टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ क्षेत्र के ग्राम बलवंतपुरा खास (खजवाई) में सरकारी राशन वितरण में बड़ी धांधली का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि श्यामपुरा स्थित सरकारी राशन वितरण केंद्र के संचालक ने मशीन पर उनके फिंगरप्रिंट (अंगूठे) तो लगवा लिए, लेकिन पिछले दो-तीन महीनों से उन्हें अनाज का एक दाना भी नहीं दिया गया है। राशन न मिलने के कारण इन गरीब परिवारों के सामने अब भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को सौंपे शिकायती पत्र में शासकीय उचित मूल्य दुकान श्यामपुरा (संस्था कोड- 0304127) के संस्थापक अमान सिंह घोष और वितरण सदस्य अभिषेक लोधी (पिता भगवान दास) पर षड्यंत्रपूर्वक उनका हक मारने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के अनुसार, मशीन पर फिंगरप्रिंट लेने के बाद करीब 35 से 40 क्विंटल राशन की पर्ची तो काट दी गई, लेकिन वास्तव में अनाज का वितरण नहीं किया गया। इससे राशन में एक बड़ा घोटाला होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। इस धांधली से आक्रोशित ग्रामीणों ने 13 जुलाई को बल्देवगढ़ पहुंचकर एसडीएम को लिखित शिकायत दर्ज कराई और न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई करने और ग्रामीणों को उनके पिछले महीनों के राशन का तुरंत भुगतान कराने की मांग की है। शिकायत दर्ज कराने वालों में ग्राम पंचायत श्यामपुरा के सरपंच सहित राजकुमार यादव, विजय यादव, राकेश यादव, रामसिंह यादव, बृजलाल यादव, राहुल गौर, सुदीश यादव, दिनेश अहिरवार, अखिलेश पाल, मुकुंदी ढीमर और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।
टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ क्षेत्र के ग्राम बलवंतपुरा खास (खजवाई) में सरकारी राशन वितरण में बड़ी धांधली का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि श्यामपुरा स्थित सरकारी राशन वितरण केंद्र के संचालक ने मशीन पर उनके फिंगरप्रिंट (अंगूठे) तो लगवा लिए, लेकिन पिछले दो-तीन महीनों से उन्हें अनाज का एक दाना भी नहीं दिया गया है। राशन न मिलने के
कारण इन गरीब परिवारों के सामने अब भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को सौंपे शिकायती पत्र में शासकीय उचित मूल्य दुकान श्यामपुरा (संस्था कोड- 0304127) के संस्थापक अमान सिंह घोष और वितरण सदस्य अभिषेक लोधी (पिता भगवान दास) पर षड्यंत्रपूर्वक उनका हक मारने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के अनुसार, मशीन पर फिंगरप्रिंट लेने के बाद
करीब 35 से 40 क्विंटल राशन की पर्ची तो काट दी गई, लेकिन वास्तव में अनाज का वितरण नहीं किया गया। इससे राशन में एक बड़ा घोटाला होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। इस धांधली से आक्रोशित ग्रामीणों ने 13 जुलाई को बल्देवगढ़ पहुंचकर एसडीएम को लिखित शिकायत दर्ज कराई और न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच
कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई करने और ग्रामीणों को उनके पिछले महीनों के राशन का तुरंत भुगतान कराने की मांग की है। शिकायत दर्ज कराने वालों में ग्राम पंचायत श्यामपुरा के सरपंच सहित राजकुमार यादव, विजय यादव, राकेश यादव, रामसिंह यादव, बृजलाल यादव, राहुल गौर, सुदीश यादव, दिनेश अहिरवार, अखिलेश पाल, मुकुंदी ढीमर और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।
- टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ वन परिक्षेत्र कार्यालय के बीट रेंज कार्यालय पथरगुआं में तैनात वरिष्ठ अधिकारी इस्माइल खान द्वारा किसानों के साथ मतभेद और भेदभाव किया जा रहा है। यह भ्रष्ट और सीनियर कर्मचारी किसानों के साथ अभद्र टिप्पणी करता है और उन्हें झूठी एफआईआर कराने की धमकी भी दे रहा है। इस अधिकारी ने वन परिक्षेत्र में चल रहे वृक्षारोपण के कार्य में जमकर पक्षपात किया है। वृक्षारोपण के लिए गड्ढे खुदवाने के दौरान उसने किसानों के साथ काफी मतभेद किया। इसके बाद, खाई खुदवाने के काम में उसने कुछ किसानों की जमीन तो छोड़ दी, जबकि अन्य किसानों की जमीन को बिल्कुल नहीं छोड़ा। इस खबर के माध्यम से इस भ्रष्ट अधिकारी की यह पूरी सच्चाई सबके सामने रखी गई है।1
- टीकमगढ़ जिले के दिगौड़ा तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम मऊबुजुर्ग की पहाड़ी पर स्थित प्राचीन शिवालय मंदिर में विकास और जीर्णोद्धार के कार्यों में घटिया निर्माण के गंभीर आरोप लगे हैं। मध्य प्रदेश सरकार के धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग द्वारा कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के प्रयासों से इस मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 23.61 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। इस राशि से मंदिर परिसर और पहाड़ी पर सीढ़ियों के निर्माण का कार्य एस.आर.एन. कन्ट्रक्शन बजरंग खेडा द्वारा कराया जा रहा है, लेकिन ग्रामीणों और मंदिर के पुजारी ने इसे पूरी तरह से गुणवत्ताहीन बताया है। इस घटिया निर्माण को लेकर मंदिर के पुजारी द्वारा दो बार शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। पहली शिकायत 22 जून को और दूसरी 8 जुलाई 2026 को की गई थी, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। कार्रवाई न होने की वजह से उक्त कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा लगातार गुणवत्ताहीन कार्य को ही आगे बढ़ाया जा रहा है।1
- टीकमगढ़ के जतारा तहसील कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर अनुपस्थिति के कारण आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार सुबह लगभग 11:30 बजे जतारा एसडीएम कोर्ट में बदहाली का ऐसा नजारा देखने को मिला, जहां अपनी सीट पर न तो कोई अधिकारी मौजूद था और न ही कोई बाबू उपस्थित मिला। पूरे कार्यालय में केवल एक चपरासी ही अपनी ड्यूटी पर उपस्थित था। इस लापरवाही के कारण अपने जरूरी कामों के लिए दूर-दराज के इलाकों से आए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। समय पर अधिकारियों और कर्मचारियों के न पहुंचने से नामांतरण, बंटवारा, राजस्व संबंधी कार्य और अन्य प्रशासनिक मामले बुरी तरह प्रभावित हुए, जिससे वहां मौजूद लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि तहसील कार्यालय में समय पर अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित न होने से आम जनता का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि कार्यालय की नियमित निगरानी की जाए और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। अब सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि जतारा तहसील की इस बदहाल व्यवस्था में आखिर कब सुधार आएगा और आम जनता को समय पर प्रशासनिक सेवाएं मिल सकेंगी।3
- टीकमगढ़ के दिगौड़ा कस्बा में मंगलवार की शाम को हाट बाजार के दिन टीकमगढ़-झांसी हाईवे पर वाहनों का भारी जाम लग गया। करीब 20 से 25 मिनट तक लगे इस जाम के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस जाम में दो एंबुलेंस बड़ी देर तक फंसी रहीं। इनमें से एक एंबुलेंस में गर्भवती महिला और दूसरी में प्रसूता महिला सवार थी, जो इस जाम के कारण परेशान होती दिखीं। इस संवेदनशील स्थिति के बावजूद मौके पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या पुलिस मौजूद नहीं थी। बाद में स्थानीय लोगों द्वारा सूचना दिए जाने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद हाईवे पर लगे इस जाम को खुलवाया जा सका।1
- टीकमगढ़ के नन्ही टेहरी स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान पर सोमवार को पीडीएस राशन वितरण शुरू होते ही गेहूं की पहली बोरी में किसी जानवर के सिर की हड्डी निकलने से उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया। लोगों ने राशन लेने से इनकार करते हुए इसका कड़ा विरोध जताया और मामले की सूचना खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को दी। मौके पर पहुंचे कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी (जेएसओ) सार्थक तिवारी ने सतर्कता बरतते हुए अन्य बोरियों की जांच कराई। हालांकि, दूसरी बोरियों में हड्डियां नहीं मिलीं, लेकिन उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को देखते हुए दुकान को तुरंत सील कर गेहूं वितरण पर रोक लगा दी गई। जांच में सामने आया है कि वितरण के लिए आया यह करीब 163 क्विंटल गेहूं विदिशा जिले के संकल्प वेयरहाउस से टीकमगढ़ भेजा गया था, जिस पर सेवा सहकारी समिति पठानी का नाम दर्ज है। जेएसओ ने बताया कि इसकी सूचना प्रभारी नागरिक आपूर्ति निगम अधिकारी को दे दी गई है और इस पूरी खेप को वापस भेजकर नया गेहूं मंगवाया जाएगा। विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि बोरी के अंदर हड्डी आखिर कैसे पहुंची। टीकमगढ़ में बाहर से खराब गेहूं भेजे जाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले दमोह जिले से आई 6265 बोरियों में भी जीवित कीड़े, घुन और सड़ा-गला गेहूं मिला था, जिसे बड़ोराघाट वेयरहाउस से वापस लौटा दिया गया था। दमोह से करीब 15 दिनों में 8700 मीट्रिक टन गेहूं आया था, जिसमें भारी मिलावट पाए जाने के बाद सरकारी खरीद और भंडारण व्यवस्था की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे थे।1
- टीकमगढ़ में मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "नशा मुक्ति अभियान 2.0" से जुड़ने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं से विशेष अपील की गई है। नशा न केवल व्यक्ति के जीवन को बर्बाद करता है, बल्कि पूरे परिवार और समाज को भी भारी नुकसान पहुँचाता है। पुलिस ने लोगों से अपने परिवार को सुरक्षित, स्वस्थ और खुशहाल रखने और दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने को कहा है। इस अभियान के तहत लोगों से मिलकर कुछ महत्वपूर्ण संकल्प लेने का आह्वान किया गया है। इसमें नशे से पूरी तरह दूर रहने, युवाओं को इसके प्रति जागरूक करने और स्वस्थ व सुरक्षित जीवन अपनाने की बात कही गई है। साथ ही, नशे की लत से जूझ रहे लोगों को सही सलाह और सहायता लेने के लिए प्रेरित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। अभियान के दौरान "नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें। स्वस्थ युवा, सशक्त भारत" का संदेश दिया गया है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य इस अभियान के जरिए एक सुरक्षित और #नशा_मुक्त_समाज का निर्माण करना है, जिसमें सभी को आगे आकर अपना योगदान देने की जरूरत है।1