जिला अस्पताल उमरिया से आधी रात 1 बजे शहडोल भेजी प्रसूता ने कुछ ही देर बाद एम्बुलेंस में दिया बेटे को जन्म रेफर किया... और रास्ते में गूंजी किलकारी! आधी रात 1 बजे शहडोल भेजी प्रसूता ने कुछ ही देर बाद एम्बुलेंस में दिया बेटे को जन्म जिला अस्पताल की रेफरल व्यवस्था पर बड़ा सवाल—क्या प्रसव के बेहद करीब थी महिला? उमरिया। जिला अस्पताल से रात करीब 1 बजे शहडोल रेफर की गई 31 वर्षीय प्रसूता ने रेफरल के कुछ ही देर बाद एम्बुलेंस में बेटे को जन्म दे दिया। अमहा के करीब हाईवे पर प्रसव पीड़ा अचानक तेज होने पर एम्बुलेंस को ही प्रसव कक्ष बनाना पड़ा। ईएमटी पुष्पराज यादव और पायलट शिवम यादव ने तत्काल स्थिति संभाली और प्रसव कराने के बाद जच्चा-बच्चा को सुरक्षित करकेली अस्पताल पहुंचाया। घटना ने जहां एम्बुलेंस कर्मियों की तत्परता को सामने लाया है, वहीं जिला अस्पताल से आधी रात किए गए रेफरल की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक दिन पहले भर्ती, फिर रात में रेफरल मुख्यालय से लगे ग्राम महिमार निवासी प्रेम बाई पति मोती कोल को प्रसव पीड़ा के चलते एक दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया गया कि प्रसूता को असहनीय प्रसव पीड़ा थी। अस्पताल में उसकी स्थिति एब्नॉर्मल प्रेजेंटेशन बताई गई और देर रात करीब 1 बजे उसे शहडोल रेफर कर दिया गया। लेकिन सवाल यह है कि अगर प्रसूता की हालत इतनी गंभीर थी कि उसे उच्च केंद्र भेजना जरूरी था, तो रेफरल के कुछ ही समय बाद हाईवे पर प्रसव की नौबत क्यों आ गई? रेफरल से पहले क्या हुआ था मेडिकल आकलन? मामले का सबसे अहम पहलू यही है। प्रसूता अस्पताल में एक दिन से भर्ती थी। इसके बावजूद रात में रेफर किए जाने के बाद रास्ते में प्रसव हो गया। अब सवाल उठ रहे हैं— क्या रेफर करने से पहले प्रसव की स्थिति का पर्याप्त आकलन किया गया था? क्या महिला को रात 1 बजे ही शहडोल भेजना जरूरी था? क्या जिला अस्पताल में तत्काल प्रसव कराने की स्थिति नहीं थी? क्या रेफरल से पहले किसी विशेषज्ञ चिकित्सक की राय ली गई थी? इन सवालों का वास्तविक जवाब मेडिकल रिकॉर्ड और चिकित्सकीय जांच से ही सामने आएगा। पांचवीं डिलीवरी, नसबंदी के बाद भी गर्भधारण जानकारी के मुताबिक प्रेम बाई की यह पांचवीं डिलीवरी बताई जा रही है। यह भी बताया गया है कि पूर्व में उनका नसबंदी ऑपरेशन हो चुका था। उनके एक पूर्व पुत्र की मृत्यु होने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे प्रसूति इतिहास वाले मामले में प्रसूता की निगरानी, जोखिम का आकलन और रेफरल का समय—तीनों महत्वपूर्ण हो जाते हैं। हाईवे पर एम्बुलेंस बनी प्रसव कक्ष शहडोल के लिए रवाना एम्बुलेंस अभी अमहा के आसपास पहुंची ही थी कि प्रसूता की प्रसव पीड़ा तेज हो गई। स्थिति को देखते हुए रास्ते में ही प्रसव कराना पड़ा। ईएमटी पुष्पराज यादव और पायलट शिवम यादव ने सूझबूझ और तत्परता से स्थिति संभाली। प्रसव के बाद नवजात और मां को करकेली अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दोनों को देर रात भर्ती कराया गया। विशेषज्ञों की कमी भी जांच का अहम बिंदु जिला अस्पताल में महिला चिकित्सक के रूप में डॉ. रश्मि धनंजय के पदस्थ होने की जानकारी है। वहीं एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की कमी की बात भी सामने आ रही है। पूर्व में सेवाएं दे चुके डॉ. प्रमोद द्विवेदी और डॉ. सरफराज के स्थानांतरण के बाद विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठते हैं। ऐसे में यह जांच का विषय है कि क्या विशेषज्ञ सेवाओं की कमी के कारण प्रसूता को रेफर किया गया या रेफरल का निर्णय किसी अन्य चिकित्सकीय कारण से लिया गया? सवाल एम्बुलेंस का नहीं, रेफरल सिस्टम का है! एम्बुलेंस में प्रसव होना अपने आप में असामान्य परिस्थिति जरूर है, लेकिन इस घटना का सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि रास्ते में बच्चा क्यों पैदा हुआ। बड़ा सवाल यह है कि— जिस महिला को एक दिन पहले अस्पताल में भर्ती किया गया था, उसे आधी रात रेफर करने की जरूरत आखिर क्यों पड़ी? रेफरल के कुछ ही देर बाद प्रसव हो गया, तो क्या प्रसव की संभावित स्थिति का सही आकलन किया गया था? क्या जिला अस्पताल में सुरक्षित प्रसव कराया जा सकता था? इन सवालों का जवाब मेडिकल रिकॉर्ड, रेफरल नोट, चिकित्सकीय परीक्षण और स्वास्थ्य विभाग की जांच से ही सामने आ सकेगा। फिलहाल, एम्बुलेंस कर्मियों की तत्परता ने मां और नवजात को सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचा दिया, लेकिन आधी रात के इस रेफरल ने जिला अस्पताल की व्यवस्था पर कई सवाल जरूर छोड़ दिए हैं।
जिला अस्पताल उमरिया से आधी रात 1 बजे शहडोल भेजी प्रसूता ने कुछ ही देर बाद एम्बुलेंस में दिया बेटे को जन्म रेफर किया... और रास्ते में गूंजी किलकारी! आधी रात 1 बजे शहडोल भेजी प्रसूता ने कुछ ही देर बाद एम्बुलेंस में दिया बेटे को जन्म जिला अस्पताल की रेफरल व्यवस्था पर बड़ा सवाल—क्या प्रसव के बेहद करीब थी महिला? उमरिया। जिला अस्पताल से रात करीब 1 बजे शहडोल रेफर की गई 31 वर्षीय प्रसूता ने रेफरल के कुछ ही देर बाद एम्बुलेंस में बेटे को जन्म दे दिया। अमहा के करीब हाईवे पर प्रसव पीड़ा अचानक तेज होने पर एम्बुलेंस को ही प्रसव कक्ष बनाना पड़ा। ईएमटी पुष्पराज यादव और पायलट शिवम यादव ने तत्काल स्थिति संभाली और प्रसव कराने के बाद जच्चा-बच्चा को सुरक्षित करकेली अस्पताल पहुंचाया। घटना ने जहां एम्बुलेंस कर्मियों की तत्परता को सामने लाया है, वहीं जिला अस्पताल से आधी रात किए गए रेफरल की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक दिन पहले भर्ती, फिर रात में रेफरल मुख्यालय से लगे ग्राम महिमार निवासी प्रेम बाई पति मोती कोल को प्रसव पीड़ा के चलते एक दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया गया कि प्रसूता को असहनीय प्रसव पीड़ा थी। अस्पताल में उसकी स्थिति एब्नॉर्मल प्रेजेंटेशन बताई गई और देर रात करीब 1 बजे उसे शहडोल रेफर कर दिया गया। लेकिन सवाल यह है कि अगर प्रसूता की हालत इतनी गंभीर थी कि उसे उच्च केंद्र भेजना जरूरी था, तो रेफरल के कुछ ही समय बाद हाईवे पर प्रसव की नौबत क्यों आ गई? रेफरल से पहले क्या हुआ था मेडिकल आकलन? मामले का सबसे अहम पहलू यही है। प्रसूता अस्पताल में एक दिन से भर्ती थी। इसके बावजूद रात में रेफर किए जाने के बाद रास्ते में प्रसव हो गया। अब सवाल उठ रहे हैं— क्या रेफर करने से पहले प्रसव की स्थिति का पर्याप्त आकलन किया गया था? क्या महिला को रात 1 बजे ही शहडोल भेजना जरूरी था? क्या जिला अस्पताल में तत्काल प्रसव कराने की स्थिति नहीं थी? क्या रेफरल से पहले किसी विशेषज्ञ चिकित्सक की राय ली गई थी? इन सवालों का वास्तविक जवाब मेडिकल रिकॉर्ड और चिकित्सकीय जांच से ही सामने आएगा। पांचवीं डिलीवरी, नसबंदी के बाद भी गर्भधारण जानकारी के मुताबिक प्रेम बाई की यह पांचवीं डिलीवरी बताई जा रही है। यह भी बताया गया है कि पूर्व में उनका नसबंदी ऑपरेशन हो चुका था। उनके एक पूर्व पुत्र की मृत्यु होने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे प्रसूति इतिहास वाले मामले में प्रसूता की निगरानी, जोखिम का आकलन और रेफरल का समय—तीनों महत्वपूर्ण हो जाते हैं। हाईवे पर एम्बुलेंस बनी प्रसव कक्ष शहडोल के लिए रवाना एम्बुलेंस अभी अमहा के आसपास पहुंची ही थी कि प्रसूता की प्रसव पीड़ा तेज हो गई। स्थिति को देखते हुए रास्ते में ही प्रसव कराना पड़ा। ईएमटी पुष्पराज यादव और पायलट शिवम यादव ने सूझबूझ और तत्परता से स्थिति संभाली। प्रसव के बाद नवजात और मां को करकेली अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दोनों को देर रात भर्ती कराया गया। विशेषज्ञों की कमी भी जांच का अहम बिंदु जिला अस्पताल में महिला चिकित्सक के रूप में डॉ. रश्मि धनंजय के पदस्थ होने की जानकारी है। वहीं एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की कमी की बात भी सामने आ रही है। पूर्व में सेवाएं दे चुके डॉ. प्रमोद द्विवेदी और डॉ. सरफराज के स्थानांतरण के बाद विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठते हैं। ऐसे में यह जांच का विषय है कि क्या विशेषज्ञ सेवाओं की कमी के कारण प्रसूता को रेफर किया गया या रेफरल का निर्णय किसी अन्य चिकित्सकीय कारण से लिया गया? सवाल एम्बुलेंस का नहीं, रेफरल सिस्टम का है! एम्बुलेंस में प्रसव होना अपने आप में असामान्य परिस्थिति जरूर है, लेकिन इस घटना का सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि रास्ते में बच्चा क्यों पैदा हुआ। बड़ा सवाल यह है कि— जिस महिला को एक दिन पहले अस्पताल में भर्ती किया गया था, उसे आधी रात रेफर करने की जरूरत आखिर क्यों पड़ी? रेफरल के कुछ ही देर बाद प्रसव हो गया, तो क्या प्रसव की संभावित स्थिति का सही आकलन किया गया था? क्या जिला अस्पताल में सुरक्षित प्रसव कराया जा सकता था? इन सवालों का जवाब मेडिकल रिकॉर्ड, रेफरल नोट, चिकित्सकीय परीक्षण और स्वास्थ्य विभाग की जांच से ही सामने आ सकेगा। फिलहाल, एम्बुलेंस कर्मियों की तत्परता ने मां और नवजात को सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचा दिया, लेकिन आधी रात के इस रेफरल ने जिला अस्पताल की व्यवस्था पर कई सवाल जरूर छोड़ दिए हैं।
- गुप्ता ऑटो एजेंसी में श्रद्धा भाव से हुई भगवान विश्वकर्मा की पूजा -विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने किया प्रसाद ग्रहण l मुकेश कुमार दुबे संवाददाता जिला उमरिया *उमरिया* - *निर्माण, सृजन और शिल्पकला के देवता भगवान विश्वकर्मा की जयंती समूचे जिले में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न प्रतिष्ठानों, गैरिजों एवं संस्थानों में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मशीनों, औजारों और उपकरणों का पूजन किया गया।जिला मुख्यालय स्थित खलेसर नाका के समीप गुप्ता आटो एजेंसी में भी प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान विश्वकर्मा जयंती श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। एजेंसी के संचालक सूर्यप्रकाश गुप्ता द्वारा गैरिज परिसर में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कराई गई। पंडित द्वारा मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इसके बाद आरती, हवन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपादित हुए*,*पूजन कार्यक्रम में एजेंसी के संचालक सूर्यप्रकाश गुप्ता के साथ स्वप्निल गुप्ता एवं सिद्धार्थ गुप्ता सहित परिवारजन और कर्मचारी शामिल हुए। धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात विशाल भंडारा का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया।ज्ञात हो कि परंपरा के साथ औजारों का पूजन विश्वकर्मा जयंती पर कारीगरों एवं तकनीकी कार्य से जुड़े लोगों द्वारा अपने कार्यस्थल पर औजारों और मशीनों का पूजन किया जाता है। इसी परंपरा के तहत गुप्ता आटो एजेंसी में भी कार्य में उपयोग होने वाले उपकरणों की पूजा की गई। पूरे आयोजन के दौरान परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा*।1
- गुप्ता ऑटो एजेंसी में श्रद्धाभाव से हुई भगवान विश्वकर्मा जी की पूजा अर्चना *गुप्ता आटो एजेंसी में श्रद्धाभाव से हुई भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना* *विशाल भंडारा में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद* मध्य प्रदेश उमरिया* - *निर्माण, सृजन और शिल्पकला के देवता भगवान विश्वकर्मा की जयंती समूचे जिले में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न प्रतिष्ठानों, गैरिजों एवं संस्थानों में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मशीनों, औजारों और उपकरणों का पूजन किया गया।जिला मुख्यालय स्थित खलेसर नाका के समीप गुप्ता आटो एजेंसी में भी प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान विश्वकर्मा जयंती श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। एजेंसी के संचालक सूर्यप्रकाश गुप्ता द्वारा गैरिज परिसर में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कराई गई। पंडित द्वारा मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इसके बाद आरती, हवन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपादित हुए*,*पूजन कार्यक्रम में एजेंसी के संचालक सूर्यप्रकाश गुप्ता के साथ स्वप्निल गुप्ता एवं सिद्धार्थ गुप्ता सहित परिवारजन और कर्मचारी शामिल हुए। धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात विशाल भंडारा का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया।ज्ञात हो कि परंपरा के साथ औजारों का पूजन विश्वकर्मा जयंती पर कारीगरों एवं तकनीकी कार्य से जुड़े लोगों द्वारा अपने कार्यस्थल पर औजारों और मशीनों का पूजन किया जाता है। इसी परंपरा के तहत गुप्ता आटो एजेंसी में भी कार्य में उपयोग होने वाले उपकरणों की पूजा की गई। पूरे आयोजन के दौरान परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा*।1
- UPI इस्तेमाल करने वालों के लिए बड़ी और जरूरी खबर है।UPI पर चार्ज लगने को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की खबरें वायरल हो रही हैं, लेकिन सरकार ने स्थिति साफ कर दी है।अगर आप अपने परिवार, दोस्तों या किसी दूसरे व्यक्ति को UPI से पैसे भेजते हैं, तो आपसे कोई ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं लिया जाएगा। व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P UPI ट्रांजैक्शन पूरी तरह मुफ्त रहेगा, चाहे रकम कितनी भी हो।वहीं, निर्धारित नियमों के तहत 2 हजार रुपये से ज्यादा के कुछ व्यापारी भुगतान पर MDR लागू होगा। यह ग्राहक पर लगाया जाने वाला टैक्स या सीधे UPI यूजर से वसूला जाने वाला चार्ज नहीं है।सरकार के मुताबिक, करीब 96 प्रतिशत व्यापारी UPI लेन-देन भी इस व्यवस्था से प्रभावित नहीं होंगे।इसलिए आम UPI यूजर को परिवार या दोस्तों को पैसे भेजने पर चार्ज लगने की चिंता करने की जरूरत नहीं है।1
- सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जयसिंहनगर क भ्रमण मानवाधिकार कार्यकर्ता द्वारा सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जयसिंहनगर का शैक्षणिक स्तर मानवाधिकार जागरूकता को ध्यान में रखते हुए अनायास किया गया जो कि बेहतर मिला छात्र छात्राओं से विषयवार प्रश्न किए गए संतोषजनक जवाब प्राप्त हुए मानवाधिकार निरीक्षण को विद्यालय द्वारा उपलब्ध सुविधाओं को सम्मानपूर्वक लिखित में दिया गया।1
- एक बाइक चालक ने चेंज गयी से दूसरे बाईक चालक को मारी जोरदार टक्कर बाईक सवार युवक गंभीर रूप से घायल जिस बाईक से किया एक्सीडेंट उसे रात का अंधेरा होते ही बाईक मालिक बाईक ले गया अपने घर सामने से बाइक ने मारी टककर 50 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल, शहडोल रेफर उमरिया। जिले के बिरसिंहपुर पाली थाना क्षेत्र में 16/09/2026 बुधवार सुबह करीब तकरीबन 8 बजे बाइक क्रमांक MP54ZB1838 मोटर साइकिल मुन्ना विश्वकर्मा की बाइक के बीचो बीच बाईक क्रमांक MP21ZJ1099 ने इतनी जोरदार टक्कर मारी की हादसे में 50 वर्षीय मुन्ना विश्वकर्मा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद शहडोल रेफर किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह का समय होने के कारण सड़क पर आवाजाही शुरू हो चुकी थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाईक क्रमांक MP21ZJ1099 बाइक इतनी तेज गति में थी की मुन्ना विश्वकर्मा रोड में गाड़ी मोड़ कर पाली मार्केट से दफाई जा रहा था तभी सामने आ रही गाड़ी ने जोरदार टक्कर मारा की जिसमें 50 वर्षीय मुन्ना विश्वकर्मा रोड में गिर पड़ा राहगीरों ने गाड़ी में बैठ कर हॉस्पिटल पहुंचाया टक्कर इतनी भीषण थी कि जिस बाईक ने टक्कर मारी वह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और सड़क पर दूर तक घिसटती चली गईं। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घायल व्यक्ति की पहचान 50 वर्षीय स्थानीय निवासी मुन्ना विश्वकर्मा के रूप में हुई है। उसके सिर, पैर और सीने में गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल बिरसिंहपुर पाली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए शहडोल रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही बिरसिंहपुर पाली पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर रोड के किनारे रखवा दिया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाना हादसे का कारण माना जा रहा है। किन्तु इसथानिय एवं प्रत्यक्ष दर्शियों का आरोप है कि अगर दो बाईक वाहनों की टक्कर हुई है और एक युवक बुरी तरह घायल हुआ है।जिसे बाहर रेफर कर दिया गया है और पुलिस जांच कर रही है तो जिस बाईक से 50 वर्षीय मुन्ना विश्वकर्मा घायल हुआ और है और ज़िन्दगी और मौत से जूझ रहा है अयसे में जिस बाईक ने टक्कर मारी और छती ग्रस्त हो गई उसे पाली पुलिस ने अपने कब्जे में क्यों नहीं लिया।इन सबके विपरीत जिस बाईक ने टक्कर मारी थी उसके मालिक ने रात का अंधेरा होते ही छती ग्रस्त बाईक को अपने घर ले गया। लोगों का कहना है की क्या अयसा संभव है यह बाईक तो पुलिस अभिरक्षा में थाने में होनी चाहिए थी। जबकि वाहन चालक का लाइसेंस भी नहीं है।फिर एक्सीडेंटल वाहन को वाहन मालिक अपने घर कैसे ले जा सकता है। गौरतलब है कि बिरसिंहपुर पाली मार्ग पर आए दिन तेज रफ्तार के कारण हादसे होते रहते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर स्पीड ब्रेकर लगाने और रोड के किनारे खड़ी गाड़ियां को हटवाने की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की और निष्पक्ष जांच करने की तथा एक्सीडेंटल बाईक को अपने कब्जे में लेने की बात कही है। ताकि घायल व्यक्ति को सही इन्साफ मिल सके और दोषी व्यक्ति को सजा मिल सके। ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लग सके।4
- वेदाग पार्टी, ईमानदार पार्टी, जय हिंद जय भारत इंकलाब वेदाग पार्टी, ईमानदार पार्टी, जय हिंद जय भारत इंकलाब1
- --- *🔴 कटनी में रेत माफिया बेखौफ, नियम-कानून की उड़ा रहे धज्जियां* *कटनी (MP):* कटनी जिले में अवैध रेत उत्खनन से छोटी-बड़ी नदियों का अस्तित्व खत्म होने के कगार पर है। नेशनल पार्क से गुजरने वाली नदियों पर भी रेत माफिया बेखौफ उत्खनन कर वन्य प्राणियों का जीवन खतरे में डाल रहे हैं। *ताजा मामला - बरही तहसील क्षेत्र:* बांधवगढ़ नेशनल पार्क के जोन एरिया से निकलने वाली जीवनदायिनी *पिपही नदी* में बगैर अनुमति के सालों से रेत का उत्खनन चल रहा है। गांव के *दौलत मिश्रा, बहादुर सिंह, रमेश सिंह, रामजपाल सिंह, पवन चौधरी, गणेश मिश्रा, कुलजीत सिंह, पंकज सिंह* ने बताया कि बांधवगढ़ नेशनल पार्क की सीमा से निकलने वाली नदी से *LHP Merchant Pvt. Ltd.* द्वारा मनमाने तरीके से नदी के बीच धार से रेत निकाली जा रही है और बाजार में महंगे दामों पर बेची जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि रेत माफिया बगैर अनुमति लगभग *एक साल से* अवैध उत्खनन कर नदी के अस्तित्व को खत्म कर रहे हैं। रात भर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से रेत का परिवहन होता है, जिससे सड़कों पर हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे ट्रैक्टर नदी के बीच से रेत लोड करके कीचड़ में फंसते हुए निकल रहे हैं। *ग्रामीणों की मांग:* जिम्मेदार अधिकारी रेत माफिया पर लगाम लगाने में नाकाम हैं, सरकार को राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि जिले के मुखिया इस पूरे मामले पर क्या कार्रवाई करते हैं या फिर नदियों और वन्य जीवों के साथ खिलवाड़ यूं ही चलता रहेगा। *एक्सप्रेस रिपोर्टर: मोहम्मद एजाज, कटनी* --- *🔴 कटनी में रेत माफिया बेखौफ, नियम-कानून की उड़ा रहे धज्जियां* *कटनी (MP):* कटनी जिले में अवैध रेत उत्खनन से छोटी-बड़ी नदियों का अस्तित्व खत्म होने के कगार पर है। नेशनल पार्क से गुजरने वाली नदियों पर भी रेत माफिया बेखौफ उत्खनन कर वन्य प्राणियों का जीवन खतरे में डाल रहे हैं। *ताजा मामला - बरही तहसील क्षेत्र:* बांधवगढ़ नेशनल पार्क के जोन एरिया से निकलने वाली जीवनदायिनी *पिपही नदी* में बगैर अनुमति के सालों से रेत का उत्खनन चल रहा है। गांव के *दौलत मिश्रा, बहादुर सिंह, रमेश सिंह, रामजपाल सिंह, पवन चौधरी, गणेश मिश्रा, कुलजीत सिंह, पंकज सिंह* ने बताया कि बांधवगढ़ नेशनल पार्क की सीमा से निकलने वाली नदी से *LHP Merchant Pvt. Ltd.* द्वारा मनमाने तरीके से नदी के बीच धार से रेत निकाली जा रही है और बाजार में महंगे दामों पर बेची जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि रेत माफिया बगैर अनुमति लगभग *एक साल से* अवैध उत्खनन कर नदी के अस्तित्व को खत्म कर रहे हैं। रात भर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से रेत का परिवहन होता है, जिससे सड़कों पर हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे ट्रैक्टर नदी के बीच से रेत लोड करके कीचड़ में फंसते हुए निकल रहे हैं। *ग्रामीणों की मांग:* जिम्मेदार अधिकारी रेत माफिया पर लगाम लगाने में नाकाम हैं, सरकार को राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि जिले के मुखिया इस पूरे मामले पर क्या कार्रवाई करते हैं या फिर नदियों और वन्य जीवों के साथ खिलवाड़ यूं ही चलता रहेगा। *एक्सप्रेस रिपोर्टर: मोहम्मद एजाज, कटनी*3
- मंडला मे कोकायुक्त का छापा तहसील दार का प्राइवेट कर्मचारी लेता था रिश्वत मंडला जिले की बहमनीबंजर उप तहसील के नायब तहसीलदार के प्राइवेट कर्मचारी को जबलपुर लोकायुक्त ने 8000रु की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आवेदक रोहणी चंद्रोल ने आरोप लगाते हुए बताया जमीन का नामांतरण व बटवारे के लिए बहमनी तहसील में आवेदन दिया था जिसके एवंज में नायब तहसीलदार दस हजार रुपए मांगे थे। जिसकी शिकायत मैंने जबलपुर लोकायुक्त में की थी जिसके आधार पर आज लोकायुक्त टीम ने तहसीलदार के कर्मचारी हरीश सिंगोर को गिरफ्तार वहीं लोकायुक्त निरीक्षक जितेंद्र यादव ने बताया आवेदक रोहणी चंद्रोल ने जबलपुर लोकायुक्त को आवेदन दिया था कि जमीन नामांतरण के नाम पर बम्हनी बंजर तहसील के नायब तहसीलदार व हरीश सिंगोर पैसे मांग रहे हैं जिसका हमने सत्यापन कराया उसीके आधार पर आज हमने नायब तहसीलदार के प्राइवेट कर्मचारी को आठ हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया लोकायुक्त जबलपुर4