उनके बच्चे के गले से लगभग ₹6,000 मूल्य की चांदी की चेन निकाल ली गई। परिवार ने इस घटना के लिए अर्जोली गांव के ही एक युवक पर शक जताया है, जिसका नाम उन्होंने पुलिस को भी दिया है। घटना की सूचना तुरंत ग्राम प्रधान और स्थानीय पुलिस थाने को दी गई थी। इसके बाद, संबंधित युवक पीड़ित परिवार के घर पहुंचा, आरती देवी से माफी मांगी और बच्चे की चांदी की चेन वापस कर दी। हालांकि, परिवार का कहना है कि सिर्फ चेन वापस कर देना पर्याप्त नहीं है। वे इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं ताकि दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि एवं आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- बिलासपुर जिले की घुमारवीं नगर परिषद पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कब्जा कर लिया है। इस चुनाव में अमित कुमार को अध्यक्ष और सविता देवी को उपाध्यक्ष चुना गया है। इस अवसर पर पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग भी उपस्थित रहे।1
- आज कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मलांगड़ के वीर सपूत, भारतीय सेना के जवान विशंभर सिंह (35 वर्ष) का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव मलांगड़ के लिए रवाना कर दिया गया। रसीला राम के पुत्र विशंभर सिंह का पार्थिव शरीर डुमखर से सेना के वाहन में भेजा गया।2
- कुटलैहड़ (बंगाणा) के मलांगड़ गांव निवासी भारतीय सेना के वीर जवान स्वर्गीय विशंभर सिंह का पार्थिव शरीर आज पूरे सैन्य सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हो गया। इससे पहले, मंगलवार सुबह जब सेना के विशेष वाहन से उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव मलांगड़ स्थित निवास स्थान पर पहुँचा, तो पूरा क्षेत्र 'अमर रहे' के नारों और देशभक्ति की गूंज से मर्माहत हो उठा। अपने लाडले के अंतिम दर्शन के लिए मलांगड़ सहित पूरे कुटलैहड़ क्षेत्र से भारी संख्या में जनसैलाब उमड़ पड़ा। पार्थिव शरीर घर पहुँचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और वहाँ मौजूद हर एक व्यक्ति की आँखें नम हो गईं। शहीद जवान का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव मलांगड़ में पूरे राजकीय एवं सैन्य सम्मान के साथ किया गया। सेना की टुकड़ी ने हवा में फायर कर और मातमी धुन बजाकर अपने साथी को अंतिम सलामी दी, जिसके बाद नम आँखों से वीर सपूत को मुखाग्नि दी गई। सैनिक विशंभर सिंह के इस तरह अचानक चले जाने से पूरे उपमंडल बंगाणा और कुटलैहड़ क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है। उनके निवास स्थान पर सुबह से ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों का ताँता लगा रहा, जिन्होंने शोक संतप्त परिवार से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया और अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान और कर्तव्यनिष्ठा दिखाने वाले इस अमर वीर को पूरा क्षेत्र और आने वाली पीढ़ियाँ हमेशा याद रखेंगी। उनके त्याग, साहस और देशभक्ति को शत-शत नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिसे आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बताया गया।1