केसीजी जिले में पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही झमाझम बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत दी है। 6 जुलाई सोमवार दोपहर 12 बजे मिली जानकारी के अनुसार, इस समय पर हुई वर्षा से खेतों में धान की बुवाई का काम तेजी से चल रहा है और किसान बेहद उत्साहित हैं। यह अच्छी बारिश खरीफ की फसलों के लिए काफी फायदेमंद मानी जा रही है। हालांकि, लगातार बारिश के कारण जिले के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सलोनी और कातलवाही जैसे कई गांवों की गलियों में पानी भर जाने से लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच, जिले के कई नदी-नाले उफान पर हैं और उनका जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। एक चिंताजनक घटना धनगांव से सामने आई है, जहाँ धान की बुवाई करके लौटते समय एक किसान परिवार उफनती नदी को ट्रैक्टर सहित पार करते हुए दिखाई दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि घटनास्थल से लगभग दो किलोमीटर दूर एक सुरक्षित पुल भी मौजूद है। इस परिवार ने शॉर्टकट अपनाने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डाल दी, और तेज बहाव के बीच नदी पार करने की यह हरकत किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। मौसम विभाग ने केसीजी जिले में अगले पाँच दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए, प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे नदी-नालों और पुल-पुलियों पर पानी होने की स्थिति में उन्हें पार न करें, बल्कि सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करें। प्रशासन ने मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने पर भी जोर दिया है। इस लगातार बारिश से जहाँ एक ओर किसानों के लिए नई उम्मीद जगी है, वहीं दूसरी ओर आम लोगों को भी अत्यधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
केसीजी जिले में पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही झमाझम बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत दी है। 6 जुलाई सोमवार दोपहर 12 बजे मिली जानकारी के अनुसार, इस समय पर हुई वर्षा से खेतों में धान की बुवाई का काम तेजी से चल रहा है और किसान बेहद उत्साहित हैं। यह अच्छी बारिश खरीफ की फसलों के लिए काफी फायदेमंद मानी जा रही है। हालांकि, लगातार बारिश के कारण जिले के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सलोनी और कातलवाही जैसे कई गांवों की गलियों में पानी भर जाने से लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच, जिले के कई नदी-नाले उफान पर हैं और उनका जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। एक चिंताजनक घटना धनगांव से सामने आई है, जहाँ धान की बुवाई करके लौटते समय एक किसान परिवार उफनती नदी को ट्रैक्टर सहित पार करते हुए दिखाई दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि घटनास्थल से लगभग दो किलोमीटर दूर एक सुरक्षित पुल भी मौजूद है। इस परिवार ने शॉर्टकट अपनाने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डाल दी, और तेज बहाव के बीच नदी पार करने की यह हरकत किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। मौसम विभाग ने केसीजी जिले में अगले पाँच दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए, प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे नदी-नालों और पुल-पुलियों पर पानी होने की स्थिति में उन्हें पार न करें, बल्कि सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करें। प्रशासन ने मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने पर भी जोर दिया है। इस लगातार बारिश से जहाँ एक ओर किसानों के लिए नई उम्मीद जगी है, वहीं दूसरी ओर आम लोगों को भी अत्यधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
- छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई का लंबी बीमारी के बाद रविवार, 5 जुलाई 2026 को रायपुर के एम्स अस्पताल में 70 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्हें पंडवानी, जो महाभारत की कथाओं को संगीत और अभिनय के जरिए प्रस्तुत करने की एक पारंपरिक लोक कला है, को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए जाना जाता था। उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव गनियारी (दुर्ग) में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित देश-विदेश की कई जानी-मानी हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।1
- उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में खुर्जा जंक्शन के प्लेटफॉर्म पर एक दुखद घटना सामने आई, जहाँ रेलवे ट्रैक पर कूदने के बाद एक शख्स की गोरखनाथ एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। यह वाकया तब हुआ जब प्लेटफॉर्म पर दो शख्स और एक सिपाही आपस में बात कर रहे थे, तभी उनमें से एक शख्स अचानक ट्रैक पर कूद गया। उसकी जान बचाने के लिए, सिपाही भी तुरंत ट्रैक पर कूद पड़ा और उसे बचाने का प्रयास किया। हालाँकि, बचाव के प्रयासों के बावजूद, इसी बीच गोरखनाथ एक्सप्रेस ट्रेन आ गई और अमर नाम के शख्स की मौत हो गई। बताया गया है कि अमर खुर्जा जंक्शन पर खाने-पीने का सामान बेचने का काम करता था। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहन जाँच में जुटी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर अमर ने ऐसा कदम क्यों उठाया।1
- बिलासपुर से पेंड्रा जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत बेहद खराब है, जिससे आम जनता का जीवन मुश्किलों से भरा हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि सड़कों के निर्माण को लेकर यह 'बबली का खेल' आखिर कब खत्म होगा। इसी बीच, सरकार यह दावा कर रही है कि वह भारत में सड़कों को जापान जैसा बनाएगी, जो मौजूदा स्थिति के बिल्कुल विपरीत है।3
- राजनांदगांव में हुई पहली बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी है, जिसके चलते बसंतपुर स्थित जिला अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई। इस वजह से मरीजों, उनके परिजनों और आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों का स्पष्ट रूप से कहना है कि शहर का ड्रेनेज सिस्टम ठीक से काम नहीं करता, यही कारण है कि हर साल बारिश के मौसम में ऐसे ही हालात उत्पन्न होते हैं। जलभराव की ये तस्वीरें केवल जिला अस्पताल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कॉलोनियों, बस्तियों और नालों के समीप के क्षेत्रों से भी सामने आई हैं। यह स्थिति इस गंभीर सवाल को उठाती है कि बरसात से पहले साफ-सफाई और निरीक्षण की तस्वीरें तो ली जाती हैं, लेकिन पहली ही बारिश में पूरा शहर पानी-पानी क्यों हो जाता है।1
- राजधानी रायपुर में हुई बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। इस स्थिति से जनता में गहरा गुस्सा है, जिसे लोग सोशल मीडिया पर रील्स बनाकर व्यक्त कर रहे हैं।1
- लांजी के कारंजा में लगातार हो रही बारिश ने ग्राम पंचायत की तैयारियों की पोल खोल दी है, जहाँ नालियों की अनदेखी के कारण मुख्य मार्ग पर भारी जलभराव हो गया है। कारंजा बस स्टैंड से हनुमान मंदिर तक के मुख्य मार्ग पर नालियों की समय पर सफाई न होने और कई जगह जाम होने से बारिश का पानी सड़कों पर जमा होकर आसपास की दुकानों में घुस गया है। इससे व्यापारियों को हजारों रुपये का बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं राहगीरों और वाहन चालकों को भी आवागमन में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। पार्थ पशु आहार के संचालक तेजराम मोरघाडे ने बताया कि उन्होंने बारिश से पहले ही ग्राम पंचायत को नालियों की सफाई के संबंध में मौखिक शिकायत की थी, लेकिन उस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत की लापरवाही के कारण उनकी दुकान में पानी घुस गया, जिससे हजारों रुपये का सामान खराब हो गया। मोरघाडे ने यह भी स्पष्ट किया कि यह समस्या केवल उनकी दुकान तक सीमित नहीं है, बल्कि इस पूरे मार्ग पर स्थित कई अन्य दुकानें भी इसी तरह की जलभराव की स्थिति का सामना कर रही हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने ग्राम पंचायत से तत्काल नालियों की सफाई करने और जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने भविष्य में ऐसी स्थिति को दोबारा बनने से रोकने के लिए स्थायी समाधान की भी जोरदार पैरवी की है।1