पुरैनी प्रखंड की नरदह पंचायत में वार्ड संख्या 1 से 4 तक जाने वाली कच्ची सड़क इन दिनों लोगों के लिए बड़ी आफत बन चुकी है। रेहनगाह चौक से कब्रगाह होते हुए बड़ी नरदह को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग पूरी तरह से बदहाल हो गया है, जहाँ जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में घुटने भर पानी जमा है। बारिश के बाद तो यह सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है, जिससे पानी के नीचे छिपे गड्ढे राहगीरों और बाइक सवारों के लिए हर दिन जानलेवा खतरा बन रहे हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस सड़क पर कई लोग फिसलकर गिर चुके हैं, जिससे छोटे बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। शाम ढलते ही यह रास्ता और भी खतरनाक हो जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से इस महत्वपूर्ण सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है और जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने के कारण हल्की बारिश में भी यह पूरा रास्ता जलमग्न हो जाता है। रेहनगाह चौक के समीप सप्ताह में तीन दिन लगने वाले बाजार तक पहुँचने के लिए भी आसपास के ग्रामीण रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर इस जलभराव वाली कच्ची सड़क को पार करते हैं। इस गंभीर स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों और ग्रामीणों में प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि समस्या से कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया है, लेकिन हर बार सिर्फ कोरा आश्वासन ही मिला। विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाले जनप्रतिनिधि इस बदहाल सड़क की ओर देखने तक नहीं आ रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत, गड्ढों की भराई और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन करेंगे। लोगों का आरोप है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं।
पुरैनी प्रखंड की नरदह पंचायत में वार्ड संख्या 1 से 4 तक जाने वाली कच्ची सड़क इन दिनों लोगों के लिए बड़ी आफत बन चुकी है। रेहनगाह चौक से कब्रगाह होते हुए बड़ी नरदह को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग पूरी तरह से बदहाल हो गया है, जहाँ जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में घुटने भर पानी जमा है। बारिश के बाद तो यह सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है, जिससे पानी के नीचे छिपे गड्ढे राहगीरों और बाइक सवारों के लिए हर दिन जानलेवा खतरा बन रहे हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस सड़क पर कई लोग फिसलकर गिर चुके हैं, जिससे छोटे बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। शाम ढलते ही यह रास्ता और भी खतरनाक हो जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से इस महत्वपूर्ण सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है और जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने के कारण हल्की बारिश में भी यह पूरा रास्ता जलमग्न हो जाता है। रेहनगाह चौक के समीप सप्ताह में तीन दिन लगने वाले बाजार तक पहुँचने के लिए भी आसपास के ग्रामीण रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर इस जलभराव वाली कच्ची सड़क को पार करते हैं। इस गंभीर स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों और ग्रामीणों में प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि समस्या से कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया है, लेकिन हर बार सिर्फ कोरा आश्वासन ही मिला। विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाले जनप्रतिनिधि इस बदहाल सड़क की ओर देखने तक नहीं आ रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत, गड्ढों की भराई और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन करेंगे। लोगों का आरोप है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं।
- भागलपुर से मिली जानकारी के अनुसार, बरारी पुल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद इसे अब तक आम लोगों के लिए चालू नहीं किया गया है। इस स्थिति के कारण स्थानीय निवासियों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें सबसे अधिक दिक्कत दूध व्यवसाय से जुड़े लोगों को हो रही है। सुबह के समय दूध लेकर शहर आने वाले इन कारोबारियों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है, जिससे उनके समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है।1
- मधेपुरा में स्वास्थ्य संबंधी एक विवाद गहरा गया है। इस मामले में सिविल सर्जन ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए इसे एक सोची-समझी साज़िश करार दिया है।1
- नगर परिषद गोगरी क्षेत्र के गोगरी जामा मस्जिद में ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की गई। इस दौरान देश में अमन, चैन और भाई-चारा बना रहे, इसके लिए भी विशेष दुआएं मांगी गईं।1
- खगड़िया के परबत्ता से एक बड़ी घटना सामने आई है, जहाँ घरेलू प्रताड़ना और आर्थिक तंगी से परेशान एक महिला ने अपनी मासूम बच्ची के साथ अगुवानी गंगा घाट स्थित लोहे के पुल से गंगा नदी में छलांग लगा दी। महिला ने अपने पति और सास पर मारपीट और प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि, स्थानीय लोगों की तत्परता और सूझबूझ से महिला और बच्ची दोनों की जान बचा ली गई। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम तुरंत मौके पर पहुँची और महिला को इलाज के लिए परबत्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। पुलिस ने पूरे मामले की जाँच शुरू कर दी है।1
- सौर बाजार प्रखंड कार्यालय परिसर के सामने बना यात्री शेड समय से पहले ही जर्जर होकर ध्वस्त होने के कगार पर पहुँच गया है, जिससे लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। आरोप है कि इस यात्री शेड के नाम पर सरकारी राशि का जमकर बंदरबांट किया गया है। कई लोगों ने बताया कि यह यात्री शेड ईंट और सीमेंट की बजाय स्टील की चादरों और खूंटों से बनाया गया है, यही वजह है कि यह कुछ ही महीनों में टूट गया है और अब बैठने लायक नहीं बचा है। लोगों का कहना है कि यदि इसका निर्माण स्थायी सामग्री से होता तो यह अधिक समय तक चलता। इसके अतिरिक्त, प्रखंड कार्यालय में दिन भर सैकड़ों लोगों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन परिसर में न तो पीने के शुद्ध पानी की व्यवस्था है और न ही कोई उपयोग लायक शौचालय भवन। यह स्थिति लोगों के लिए भारी परेशानी का कारण बनती है। हालाँकि, परिसर में दर्जनों शौचालय भवन बनाए गए हैं, पर उनमें से एक भी इस्तेमाल में नहीं है, जिससे साफ जाहिर होता है कि सौर बाजार प्रखंड कार्यालय परिसर में योजनाओं के नाम पर सरकारी धन का बड़े पैमाने पर बंदरबांट कर लिया गया है।1
- देश की राजधानी दिल्ली में 70 साल की एक बुजुर्ग महिला को रोजमर्रा के कार्यों के लिए दूर से पानी ढोना पड़ रहा है, क्योंकि लोगों को साफ पानी तक उपलब्ध नहीं है। जो पानी मिल रहा है, वह भी गंदा और बदबूदार है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर स्थिति के लिए भाजपा सरकार के सिस्टम को दोषी ठहराया गया है, आरोप है कि उसका नाकारा तंत्र लोगों को प्यासा मार रहा है।1
- खगड़िया जिले के गोगरी में मत्स्यषीकी सहयोग समिति गोगरी के मंत्री श्री हेमंत मंडल जी द्वारा मत्स्य विपणन कीट योजना के तहत कुल 50 लाभुकों के बीच कीटों का वितरण किया गया। यह कार्यक्रम मत्स्य कार्यालय नवल किशोर टोला में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि मत्स्य विक्रेता ग्राहकों को स्वस्थ और स्थाई मछली स्वच्छता और वैज्ञानिक ढंग से बेच सकें। साथ ही, यह कीट मछली पकड़ने के लिए भी वितरित किए गए। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मत्स्य विकास पदाधिकारी संजय कुमार, समन कुमार, मंत्री प्रतिनिधि राहुल कुमार निषाद, वार्ड पार्षद मनोज कुमार मंडल, और नगर अध्यक्ष प्रतिनिधि जितेंद्र कुमार निषाद सहित कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे।1
- इंदौर की जनता से उन लोगों को याद रखने का आह्वान किया गया है, जिन्होंने जल में कथित तौर पर ज़हर घोला है। इस संबंध में यह प्रतिबद्धता जताई गई है कि कांग्रेस सरकार बनते ही ऐसे सभी व्यक्तियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।1
- परबत्ता थाना के पास भीषण गर्मी के बीच गैस सिलेंडर के लिए लंबी लाइनों में लगने के कारण माताओं, बहनों और भाइयों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। लोग कड़ी धूप में घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं। जनता ने सरकार से विनती की है कि जैसे पहले गैस वितरण की व्यवस्था थी, उसे ही फिर से लागू किया जाए। लोगों ने सरकार से आग्रह किया है कि वे आम जनता की इस समस्या पर ध्यान दें, ताकि उन्हें अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।1