उन्नाव जनपद के भगवंत नगर विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत पनई बुजुर्ग में 'अनाया सिंह पाठशाला 1' नामक एक प्रेरणादायक सामाजिक सुधार की मुहिम चलाई जा रही है। यह पाठशाला ग्रामीण बच्चों को आधुनिक और नैतिक शिक्षा से जोड़ने के लिए निशुल्क डिजिटल और जमीनी क्लास प्रदान करती है, जो उन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण प्रभावित प्राथमिक शिक्षा की समस्या का समाधान कर रही है। हाल ही में, पाठशाला की मुख्य शिक्षिका श्रीमती शिवानी सिंह जी द्वारा बच्चों के साथ मिलकर बनाया गया डेढ़ से दो मिनट का एक छोटा सा वीडियो सोशल मीडिया पर काफी सराहना बटोर रहा है। इस वीडियो में ग्रामीण बच्चे बहुत उत्साह से खेल-खेल में साइकिल, बैलगाड़ी, बाइक और रॉकेट जैसे विभिन्न वाहनों के नाम हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में सीखते हुए दिखाई दे रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि सही मार्गदर्शन मिलने पर गाँव का हर बच्चा आगे बढ़ सकता है और देश का नाम रोशन कर सकता है। 'अनाया सिंह पाठशाला 1' का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है, जो पूरी तरह से निशुल्क संचालित हो रही है। पाठशाला के संचालक अनुज चौहान ने समाज के संभ्रांत नागरिकों, समाजसेवियों और सक्षम लोगों से सहयोग की अपील की है। उनका कहना है कि वे बच्चों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट किट, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, फुटबॉल और स्टडी टेबल जैसी बुनियादी चीजें भी मिलें, ताकि वे खेल जगत में भी आगे बढ़ सकें। यह मुहिम बच्चों के मानसिक विकास के साथ-साथ उनके शारीरिक विकास के लिए खेलकूद की सामग्री की आवश्यकता पर भी जोर देती है। अनुज चौहान ने आग्रह किया है कि यदि समाज के लोग इस निशुल्क शिक्षा और सुधार की मुहिम में सामग्री या अन्य किसी भी रूप में सहयोग प्रदान करते हैं, तो इन बच्चों का भविष्य और भी उज्ज्वल हो सकता है। यह पावन कार्य गाँव के हर बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लाने का लक्ष्य रखता है।
उन्नाव जनपद के भगवंत नगर विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत पनई बुजुर्ग में 'अनाया सिंह पाठशाला 1' नामक एक प्रेरणादायक सामाजिक सुधार की मुहिम चलाई जा रही है। यह पाठशाला ग्रामीण बच्चों को आधुनिक और नैतिक शिक्षा से जोड़ने के लिए निशुल्क डिजिटल और जमीनी क्लास प्रदान करती है, जो उन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण प्रभावित प्राथमिक शिक्षा की समस्या का समाधान कर रही है। हाल ही में, पाठशाला की मुख्य शिक्षिका श्रीमती शिवानी सिंह जी द्वारा बच्चों के साथ मिलकर बनाया गया डेढ़ से दो मिनट का एक छोटा सा वीडियो सोशल मीडिया पर काफी सराहना बटोर रहा है। इस वीडियो में ग्रामीण बच्चे बहुत उत्साह से खेल-खेल में साइकिल, बैलगाड़ी, बाइक और रॉकेट जैसे विभिन्न वाहनों के नाम हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में सीखते हुए दिखाई दे रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि सही मार्गदर्शन मिलने पर गाँव का हर बच्चा आगे बढ़ सकता है और देश का नाम रोशन कर सकता है। 'अनाया सिंह पाठशाला 1' का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है, जो पूरी तरह से निशुल्क संचालित हो रही है। पाठशाला के संचालक अनुज चौहान ने समाज के संभ्रांत नागरिकों, समाजसेवियों और सक्षम लोगों से सहयोग की अपील की है। उनका कहना है कि वे बच्चों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट किट, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, फुटबॉल और स्टडी टेबल जैसी बुनियादी चीजें भी मिलें, ताकि वे खेल जगत में भी आगे बढ़ सकें। यह मुहिम बच्चों के मानसिक विकास के साथ-साथ उनके शारीरिक विकास के लिए खेलकूद की सामग्री की आवश्यकता पर भी जोर देती है। अनुज चौहान ने आग्रह किया है कि यदि समाज के लोग इस निशुल्क शिक्षा और सुधार की मुहिम में सामग्री या अन्य किसी भी रूप में सहयोग प्रदान करते हैं, तो इन बच्चों का भविष्य और भी उज्ज्वल हो सकता है। यह पावन कार्य गाँव के हर बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लाने का लक्ष्य रखता है।
- उन्नाव पुलिस ने बाबा मिलनदास हत्याकांड के एक लाख रुपये के इनामी बदमाश इसराइल उर्फ इजराइल को आखिरकार मुठभेड़ में मार गिराया है। बांगरमऊ थाना पुलिस और एसओजी टीम ने आगरा एक्सप्रेसवे के पास घेराबंदी कर इस बड़ी कामयाबी को हासिल किया। पुलिस टीम ने बदमाश इसराइल को आत्मसमर्पण का मौका दिया था, लेकिन उसने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी में उप निरीक्षक न्यूटन कुमार सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर एक गोली लगी, वहीं एसओजी के आरक्षी विकास भदौरिया घायल हो गए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में इनामी बदमाश ढेर हो गया। मौके से बाबा मिलनदास हत्याकांड में इस्तेमाल किया गया चाकू, 315 बोर का तमंचा और कारतूस भी बरामद किए गए हैं। उन्नाव पुलिस की इस कार्रवाई से जिले के अपराधियों में हड़कंप मच गया है।1
- एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) ने सहारनपुर से एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। यह नागरिक पिछले 17 सालों से फरार चल रहा था और अब एटीएस के हत्थे चढ़ा है।1
- आज 14 जून, रविवार को कानपुर से नेशनल मीडिया प्रेस क्लब ने केंद्र सरकार से वरिष्ठ पत्रकारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजना लागू करने की जोरदार मांग की है। संगठन ने जोर दिया है कि पत्रकारिता, जिसे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का चौथा स्तंभ माना जाता है, उसे मजबूत बनाने वाले हजारों पत्रकार अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में आर्थिक असुरक्षा और उपेक्षा का सामना करने को मजबूर हैं। नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री एम डी शर्मा ने इस गंभीर विषय पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकार अपना स्वर्णिम समय जनता तक सच पहुंचाने, भ्रष्टाचार उजागर करने और जनसमस्याओं को शासन तक पहुंचाने में लगा देते हैं। लेकिन उम्र के आखिरी पड़ाव पर उन्हें आर्थिक संकट, स्वास्थ्य समस्याएं और सामाजिक असुरक्षा जैसी चुनौतियों से जूझना पड़ता है। उन्होंने बताया कि देश में लाखों पत्रकारों ने दशकों तक राष्ट्र और समाज की सेवा की है, फिर भी सेवानिवृत्ति के बाद उनके लिए किसी स्थायी आर्थिक व्यवस्था का अभाव है, जिससे कई वरिष्ठ पत्रकार आज आर्थिक तंगी में जीवन यापन कर रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। श्री शर्मा ने कुछ राज्यों में लागू पत्रकार पेंशन योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि केंद्र सरकार देशव्यापी एक समान और प्रभावी राष्ट्रीय पेंशन योजना लागू करे, जिससे पत्रकारों को बुढ़ापे में सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार मिल सके। उनकी मांगों में पेंशन के साथ-साथ स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, पारिवारिक सहायता, चिकित्सा सुविधाएं और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाएं शामिल हैं, जो पत्रकारों और उनके परिवारों को भविष्य की चिंताओं से मुक्त कर सकें। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा करने वाले पत्रकारों के योगदान को केवल शब्दों से नहीं, बल्कि ठोस कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से सम्मानित करने पर बल दिया है। नेशनल मीडिया प्रेस क्लब ने देशभर के पत्रकार संगठनों, मीडिया संस्थानों और पत्रकार साथियों से इस अभियान में एकजुट होने का आह्वान किया है। संगठन का मानना है कि यदि पत्रकार समुदाय एकजुट होकर अपनी जायज मांगों को मजबूती से सरकार तक पहुंचाएगा, तो सरकार को उनके हितों के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। अंततः, संगठन ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए शीघ्र राष्ट्रीय पत्रकार पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजना लागू की जाए, ताकि लोकतंत्र के प्रहरी पत्रकारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सके।1
- बिहार की राजधानी पटना के दीघा इलाके में एक बेहद हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ दो युवतियाँ एक ज्वेलरी शॉप को लूटने की कोशिश में दुकान के भीतर ही फँस गईं। जानकारी के अनुसार, इन युवतियों ने चेहरे पर मॉस्क पहन रखा था और अपनी जेब में पेपर स्प्रे भी रखा हुआ था। वे ज्वेलरी की दुकान में दाखिल हुईं और दुकानदार से जेवरात दिखाने को कहा। इसके बाद, एक लड़की ने दुकानदार पर पेपर स्प्रे से हमला कर लूटपाट का प्रयास किया। हालाँकि, दुकानदार ने फुर्ती दिखाते हुए तुरंत बाहर की ओर भागकर दुकान को बाहर से बंद कर दिया। इस तरह, लूट की कोशिश करने वाली दोनों लड़कियाँ दुकान के अंदर ही बंद हो गईं।1
- कानपुर के जूही स्थित स्वदेशी मिल कंपाउंड क्षेत्र में देर रात क्राइम ब्रांच और पुलिस की एक संयुक्त टीम की गो तस्करी के आरोपियों से मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार, घेराबंदी के दौरान आरोपियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में चांद आलम और रेहान उर्फ सद्दाम के पैर में गोली लगी। इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से मोहम्मद अमीर और श्याम तिवारी समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने एक गोवंश, एक अवैध तमंचा और एक चापड़ बरामद किया। घायल आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है, और पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई में जुट गई है।1
- अखिलेश यादव आगरा पहुँच गए हैं। यहाँ वे रामजीलाल सुमन के आवास पर जाकर अपनी शोक संवेदना व्यक्त करेंगे।1
- बहुआ ब्लॉक में बिजली, पानी और खाद से जुड़े मुद्दों को लेकर एक बैठक आयोजित की जाएगी।2
- कानपुर नगर के चकरपुर हाईवे पर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जहाँ अज्ञात वाहन की टक्कर से फॉर्च्यूनर कार में सवार एक परिवार गंभीर रूप से घायल हो गया। यह परिवार कालपी हाईवे से गुजर रहा था, तभी उनके वाहन को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे की जानकारी मिलते ही यातायात निरीक्षक पश्चिम प्रथम समीर जावेद खान की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल परिवार को अपनी निजी कार में बैठाकर अस्पताल पहुंचाया। यातायात पुलिस की इस तत्परता के कारण फॉर्च्यूनर सवार परिवार की जान बच गई, जिसके लिए घायल परिवार ने 'मित्र पुलिस' का आभार व्यक्त किया।2