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उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के इतिहास में पहली बार निवर्तमान ब्लॉक प्रमुखों को ही ब्लॉक का प्रशासक नियुक्त करने का आदेश जारी किया है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि ये प्रशासक कोई भी बड़े फैसले नहीं ले सकेंगे। ग्राम प्रधानों और जिला पंचायत अध्यक्षों के बाद अब यह व्यवस्था ब्लॉक प्रमुखों पर भी लागू कर दी गई है। यह फैसला राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर न हो पाने के कारण लिया गया है। दरअसल, 19 जुलाई को प्रदेश के सभी 826 ब्लॉक प्रमुखों का 5 साल का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। इसके साथ ही, प्रधानों की नियुक्ति का मामला फिलहाल हाईकोर्ट में पेंडिंग है।
आशीष कुमार मिश्रा
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के इतिहास में पहली बार निवर्तमान ब्लॉक प्रमुखों को ही ब्लॉक का प्रशासक नियुक्त करने का आदेश जारी किया है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि ये प्रशासक कोई भी बड़े फैसले नहीं ले सकेंगे। ग्राम प्रधानों और जिला पंचायत अध्यक्षों के बाद अब यह व्यवस्था ब्लॉक प्रमुखों पर भी लागू कर दी गई है। यह फैसला राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर न हो पाने के कारण लिया गया है। दरअसल, 19 जुलाई को प्रदेश के सभी 826 ब्लॉक प्रमुखों का 5 साल का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। इसके साथ ही, प्रधानों की नियुक्ति का मामला फिलहाल हाईकोर्ट में पेंडिंग है।
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- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 20 जुलाई को बाराबंकी जनपद के महादेव धाम आ रहे हैं। उनके आगमन को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने खुद मौके पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया है और बाकी बचे कामों को आज ही जल्द से जल्द निपटाने के आदेश जारी किए हैं। इस दौरान कार्यक्रम में भारी जनसैलाब उमड़ने की आशंका जताई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस दौरे से बाराबंकी को कई बड़ी और महत्वपूर्ण परियोजनाओं की सौगात मिल सकती है। इस बार बाराबंकी में तीर्थ स्थलों के विकास पर विशेष जोर रहने वाला है।1
- बाराबंकी जनपद के मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के बल्लोपुर चौराहे पर प्याज की कीमत को लेकर दो अलग-अलग समुदायों के लोगों के बीच हुई कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। बल्लोपुर चौराहे पर एक सब्जी विक्रेता की दुकान पर शुक्रवार रात करीब आठ बजे एक ग्राहक प्याज खरीदने पहुंचा था, जहां दाम को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हुई और देखते ही देखते बात हाथापाई तक पहुंच गई। इसके बाद घटना की खबर आसपास के गांवों तक फैलने से बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र होने लगे, जिससे इलाके में कुछ देर के लिए तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भीड़ को हटाया और सुरक्षा मजबूत करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल के साथ पीएसी के जवानों को तैनात कर दिया। अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि मामले में दोनों पक्षों के एक-एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है और तथ्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं, प्रभारी निरीक्षक अमित सिंह भदौरिया ने लोगों से सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है।1
- उत्तर प्रदेश में आजम की जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए अखिलेश आगे आए हैं। उन्होंने तीखा रुख अपनाते हुए कहा कि जिनके परिवार और बच्चे नहीं हैं, वे इस दर्द को क्या समझेंगे। जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने के इस प्रयास के तहत अखिलेश ने बच्चों और उनके पेरेंट्स के नाम एक पत्र भी लिखा है।1
- बहराइच के फखरपुर विकास खंड में कोदही से कनेरा बाजार को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग पिछले सात वर्षों से बदहाल पड़ा है। बरसात में यह सड़क पूरी तरह तालाब में तब्दील हो गई है, जिससे राहगीरों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोदही-कनेरा संपर्क मार्ग पर अत्यधिक जलभराव और बड़े-बड़े गड्ढों ने लोगों का निकलना मुश्किल बना दिया है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि सड़क की इस बदहाली के कारण उनका कारोबार काफी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, कनेरा का साप्ताहिक बाजार और कोटवा धाम मंदिर जाने वाले श्रद्धालु भी इसी मार्ग से गुजरते हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक इस सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने और जलभराव की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है ताकि लोगों को राहत मिल सके।2
- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के कैसरगंज में घर जाने वाला रास्ता बेहद खराब हो चुका है। रास्ते की हालत इतनी बदतर है कि इस मार्ग से अपने घर तक पहुंच पाना पूरी तरह से असंभव लग रहा है। बदहाल रास्ते से परेशान होकर व्यक्ति ने अपनी गहरी लाचारी और नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि सड़क इतनी ज्यादा खराब है कि वह अपनी बाइक लेकर भी वहां से नहीं जा सकता। ऐसे में उसके सामने यह गंभीर संकट खड़ा हो गया है कि वह इस टूटे-फूटे रास्ते से होकर आखिर अपने घर कैसे पहुंचे।3
- उत्तर प्रदेश के कैसरगंज तहसील क्षेत्र के जरवल रोड थाना क्षेत्र में स्थित घाघरा घाट संजय सेतु पुल की मरम्मत का काम पूरा होने के ठीक एक महीने बाद इसके जॉइंट में फिर से गड़बड़ी आ गई है। इस गंभीर समस्या के सामने आने के बाद पुल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। इस मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिला अध्यक्ष रामकुमार वर्मा ने जिला अधिकारी और संबंधित विभाग के अधिकारियों से तुरंत जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि इस गड़बड़ी की तत्काल जांच की जाए ताकि घाघरा घाट संजय सेतु पुल पर किसी भी बड़े हादसे को होने से रोका जा सके।1
- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के कैसरगंज में सड़क की बदहाल स्थिति के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रास्ते की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि वहां से कोई भी वाहन निकालना बेहद मुश्किल हो गया है, जिससे लोगों के लिए अपने घर पहुंचना भी दूभर हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। परेशान होकर लोगों ने इस जर्जर रास्ते को जल्द से जल्द ठीक करने की गुहार लगाई है।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक निजी अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां एक नर्स की संदिग्ध हालत में लाश मिली। पहली नजर में यह मामला खुद से उठाए गए खौफनाक कदम का नजर आ रहा था, क्योंकि शव के पास कुछ गोलियां और एक नोट भी मौजूद था। लेकिन जब पुलिस ने इस मौत की परतों को खंगालना शुरू किया, तो सामने आया सच बेहद हैरान करने वाला था। यह मामला खुद से उठाया गया कदम नहीं था, बल्कि प्यार में मिले धोखे और नफरत की एक खौफनाक मर्डर मिस्ट्री थी, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया।2
- बाराबंकी के लखपेड़ाबाग चौराहे के निकट स्थित दुर्गा ऑटो पार्ट्स की दुकान में शनिवार सुबह करीब 11 बजे भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग से उठता धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देता रहा। आग की लपटें दुकान के समीप स्थित एक निजी विद्यालय तक पहुंचने की आशंका के चलते एहतियातन विद्यालय को तत्काल खाली करा दिया गया। विद्यालय प्रबंधन ने सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालकर छुट्टी घोषित कर दी, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझाने के दौरान कुछ समय के लिए दमकल वाहनों में पानी समाप्त होने से राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हुआ, लेकिन बाद में स्थिति पर नियंत्रण स्थापित कर लिया गया। दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई के चलते आग को आसपास की अन्य दुकानों और इमारतों तक फैलने से रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुकान मालिक ने आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रशासन द्वारा मामले की आवश्यक जांच एवं आगे की कार्रवाई की जा रही है।1