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गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत फायदा नहीं तो डबल पैसा वापस 100% गारंटी के साथ संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898
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- चिलम आ गया है गाड़ी धोने वाला।1
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- गुरू गोरक्षनाथ स्वास्थ्य NMO, गोरक्षप्रान्त निःशुल्क चिकित्सा शिविर का कार्यक्रम बैठवलिया।1
- फ्री में फिजिकल ट्रेनिंग बड़ा रमना स्पेशल फोर्स अकादमी जिसका उद्घाटन दो बार के गोल्ड मेडलिस्ट बजरंग पांडेय ने किया मालिक चितरंजन फौजी के द्वारा फ्री में फिजिकल1
- बिहार पुलिस सप्ताह–2026 के द्वितीय दिवस पर बेतिया पुलिस केंद्र परिसर में मैत्री क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन उत्साह और सौहार्द के माहौल में किया गया। पुलिस-पब्लिक रिलेशन को सुदृढ़ करने तथा आपसी विश्वास को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रतियोगिता में पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मैदान में खेल भावना, अनुशासन और टीमवर्क की शानदार मिसाल देखने को मिली। प्रतियोगिता के समापन पर विजेता टीम को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित), पुलिस केंद्र बेतिया ने उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए नशीले पदार्थों, शराब और आपराधिक गतिविधियों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज को सुरक्षित और अपराधमुक्त बनाने में पुलिस और जनता की साझेदारी अत्यंत आवश्यक है। अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए आमजन से सहयोग की भी अपील की गई। साथ ही सामाजिक सरोकार से जुड़े विभिन्न मुद्दों के समाधान और आम लोगों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए पुलिस प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई गई। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि बिहार पुलिस सप्ताह के तहत आगे भी विभिन्न जनजागरूकता और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि पुलिस और जनता के बीच संवाद एवं विश्वास और अधिक मजबूत हो सके। बिहार पुलिस सप्ताह के इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि कानून व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता और जनसहभागिता भी पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है।1
- Post by सत्य प्रकाश मिश्र1
- गोरखपुर के कोतवाली क्षेत्र के अलीनगर उत्तरी में छात्रनेता उज्ज्वल यादव के घर शुक्रवार रात हुई फायरिंग के मामले में पुलिस अब घटना की तह तक पहुंचने में जुटी है। कोतवाली पुलिस मुख्य आरोपी आर्थक प्रताप सिंह और उसके साथियों को असलहा उपलब्ध कराने वाले स्रोत के बारे में पता कर रही है। साथ ही, जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी आर्थक और पीड़ित उज्ज्वल के बीच पहले गहरी दोस्ती थी। जो हाल के दिनों दुश्मनी में बदल गई। इसकी वजह युवती से बातचीत करने का विवाद है या कुछ और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। हाल ही में यूनिवर्सिटी गेट पर छात्र नेता उज्जवल यादव ने एक विवादित पोस्टर लगाया था। जिसे थोड़ी ही देर बाद नगर निगम प्रशासन ने हटवा दिया था। कई बार उज्जवल पोस्टर की वजह से भी हाइलाइट होता रहा है। वह गोरखपुर यूनिवर्सिटी का बीए थर्ड ईयर का छात्र भी है। यूनिवर्सिटी में कभी आर्थक और उज्जवल एक साथ देखे जाते थे। कई चुनावी जुलूस में दोनों साथ में शामिल हुए हैं।शुक्रवार रात करीब 11:20 बजे आर्थक प्रताप सिंह अपने साथियों महेश चौधरी, अनीश शुक्ला, सैफ अली और सक्षम शुक्ला के साथ आर्यनगर स्थित उज्ज्वल यादव के घर पहुंचा। आरोपियों ने घर के बाहर कई राउंड फायरिंग की और उज्ज्वल की मां संध्या यादव से मारपीट भी की। कहां से मिला असलहा, पुलिस जांच में जुटी घटना के बाद मोहल्ले में दहशत फैल गई थी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को असलहा कहां से मिला और किसने उपलब्ध कराया। इसके लिए विशेष टीम गठित की गई है जो हर उस एंगल से जांच कर रही है जहां से असलहा मिलने की संभावना हो सकती है। पुलिस जांच में सामने आया कि बेतियाहाता निवासी आर्थक प्रताप सिंह और सपा से जुड़े छात्रनेता उज्ज्वल यादव के बीच कभी गहरी दोस्ती थी। दोनों साथ में समय बिताते थे और सामाजिक-राजनीतिक गतिविधियों में भी साथ दिखते थे। लेकिन हाल के दिनों में इनके बीच किसी बात को लेकर मतभेद बढ़ गए। पुलिस की माने तो विवाद की वजह युवती हो सकती है।गोरखपुर के कोतवाली क्षेत्र के अलीनगर उत्तरी में छात्रनेता उज्ज्वल यादव के घर शुक्रवार रात हुई फायरिंग के मामले में पुलिस अब घटना की तह तक पहुंचने में जुटी है। कोतवाली पुलिस मुख्य आरोपी आर्थक प्रताप सिंह और उसके साथियों को असलहा उपलब्ध कराने वाले स्रोत के बारे में पता कर रही है। साथ ही, जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी आर्थक और पीड़ित उज्ज्वल के बीच पहले गहरी दोस्ती थी। जो हाल के दिनों दुश्मनी में बदल गई। इसकी वजह युवती से बातचीत करने का विवाद है या कुछ और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। हाल ही में यूनिवर्सिटी गेट पर छात्र नेता उज्जवल यादव ने एक विवादित पोस्टर लगाया था। जिसे थोड़ी ही देर बाद नगर निगम प्रशासन ने हटवा दिया था। कई बार उज्जवल पोस्टर की वजह से भी हाइलाइट होता रहा है। वह गोरखपुर यूनिवर्सिटी का बीए थर्ड ईयर का छात्र भी है। यूनिवर्सिटी में कभी आर्थक और उज्जवल एक साथ देखे जाते थे। कई चुनावी जुलूस में दोनों साथ में शामिल हुए हैं।1
- पश्चिम चंपारण के मझौलिया थाना क्षेत्र में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक सक्रिय ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। जौकटिया गांव में गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में तीन शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस गिरोह के तार पाकिस्तान से जुड़े हो सकते हैं, जिसके बाद जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। थानाध्यक्ष अमर कुमार ने आज बताया कि इलाके में साइबर ठगी के एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने की सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जौकटिया गांव में छापा मारा, जहां से मिथिलेश कुमार और मुकेश कुमार को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान दोनों ने कई अहम सुराग दिए, जिसके आधार पर बैठाणिया गांव में दूसरी छापेमारी की गई और वहां से मोहित कुमार उर्फ आलोक कुमार को भी दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से कई एटीएम कार्ड, एक बैंक पासबुक और सात मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। जब्त मोबाइल फोन की जांच में विदेशी नंबरों से लगातार संपर्क के साक्ष्य मिले हैं। शुरुआती तकनीकी जांच में इन नंबरों के तार पाकिस्तान से जुड़े पाए गए हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। पुलिस अब इस एंगल से गहन जांच कर रही है कि कहीं यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं। तीनों आरोपियों को मेडिकल जांच के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है और इस गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई है। मझौलिया में हुई यह कार्रवाई न केवल साइबर अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है, बल्कि यह भी संकेत है कि अब डिजिटल ठगी के खिलाफ पुलिस पूरी मुस्तैदी से मैदान में है।1