मोबाइल से दूरी का अनोखा सबक: स्कूल में बच्चे की आंखों पर लाल पट्टी देखकर सहमे छात्र, शिक्षिका ने समझाया स्क्रीन टाइम का खतरा एक स्कूल में बच्चों को मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने के लिए अनोखा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान एक शिक्षिका ने कक्षा में एक छात्र को उसकी आंखों पर लाल रंग की पट्टी बांधकर लाया। छात्र की आंखों पर पट्टी देखकर पूरी कक्षा हैरान रह गई और बच्चे आपस में पूछने लगे कि आखिर रोहन को क्या हुआ है। जब बच्चों ने शिक्षिका से इसका कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि यह एक जागरूकता कार्यक्रम का हिस्सा है। शिक्षिका ने बच्चों को समझाने के लिए कहानी के माध्यम से बताया कि रोहन स्कूल से घर जाने के बाद लगातार मोबाइल फोन चलाता था। वह खाना खाते समय, सोने से पहले और दिनभर मोबाइल स्क्रीन देखने में लगा रहता था। इसके बाद शिक्षिका ने बच्चों से कहा कि यदि मोबाइल और डिजिटल स्क्रीन का अत्यधिक इस्तेमाल किया जाए तो आंखों में थकान, सूखापन, धुंधला दिखाई देना और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। उन्होंने बच्चों को यह भी समझाया कि मोबाइल की लत पढ़ाई, नींद और दैनिक जीवन पर नकारात्मक असर डाल सकती है। आंखों पर लाल पट्टी देखकर बच्चे इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उसी समय मोबाइल का इस्तेमाल कम करने और पढ़ाई पर अधिक ध्यान देने का संकल्प लिया। कई बच्चों ने कहा कि वे खाना खाते समय और सोने से पहले मोबाइल नहीं चलाएंगे तथा खेलने और पढ़ाई के लिए समय निर्धारित करेंगे। कार्यक्रम के अंत में शिक्षिका ने बच्चों को स्पष्ट किया कि मोबाइल फोन स्वयं दुश्मन नहीं है, लेकिन उसका अत्यधिक और अनियंत्रित इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है। बच्चों को स्क्रीन टाइम सीमित रखने, बीच-बीच में आंखों को आराम देने और अभिभावकों की निगरानी में मोबाइल इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। स्कूल में आयोजित यह जागरूकता गतिविधि बच्चों के बीच चर्चा का विषय बन गई। शिक्षकों का कहना है कि यदि ऐसे रचनात्मक और प्रभावी जागरूकता कार्यक्रम देशभर के स्कूलों में आयोजित किए जाएं तो बच्चों में मोबाइल की लत कम करने और पढ़ाई तथा खेलकूद की ओर उनका ध्यान बढ़ाने में मदद मिल सकती है। नोट: कार्यक्रम में दिखाई गई आंखों की पट्टी वाली घटना एक जागरूकता-आधारित नाट्य प्रस्तुति थी।
मोबाइल से दूरी का अनोखा सबक: स्कूल में बच्चे की आंखों पर लाल पट्टी देखकर सहमे छात्र, शिक्षिका ने समझाया स्क्रीन टाइम का खतरा एक स्कूल में बच्चों को मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने के लिए अनोखा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान एक शिक्षिका ने कक्षा में एक छात्र को उसकी आंखों पर लाल रंग की पट्टी बांधकर लाया। छात्र की आंखों पर पट्टी देखकर पूरी कक्षा हैरान रह गई और बच्चे आपस में पूछने लगे कि आखिर रोहन को क्या हुआ है। जब बच्चों ने शिक्षिका से इसका कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि यह एक जागरूकता कार्यक्रम का हिस्सा है। शिक्षिका ने बच्चों को समझाने के लिए कहानी के माध्यम से बताया कि रोहन स्कूल से घर जाने के बाद लगातार मोबाइल फोन चलाता था। वह खाना खाते समय, सोने से पहले और दिनभर मोबाइल स्क्रीन देखने में लगा रहता था। इसके बाद शिक्षिका ने बच्चों से कहा कि यदि मोबाइल और डिजिटल स्क्रीन का अत्यधिक इस्तेमाल किया जाए तो आंखों में थकान, सूखापन, धुंधला दिखाई देना और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। उन्होंने बच्चों को यह भी समझाया कि मोबाइल की लत पढ़ाई, नींद और दैनिक जीवन पर नकारात्मक असर डाल सकती है। आंखों पर लाल पट्टी देखकर बच्चे इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उसी समय मोबाइल का इस्तेमाल कम करने और पढ़ाई पर अधिक ध्यान देने का संकल्प लिया। कई बच्चों ने कहा कि वे खाना खाते समय और सोने से पहले मोबाइल नहीं चलाएंगे तथा खेलने और पढ़ाई के लिए समय निर्धारित करेंगे। कार्यक्रम के अंत में शिक्षिका ने बच्चों को स्पष्ट किया कि मोबाइल फोन स्वयं दुश्मन नहीं है, लेकिन उसका अत्यधिक और अनियंत्रित इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है। बच्चों को स्क्रीन टाइम सीमित रखने, बीच-बीच में आंखों को आराम देने और अभिभावकों की निगरानी में मोबाइल इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। स्कूल में आयोजित यह जागरूकता गतिविधि बच्चों के बीच चर्चा का विषय बन गई। शिक्षकों का कहना है कि यदि ऐसे रचनात्मक और प्रभावी जागरूकता कार्यक्रम देशभर के स्कूलों में आयोजित किए जाएं तो बच्चों में मोबाइल की लत कम करने और पढ़ाई तथा खेलकूद की ओर उनका ध्यान बढ़ाने में मदद मिल सकती है। नोट: कार्यक्रम में दिखाई गई आंखों की पट्टी वाली घटना एक जागरूकता-आधारित नाट्य प्रस्तुति थी।
- नींबू में सरसों का तेल डालकर बनाएं घरेलू उपाय, मच्छरों से राहत का दावा घर में मच्छरों की बढ़ती परेशानी के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक घरेलू नुस्खा लोगों का ध्यान खींच रहा है। मच्छरों से परेशान लोग अक्सर तरह-तरह के घरेलू उपाय आजमाते हैं। इन दिनों नींबू, सरसों के तेल, कपूर, लौंग और अजवाइन से जुड़ा एक ऐसा ही नुस्खा चर्चा में है। बताया जा रहा है कि इसके लिए एक ताजा नींबू लेकर उसके ऊपरी हिस्से को काटा जाता है। इसके बाद चम्मच की मदद से नींबू के अंदर का गूदा निकालकर उसमें करीब एक चम्मच सरसों का तेल, दो कपूर की टिकिया, दो-तीन लौंग और थोड़ी अजवाइन डालने की बात कही जाती है। इसके बाद इसमें बाती लगाकर इसे ऐसे स्थान पर रखने का सुझाव दिया जाता है, जहां मच्छरों का आना-जाना ज्यादा हो। दावा है कि सरसों के तेल, कपूर, लौंग और अजवाइन की गंध से मच्छर उस जगह से दूर भाग सकते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि इस घरेलू नुस्खे से सभी मच्छरों के मरने या घर से पूरी तरह खत्म हो जाने का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार मच्छरों से बचाव के लिए घर में पानी जमा न होने देना, खिड़की-दरवाजों पर जाली लगाना और आवश्यकता पड़ने पर प्रमाणित मच्छर-रोधी उत्पादों का इस्तेमाल करना ज्यादा प्रभावी उपाय हो सकते हैं। सावधानी जरूरी: कपूर और सरसों का तेल ज्वलनशील हो सकते हैं। यदि बाती जलाकर यह उपाय किया जाए तो इसे पर्दे, कागज, कपड़े या अन्य ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें और बच्चों तथा पालतू जानवरों की पहुंच से भी दूर रखें। इसे बिना निगरानी के जलता हुआ न छोड़ें। सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले उसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता की पुष्टि करना जरूरी है।1
- *कांग्रेस ने बंद कमरों में किया उम्मीदवारों पर मंथन, बोर्ड बनाने की रणनीति पर जोर* *बारहठ बोले—पार्टी जिसे देगी टिकट, उसके साथ पूरी ताकत से जुटेंगे कार्यकर्ता* रानी। आगामी नगर पालिका चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को नगर कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में श्री आईजी हॉल, प्रताप बाजार में आयोजित बैठक में विभिन्न वार्डों से चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदारों से ऑफलाइन आवेदन लिए गए। आवेदन प्रक्रिया के बाद अलग-अलग बंद कमरों में दावेदारों एवं वार्डवार राजनीतिक समीकरणों को लेकर मंथन किया गया। बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी से नियुक्त ऑब्जर्वर एवं मारवाड़ विधानसभा प्रभारी संजीव सिंह बारहठ ने कहा कि नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस का बोर्ड बनाने के लक्ष्य के साथ संगठन को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी द्वारा अधिकृत प्रत्याशियों के पक्ष में सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरना होगा। पार्टी सिंबल किसी भी प्रत्याशी को मिले, कार्यकर्ताओं को व्यक्तिगत मतभेदों को दरकिनार कर कांग्रेस की जीत को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव में प्रत्येक वार्ड महत्वपूर्ण है और संगठन की ओर से कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी जाएंगी। उन्होंने दावेदारों और कार्यकर्ताओं से आपसी समन्वय बनाए रखते हुए पार्टी हित में कार्य करने का आह्वान किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिशुपाल सिंह राजपुरोहित ने कहा कि चुनाव में संगठन की एकजुटता ही कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत होगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गुटबाजी एवं आपसी मतभेदों को पीछे छोड़कर सामूहिक रूप से पार्टी को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता बूथ स्तर तक सक्रिय होकर कांग्रेस की जीत के लिए प्रयास करें। बैठक में विभिन्न वार्डों से चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदारों ने अपने आवेदन प्रस्तुत किए। इस दौरान दावेदारों की संगठन में सक्रियता, जनसंपर्क, वार्ड में पकड़ एवं स्थानीय समीकरणों सहित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। बंद कमरे में हुए मंथन को आगामी दिनों में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है। राय सुमारी उपस्थित जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिशुपाल सिंह राजपुरोहित,जिला चुनाव प्रभारी जयदेव सिंह राणावत, जिला सह-सचिव श्रवण कुमार पटेल, प्रदेश महासचिव भूराराम सीरवी, खनन प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष हुकम सिंह आकड़ावास, विधानसभा चुनाव सह-प्रभारी सुरबाला काला, सह-प्रभारी भोमाराम मीणा, जिला सचिव केसाराम गरासिया मौजूदगी में ली गई। नगर कांग्रेस कमेटी की ओर से अतिथियों का साफा एवं माला पहनाकर स्वागत किया गया। बैठक के अंत में नगर कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र जैन ने सभी पदाधिकारियों, दावेदारों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।1
- आबूरोड से खबर रीको पुलिस ने बाइक चोरी के दो आरोपियों को किया गिरफ्तार चोरी की गई दो बाइकों को किया बरामद SP पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ के निर्देशन DSP जितेन्द्रसिह राठौड के सुपर .... @SirohiPolice @RajPoliceHelp #AbuRoad #Sirohi #RajasthanNews #BreakingNews #CrimeNews1
- धरती माता की बात सुनकर मंडवाड़ा की महिलाओं ने गायों को खिलाई लापसी, बरसात के लिए की प्रार्थना* *धरती माता की बात सुनकर मंडवाड़ा की महिलाओं ने गायों को खिलाई लापसी, बरसात के लिए की प्रार्थना* *मंडवाड़ा* आज मंडवाड़ा गांव की महिलाओं ने गौ-सेवा और आस्था की मिसाल पेश की धरती माता की बात सुनकर महिलाओं ने एक जगह गायों के लिए *लापसी* तैयार की। इसके बाद सभी महिलाएं नदी किनारे गईं, वहां रोड की सफाई की और फिर एक साथ मिलकर गायों को लापसी खिलाई। लापसी खिलाने के बाद सभी महिलाओं ने हाथ जोड़कर *भगवान से प्रार्थना की कि गायों के चारे-पानी के लिए अच्छी बरसात जरूर आए।* इस नेक कार्यक्रम में गांव के *लाखाराम देवासी, रमेश बोरणा और अशोक आलिका* भी महिलाओं के साथ रहे और सहयोग किया। महिलाओं की इस भक्ति और सेवा भावना की पूरे गांव में सराहना हो रही है।3
- मोलेला में जिला स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुईं सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ एवं विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़3
- पाली में चुनावी हलचल तेज, टिकट के दावेदारों में बढ़ी बेचैनी जनहित की खबर • निष्पक्ष नजर जिला स्तरीय स्थानीय समाचार एवं राजनीति विशेषांक पेज – 1 वार्ड नंबर 57 की अनकही कहानी चुनाव नजदीक आते ही बढ़ी सियासी हलचल, भाजपा में टिकट की होड़ तो कांग्रेस में एक प्रमुख नाम की चर्चा वार्ड नंबर 57। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है, वार्ड नंबर 57 की राजनीति भी दिलचस्प होती जा रही है। मोहल्लों, चौराहों और चाय की थड़ियों से लेकर राजनीतिक बैठकों तक अब चुनाव और संभावित प्रत्याशियों की चर्चा आम हो गई है। आज के प्रतिस्पर्धा के दौर में जहां नौकरियों और व्यवसाय में आगे बढ़ने की होड़ दिखाई देती है, वहीं चुनाव आते ही जनप्रतिनिधि बनने की चाह रखने वालों की संख्या भी कम नहीं दिखाई दे रही। वार्ड नंबर 57 में टिकट की दावेदारी को लेकर सबसे ज्यादा हलचल भाजपा खेमे में नजर आ रही है। राजनीतिक चर्चाओं में सवाल यह भी उठ रहा है कि सामान्य दिनों में जो चेहरे क्षेत्र में बहुत कम दिखाई देते थे, चुनावी माहौल बनते ही उनकी सक्रियता अचानक कैसे बढ़ गई? सामाजिक कार्यक्रमों से लेकर लोगों से मेल-मिलाप तक दावेदार अब अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में जुटे हैं। कभी-कभी तो ऐसा लगता है कि काश चुनावी माहौल हमेशा बना रहे, ताकि जनता के बीच नेताओं और संभावित जनप्रतिनिधियों की ऐसी ही सक्रियता लगातार देखने को मिलती रहे। भाजपा में टिकट के लिए कई दावेदार वार्ड नंबर 57 में भाजपा की ओर से फिलहाल कैलाशनाथ, राजू गुर्जर, भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह के नाम दावेदारी की चर्चाओं में सामने आ रहे हैं। ये सभी अपनी-अपनी पत्नियों के लिए भाजपा से टिकट की मांग कर रहे हैं। 25 वर्षों की संगठन सेवा के साथ कैलाशनाथ की दावेदारी कैलाशनाथ करीब 25 वर्षों से भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता के रूप में पार्टी से जुड़े बताए जाते हैं। लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहने के कारण उनकी दावेदारी को लेकर वार्ड के राजनीतिक हलकों में चर्चा है। अब सवाल यह है कि क्या पार्टी वर्षों की संगठन सेवा, मेहनत और वफादारी को टिकट वितरण में प्राथमिकता देगी? राजू गुर्जर के परिवार का रहा है राजनीतिक जुड़ाव दूसरी ओर राजू गुर्जर भी अपनी पत्नी के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। उनके पिता पूर्व में मनोनीत पार्षद रह चुके हैं। ऐसे में उनके परिवार का स्थानीय राजनीति से पुराना जुड़ाव उनकी दावेदारी को चर्चा में बनाए हुए है। भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह भी दौड़ में भवानी गहलोत भी अपनी पत्नी के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं। वार्ड की मौजूदा राजनीतिक चर्चाओं में उन्हें अपेक्षाकृत नया चेहरा बताया जा रहा है। वहीं जितेंद्र सिंह भी टिकट की दौड़ में हैं और अपनी पत्नी के लिए पार्टी से टिकट की मांग कर रहे हैं। चार दावेदारों के सामने आने से भाजपा के भीतर टिकट का फैसला दिलचस्प हो गया है। अब देखना यह होगा कि जिला कार्यालय और पार्टी नेतृत्व किसकी ईमानदारी, वफादारी, संगठन के प्रति मेहनत, जमीनी पकड़ और राजनीतिक समीकरणों को प्राथमिकता देता है।जनहित की खबर • निष्पक्ष नजर जिला स्तरीय स्थानीय समाचार एवं राजनीति विशेषांक पेज – 1 वार्ड नंबर 57 की अनकही कहानी चुनाव नजदीक आते ही बढ़ी सियासी हलचल, भाजपा में टिकट की होड़ तो कांग्रेस में एक प्रमुख नाम की चर्चा वार्ड नंबर 57। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है, वार्ड नंबर 57 की राजनीति भी दिलचस्प होती जा रही है। मोहल्लों, चौराहों और चाय की थड़ियों से लेकर राजनीतिक बैठकों तक अब चुनाव और संभावित प्रत्याशियों की चर्चा आम हो गई है। आज के प्रतिस्पर्धा के दौर में जहां नौकरियों और व्यवसाय में आगे बढ़ने की होड़ दिखाई देती है, वहीं चुनाव आते ही जनप्रतिनिधि बनने की चाह रखने वालों की संख्या भी कम नहीं दिखाई दे रही। वार्ड नंबर 57 में टिकट की दावेदारी को लेकर सबसे ज्यादा हलचल भाजपा खेमे में नजर आ रही है। राजनीतिक चर्चाओं में सवाल यह भी उठ रहा है कि सामान्य दिनों में जो चेहरे क्षेत्र में बहुत कम दिखाई देते थे, चुनावी माहौल बनते ही उनकी सक्रियता अचानक कैसे बढ़ गई? सामाजिक कार्यक्रमों से लेकर लोगों से मेल-मिलाप तक दावेदार अब अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में जुटे हैं। कभी-कभी तो ऐसा लगता है कि काश चुनावी माहौल हमेशा बना रहे, ताकि जनता के बीच नेताओं और संभावित जनप्रतिनिधियों की ऐसी ही सक्रियता लगातार देखने को मिलती रहे। भाजपा में टिकट के लिए कई दावेदार वार्ड नंबर 57 में भाजपा की ओर से फिलहाल कैलाशनाथ, राजू गुर्जर, भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह के नाम दावेदारी की चर्चाओं में सामने आ रहे हैं। ये सभी अपनी-अपनी पत्नियों के लिए भाजपा से टिकट की मांग कर रहे हैं। 25 वर्षों की संगठन सेवा के साथ कैलाशनाथ की दावेदारी कैलाशनाथ करीब 25 वर्षों से भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता के रूप में पार्टी से जुड़े बताए जाते हैं। लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहने के कारण उनकी दावेदारी को लेकर वार्ड के राजनीतिक हलकों में चर्चा है। अब सवाल यह है कि क्या पार्टी वर्षों की संगठन सेवा, मेहनत और वफादारी को टिकट वितरण में प्राथमिकता देगी? राजू गुर्जर के परिवार का रहा है राजनीतिक जुड़ाव दूसरी ओर राजू गुर्जर भी अपनी पत्नी के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। उनके पिता पूर्व में मनोनीत पार्षद रह चुके हैं। ऐसे में उनके परिवार का स्थानीय राजनीति से पुराना जुड़ाव उनकी दावेदारी को चर्चा में बनाए हुए है। भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह भी दौड़ में भवानी गहलोत भी अपनी पत्नी के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं। वार्ड की मौजूदा राजनीतिक चर्चाओं में उन्हें अपेक्षाकृत नया चेहरा बताया जा रहा है। वहीं जितेंद्र सिंह भी टिकट की दौड़ में हैं और अपनी पत्नी के लिए पार्टी से टिकट की मांग कर रहे हैं। चार दावेदारों के सामने आने से भाजपा के भीतर टिकट का फैसला दिलचस्प हो गया है। अब देखना यह होगा कि जिला कार्यालय और पार्टी नेतृत्व किसकी ईमानदारी, वफादारी, संगठन के प्रति मेहनत, जमीनी पकड़ और राजनीतिक समीकरणों को प्राथमिकता देता है। पेज – 2 कांग्रेस में फिलहाल भंवर राव का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में पूर्व पार्षद और अनुभवी नेता, समर्थक मान रहे जीत का प्रबल दावेदार वार्ड नंबर 57 की राजनीति का दूसरा पहलू कांग्रेस खेमे में दिखाई देता है। जहां भाजपा में टिकट के लिए कई नामों की चर्चा है, वहीं कांग्रेस की ओर से फिलहाल भंवर राव का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। भंवर राव स्थानीय राजनीति के अनुभवी और मंझे हुए खिलाड़ी माने जाते हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि राजनीति में आने के बाद से उन्होंने लगातार अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखी है और क्षेत्र के लोगों के बीच उनकी मजबूत पहचान है। पूर्व में रह चुके हैं पार्षद भंवर राव पूर्व में पार्षद रह चुके हैं। पार्षद के रूप में काम करने का अनुभव और वर्षों से स्थानीय राजनीति में सक्रियता उनके समर्थकों के अनुसार उनकी सबसे बड़ी ताकत है। समर्थकों का दावा है कि भंवर राव लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाए हुए हैं और इसी कारण इस बार वार्ड नंबर 57 में उन्हें कांग्रेस की ओर से जीत के प्रबल दावेदारों में माना जा रहा है। फिलहाल कांग्रेस की तरफ से वार्ड में उनकी दावेदारी का प्रभाव मजबूत दिखाई देने की चर्चा है। हालांकि अंतिम उम्मीदवार कौन होगा, यह पार्टी के आधिकारिक टिकट की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। एक तरफ कई दावेदार, दूसरी तरफ अनुभवी चेहरा—किस करवट बैठेगा वार्ड 57? वार्ड नंबर 57 की मौजूदा राजनीतिक तस्वीर दिलचस्प है। एक ओर भाजपा में कैलाशनाथ, राजू गुर्जर, भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह अपनी पत्नियों के टिकट के लिए दावेदारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस में भंवर राव का नाम प्रमुखता से चर्चा में है। भाजपा के सामने टिकट चयन की चुनौती होगी। क्या वर्षों की संगठन सेवा को महत्व मिलेगा? क्या पुराने राजनीतिक परिवार का अनुभव काम आएगा? या फिर कोई नया दावेदार टिकट की बाजी मार लेगा? कांग्रेस के सामने भी अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व को ही लेना है, लेकिन स्थानीय चर्चाओं में भंवर राव के पुराने राजनीतिक अनुभव और जनसंपर्क को उनकी ताकत माना जा रहा है। जनता सब देख रही है... चुनावी मौसम में बढ़ी सक्रियता के बीच वार्ड की जनता भी हर दावेदार को बारीकी से देख रही है। आखिर चुनाव सिर्फ टिकट हासिल करने का नहीं, बल्कि जनता का विश्वास हासिल करने का भी है। टिकट किसे मिलेगा, चुनावी मैदान में आमने-सामने कौन होगा और जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनेगी—इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आएंगे। लेकिन फिलहाल इतना जरूर है कि वार्ड नंबर 57 की सियासी कहानी अभी शुरू हुई है।1
- jalchaki nathdawara road par shreenath ice factory ka roj tempo khada rehta roh accident hote hai aaj subah hi ek accident hua tha प्रशासन जानते हुए भी अंजान बन रहा हैं त्रिव गति से इसका समाधान करे कृपया इसकी दुकान की कागज की जाँच करवाए और हम कुछ बोलते है गालि गलौच करता है इसके द्वारा अनधिकृत वाहन खड़े करता है और दूसरी दुकान पे ग्राहकों को वहां खड़ा करने की जगह नहीं मिलती है जिसकी वजह से चालान सही लोगों को भरना पड़ता है इसकी दुकान पे शाम 7 बजे के बाद वहां खड़े होते है जिसकी वजह से दोपहिया वाहन ओर पैदल चलने वाली को बहुत परेशानी होती है और कुछ बोलते है तो लड़ने के लिए तैयार हो जाता है1
- जिले के रानी उपखंड क्षेत्र के निपल में 8 फीट लंबा अजगर आने से मचा हड़कंप रानी। क्षेत्र के निपल गांव स्थित वेरा ढीमरा में अचानक करीब 8 फीट लंबा अजगर दिखाई देने से हड़कंप मच गया। अजगर को देखते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। जानकारी के अनुसार, निपल गांव के वेरा ढीमरा में ताराराम मीणा के बेरे पर अचानक अजगर नजर आया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल रेस्क्यू टीम को दी। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम के हनी सिंह नारलाई मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू टीम ने अजगर को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर जंगल में छोड़ दिया। अजगर के रेस्क्यू के दौरान मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लगी रही।1