जनहित संकल्प पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आर.एस. पटेल के नेतृत्व में 12 जून को मऊ के मधुबन विधानसभा क्षेत्र से शुरू हुई न्याय यात्रा शनिवार को प्रयागराज के करछना विधानसभा क्षेत्र पहुंची। यह यात्रा आजमगढ़, वाराणसी, मिर्जापुर और सोनभद्र होते हुए आगे बढ़ी, जिसमें सरदार सेना और जनहित संकल्प पार्टी के हजारों कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी भाग लिया। इस पदयात्रा में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रमेश पटेल ने भी नेतृत्व किया, और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित 'सरदार पटेल एकता रथ' भी शामिल रहा। जनसभा को संबोधित करते हुए डॉ. आर.एस. पटेल ने देश-विदेश में बढ़ रही जातीय हिंसा, सामाजिक भेदभाव और वंचित समाज के साथ हो रहे अन्याय को समाप्त करने के लिए सरकार से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछड़े और दलित वर्ग को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि उनकी सरकार बनने पर महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। यात्रा के समापन पर, पदयात्रियों ने करछना के उपजिलाधिकारी को महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष रमेश पटेल, जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र पटेल, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र नेता संदीप पटेल, उदय पटेल, विवेक पटेल, दीपक पटेल, हर्ष पटेल, उमेश पटेल, सृष्टि पटेल, श्वेता सिंह, निशा पटेल, स्मिता पटेल, दिनेश प्रजापति, सतीश चौधरी सहित हजारों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
जनहित संकल्प पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आर.एस. पटेल के नेतृत्व में 12 जून को मऊ के मधुबन विधानसभा क्षेत्र से शुरू हुई न्याय यात्रा शनिवार को प्रयागराज के करछना विधानसभा क्षेत्र पहुंची। यह यात्रा आजमगढ़, वाराणसी, मिर्जापुर और सोनभद्र होते हुए आगे बढ़ी, जिसमें सरदार सेना और जनहित संकल्प पार्टी के हजारों कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी भाग लिया। इस पदयात्रा में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रमेश पटेल ने भी नेतृत्व किया, और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित 'सरदार पटेल एकता रथ' भी शामिल रहा। जनसभा को संबोधित करते हुए डॉ. आर.एस. पटेल ने देश-विदेश में बढ़ रही जातीय हिंसा, सामाजिक भेदभाव और वंचित समाज के साथ हो रहे अन्याय को समाप्त करने के लिए सरकार से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछड़े और दलित वर्ग को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि उनकी सरकार बनने पर महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। यात्रा के समापन पर, पदयात्रियों ने करछना के उपजिलाधिकारी को महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष रमेश पटेल, जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र पटेल, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र नेता संदीप पटेल, उदय पटेल, विवेक पटेल, दीपक पटेल, हर्ष पटेल, उमेश पटेल, सृष्टि पटेल, श्वेता सिंह, निशा पटेल, स्मिता पटेल, दिनेश प्रजापति, सतीश चौधरी सहित हजारों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
- प्रयागराज में दबंगों द्वारा घर व दुकान में घुसकर तोड़फोड़ करने और बेरहमी से पिटाई करने की घटना सामने आई है। इसी बीच, पूर्णिमा के अवसर पर प्रयागराज के संगम में इतनी भारी भीड़ उमड़ी कि पैर रखने की भी जगह नहीं थी। राजनीतिक गलियारों से कई अहम बयान और खुलासे सामने आए हैं। बिहार में एक मुस्लिम महिला ने वोट चोरी का गंभीर खुलासा किया, वहीं लालू यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 'चोर पार्टी' करार दिया। दूसरी ओर, तेज प्रताप ने नीतीश पर महिलाओं को छेड़ने का आरोप लगाया है। इन सबके बीच, मुख्यमंत्री योगी ने 'जो राम का नहीं, वह किसी का नहीं' कहकर एक तीखा राजनीतिक संदेश दिया। उत्तर प्रदेश से कई चौंकाने वाली घटनाएं भी सामने आईं। एक मामले में, पत्नी द्वारा रिश्वत लेने के बाद पति ने इसका राज़ खोल दिया। पढ़ने के लिए गए कई छात्र OYO में पाए गए, जिससे सनसनी फैल गई। राजधानी लखनऊ में पुलिसकर्मियों के कॉलर खींचे जाने की भी खबर है। इसके अतिरिक्त, सड़क पर लड़कियों के बीच हुए विवाद में जमकर थप्पड़ बरसाए गए। अन्य खबरों में, मुख्यमंत्री योगी ने गंगा घाट पर छठ पूजा संपन्न की। दिल्ली में एक BJP विधायक तालाब में गिर गए, जबकि असरानी के निधन की खबर भी सामने आई।1
- अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे और चंदे को लेकर हाल ही में सामने आए विवादों पर प्रयागराज से कांग्रेस सांसद उज्जवल रमन सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस पूरे मामले को एक 'गंभीर घटना' करार देते हुए सीधे तौर पर मौजूदा ट्रस्ट को भंग करने की मांग उठाई है। सांसद उज्जवल रमन सिंह ने कहा कि मंदिर में चंदे की चोरी और चढ़ावे के साथ हेरफेर की खबरों से देश की आम जनता और श्रद्धालुओं की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने इसे लोगों के भरोसे पर एक बड़ा आघात बताया। इस 'घोटाले' की सच्चाई सामने लाने के लिए, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान (सिटिंग) जज की निगरानी में जांच कराने की मांग की, ताकि यह उजागर हो सके कि आखिर किसने और कितना पैसा चोरी किया है। वहीं, समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता बब्बन दुबे ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने एक शेर के माध्यम से टिप्पणी करते हुए कहा कि ये लोग वोट चोरी करते-करते अब भगवान राम का पैसा भी चोरी करने लगे हैं। दुबे ने आगे तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें 'किसी का सगा नहीं' और 'ठगा' बताया, साथ ही सीधे तौर पर 'गुजराती दलाल' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये वही लोग हैं जो पहले अंग्रेजों की दलाली करते थे, और सूरत बंदरगाह पर अंग्रेजों का जहाज उतरने पर चाय पिलाने का काम करते थे, जिसके बाद चाय बेचते-बेचते पूरा देश बेचने लगे।1
- गोंडा से बृजभूषण शरण सिंह ने राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण मांग उठाई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अयोध्या में बने राम मंदिर की सुरक्षा राष्ट्रपति भवन, संसद और प्रधानमंत्री आवास के समान होनी चाहिए। इस बयान के माध्यम से उन्होंने राम मंदिर के लिए उच्च स्तरीय सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।1
- प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र के खानपुर गांव में रविवार को जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया, जिसमें कई महिलाएं, बच्चे और मौके पर काम कर रहा एक राजमिस्त्री गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद में पहले कहासुनी हुई, जो जल्द ही हिंसक मारपीट में बदल गई और दोनों ओर से लाठी-डंडे चलने लगे। इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे लोग भी चोटिल हुए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। घटना की सूचना मिलते ही मेजा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने सभी घायलों को उपचार के लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजवाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कुछ गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल, पुलिस दोनों पक्षों से घटना की जानकारी जुटा रही है और मामले में तहरीर मिलने के बाद संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गांव में व्याप्त तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस सतर्क है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है ताकि विवाद के मूल कारणों और मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके।2